बेमेतरा

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत चालू शिक्षा सत्र के दौरान 1463 विद्यार्थियों का दाखिला

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत चालू शिक्षा सत्र के दौरान 1463 विद्यार्थियों का दाखिला

TNIS

बेमेतरा : निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत जिले के मान्यता प्राप्त 157 अशासकीय विद्यालयों के आरंभिक कक्षा के 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित, अलाभित एवं असुविधाग्रस्त समूह के बच्चों के निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया आॅनलाईन आर.टी.ई. पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। जिले के कलेक्टर  महादेव कावरे द्वारा शासन की इस कल्याणकारी योजना के महत्व को देखते हुए बेमेतरा जिले के वंचित एवं असुविधाग्रस्त समूह के बच्चों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के उद्देश्य से समय-समय पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों से कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई।

जिले में योजना के प्रचार-प्रसार के लिए समय-समय पर शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया। जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार के परिणामस्वरूप अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश हेतु 2116 पालकों के द्वारा आॅनलाईन आवेदन किए गए। सत्र 2019-20 में जिले के अशासकीय विद्यालयों में 1463 विद्यार्थियों का प्रवेश आॅनलाईन लाॅटरी के माध्यम से किया जा चुका है तथा 204 बच्चों का प्रवेश द्वितीय चरण की लाॅटरी से किया जाना शेष है। इस योजना के तहत वर्ष 2017-18 में कुल 906 विद्यार्थियों को प्रवेश दिलाया गया, वर्ष 2018-19 में कुल 926 बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिलाया गया वहीं वर्तमान सत्र 2019-20 में जिले के कलेक्टर महादेव कावरे के विशेष प्रयास से अब तक 1463 बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है तथा 204 बच्चों के निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। पारदर्शिता के उद्देश्य से इस वर्ष प्रथम बार आॅनलाईन लाटरी के माध्यम से बच्चों का निजी विद्यालय में प्रवेश हो रहा है।

राज्य शासन के आदेश दिनांक 24 जून 2019 के अनुसार वर्तमान सत्र से निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क अध्ययन की निरंतरता प्रदान की गई है। जिसके अनुसार शिक्षा के अधिकार के तहत अशासकीय विद्यालयों में वर्ष 2018-19 में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को उन्हीं विद्यालयों में कक्षा 9वीं में निःशुल्क प्रवेश दिया जाकर कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया जाना है।

जिन निजी विद्यालयों में हाई/हायर सेकण्डरी स्कूल स्तर की कक्षाएँ संचालित नहीं है, उन विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए संबंधित पालकों से अन्य निजी शालाओं में पहुँच सीमा के भीतर की शालाओं में प्रवेश हेतु विकल्प प्राप्त कर उक्त विद्यालय की कक्षा 9वीं में दर्ज संख्या के 25 प्रतिशत की सीमा में प्रवेश दिया जाएगा। जहाँ निर्धारित सीमा में अशासकीय विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं वहाँ शासकीय शाला में प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। 
विभिन्न शालाओं में प्रवेश कराए गए विद्यार्थियों के शुल्क की प्रतिपूर्ति की राशि शासन द्वारा विद्यालयों को देय होगी, इस हेतु शुल्क प्रतिपूर्ति की वार्षिक दर प्रतिछात्र रु. 15,000.00 (पन्द्रह हजार मात्र) अधिकतम निर्धारित की गई है।

छत्तीसगढ माध्यमिक शिक्षा मण्डल अंतर्गत संचालित शालाओं हेतु कक्षा 9वीं की पुस्तकें निःशुल्क प्रदान की जाएगी, अन्य बोर्ड से संबद्ध शालाओं के छात्रों को शिक्षण सामग्री हेतु रु एक हजार प्रतिछात्र, प्रतिवर्ष देय होगा। निजी शालाओं में कक्षा 9वीं में प्रवेशित छात्रों को शासकीय विद्यालयों के अनुसार गणवेश/गणवेश अनुदान की पात्रता नहीं होगी। 

जिला शिक्षा अधिकारी श्री सी.एस. ध्रुव ने यह आदेश जिले के समस्त सहायक नोडल अधिकारी एवं अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को प्रसारित करते हुए शिक्षा के अधिकार के तहत सत्र 2018-19 में कक्षा 8वीं उत्तीर्ण समस्त विद्यार्थियों का कक्षा 9वीं में प्रवेश सुनिश्चित कर तत्काल कृत कार्यवाही से कार्यालय को अवगत कराने का निर्देश दिया है।

 

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