× Popup Image
Garja Chhattisgarh News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    गैस संकट गहराया! एलपीजी के बाद सीएनजी और पीएनजी सप्लाई पर भी मंडराया खतरा

    गैस संकट गहराया! एलपीजी के बाद सीएनजी और पीएनजी सप्लाई पर भी मंडराया खतरा

    बस्तर 2.0 की शुरुआत : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

    बस्तर 2.0 की शुरुआत : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

    तालीमी पसमांदगी को खत्म करने के लिए सर सैयद के मिशन को अपनाना ज़रूरी: एम. डब्ल्यू. अंसारी- आई.पी.एस (रिटायर्ड  डी.जी.)

    तालीमी पसमांदगी को खत्म करने के लिए सर सैयद के मिशन को अपनाना ज़रूरी: एम. डब्ल्यू. अंसारी- आई.पी.एस (रिटायर्ड डी.जी.)

    पांच नाम सुर्खियों में : बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?

    पांच नाम सुर्खियों में : बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन?

    दिल्ली विधानसभा : सदन का बहिष्कार एवं व्यवधान लोकतंत्र में ठीक नहीं: गुप्ता

    दिल्ली विधानसभा : सदन का बहिष्कार एवं व्यवधान लोकतंत्र में ठीक नहीं: गुप्ता

  • छत्तीसगढ़
    महासमुंद पुलिस के द्वारा जारी है गांजा तस्करी पर ताबड़तोड़ कार्यवाही, सिंघोड़ा में 312 किलो गांजा जब्त

    महासमुंद पुलिस के द्वारा जारी है गांजा तस्करी पर ताबड़तोड़ कार्यवाही, सिंघोड़ा में 312 किलो गांजा जब्त

    ई-चालान की अधिक जुर्माना राशि लेने से जनता त्रस्त ,निकिता मिलिंद

    ई-चालान की अधिक जुर्माना राशि लेने से जनता त्रस्त ,निकिता मिलिंद

    आत्मनिर्भरता की मिसाल: औराटोला बना बालोद का पहला लखपति दीदी ग्राम

    आत्मनिर्भरता की मिसाल: औराटोला बना बालोद का पहला लखपति दीदी ग्राम

    बालोद

    बलोदा बाजार

    बलरामपुर

    बस्तर

    बेमेतरा

    बीजापुर

    बिलासपुर

    दन्तेवाड़ा

    धमतरी

    दुर्ग

    गरियाबंद

    जशपुर

    जान्जगीर-चाम्पा

    कोण्डागांव

    कोरबा

    कोरिया

    कांकेर

    कवर्धा

    महासमुन्द

    मुंगेली

    नारायणपुर

    रायगढ़

    राजनांदगांव

    रायपुर

    सूरजपुर

    सुकमा

    सरगुजा

    गोरेला पेंड्रा मरवाही

    खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

    मोहला मानपुर चौकी

    सारंगढ़-बिलाईगढ़

    मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर

    सक्ति

  • संपादकीय
  • विश्व
    डेडलाइन से पहले अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव

    डेडलाइन से पहले अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव

    फिर लौटा कोरोना का खतरा! नया वेरिएंट ‘Cicada’ तेजी से फैला, बढ़ी चिंता

    फिर लौटा कोरोना का खतरा! नया वेरिएंट ‘Cicada’ तेजी से फैला, बढ़ी चिंता

    मिडल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी तैयारी: 2000 ‘खतरनाक’ सैनिकों की तैनाती का प्लान

    मिडल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी तैयारी: 2000 ‘खतरनाक’ सैनिकों की तैनाती का प्लान

    जंग के बीच पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत, कहा- कूटनीति से निकले समाधान

    जंग के बीच पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत, कहा- कूटनीति से निकले समाधान

    प्लास्टिक को कहो अलविदा! जापान में आलू के स्टार्च से बने इको-फ्रेंडली बैग लॉन्च

    प्लास्टिक को कहो अलविदा! जापान में आलू के स्टार्च से बने इको-फ्रेंडली बैग लॉन्च

  • मनोरंजन
    राम गोपाल वर्मा के लिए सजी सितारों भरी शाम

    राम गोपाल वर्मा के लिए सजी सितारों भरी शाम

    कॉमेडी अवतार में दर्शकों को सरप्राइज़ देगी प्रिंसी

    कॉमेडी अवतार में दर्शकों को सरप्राइज़ देगी प्रिंसी

    सिनेमा प्रेमियों का इंतजार खत्म: 10 अप्रैल को बड़े पर्दे पर बालोद की शान अंजलि सिंह चौहान!

    सिनेमा प्रेमियों का इंतजार खत्म: 10 अप्रैल को बड़े पर्दे पर बालोद की शान अंजलि सिंह चौहान!

    डिजिटल मंच से उभरा संगीत सितारा: धुनिव्हर्स का ग्रैंड फिनाले 31 मार्च को

    डिजिटल मंच से उभरा संगीत सितारा: धुनिव्हर्स का ग्रैंड फिनाले 31 मार्च को

    “स्मृति” का खौफनाक ट्रेलर लॉन्च: दर्द, डर और बदले की कहानी

    “स्मृति” का खौफनाक ट्रेलर लॉन्च: दर्द, डर और बदले की कहानी

  • रोजगार
    जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर को परीक्षा के लिए बनाये गये 756 केन्द्र

    जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर को परीक्षा के लिए बनाये गये 756 केन्द्र

    छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग में भर्ती हेतु 06 नवम्बर को होगी अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा

    छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग में भर्ती हेतु 06 नवम्बर को होगी अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा

    स्टेनोग्राफर एवं टाईपिंग परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक लिए जायेंगे आवेदन

    स्टेनोग्राफर एवं टाईपिंग परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक लिए जायेंगे आवेदन

    नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की ऑनलाईन तिथि तीन दिन बढ़ी

    नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की ऑनलाईन तिथि तीन दिन बढ़ी

    शासकीय जे. योगानन्दम महाविद्यालय, रायपुर में अतिथि व्याख्याताओं के लिए आवेदन आमंत्रित

    शासकीय जे. योगानन्दम महाविद्यालय, रायपुर में अतिथि व्याख्याताओं के लिए आवेदन आमंत्रित

  • राजनीति
    महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

    महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

  • खेल
    एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

    एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

    वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

    वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

    वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

    वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

    बॉयकॉट या बहाना? पाकिस्तान मीडिया की बातें सुनकर क्रिकेट फैंस हंसी रोक न पाए

    बॉयकॉट या बहाना? पाकिस्तान मीडिया की बातें सुनकर क्रिकेट फैंस हंसी रोक न पाए

    टी-20 सीरीज का आगाज जीत से, भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रन से हराया

    टी-20 सीरीज का आगाज जीत से, भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रन से हराया

  • राजधानी
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    फासीवाद के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ जसम का पहला राज्य सम्मेलन 12 अप्रैल को

    फासीवाद के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ जसम का पहला राज्य सम्मेलन 12 अप्रैल को

    ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बड़ा मुनाफा

    ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बड़ा मुनाफा

    छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

    कुर्मी क्षत्रिय समाज का रहा है गौरवशाली अतीत - उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा

    कुर्मी क्षत्रिय समाज का रहा है गौरवशाली अतीत - उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा

  • ज्योतिष
    स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

    स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

    हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

    हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

    सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

    सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

    गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

    गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

    आयुर्वेद में भी लाभकारी माने गए धनिया पानी, शरीर को हो सकते हैं ये 4 संभावित फायदे

    आयुर्वेद में भी लाभकारी माने गए धनिया पानी, शरीर को हो सकते हैं ये 4 संभावित फायदे

  • गैजेट्स
    iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

    iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

    iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

    iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

    Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

    Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

    अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

    अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

    Apple Company ने अपने यूजर्स को जारी किया चेतावनी, देखे पूरी जानकारी

    Apple Company ने अपने यूजर्स को जारी किया चेतावनी, देखे पूरी जानकारी

  • संपर्क

विश्व

Previous12345678Next

डेडलाइन से पहले अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव

Posted on :08-Apr-2026
डेडलाइन से पहले अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव

सबसे बड़ा हमला खर्ग आइलैंड पर

-रिहायशी इलाकों और कोम-कशान में भी पुलों को निशाना बनाया

तेहरान : अमेरिका और इजराइल ने मंगलवार को ईरान में कई जगहों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। सबसे बड़ा हमला खर्ग आइलैंड पर हुआ, जहां ऑयल टर्मिनल को टारगेट किया गया। ईरान का करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चा तेल इसी खर्ग आइलैंड एक्सपोर्ट होता है। इस तरह अमेरिका और इजराइल ने ईरान की आर्थिक कमर तोड़ने की कोशिश की है। इन हमलों पर ईरान ने कहा है कि वो इसका माकूल जवाब देगा।

इसके अलावा अमेरिका और इजराइल ने ईरान के रिहाशी इलाकों और कोम-कशान में भी पुलों को निशाना बनाया गया। काशान के पास यहयाबाद रेलवे पुल पर हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे के पुल पर भी हमला हुआ है।

इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने मंगलवार को रात 8 बजे (अमेरिका समयानुसार) तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला, तब उसके जरूरी ठिकानों पर हमला होगा। इन हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई कर यूएई के शारजाह में हमला किया। ईरान पहले ही कह चुका था कि अब वह चुप नहीं बैठेगा। अमेरिका और उसके सहयोगियों के ठिकानों को निशाना बनाएगा। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया हैं कि तेहरान, कोम और लोरेस्तान प्रांत के खोर्रमबाद हवाई अड्डे सहित कई अन्य स्थानों पर धमाकों ज़िक्र है। साथ ही इससे पहले हमदान के एक रिहायशी इलाके पर हुए हमलों की भी जानकारी दी गई है। कोम प्रांत के राजनीतिक-सुरक्षा मामलों के उप गवर्नर ने कहा कि प्रांत के पश्चिमी हिस्से में क़ोम शहर के बाहर को जोड़ने वाले पुलों में से एक को अमेरिका और इजरायल के हमले में निशाना बनाया गया।

इसके अलावा इजरायल अमेरिका ने ईरान के लिए रणनीतिक रूप से अहम खार्ग आईलैंड पर भी फिर से हमला किया है। हमले के बाद यहां से धुएं का गुबार निकलते दिखाई दिया। ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि उत्तरी ईरान के अल्बोर्ज़ प्रांत में एक हवाई हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए। इसने पूर्वी और पश्चिमी तेहरान के रिहायशी इलाकों के साथ ही मेहराबाद हवाई अड्डे और एक बिजली संयंत्र पर भी हमलों की रिपोर्ट दी। एक यहूदी प्रार्थनास्थल सिनेगॉग को भी नुकसान हुआ है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी।

इसके अलावा ईरान इंटरनेशनल ने तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित पारचिन कॉम्प्लेक्स में एक बड़े धमाके की रिपोर्ट दी, यह एक संवेदनशील डिफेंस इंडस्ट्रियल साइट है जो मिसाइल उत्पादन और सैन्य निर्माण से जुड़ा है। आईडीएफ ने कहा है कि हाल के सटीक हमलों में 130 से अधिक ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियां नष्ट कर दी गई हैं। तनाव में यह ताज़ा बढ़ोतरी इस समय में हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के लिए होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की तय समय सीमा नज़दीक आ रही है।

वाशिंगटन ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान इसका पालन करने में विफल रहता है, तब वह ऊर्जा बुनियादी ढांचे और पुलों को निशाना बना सकता है। इस बीच ईरान ने अपने दक्षिणी पड़ोसियों से अमेरिका को अपने हवाई क्षेत्र और जमीन के इस्तेमाल की अनुमति न देने का आग्रह किया है। पिछले कई हफ्तों से चल रहे यूएस-इजरायल बनाम ईरान युद्ध का यह नया और सबसे खतरनाक चरण है। ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के पुल और पावर प्लांट को ध्वस्त कर दिया जाएगा।(एजेंसी)

Read More

फिर लौटा कोरोना का खतरा! नया वेरिएंट ‘Cicada’ तेजी से फैला, बढ़ी चिंता

Posted on :31-Mar-2026
फिर लौटा कोरोना का खतरा! नया वेरिएंट ‘Cicada’ तेजी से फैला, बढ़ी चिंता

New Variants Coronavirus : कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ने दस्तक दी है और तेजी से फैल रहा है। अमेरिका में कोविड-19 का नया सबवेरिएंट BA.3.2 सामने आया है, जिसे सिकाडा (Cicada) भी कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सबवेरिएंट BA.3.2 पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में डिटेक्ट किया गया। मार्च 2026 तक यह अमेरिका के 25 राज्यों में सैंपल्स में पाया गया है। साथ ही यूरोप (जैसे- जर्मनी, डेनमार्क, नीदरलैंड्स) में 30% तक पहुंच चुका है। WHO ने इसे वेरिएंट अंडर मॉनिटरिंग (VUM) में रखा है। चलिए हम आपको कोविड-19 के नए सबवेरिएंट BA.3.2 के बारे में विस्तार से बताते हैं।

BA.3.2 सिकाडा वेरिएंट क्या है?

- यह वेरिएंट दक्षिण अफ्रीका में दिसंबर 2024 के अंत में पहली बार पहचाना गया था और 2025 में यह ज्यादा फैला।
- अब यह 20 से ज्यादा देशों में देखा जा चुका है।
- यह ओमिक्रॉन वेरिएंट का वंशज है, जो दिसंबर 2021 में सामने आया था।
- इसमें स्पाइक प्रोटीन में लगभग 70-75 म्यूटेशन बताए गए हैं।
- विशेषज्ञों के अनुसार, इस वेरिएंट से अभी कोई ज्यादा खतरा नहीं है। यह 2025-2026 के सर्दियों में फैले अन्य वेरिएंट्स की तुलना में ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं पैदा कर रहा है।
- हालांकि, कई म्यूटेशन के कारण मौजूदा कोविड वैक्सीन इस पर कम असरदार हो सकती है।

सिकाडा वेरिएंट के लक्षण

इस वेरिएंट के लक्षण पहले वाले ओमिक्रॉन स्ट्रेन के काफी मिलते-जुलते हैं। अभी तक कोई नया या असामान्य लक्षण नहीं देखा गया है। मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:

- गला खराब होना
- सूखी खांसी
- थकान और शरीर में दर्द
- बुखार और ठंड लगना
- सिरदर्द

बचाव के तरीके

कोविड से बचने और इसे फैलने से रोकने के लिए CDC की ओर से बताए गए सामान्य उपाय अपनाएं:

1. खाना खाने से पहले या बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद हाथ अच्छे से धोएं।
2. अगर ऊपर बताए लक्षण दिखें तो घर पर रहें, आराम करें और दूसरों से दूर रहें ताकि वायरस न फैले।
3. अगर लक्षण बने रहें या बढ़ें तो डॉक्टर से संपर्क करें और उनकी सलाह लें।

इस तरह कह सकते हैं कि BA.3.2 सिकाडा वेरिएंट कोविड का एक हेवी म्यूटेटेड ओमिक्रॉन सबवैरिएंट है, जो इम्यूनिटी को बेहतर तरीके से प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अभी तक कोई सबूत नहीं है कि यह पिछले वेरिएंट्स से ज्यादा गंभीर बीमारी या मौत का कारण बनता है। वैक्सीन अभी भी गंभीर संक्रमण से बचाव करती है, लेकिन अपडेटेड बूस्टर लेना फायदेमंद हो सकता है। कोविड के नए वेरिएंट्स के आने का सिलसिला रुकने वाला नहीं है, इसलिए सतर्कता हमेशा जरूरी है।(एजेंसी)

 

Read More

मिडल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी तैयारी: 2000 ‘खतरनाक’ सैनिकों की तैनाती का प्लान

Posted on :25-Mar-2026
मिडल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी तैयारी: 2000 ‘खतरनाक’ सैनिकों की तैनाती का प्लान

Explainer : डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका आखिर ईरान से चल रही जंग में क्या चाहते हैं? ऐसा सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पेंटागन यानी अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने 2000 सैनिकों को मिडल ईस्ट भेजने का आदेश दिया है। ये जवान पैराट्रूपर्स होंगे, जिन्हें आमतौर पर बड़ी जंगों में ही उतारा जाता है। पैराशूट से उतरने वाले यानी किसी अहम जंग में अचानक हिस्सा लेने के लिए भेजे जाने वाले जवानों को पैराट्रूपर्स कहा जाता है। ये सैनिक अमेरिका की 82वीं एयरबोर्न डिविजन से जुड़े होंगे। अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि मिडल ईस्ट में इन सैनिकों को कहां उतारा जाएगा।

इससे चर्चा तेज हो गई है कि ईरान को बातचीत का प्रस्ताव देने के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप कई विकल्पों पर काम कर रहे हैं। अमेरिका की जिस 82वीं एयरबोर्न डिविजन के सैनिकों को मिडल ईस्ट भेजा जाएगा, वह कॉम्बेट फोर्स कही जाती है। इस फोर्स की खासियत यह है कि महज 18 घंटे के अंदर यह दुनिया के किसी भी कोने में तैनात की जा सकती है। इस ब्रिगेड का नेतृत्व मेजर जनरल ब्रांड टेग्टमियर करते हैं। इसमें कुल दो बटालियन हैं और एक में 800 सैनिक शामिल हैं। अब तक यह जानकारी नहीं है कि आखिर इन सैनिकों को मिडल ईस्ट में क्यों भेजा रहा है। फिर भी ये चर्चाएं तेज हैं कि आखिर डोनाल्ड ट्रंप का क्या प्लान है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में और भी सैनिक भेजे जा सकते हैं। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को शांति का प्रस्ताव भेजा है तो दूसरी तरफ सैनिकों की तैनाती की बात है। पहले ही अमेरिका का एक नौसैनिक जहाज USS त्रिपोली रवाना हो चुका है। इसमें करीब 2000 अमेरिकी नौसैनिक सवार हैं। अब तक यह क्लियर नहीं है कि पैराट्रूपर्स को कहां तैनात किया जाएगा, लेकिन कहा जा रहा है कि इन्हें ऐसे स्थान पर रखा जाएगा, जहां से ईरान पहुंचना आसान रहे। ज्यादा वक्त ना लगे। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सैनिकों को ईरान में जमीनी हमले के लिए रवाना किया जा सकता है।

ईरान के ऑइल हब पर भी है टारगेट अटैक की तैयारी?

विशेष तौर पर ईरान के खार्ग द्वीप को टारगेट किया जा सकता है, जिसे उसका ऑइल हब कहा जाता है। इसके अलावा ईरान के यूरेनियम भंडार को भी इनके जरिए टारगेट किया जा सकता है। गौरतलब है कि इस जंग के 26 दिन बीत चुके हैं और अब तक ईरान ने युद्ध विराम के संकेत नहीं दिए हैं। यहां तक कि अमेरिका के प्रस्ताव की भी खिल्ली उड़ाने की कोशिश की है। ईरान के लीडर मोजतबा खामेनेई का कहना है कि अमेरिका को अपनी हार को अग्रीमेंट का नाम नहीं देना चाहिए। इस युद्धविराम की कोशिश में पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।(एजेंसी)

Read More

जंग के बीच पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत, कहा- कूटनीति से निकले समाधान

Posted on :13-Mar-2026
जंग के बीच पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत, कहा- कूटनीति से निकले समाधान

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीती रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और पश्चिम एशिया की मौजूदा गंभीर स्थिति पर अपनी चिंता साझा की। दोनों नेताओं के बीच यह संवाद क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में नागरिकों की जान जाने और असैन्य बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति के सामने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सामान और ईंधन के निर्बाध परिवहन की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया घटनाक्रमों ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। गौरतलब है कि ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने और हाल ही में भारत आ रहे एक तेल टैंकर पर हुई गोलीबारी ने व्यापारिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा, क्षेत्र में गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की। मैंने तनाव बढ़ने और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने संकट के समाधान के लिए शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई और दोनों पक्षों से संवाद व कूटनीति का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री को ईरान की मौजूदा स्थिति और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर अपने दृष्टिकोण से अवगत कराया। दोनों नेता भविष्य में भी निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए हैं।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद स्थिति अत्यंत विस्फोटक हो गई है। पिछले 10 दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान, कुवैत, सऊदी अरब, यूएई, इज़राइल और कतर सहित कई देशों के नेताओं से चर्चा की है। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा है। अकेले ईरान में 10,000 और इज़राइल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक निवास कर रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन के खिलाफ है और जल्द से जल्द शांति बहाली चाहता है।(एजेंसी)

Read More

प्लास्टिक को कहो अलविदा! जापान में आलू के स्टार्च से बने इको-फ्रेंडली बैग लॉन्च

Posted on :07-Feb-2026
प्लास्टिक को कहो अलविदा! जापान में आलू के स्टार्च से बने इको-फ्रेंडली बैग लॉन्च

टोक्यो : प्लास्टिक बैग की समस्या से निपटने जापान ने बेहद उपयोगी समाधान पेश किया है। जापान में ऐसे किराने के बैग लॉन्च किए गए हैं, जो पूरी तरह आलू के स्टार्च से बनाए गए हैं। दिखने और उपयोग में बिल्कुल प्लास्टिक जैसे मजबूत इन बैगों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पारंपरिक प्लास्टिक की तरह वर्षों तक कचरे के ढेर में पड़े नहीं रहते, बल्कि पानी के संपर्क में आते ही सहज रूप से घुल जाते हैं। सदियों तक समुद्र में तैरते रहने वाले प्लास्टिक बैग अक्सर कछुओं, मछलियों और अन्य समुद्री जीवों के लिए घातक साबित होते हैं, क्योंकि वे इन्हें भोजन समझकर निगल लेते हैं। जापान में विकसित यह नई सामग्री इस समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है।

खास बात यह है कि यह स्टार्च-आधारित बैग ठंडे पानी में भी पूरी तरह टूट जाता है। यदि कोई समुद्री जीव इन्हें गलती से निगल ले, तो यह उसके शरीर में बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक रूप से घुल जाएगा। बैग के घुलने के बाद पानी में न तो कोई जहरीला रसायन बचता है और न ही माइक्रोप्लास्टिक। यह नवाचार दिखाता है कि किस तरह तकनीक और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर पर्यावरण–अनुकूल समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

आलू के स्टार्च से बना यह बैग न सिर्फ मजबूत है और वजन उठाने में सक्षम है, बल्कि उपयोग के बाद इसे नष्ट करना भी बेहद आसान है। इससे प्लास्टिक कचरे का बोझ कम हो सकता है और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जापान का यह कदम अन्य देशों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। यह मॉडल दर्शाता है कि यदि रोजमर्रा की वस्तुओं के उत्पादन में पर्यावरण–सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए, तो धरती को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।(एजेंसी)

Read More

कोलंबिया में भीषण विमान हादसा: सांसद समेत 15 लोगों की मौत, पहाड़ी क्षेत्र में बिखरा मलबा

Posted on :29-Jan-2026
कोलंबिया में भीषण विमान हादसा: सांसद समेत 15 लोगों की मौत, पहाड़ी क्षेत्र में बिखरा मलबा

कोलंबिया : दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां बुधवार, को एक विमान दुर्घटना में एक सांसद और चुनावी उम्मीदवार सहित कुल 15 लोगों की जान चली गई। विमानन अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह हादसा वेनेजुएला सीमा के पास उत्तर संतांदर के दुर्गम पहाड़ी इलाके में हुआ। दुर्घटनाग्रस्त विमान कोलंबिया की सरकारी एयरलाइन सटेना का था। ट्विन इंजन वाले इस प्रोपेलर विमान ने कुकुटा शहर से ओकाणा के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के मात्र 12 मिनट बाद ही विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीएस) से टूट गया, जिससे हड़कंप मच गया।

घंटों चले गहन खोजी अभियान के बाद, वायुसेना को प्लाया डी बेलन के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्र में विमान का मलबा मिला। राहत और बचाव दल जब तक वहां पहुंचे, तब तक विमान में सवार सभी 15 यात्रियों की मृत्यु हो चुकी थी। इस हादसे में जान गंवाने वालों में 36 वर्षीय डायोजनीज क्विंटरो भी शामिल हैं, जो कोलंबिया की संसद के सक्रिय सदस्य थे। क्विंटरो कटाटुम्बो क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, जो लंबे समय से संघर्ष और कोका की खेती के लिए चर्चा में रहता है।

वह 2022 में उन 16 विशेष प्रतिनिधियों में से एक चुने गए थे, जिन्हें देश के दशकों पुराने आंतरिक संघर्ष के पीड़ितों के लिए आरक्षित सीटों पर जगह मिली थी। उनके साथ ही आगामी चुनाव के उम्मीदवार कार्लोस साल्सेडो की भी इस दुखद घटना में मृत्यु हो गई। जिस स्थान पर यह विमान क्रैश हुआ, वह एंडीज पर्वतमाला का एक बेहद ऊबड़-खाबड़ और चुनौतीपूर्ण इलाका है। यह क्षेत्र कोलंबिया के सबसे बड़े गुरिल्ला समूह, नेशनल लिबरेशन आर्मी के प्रभाव वाला माना जाता है।

प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, क्षेत्र का कठिन भूगोल और अचानक बदलने वाला मौसम इस हादसे की वजह हो सकता है। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं। फिलहाल विमानन एजेंसियां इस बात की विस्तृत जांच कर रही हैं कि हादसे का असली कारण तकनीकी खराबी थी या खराब मौसम। गौरतलब है कि इससे एक दिन पूर्व ही भारत में भी एक बड़ा विमान हादसा हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की बारामती में चार्टर प्लेन क्रैश होने से मृत्यु हो गई थी।(एजेंसी)

Read More

भारत-अमेरिका रिश्तों पर ट्रंप का भरोसा: पीएम मोदी को बताया शानदार दोस्त, ट्रेड डील जल्द

Posted on :22-Jan-2026
भारत-अमेरिका रिश्तों पर ट्रंप का भरोसा: पीएम मोदी को बताया शानदार दोस्त, ट्रेड डील जल्द

दावोस : स्विट्जरलैंड के बर्फीले पहाड़ों के बीच आयोजित हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की है और दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते (ट्रेड डील) के जल्द संपन्न होने की उम्मीद जताई है। शिखर सम्मेलन के दौरान हुई एक विशेष चर्चा में ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना एक बेहद शानदार दोस्त बताया और कहा कि वह भारत के साथ संबंधों को लेकर बहुत उत्साहित हैं।

ट्रंप ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, पीएम मोदी एक अद्भुत इंसान और मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं। हम उनके नेतृत्व का सम्मान करते हैं और बहुत जल्द भारत के साथ अमेरिका की एक बड़ी और प्रभावी ट्रेड डील होने जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान को वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का यह सकारात्मक रुख उस समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक वार्ता एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। हालांकि, इस बहुप्रतीक्षित डील की राह में कुछ चुनौतियां भी बनी हुई हैं।

बीते कुछ समय से दोनों देशों के वार्ताकार टैरिफ (शुल्क) की दरों और एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंच बनाने जैसे तकनीकी मुद्दों पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। विशेष रूप से ऊर्जा और कृषि क्षेत्र से जुड़े कुछ मसलों पर दोनों देशों के बीच असहमति के स्वर भी उठते रहे हैं। लेकिन ट्रंप के ताजा बयान ने यह संकेत दे दिया है कि राजनीतिक स्तर पर इस डील को लेकर काफी इच्छाशक्ति है। वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, भारत और अमेरिका पिछले एक साल से अधिक समय से एक संतुलित व्यापार समझौते के लिए निरंतर संपर्क में हैं। दोनों देश एक ऐसी डील के लिए प्रतिबद्ध हैं जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित हो। फरवरी 2025 से शुरू हुई इस वार्ता के अब तक कई दौर पूरे हो चुके हैं। अब दावोस में ट्रंप की इन टिप्पणियों के बाद उम्मीद बढ़ गई है कि आने वाले हफ्तों में आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर कोई बड़ा ऐलान देखने को मिल सकता है।(एजेंसी)

Read More

9 बार अंतरिक्ष की यात्रा, 608 दिन स्पेस में बिताने वाली सुनीता विलियम्स ने लिया रिटायरमेंट

Posted on :21-Jan-2026
9 बार अंतरिक्ष की यात्रा, 608 दिन स्पेस में बिताने वाली सुनीता विलियम्स ने लिया रिटायरमेंट

नई दिल्ली : अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली भारतीय मूल की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा को अलविदा कह दिया है। नासा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 27 वर्षों तक एजेंसी को अपनी सेवाएं देने के बाद विलियम्स की सेवानिवृत्ति पिछले साल 27 दिसंबर से प्रभावी हो गई है। यह घोषणा उस समय हुई है जब सुनीता विलियम्स वर्तमान में भारत के दौरे पर हैं और अपने पैतृक देश की यादें ताजा कर रही हैं।

1998 में नासा के लिए चुनी गईं विलियम्स ने अपने करियर के दौरान तीन महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों में हिस्सा लिया और कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए। उनके नाम 9 बार अंतरिक्ष में चहलकदमी (स्पेस वॉक) करने का रिकॉर्ड दर्ज है, जो कुल 62 घंटे 6 मिनट की रही। यह किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री के लिए सबसे अधिक और नासा के इतिहास में चौथा बड़ा रिकॉर्ड है। इसके अतिरिक्त, वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ पूरी करने वाली दुनिया की पहली यात्री भी बनी थीं। अमेरिकी नौसेना की पूर्व कैप्टन रहीं सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो में हुआ था। उनके पिता दीपक पंड्या गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले थे, जबकि उनकी मां उर्सुलिन बोनी पंड्या स्लोवेनियाई मूल की थीं।

विलियम्स का अंतिम मिशन उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक रहा। साल 2024 में वह बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल की पहली परीक्षण उड़ान के तहत बुच विलमोर के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भेजी गई थीं। यह मिशन महज 8 दिनों के लिए निर्धारित था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वे वहां फंस गईं। करीब 9 महीने के लंबे और अनिश्चित इंतजार के बाद वे पिछले साल मार्च में सुरक्षित पृथ्वी पर लौट सकीं। नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमैन ने उन्हें विदाई देते हुए कहा कि सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने नेतृत्व के जरिए भविष्य के मिशनों को नया आकार दिया है और उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

सेवानिवृत्ति के बाद भारत पहुंची सुनीता विलियम्स ने दिल्ली में दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कल्पना चावला की मां संयोगिता चावला और बहन दीपा से मुलाकात के दौरान भावुक होते हुए कहा कि वह नियमित रूप से उनके संपर्क में रहेंगी। मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत वापस आना उनके लिए हमेशा घर वापसी जैसा होता है। उन्होंने याद किया कि जब वह अंतरिक्ष में थीं, तो उन्होंने सबसे पहले भारत और अपनी मां के देश स्लोवेनिया को ही खोजने की कोशिश की थी।

अपनी बातचीत के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वहां रूस, जापान, यूरोप और कनाडा जैसे कई देशों के साथी उनके साथ थे। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात न हो पाने पर खेद भी जताया। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपने विचार साझा किए। उनकी विदाई न केवल नासा के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक सफर के समापन जैसा है।(एजेंसी)

Read More

सजा के बाद शेख हसीना का पहला तीखा बयान, हिम्मत हो तो ICC में करो मुकदमा

Posted on :17-Nov-2025
सजा के बाद शेख हसीना का पहला तीखा बयान, हिम्मत हो तो ICC में करो मुकदमा

Sheikh Hasina First Reaction: शेख हसीना ने बांग्लादेश कार्ट की ओर से सुनाए गए सजा-ए-मौत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस फैसले और सारे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि ये पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित है. शेख हसीना ने कहा कि – ‘मेरे विरुद्ध सुनाए गए ये फैसले एक ऐसे धांधलीपूर्ण ट्रिब्यूनल द्वारा दिए गए हैं, जिसे एक गैर-निर्वाचित सरकार ने स्थापित किया है और चला रही है, जिसका कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है.’

उन्होंने फैसले को पक्षपाती और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित बताते हुए कहा है कि मेरे लिए फांसी की घृणित मांग करके वे यह साफ दिखा रहे हैं कि अंतरिम सरकार के भीतर मौजूद उग्रवादी तत्व किस तरह से बांग्लादेश की अंतिम निर्वाचित प्रधानमंत्री को हटाना चाहते हैं और अवामी लीग को एक राजनीतिक शक्ति के रूप में समाप्त करना चाहते हैं.

फैसले पर क्या बोलीं शेख हसीना?

फैसले को लेकर शेख हसीना ने कहा कि पिछले वर्ष की जुलाई- अगस्त की घटनाएं हमारे देश के लिए और उन तमाम परिवारों के लिए एक त्रासदी थीं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया. अव्यवस्था को रोकने के प्रयास में हमने जो कदम उठाए, वे सद्भावना के साथ उठाए गए कदम थे, जिनका उद्देश्य जनहानि को कम करना था. हम स्थिति पर नियंत्रण खो बैठे, लेकिन इसे नागरिकों पर जानबूझकर हमले के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यहीन है. ICT के अभियोजकों ने यह दिखाने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिया कि मैंने लोगों पर घातक बल प्रयोग का आदेश दिया था. जिन ट्रांसक्रिप्ट और ऑडियो फाइलों को साक्ष्य के रूप में पेश किया गया, वे अधूरी और संदर्भ से बाहर थीं. वास्तविकता यह है कि जमीनी स्तर पर संचालन का नियंत्रण सुरक्षा बलों के पास था, जो स्थापित कानूनी प्रोटोकॉल के तहत काम कर रहे थे.

सबूतों को छिपाया गया, लगे झूठे आरोप

6 से 14 जुलाई के बीच, छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति थी. सरकार ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की थी. मैंने उनकी सभी मांगें स्वीकार भी की थीं, लेकिन स्थिति जुलाई के में बिगड़ने लगी, विशेष रूप से तब जब प्रदर्शनकारियों ने महत्वपूर्ण संचार और इंटरनेट को बाधित किया. इस अराजकता के दौरान पुलिस स्टेशनों और सरकारी इमारतों को जला दिया गया, हथियार लूट लिए गए और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए. इस हिंसा का सामना करते हुए सरकार ने देश की व्यवस्था और संविधान को बचाने, और जान-माल की रक्षा करने के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुरूप कार्रवाई की. ICT के अभियोजकों ने अवामी लीग पर सरकारी इमारतों को जलाने का आरोप लगाया, जबकि कई छात्र नेताओं ने सार्वजनिक रूप से इन आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की है. हसीना ने ये भी आरोप लगाया कि जिस यूएन रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है, वो ऐसे राज्यकर्मियों की गवाही पर आधारित हैं, जो खुद दुराचार के आरोपों में फंसे थे और अंतरिम सरकार को खुश करने के लिए बयान दिए. वे रिकॉर्ड, जो अवामी लीग को निर्दोष साबित कर सकते थे और अंतरिम सरकार से जुड़े लोगों को फंसा सकते थे, UN निरीक्षकों से छुपाए गए. हिंसा के कई अन्य रहस्यमय पहलू अब भी अनसुलझे हैं. खासकर यह दावा कि शुरुआती घटनाओं में भीड़ को उकसाने वाले एजेंट शामिल थे. गवाहों और फोरेंसिक साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि ये एजेंट सैन्य-ग्रेड हथियारों, जैसे 7.62 मिमी गोलियों से लैस थे, जिनसे उन्होंने पुलिस और नागरिकों पर हमले किए, हिंसा को बढ़ाया और सरकार के प्रति जनाक्रोश भड़काया.

18 जुलाई, 2024 को मैंने एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच समिति गठित की थी. इस समिति ने अपना काम शुरू भी कर दिया था लेकिन यूनुस के सत्ता में आते ही इस जांच को बंद करा दिया गया. संयुक्त राष्ट्र द्वारा बताए गए 1,400 मृतकों के आंकड़े पर भी विवाद है. बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 834 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन केवल 614 परिवारों को ही राजकीय सहायता दी गई है. अखबारों की जां में पाया गया कि 52 लोग गोली से नहीं मरे, वे बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारणों से मरे थे और लगभग 19 लोग जिन्हें मृत बताया गया था, बाद में जीवित पाए गए. हालांकि अभी भी आधिकारिक सूची प्रकाशित नहीं की गई है, क्योंकि अंतरिम सरकार स्पष्टता देने से इंकार कर रही है.

मोहम्मद यूनुस दे रहे बांग्लादेश को धोखा

डॉक्टर मोहम्मद यूनुस के अव्यवस्थित, हिंसक और सामाजिक रूप से प्रतिगामी प्रशासन के तहत संघर्ष कर रहे लाखों बांग्लादेशी इस प्रयास से धोखा नहीं खाएंगे, जिसके तहत उनसे उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है. वे साफ देख सकते हैं कि तथाकथित अंतर्राष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल की ओर से चलाए गए मुकदमे कभी न्याय प्राप्त करने या जुलाई और अगस्त 2025 की घटनाओं की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए नहीं थे, बल्कि उनका उद्देश्य अवामी लीग को बलि का बकरा बनाना और दुनिया का ध्यान डॉक्टर यूनुस और उनके मंत्रियों की विफलताओं से हटाना था. उनके शासन में, सार्वजनिक सेवाएं ध्वस्त हो चुकी हैं. हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले होते हैं, महिलाओं के अधिकारों का दमन होता है. प्रशासन में मौजूद इस्लामी उग्रवादी तत्व, जिनमें हिज्ब उत-तहरीर के सदस्य भी शामिल हैं, बांग्लादेश की लंबे समय से चली आ रही धर्मनिरपेक्ष शासन परंपरा को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. पत्रकारों को जेल में डाला जा रहा है और धमकाया जा रहा है, आर्थिक विकास ठप हो गया है और यूनुस ने चुनावों में देरी की तथा देश की सबसे पुरानी पार्टी को चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है. बांग्लादेश का भविष्य उसके लोगों का है और अगले वर्ष होने वाला चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी होना चाहिए.

ICT पर क्या बोलीं शेख हसीना?

अपने नाम के बावजूद ICT में अंतरराष्ट्रीयपन का कोई अंश नहीं है, और यह किसी भी तरह से निष्पक्ष नहीं है. इसका एजेंडा किसी भी व्यक्ति के लिए साफ है. जिन भी वरिष्ठ न्यायाधीशों या वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पूर्व सरकार के प्रति किसी भी प्रकार की सहानुभूति दिखाई थी, उन्हें हटाया गया या चुप करा दिया गया. ICT ने केवल अवामी लीग के सदस्यों पर ही मुकदमा चलाया है. अन्य दलों के उन लोगों के विरुद्ध, जिन पर धार्मिक अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, पत्रकारों और अन्य पर दस्तावेज़ित हिंसा का आरोप है, उन पर ICT ने कुछ भी करने से इनकार कर दिया. मेरे खिलाफ दोष तयहोना ही था, लेकिन दुनिया में कोई भी वास्तव में सम्मानित या पेशेवर न्यायविद बांग्लादेश ICT का समर्थन नहीं करेगा

हिम्मत हो तो ICC में आएं

इसी अदालत का इस्तेमाल 1971 में हमारी स्वतंत्रता की लड़ाई को कमजोर करने वाले युद्ध अपराधियों को सजा देने के लिए किया गया था. इस अदालत का इस्तेमाल अब एक निर्वाचित सरकार से बदला लेने के अलावा किसी और उद्देश्य से नहीं हो रहा. मैं अपने आरोप लगाने वालों का सामना करने से नहीं डरती — बशर्ते कि यह एक निष्पक्ष ट्रिब्यूनल हो, जहां साक्ष्यों को ईमानदारी से परखा जा सके. इसलिए मैंने बार-बार अंतरिम सरकार को चुनौती दी है कि वे इन आरोपों को हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में ले जाएं. अंतरिम सरकार इस चुनौती को इसलिए स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि उसे पता है कि ICC मुझे बरी कर देगा. उसे यह भी डर है कि ICC उसके अपने मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच करेगा.

हमारी सरकार जनता द्वारा लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई थी, और हम उसके प्रति जवाबदेह थे. डॉक्टर यूनुस असंवैधानिक तरीके से और उग्रवादी तत्वों के समर्थन से सत्ता में आए. उनके शासन में छात्रों, परिधान कर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों, शिक्षकों से लेकर पेशेवरों तक – हर प्रकार के प्रदर्शन को दमन से दबाया गया, जिसमें से कुछ अत्यंत क्रूर थे.इन घटनाओं की रिपोर्ट करने की कोशिश करने वाले पत्रकारों को उत्पीड़न और यातना का सामना करना पड़ा. सत्ता पर कब्जा करने के बाद, यूनुस की ताकतों ने गोपालगंज में हत्याएं कीं, पूरे देश में अवामी लीग के लाखों नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों, व्यवसायों और संपत्तियों को जला दिया गया और नष्ट कर दिया गया. 15 जुलाई 2024 से, इन प्रतिशोधी हमलों, आगज़नी और फांसी-नुमा लिंचिंग के जिम्मेदार लोगों को, जिन्हें यूनुस ने सत्ता हथियाने की अपनी सावधानीपूर्वक बनाई गई योजना के तहत संचालित किया था, दण्ड से मुक्त कर दिया गया है.(एजेंसी)

Read More

हसीना पर आज होगा निर्णायक फैसला, प्रदर्शन और हिंसक पर प्रशासन ने दी चेतावनी देखते ही गोली मारने का आदेश

Posted on :17-Nov-2025
हसीना पर आज होगा निर्णायक फैसला,  प्रदर्शन और हिंसक पर प्रशासन ने दी चेतावनी देखते ही गोली मारने का आदेश

Bangladesh News: बांग्लादेश एकबार फिर भयानक हिंसा के दहलीज पर खड़ा है। आज पूर्व पीएम शेख हसीना को उनके कथित अपराधों के लिए इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल सजा सुनाएगी। इस फैसले को ढाका में बड़े स्क्रीन पर लाइव दिखाया जाएगा। इसले अलावा फेसबुक पर भी इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा। मोहम्मद युनूस सरकार के इसे लेकर हाईअलर्ट जारी किया है। साथ ही, हिंसा और आगजनी करने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है।

आवामी लीग पर बैन जारी
वहीं, शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को देश में बैन कर दिया गया है। आवामी लीग अब चुनाव नहीं लड़ सकती है। आदलत के फैसले से पहले शेख हसीना की पार्टी ने एक भावुक मैसेज भी जारी किया है। हसीना ने कहा कि अन्याय करने वालों को एक दिन बंगाल की धरती पर जनता सजा देगी। इसलिए मैं सबको बता दूं कि डरने की कोई बात नहीं है। मैं जिंदा हूं। मैं जिंदा रहूंगी। मैं देश की जनता का साथ दूंगी। इंशाअल्लाह इन अपराधियों को बंगाल की धरती पर सजा दूंगी।

मेरी मां भारत में सुरक्षित
वाशिंगटन डीसी में रहने वाले हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि अगर उनकी पार्टी पर से प्रतिबंध नहीं हटाया गया तो उनकी पार्टी आगामी चुनाव में बाधा डालने का काम करेगी। अपनी मां को लेकर वाजेद ने कहा कि वे मेरी मां का क्या कर सकते हैं? मेरी मां भारत में सुरक्षित हैं। भारत उन्हें पूरी सुरक्षा दे रहा है। हसीना पर आने वाले फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि हमें ठीक-ठीक पता है कि क्या फैसला आने वाला है। वह टीवी पर मेरी मां को दोषी दिखाएंगे और उसे शायद मौत की सजा सुनाएंगे।

बांग्लादेश में कई जगह हिंसक प्रदर्शन
बांग्लादेश में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। राजधानी ढाका में मोहम्मद यूनुस के सलाहकार सैयद रिजवाना हसन के घर के बाहर पेट्रोल बम से हमला किया गया। कॉक्सबाजार में भी प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। देश के कई इलाकों से भी हिंसा और आगजनी की खबरें सामने आ रही हैं। युनूस सरकार ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए शूट एट साइट का ऑर्डर जारी किया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस आयुक्त एसएम सजात अली ने रविवार देर रात कहा, "मैंने वायरलेस पर कहा है कि जो कोई भी बस में आग लगाता है या जान से मारने के इरादे से देसी बम फेंकता है, उसे गोली मार दी जानी चाहिए. यह अधिकार हमारे कानून में स्पष्ट रूप से दिया गया है."

शेख हसीना पर क्या हैं आरोप
शेख हसीना (बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री) पर मुख्य रूप से उनके 15 साल के शासनकाल (2009-2024) और खासकर 2024 के छात्र आंदोलन (क्वोटा रिफॉर्म मूवमेंट से शुरू होकर गैर-राजनीतिक विद्रोह) के दौरान हुए दमन के आरोप लगे हैं। अगस्त 2024 में वे सत्ता से हटकर भारत भाग गईं, उसके बाद अंतरिम सरकार (मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में) ने उनके खिलाफ सैकड़ों मुकदमे दर्ज किए। नवंबर 2025 तक उनके खिलाफ कुल 150 से अधिक आरोप हैं। हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार, हत्या, अपहरण, चुनावी धांधली जैसे संगीन आरोप भी लगाए गए हैं। (एजेंसी)

शेख हसीना के अलावा कौन-कौन हैं आरोपी
बांग्लादेश में शेख हसीना सहित तीन लोग इन आरोपों का सामना कर रहे हैं। शेख हसीना के अलावा दूसरे आरोपी हैं तत्कालीन गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल और तीसरे आरोपी पूर्व पुलिस प्रमुख अब्दुल्ला अल मामून है। अब्दुल्ला अल मामून ने व्यक्तिगत रूप से मुकदमे का सामना किया और "सरकारी गवाह" बनकर जाहिर तौर पर रियायत की मांग की है। (एजेंसी)

 

Read More

सऊदी अरब में बड़ा सड़क हादसा: बस-टैंकर टक्कर में 42 भारतीय जिंदा जले

Posted on :17-Nov-2025
सऊदी अरब में बड़ा सड़क हादसा: बस-टैंकर टक्कर में 42 भारतीय जिंदा जले

सऊदी अरब  : सऊदी अरब से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां रविवार और सोमवार की दरमियानी रात मक्का से मदीना जा रही रही एक बस भीषण हादसे का शिकार हो गई। मुफ्रिहात इलाके के पास यह बस एक डीजल टैंकर से टकरा गई, जिसके चलते इसमें आग लग गई। इस आग की चपेट में आने से बस में सवार करीब 42 भारतीय उमरा यात्रियों की जल कर मौत हो गई। हादसे में मारे गए लोगों में 20 महिलाएं और 11 बच्चे शामिल है।

मारे गए यात्रियों में ज्यादातर हैदराबाद से
इनमें से ज्यादातर यात्रियों के तेलंगाना के हैदराबाद से होने की बात कही जा रही है। खबरों के अनुसार, इस हादसे में बस में सवार सिर्फ एक व्यक्ति जिंदा बचा है, बाकि सभी यात्रियों की मौत हो गई है। सऊदी समयानुसार यह हादसा रात 11 बजे और भारतीय समयानुसार रात लगभग 1:30 के आसपास हुआ है। बस में सवार सभी यात्री हादसे के समय सो रहे थे जिसके चलते उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रभावित लोगों की पूरी मदद कर रहा भारतीय दूतावास- विदेश मंत्री
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा, भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास दुर्घटना से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को पूरी तरह से मदद कर रहा है। विदेश मंत्री ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मदीना, सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा लगा है। रियाद में हमारा दूतावास और जेद्दा में वाणिज्य दूतावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और परिवारों को पूरा समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को दिए निर्देष
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति का पता लगाने के आदेश दिए है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को विदेश मंत्रालय और सऊदी दूतावास के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को भी कहा है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने बताया, शुरुआती जानकारी के अनुसार सऊदी अरब में हुई बस दुर्घटना में मारे गए लोगों में से कम से कम 16 लोग हैदराबाद के निवासी थे। ये सभी कथित तौर पर मल्लेपल्ली के बाज़ारघाट इलाके के रहने वाले थे। मंत्री डी. श्रीधर ने आगे बताया कि, फिलहात मृतकों की पहचान नहीं की गई है, अधिकारियों द्वारा इसकी पुष्टि की जा रही है।

हैदराबाद सांसद ओवैसी ने शवों को वापस लाने की अपील की
हैदराबाद सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि, उन्होंने रियाद में भारतीय दूतावास के उप-मिशन प्रमुख (DCM) अबू माथेन जॉर्ज से बात की है, जिन्होंने उन्हें मामले की जानकारी जुटाने का आश्वासन दिया है। ओवैसी ने आगे बताया कि उन्होंने हैदराबाद की दो ट्रैवल एजेंसियों से संपर्क किया है और यात्रियों के विवरण को रियाद दूतावास और विदेश सचिव के साथ साझा किया है। ओवैसी ने केंद्र सरकार और खासकर विदेश मंत्री से अनुरोध किया है कि, दुर्घटना में मारे गए लोगों के शवों को भारत वापस लाया जाए।

भारतीय दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
घटना के बाद भारतीय दूतावास ने जेद्दा में एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। दूतावास ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, सऊदी अरब के मदीना के निकट भारतीय उमरा तीर्थयात्रियों के साथ हुई दुखद बस दुर्घटना को देखते हुए , जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में 24x7 कंट्रोल रूम बनाया हेल्पलाइन का संपर्क विवरण 8002440003 है। मृतकों में ज्यादातर के तेलंगाना से होने की बात सामने आई है। इसी के चलते तेलंगाना सरकार ने भी सचिवालय में कंट्रोल रूम बनाया है। इसकी मदद से पीड़ितों के परिजन अपने लोगों के बारे में जानकारी जुटा सकते है। 79979-59754 और 99129-19545 पर संपर्क कर के परिजन जानकारी पा सकते है।

सऊदी जाने की अनुमति मांग रहे पीड़ितों के परिवार वाले
इस हादसे की खबर सामने आने के बाद से ही हैदराबाद में स्थित ट्रेवल एजेंसी के दफ्तर पर दर्जनों तीर्थयात्रियों के रिश्तेदार पहुंचने लगे है। सभी अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के बारे में जानने के लिए परेशान है। हैदराबाद के एक निवासी, मुफ्ती आसिफुल्लाह ने कहा, जैसे ही हमें हादसे की जानकारी मिली, हमने अल मक्का टूर्स एंड ट्रेवल्स से संपर्क किया। AIMIM सांसद असद उद्दीन ओवैसी ने मुझसे बात की है और हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि हमें सऊदी अरब जाने की अनुमति दी जाए। मेरे परिवार के सात सदस्य सऊदी अरब गए हैं। मोहम्मद मोहसिन नामक एक अन्य निवासी ने कहा, मेरे परिवार के सात सदस्य पिछले हफ्ते सऊदी अरब गए थे। मेरा सरकार से अनुरोध है कि मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाया जाए। (एजेंसी)

Read More

नेपाल में ओली सरकार पर संकट गहराया, नेपाली कांग्रेस के सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

Posted on :10-Sep-2025
नेपाल में ओली सरकार पर संकट गहराया, नेपाली कांग्रेस के सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

Nepal Protest : नेपाल में माहौल तनावपूर्ण है। काठमांडू, पोखरा समेत तमाम बड़े शहर हिंसा की आग में जल रहे हैं। आज प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (PM KP Sharma Oli) ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है। वहीं, भक्तपुर के बालकोट में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के आवास के पास गोली चली है। गोली लगने से 2 लोग घायल हो गए हैं। नेपाल में एक के बाद एक करके ओली कैबिनेट के कई मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। PM सचिवालय की ओर से कहा गया है कि पीएम ओली स्थिति का आकलन करने के लिए और सार्थक निष्कर्ष निकालने के लिए सभी पक्षों से बातचीत कर रहे हैं। पीएम ओली ने शाम 6 बजे आधिकारिक निवास पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से निवेदन किया है कि वह शांति व धैर्य बनाए रखे।

ओली सरकार की बढ़ीं मुश्किलें, तीन मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

राष्ट्रपति के निजी आवास पर भीड़ का कब्जा

राष्ट्रपति राम चंद पडौल के निजी निवास पर भी भीड़ ने हमला किया है। भीड़ ने राष्ट्रपति के निजी निवास में तोड़फोड़ की है।

देउबा की पार्टी के सभी मंत्रियो का इस्तीफा

ओली सरकार में शामिल नेपाली कांग्रेस ने अपने मंत्रियों से इस्तीफा देने का आदेश दिया है। पार्टी के अगुआ और वर्तमान सरकार में उप-प्रधानमंत्री प्रकाश मान सिंह, आरजू राणा देउबा (विदेश मंत्री), तेजू लाल चौधरी (खेल), अजय चौरसिया (कानून), दीपक खड़का (ऊर्जा), ऐन बहादुर शाही (वानिकी), प्रदीप पौडेल (स्वास्थ्य एवं जनसंख्या), रामनाथ अधिकारी (कृषि) और बद्री पांडे (पर्यटन) ने इस्तीफा दिया है। इसी के साथ नेपाल में गठबंधन सरकार टूटने का खतरा बढ़ गया है। देश में जुलाई 2024 से 88 सीटें वाली शेर बहादुर देउबा की नेपाली कांग्रेस और 79 सीटें वाली केपी शर्मा ओली की CPN (UML) मिलकर सरकार चला रही है।

Nepal Gen-Z Protest: नेपाल में हिंसक हुआ आंदोलन, 10 मंत्रियों का इस्तीफा,  दुबई भागने की फिराक में पीएम ओली!

गृह मंत्री रमेश लेखक और पूर्व पीएम देउबा के आवास में लगा दी आग

प्रदर्शनकारियों ने रमेश लेखक के आवास में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। रमेश ने सोमवार को हिंसा व आगजनी के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। खबरें सामने आ रही हैं कि हिंसक भीड़ ने कई मंत्रियों के घरों पर भी धावा बोला है और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। पूर्व पीएम और नेपाली कांग्रेस अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के आवास पहुंचकर जमकर तांडव मचाया। प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति में आग लगा दी। इस आगजनी में कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचने की खबर है।

प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे जल मंत्री, दिया इस्तीफा

आज केपी शर्मा ओली की सरकार में जल मंत्री प्रदीप यादव ने पद से इस्तीपा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह सरकार में सेवा करने के योग्य नहीं हैं। प्रदीप ने कहा कि मैं जेन जेड युवा पीढ़ी द्वारा कल शुरू किए गए आंदोलन के समर्थन में और सरकार व प्रशासन द्वारा किए जा रहे दमन के विरोध में जल आपूर्ति मंत्रालय के मंत्री पद से अपने इस्तीफे की घोषणा करता हूं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। अब तक चार मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 21 सांसदों ने दिया इस्तीफा

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के 21 सांसदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने का फैसला किया है। रवि लामिछाने के नेतृत्व में संसद में इन सांसदों की यह पहली जीत थी। पार्टी ने Gen-Z के विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। (एजेंसी)

Read More

8.8 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद रूस में आज दोबारा धरती हिली

Posted on :31-Jul-2025
8.8 तीव्रता के भीषण भूकंप के बाद रूस में आज दोबारा धरती हिली

रूस : रूस में 31 जुलाई 2025 की सुबह 10:57 बजे भारतीय समय कुरिल द्वीपों के पूर्व में एक और भूकंप आया है. इसकी तीव्रता 6.5 मापी गई है. यह वही क्षेत्र है जहां कल, 30 जुलाई 2025 को 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था. यह नया भूकंप 49.51 उत्तरी अक्षांश और 158.75 पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था. इसकी गहराई महज 10 किलोमीटर रही. यह घटना एक बार फिर इस ज्वालामुखी क्षेत्र की संवेदनशीलता को सामने ला रही है.

 क्या हुआ और कहां हुआ?

यह भूकंप कुरिल द्वीपों के पूर्वी हिस्से में आया, जो रूस के सुदूर पूर्व में स्थित एक ज्वालामुखी द्वीपसमूह है. इस क्षेत्र को "रिंग ऑफ फायर" का हिस्सा माना जाता है, जहां भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां आम हैं. कल का 8.8 तीव्रता का भूकंप कमचटका प्रायद्वीप के पास आया था, जिसने सुनामी की चेतावनियां दी थीं. जापान, हवाई, चिली जैसे कई देशों में तबाही मचाई थी. आज का 6.5 तीव्रता का भूकंप उसी क्षेत्र के करीब आया है, जो चिंता का कारण बन रहा है.

भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर रही, जो इसे सतही माना जाता है. सतही भूकंप आमतौर पर ज्यादा महसूस होते हैं और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है. हालांकि, अभी तक इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या सुनामी की खबर नहीं मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में आफ्टरशॉक्स जारी रह सकते हैं.

कल का 8.8 तीव्रता वाला भूकंप क्या था?

30 जुलाई 2025 को सुबह कमचटका प्रायद्वीप के पास आए 8.8 तीव्रता के भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में हलचल मचा दी थी. इस भूकंप ने सुनामी की लहरें पैदा कीं, जिन्होंने रूस के सेवरो-कुरिल्स्क में 3-5 मीटर ऊंची लहरें लाईं. जापान, हवाई और चिली जैसे देशों में भी अलर्ट जारी किए गए थे. लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. इस भूकंप के बाद क्लीचेव्स्कॉय ज्वालामुखी में भी विस्फोट हुआ, जो क्षेत्र की अस्थिरता को दर्शाता है.

सुनामी का खतरा?

कल के भूकंप ने प्रशांत महासागर में सुनामी की लहरें पैदा की थीं, जो कई देशों तक पहुंचीं. आज के 6.5 तीव्रता के भूकंप की गहराई और स्थिति को देखते हुए अभी तक सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है. लेकिन विशेषज्ञ सतर्क हैं, क्योंकि सतही भूकंप कभी-कभी समुद्र में उठाव पैदा कर सकते हैं. स्थानीय प्रशासन और वैज्ञानिकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह भूकंप सुनामी का कारण बन सकता है या नहीं.

इस क्षेत्र की खासियत

कुरिल द्वीप और कमचटका प्रायद्वीप "रिंग ऑफ फायर" का हिस्सा हैं, जो पृथ्वी के सबसे भूकंपीय और ज्वालामुखी क्षेत्रों में से एक है. यहां हर साल सैकड़ों छोटे-बड़े भूकंप आते हैं. कभी-कभी बड़े भूकंप सुनामी और ज्वालामुखी विस्फोट को ट्रिगर करते हैं. 1952 में इसी क्षेत्र में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जो इतिहास का सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक था. रूस और जापान के बीच इस क्षेत्र पर विवाद भी है, जिसकी वजह से यहां बुनियादी ढांचा और राहत कार्यों में देरी हो सकती है. लेकिन स्थानीय लोग इन प्राकृतिक आपदाओं के आदी हैं और ऊंची जगहों पर शरण लेने में माहिर हैं.(एजेंसी)

 

Read More

पीएम नरेंद्र मोदी को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ सम्मान, श्रीलंका ने जताया आभार

Posted on :05-Apr-2025
पीएम नरेंद्र मोदी को ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ सम्मान, श्रीलंका ने जताया आभार

श्रीलंका : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों श्रीलंका के दौरे पर हैं. वहां शनिवार को उन्हें श्रीलंका के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ से नवाजा गया. यह सम्मान उन्हें कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने दिया.इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में श्रीलंका और भारत के संबंधों की गहराई को बताते हुए कहा कि श्रीलंका केवल पड़ोसी देश नहीं, बल्कि भारत का पारंपरिक और भरोसेमंद मित्र है. उन्होंने कहा कि भारत हर मुश्किल घड़ी में श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में बताया कि भारत ने 2019 के आतंकी हमले, कोविड महामारी और हालिया आर्थिक संकट के समय श्रीलंका को हर संभव सहायता दी. उन्होंने कहा कि भारत की पड़ोसी पहले नीति और विजन ओशन में श्रीलंका को विशेष स्थान प्राप्त है. उन्होंने बताया कि भारत ने बीते छह महीनों में श्रीलंका को दिए गए 100 मिलियन डॉलर के कर्ज को अनुदान में बदल दिया है और द्विपक्षीय समझौते से श्रीलंकाई जनता को तुरंत राहत मिलेगी.

श्रीलंका को मिला भारत का साथ

पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत श्रीलंका के पूर्वी प्रांतों के विकास के लिए लगभग 240 करोड़ श्रीलंकाई रुपए की सहायता देगा. इसके अलावा ब्याज दरों में कटौती का निर्णय लिया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत आज भी श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का दृष्टिकोण केवल देश तक सीमित नहीं, बल्कि साझेदार देशों की प्राथमिकताओं को भी उतना ही महत्व देता है.

140 करोड़ भारतीयों का सम्मान- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ का यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों का भी सम्मान है. उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति, सरकार और वहां की जनता को इस गौरव के लिए धन्यवाद दिया. साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत आगे भी श्रीलंका की हर जरूरत में साथ देगा और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत किया जाएगा.

दिसानायके ने की पीएम की तारीफ

इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल किसी नेता को नहीं, बल्कि भारत-श्रीलंका के गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को समर्पित है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस सम्मान के पूरी तरह से योग्य हैं. श्रीलंका और भारत की मित्रता समान मूल्यों, आपसी सम्मान और साझे हितों पर आधारित है.(एजेंसी)

Read More

बैंकॉक में PM मोदी और यूनुस की मुलाकात, हिंदू समुदाय की सुरक्षा रही अहम मुद्दा

Posted on :04-Apr-2025
बैंकॉक में PM मोदी और यूनुस की मुलाकात, हिंदू समुदाय की सुरक्षा रही अहम मुद्दा

Narendra Modi: पीएम नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश सरकार के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जाहिर की। 

पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच क्या हुई बातचीत?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश सरकार के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस की मुलाकात पर विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने जानकारी दी। विदेश सचिव ने कहा कि पीएम मोदी ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। 

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हालात के मुद्दे को उठाया

विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने दोनों नेताओं की मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के जो हालात हैं उस मुद्दे को उठाया। उन्होंने गहरी चिंता जताई है। 

शेख हसीना के मुद्दे पर भी हुई चर्चा

विदेश सचिव ने कहा कि पीएम मोदी ने बांग्लादेश के साथ अधिक सकारात्मक और निर्णायक संबंध स्थापित करने की भारत की इच्छा से भी मोहम्मद यूनुस को वाकिफ कराया। इस दौरान शेख हसीना के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। बांग्लादेश ने शेख हसीना के मुद्दे को उठाया था। लेकिन फिलहाल इस पर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। 

‘माहौल खराब करने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए’

विदेश सचिव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने इस संबंध में यह भी आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर कानून का सख्ती से पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम सीमा सुरक्षा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है।

दोनों नेताओं के बीच पहली मुलाकात

बता दें कि शेख हसीना सरकार के हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश की कमान संभालने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात थी। वहीं दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब मोहम्मद यूनुस अपने चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वार्ता को लेकर विवादों में रहे हैं। (एजेंसी)

 

Read More

ईरान की सख्त चेतावनी, अली खामेनेई बोले – ट्रंप की धमकियों से नहीं डरते

Posted on :03-Apr-2025
ईरान की सख्त चेतावनी, अली खामेनेई बोले – ट्रंप की धमकियों से नहीं डरते

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इज़रायल की फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास र लेबनान के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह  के खिलाफ युद्ध के कारण इज़रायल और ईरान में भी तनाब बढ़ गया। अमेरिका, जो शुरू से ही इज़रायल का मददगार रहा है, ने ईरान के खिलाफ भी इज़रायल को मदद का आश्वासन दिया। इससे अमेरिका और ईरान बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव और बढ़ गया। दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते के मामले पर भी दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है क्योंकि ईरान, इसके पक्ष में नहीं है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले की धमकी तक दे दी है। इस धमकी के जवाब में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई  ने भी ट्रंप के ही अंदाज़ में जवाब दिया है।

“देंगे करारा जवाब”

ईद के मौके पर अली खामेनेई ने ईद के मौके पर देश को संबोधित किया। मंच से खामेनेई ने कहा, “अमेरिका आग से खेल रहा है और ईरान अमेरिका को उसी के लहजे में जवाब देगा। वो हम पर हमला करने की धमकी दे रहे हैं, जिसकी हमें संभावना नहीं लगती, लेकिन अगर वो कोई शरारत करेंगे तो उन्हें निश्चित रूप से करारा जवाब देंगे।”

अमेरिका में हड़कंप

खामेनेई की इस धमकी और इन नारों की गूंज से अमेरिका में भी हड़कप मच गया है। लोगों को डर है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो ईरान भी अमेरिका को दहला सकता है और इसकी संभावनाएं खामेनेई के संबोधन के बाद और ज़्यादा बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं, इस संबोधन के दौरान खामेनेई के हाथ में 1980 के दशक की एक राइफल भी थी, जिससे उनकी धमकी और भी गंभीर लग रही है।

ईरान जल्द ले सकता है बारूदी एक्शन!

इससे पहले खामेनेई के हाथ में यह राइफल 1 अगस्त, 2024 को नज़र आई थी। तब खामेनेई ने हमास नेता इस्माइल हनियेह की मौत पर देश को संबोधित किया था, जिसके बाद 1 अक्टूबर के दिन ईरान ने मिसाइल स्ट्राइक करते हुए हनियेह और हसन नसरल्लाह की मौत का बदला इज़रायल से लिया था। अब खामेनेई के पास फिर से यह राइफल देखी गई है। अमेरिका की धमकियों के बीच एक बार फिर इस राइफल के नज़र आने से इस बात की आशंका बढ़ गई है कि ईरान बहुत जल्द अमेरिका के खिलाफ बारूदी एक्शन ले सकता है। हालांकि ईरान के इस फैसले से अरब में तबाही भी मच सकती है।

क्या ईरान नहीं करेगा अमेरिकी हमले का इंतज़ार?

एक तरफ खामेनेई के रिएक्शन से अमेरिका पर एक्शन का रास्ता साफ हो गया है, तो वहीं ईरानी कमांडर्स के रुख से ऐसे सिग्नल मिल रहे हैं कि ईरान अमेरिकी हमले का इंतज़ार नहीं करना चाहता। माना जा रहा है कि ईरान, अमेरिकी एक्शन से पहले ही अमेरिका को बारूदी संदेश भेज सकता है। दरअसल, IRGC के कमांडर अमेरिकी एयरबेस पर प्री एम्प्टिव स्ट्राइक की मांग कर हैं। IRGC कमांडर चाहते हैं कि ईरान, डिएगो ग्रॉसिया एयरबेस के पास मिसाइल दागे, लेकिन इस मिसाइल से बेस को नुकसान नहीं होगा बल्कि मिसाइल बेस के करीब समंदर में जाकर गिरेगी। अमेरिका के इस बेस की ईरान से दूरी 3846 किलोमीटर है। हाल ही में अमेरिका ने यहाँ 7 B-2 बॉम्बर तैनात किए हैं।

ईरान दिखाना चाहता है अपनी ताकत

ऐसा मानना है कि अमेरिकी बेस के पास मिसाइल दागकर ईरान, ट्रंप को अपनी क्षमता और शक्ति का परिचय देना चाहता है, ताकि ट्रंप ईरान पर हमले के ख्याल को अपने जहन से निकाल दें। वहीं, IRGC एयरफोर्स के कमांडर आमिर अली हाजीजादेह ने भी अमेरिका को धमकी दी है। हाजीजादेह ने अपने एक बयान में कहा, “जो शीशे के घर में रहते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते। अमेरिका के अरब में करीब 10 बेस हैं और 50 हज़ार से ज़्यादा सैनिक मौजूद हैं। इसका मतलब वो शीशे के घर में मौजूद हैं।”

ईरान के रडार पर अमेरिकी बेस

यह बात साफ है ईरान के रडार पर अमेरिका के कई सैन्य बेस हैं। अगर ट्रंप ईरान के खिलाफ कोई बारूदी कदम उठाते हैं तो ईरान उन्हें दहलाकर अपना बदला लेगा। ईरान की तैयारी भी इस बात पर मोहर लगा रही हैं। दरअसल कुछ समय पहले ही चीन ने मिसाइलों से लदा कार्गो शिप ईरान भेजा, जो ईरान के बांदर अब्बास पोर्ट पहुंच चुका है। दावा है कि इसमें चीन की लॉन्ग रेंज मिसाइलें मौजूद हैं। IRGC ने नेवातिम एयरबेस पर मिसाइल ड्रिल शुरू कर दी हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि ईरान चीन की भेजी हुई मिसाइलों की एक्यूरेसी टेस्ट कर रहा है। ईरान की इन तैयारियों को अमेरिका से जोड़कर देखा जा रहा है और कहा जा रहा है कि ईरान ट्रंप के हर संभावित कदम के लिए खुद को तैयार कर रहा है।(एजेंसी)

Read More

7.7 तीव्रता के भूकंप से कांपा म्यांमार और थाइलैंड, आसपास के देशों में भी असर

Posted on :28-Mar-2025
7.7 तीव्रता के भूकंप से कांपा म्यांमार और थाइलैंड, आसपास के देशों में भी असर

Earthquake in Myanmar :  म्यांमार और थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. मौसम विभाग के मुताबिक रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.7 थी. जानकारों का कहना है कि दोनों ही देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप का केंद्र म्यांमार को बताया जा रहा है. भूकंप की वजह से दोनों देशों को कितना नुकसान हुआ है, उसकी जानकारी अभी तक नहीं आई है.

भूकंप के तेज झटके की वजह से बैंकॉक और म्यांमार के शहरों में बड़ी-बड़ी इमारतें नाव की तरह हिलने लगी. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में लोग चीखते-चिल्लाते हुए सड़कों पर भाग रहे हैं.

बैंकॉक में बिल्डिंग गिरने की खबर
भूकंप की वजह से बैंकॉक में एक गगनचुंबी इमारत के गिरने की खबर है. रिपोर्ट के मुताबिक जो बिल्डिंग निर्माणाधीन था, जो भूकंप के झटके को सह नहीं पाया. इसी तरह कई और वीडियो भूकंप के बाद के वायरल हो रहे हैं, जिसमें भूकंप के बाद के दहशत को देखा जा रहा है.(एजेंसी)

Read More

दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने बेटी का नाम रखा 'हिंद', जानिए नाम का महत्व

Posted on :28-Mar-2025
दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने बेटी का नाम रखा  'हिंद', जानिए नाम का महत्व

Sheikh Hamdan Daughter Hind: हाल ही में दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदन बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम चर्चा में हैं. चर्चा का कारण है कि उन्होंने अपनी चौथी संतान का स्वागत किया है. उससे भी बड़ा कारण है कि उन्होंने अपनी नवजात बेटी का नाम हिंद रखा है. बताया गया कि यह नाम उनकी मां शेखा हिंद बिन्त मकतूम बिन जुम्मा अल मकतूम के सम्मान में रखा गया है. शेख हमदन ने इस खुशखबरी को इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए शेयर किया और अपनी बेटी के लिए दुआ मांगी. उन्होंने लिखा कि हे अल्लाह उसे अपने प्यार से भरपूर दिल प्रदान कर रोशनी और मार्गदर्शन दें.. उसे अच्छे स्वास्थ्य का वरदान दें.

कौन हैं शेख हमदन बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम

असल में शेख हमदन को फज्जा नाम से भी जाना जाता है. वे 2008 से दुबई के क्राउन प्रिंस हैं. संयुक्त अरब अमीरात UAE के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री भी वे हैं. दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दूसरे बेटे हैं. उन्होंने 2019 में शेखा शेखा बिन्त सईद बिन थानी अल मकतूम से शादी की थी. इस कपल के पहले से ही तीन बच्चे हैं. जिसमें जुड़वां बच्चे शेखा और राशिद हैं. उनक जन्म मई 2021 में हुआ था. फिर बेटे मोहम्मद का जन्म फरवरी 2023 में हुआ. अब एक और बेटी हुई है. 

कितनी है शेख हमदन की नेटवर्थ

शेख हमदन बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की अनुमानित नेटवर्थ 400 मिलियन डॉलर लगभग 3300 करोड़ रुपये है. उनका जन्म दुबई के जाबील पैलेस में 1982 में हुआ था. उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में पढ़ाई की और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शिक्षा प्राप्त की. वे दुबई एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चेयरमैन और हामदान बिन मोहम्मद स्मार्ट यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष भी हैं. इसके अलावा वे घुड़सवारी में भी माहिर हैं और विश्व घुड़सवारी खेलों में यूएई का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने 2010 और 2014 में स्वर्ण पदक भी जीते थे.

आखिर क्या है वहां हिंद नाम का महत्व

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हिंद नाम अरबी संस्कृति में गहरी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ें रखता है. यह न केवल शेख हमदन की मां के नाम से प्रेरित है बल्कि इस्लामिक इतिहास में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है. प्राचीन अरब में हिंद संपन्नता और समृद्धि और ताकत का प्रतीक माना जाता था. इस नाम का उपयोग इस्लाम के प्रारंभिक युग में भी किया गया था. इसके अलावा यह बहादुरी नेतृत्व और कुलीनता का प्रतीक भी माना जाता है.

सोशल मीडिया पर जबरदस्त रेस्पोंस

शेख हमदन सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं और उनके इंस्टाग्राम अकाउंट @faz3 पर लगभग 17 मिलियन फॉलोअर्स हैं. उनकी बेटी के जन्म की खबर के बाद से ही लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए यह खबर शेयर की जिसे लाखों लोगों ने पसंद और शेयर किया. तस्वीर- प्रिंस के आधिकारिक इंस्टाग्राम से (एजेंसी)

Read More

भारत से बिगड़ते रिश्तों के बीच बांग्लादेश को चीन से उम्मीद, हेल्थकेयर में करेगा निवेश

Posted on :21-Mar-2025
भारत से बिगड़ते रिश्तों के बीच बांग्लादेश को चीन से उम्मीद, हेल्थकेयर में करेगा निवेश

Bangladesh Seeking China’s Help: भारत और बांग्लादेश के संबंधों में बिगाड़ जगजाहिर है। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा से भारत नाराज़ हो गया और वहीँ पूर्व बांग्लादेशी पीएम शेख हसीना को भारत में शरण से बांग्लादेश नाराज़ हो गया। बांग्लादेश ने कई मौकों पर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी की है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। दोनों देशों के बीच संबंधों में बिगाड़ के बीच बांग्लादेश को कई मामलों में चीन से आस है।

हेल्थकेयर के लिए बांग्लादेश को चीन की ज़रूरत

बांग्लादेश में पहले से ही हेल्थकेयर व्यवस्था काफी खराब रही है। देश में अच्छे अस्पतालों की काफी कमी है। ऐसे में बांग्लादेश में कई लोग इलाज के लिए भारत पर निर्भर रहते थे। हालांकि अब भारत से संबंधों में बिगाड़ के चलते बांग्लादेश को इस मामले में चीन की ज़रूरत पड़ेगी।

चीन ने निर्धारित किए अस्पताल

चीन में बांग्लादेश के मरीजों को हेल्थकेयर सेवाएं प्रदान करने के लिए दक्षिण-पश्चिमी चीन के कुनमिंग में 4 अस्पतालों को पहले ही निर्धारित कर दिया है। इन अस्पतालों में बांग्लादेशी मरीजों को इलाज की सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे उन्हें कोई परेशानी न हो।(एजेंसी)

Read More

BLA की बढ़ती गतिविधियां, CPEC पर बड़ा खतरा मंडराया

Posted on :21-Mar-2025
BLA की बढ़ती गतिविधियां, CPEC पर बड़ा खतरा मंडराया

CPEC corridor : BLA बलूचिस्तान के कठिन इलाकों में उग्रवादी हमले  कर सकता है। वे अक्सर बम विस्फोट, सड़क किनारे लगाकर हमले करते हैं, जो CPEC के निर्माण और सुरक्षा में बाधा डाल सकते हैं। BLA का लक्ष्य CPEC पर सुरक्षा प्रदान करने वाले पाकिस्तान के सुरक्षा बलों को निशाना बनाना हो सकता है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमले पाकिस्तान और चीन के संयुक्त उपक्रम CPEC कॉरिडोर का विकास प्रभावित कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों को आर्थिक और सुरक्षा संबंधित नुकसान हो सकता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए सुरक्षा और राजनीतिक समाधान करने की आवश्यकता है। ध्यान रहे कि बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों के साथ कई बार संघर्ष हो चुका है। वह ग्वादर पोर्ट या अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा स्थल पर आत्मघाती हमलावर भेज सकता है। बलूचिस्तान में स्थानीय लोगों का लंबे समय से यह आरोप है कि पाकिस्तान और चीन  दोनों उनकी प्राकृतिक संसाधनों का शोषण कर रहे हैं और स्थानीय समुदायों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। इस असंतोष के कारण BLA जैसे संगठन हिंसक संघर्षों में शामिल हैं।

बीएलए पहले ही कई हमले कर चुका है

BLA अक्सर अपनी गतिविधियों का ऐलान करता है, जिसमें CPEC जैसे विकास कार्यों को निशाना बनाने की योजना को स्पष्ट किया जाता है। बीएलए पहले ही कई हमले कर चुका है और इनकी जिम्मेदारी वह स्वीकार करता है। BLA का मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान को पाकिस्तान से स्वतंत्र कराना है, और वे इसे अपनी स्वायत्तता के लिए लड़ाई के रूप में देखते हैं। CPEC जैसी परियोजनाएं उनकी नजर में क्षेत्रीय स्वायत्तता और उनके संसाधनों पर कब्जा करने का एक तरीका हैं। बलूचिस्तान में अत्यधिक प्राकृतिक संसाधन हैं, जैसे गैस, तेल और खनिज। BLA का कहना है कि पाकिस्तान और चीन इन संसाधनों का शोषण कर रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। CPEC के विरोधी: BLA के लिए CPEC एक प्रतीक है कि पाकिस्तान और चीन बलूचिस्तान की आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय पहचान को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।

सीपीईसी कॉरिडोर, महत्व और निर्माण लागत

CPEC पाकिस्तान के लिए एक बड़ी आर्थिक संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है, लेकिन इस परियोजना को लेकर कई चुनौतियाँ भी हैं, जैसे राजनीतिक अस्थिरता, सुरक्षा मुद्दे और पर्यावरणीय प्रभाव। CPEC की कुल अनुमानित लागत लगभग 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये) है। इसमें ऊर्जा परियोजनाएं, सड़क नेटवर्क, रेलवे परियोजनाएं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। CPEC की परियोजना 2013 में शुरू हुई थी और इसे चरणों में पूरा किया जाएगा। इसका कई हिस्सों का निर्माण कई हिस्सों में 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है अलबत्ता ग्वादर पोर्ट और ऊर्जा परियोजनाएं पहले ही चालू हो चुकी हैं।

दोनों देशों के लिए चिंता का कारण

बलूचिस्तान में बन रहे CPEC कॉरिडोर पर BLA (Baloch Liberation Army) की ओर से संभावित हमले की खबरें पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए चिंता का कारण बन सकती हैं। BLA एक अलगाववादी संगठन है, जो बलूचिस्तान में स्वतंत्रता की मांग करता है और CPEC जैसी परियोजनाओं को अपनी क्षेत्रीय स्वायत्तता पर एक खतरे के रूप में देखता है। इस प्रकार के हमलों का पाकिस्तान और चीन दोनों पर गंभीर आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव हो सकता है। दरअसल CPEC (China-Pakistan Economic Corridor) एक विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, जो पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह कॉरिडोर मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, ऊर्जा परियोजनाओं और बंदरगाहों का निर्माण करता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा।

CPEC के मुख्य घटक

सड़क मार्ग: CPEC के तहत एक नई सड़क बनाई जा रही है, जो पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से शुरू होकर चीन के काशगर क्षेत्र तक जाएगी। यह मार्ग लगभग 3,000 किलोमीटर लंबा होगा।रेलवे नेटवर्क: इस परियोजना में रेलवे नेटवर्क का विस्तार भी किया जा रहा है, जिससे यातायात और मालवाहन दोनों को बढ़ावा मिलेगा। 

ऊर्जा परियोजनाएं: CPEC के तहत विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है, जैसे कोल, गैस और जल विद्युत परियोजनाएं। इन परियोजनाओं से पाकिस्तान में बिजली संकट को दूर करने की कोशिश की जा रही है। 

ग्वादर पोर्ट: ग्वादर पाकिस्तान का एक प्रमुख समुद्री पोर्ट है, और यह चीन विकसित कर रहा है। यह पोर्ट चीन के पश्चिमी हिस्से को अफ्रीका, मध्य-पूर्व और यूरोप से जोड़ने का एक अहम रास्ता बनेगा।

पाक-चीन CPEC कॉरिडोर क्या है, इसकी लागत कितनी है और कब बनेगा

CPEC (China-Pakistan Economic Corridor) एक विशाल इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना है जो पाकिस्तान और चीन के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह कॉरिडोर मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, ऊर्जा परियोजनाओं और बंदरगाहों का निर्माण करता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ेगा। CPEC की कुल अनुमानित लागत लगभग 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये) है। इसमें ऊर्जा परियोजनाएं, सड़क नेटवर्क, रेलवे परियोजनाएं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। CPEC की परियोजना 2013 में शुरू हुई थी और इसे चरणों में पूरा किया जाएगा। विभिन्न हिस्सों का निर्माण 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है, लेकिन कुछ परियोजनाएं पहले ही चालू हो चुकी हैं, जैसे ग्वादर पोर्ट और ऊर्जा परियोजनाएं।

सुरक्षा और राजनीतिक नुकसान

BLA का हमला पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना सकता है। बलूचिस्तान में अस्थिरता बढ़ने से पाकिस्तान को आंतरिक सुरक्षा संकट का सामना करना पड़ सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

चीन को भी सुरक्षा की दृष्टि से बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि CPEC केवल एक आर्थिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह चीन के ‘Belt and Road Initiative’ (BRI) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि CPEC को सुरक्षा खतरों का सामना करना पड़ता है, तो इससे चीन की वैश्विक व्यापारिक योजनाओं और उसकी रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं को बड़ा धक्का लग सकता है।

प्रभावित व्यापार और कनेक्टिविटी

CPEC के तहत ग्वादर पोर्ट को चीन के पश्चिमी प्रांतों और मध्य एशिया तक पहुंच प्रदान करने के लिए विकसित किया जा रहा है। अगर इस पर हमले होते हैं, तो इससे चीन की व्यापारिक और ऊर्जा आपूर्ति की योजनाओं में रुकावट आ सकती है। ग्वादर पोर्ट के माध्यम से चीन को ऊर्जा संसाधनों का आयात और निर्यात करने में समस्या हो सकती है।साथ ही, पाकिस्तान और चीन के बीच कनेक्टिविटी का भी संकट उत्पन्न हो सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग में रुकावटें आ सकती हैं।

स्थिरता और भविष्य पर असर

अगर CPEC पर बड़े हमले होते हैं तो पाकिस्तान सरकार को अस्थिरता की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। चीन के लिए, CPEC जैसे बड़े परियोजना में बाधाएं आना उसकी वैश्विक रणनीति के लिए बड़ा झटका हो सकता है, जिससे उसकी ‘Belt and Road Initiative’ (BRI) की महत्वाकांक्षाओं पर भी असर पड़ेगा।

BLA के हमलों का कारण

BLA के हमलों का मुख्य कारण बलूचिस्तान की स्थानीय स्वायत्तता और संसाधनों पर नियंत्रण है। BLA का मानना है कि पाकिस्तान और चीन बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण कर रहे हैं, और स्थानीय समुदायों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस वजह से वे CPEC और अन्य विकास परियोजनाओं का विरोध करते हैं।(एजेंसी)

Read More

Previous12345678Next

Advertisement

Read More

Live TV

Join Us

WhatsApp Group Invite Chhattisgarh Daily News

विशेष रिपोर्ट

कभी बंदूक अब रोज़गार

कभी बंदूक अब रोज़गार

विशेष लेख : दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण से विकास की रफ्तार हुई दुगनी

विशेष लेख : दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण से विकास की रफ्तार हुई दुगनी

विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध - छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल

विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध - छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल

विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज - छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी

विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज - छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी

ज्योतिष और हेल्थ

स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

खेल

एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

बॉयकॉट या बहाना? पाकिस्तान मीडिया की बातें सुनकर क्रिकेट फैंस हंसी रोक न पाए

बॉयकॉट या बहाना? पाकिस्तान मीडिया की बातें सुनकर क्रिकेट फैंस हंसी रोक न पाए

व्यापार

देश के EV टू-व्हीलर बाजार में TVS Motor Company का दबदबा

देश के EV टू-व्हीलर बाजार में TVS Motor Company का दबदबा

टैरिफ घटते ही सेंसेक्स–निफ्टी में उछाल

टैरिफ घटते ही सेंसेक्स–निफ्टी में उछाल

रियलमी 16 प्रो सीरीज़ ने मिड-रेंज में बदला गेम

रियलमी 16 प्रो सीरीज़ ने मिड-रेंज में बदला गेम

कीमतों में विस्फोट! चांदी ने रचा नया इतिहास, 2 लाख के करीब पहुंची

कीमतों में विस्फोट! चांदी ने रचा नया इतिहास, 2 लाख के करीब पहुंची

गैजेट्स

iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

राजनीति

महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

Entertainment

आदित्य नारायण हुए गुस्सा तो मुन्नवर ने कर दिया रेपोस्त

आदित्य नारायण हुए गुस्सा तो मुन्नवर ने कर दिया रेपोस्त

Quick Links

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • संपादकीय
  • विश्व
  • मनोरंजन


  • रोजगार
  • राजनीति
  • खेल
  • राजधानी
  • ज्योतिष


  • गैजेट्स
  • फोटो गैलरी
  • वीडियो गैलरी
  • Entertainment
  • संपर्क

Location Map

Contact Us

Address :

Baran Bazar, Favara Chowk, Gowli Para Road, Behind SBI ATM, Raipur (Chhattisgarh) - 492001

Phone No. : 0771-4032133

Email Id : [email protected]

RNI No. :
CHHHIN16912 GARJA CHHATTISGARH NEWS

Copyright © 2013-2026 Garja Chhattisgarh News All Rights Reserved | Privacy Policy | Disclaimer | Powered by : Softbit Solution