द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के छत्तीसगढ़ आगमन पर आज लोकभवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया और उन्हें शाल स्मृति चिन्ह भेंट किया।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के छत्तीसगढ़ आगमन पर आज लोकभवन में राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया और उन्हें शाल स्मृति चिन्ह भेंट किया।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : कृषि महाविद्यालय, रायपुर के बी.एससी. (कृषि) चतुर्थ वर्ष के ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों ने रायपुर जिले के धरमपुरा स्थित नकटी गाँव के महिला भवन में ’’ग्रामीण सूचना केंद्र सह प्लांट क्लिनिक’’ का शुभारंभ किया। यह केंद्र किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, पौध संरक्षण, कीट निदान तथा फसल संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत RAWE समन्वयक ’’डॉ. रविंद्र सोनी’’ द्वारा मुख्य अतिथि ’’डॉ. आरती गुहे’’, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय रायपुर, के स्वागत से हुई। डॉ. सोनी ने अधिष्ठाता महोदय को छात्रों द्वारा अब तक किए गए कार्यों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की।
चतुर्थ वर्ष की छात्रा ’’खुशी शर्मा’’ ने RAWE अवधि में छात्रों द्वारा किए गए ग्रामीण कार्यों का प्रस्तुतीकरण किया, जिसमें किसान परिवारों से संपर्क स्थापित करना, कृषि-आर्थिक सर्वेक्षण, वृक्षारोपण, टूटी-फ्रूटी और जैम निर्माण, फसल निदान, किसान प्रशिक्षण तथा विभिन्न प्रदर्शनों और विस्तार गतिविधियों का विवरण शामिल था।

अपने उद्बोधन में ’’डॉ. गुहे’’ ने छात्रों की टीमवर्क और ग्रामीण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों का प्रयास किसानों को नए परिवर्तन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा, जो इस केंद्र की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। साथ ही महाविद्यालय के प्राध्यापक ’’डॉ. राम मोहन सावू, डॉ. ऐश्वर्या टंडन, डॉ. दीप्ति पटेल, डॉ. वाई.के. मेश्राम एवं डॉ. पायल जायसवाल’’ ने भी प्रतिभाग कर सामुदायिक सहयोग को मजबूत किया।
नया ग्रामीण सूचना केंद्र नकटी क्षेत्र में कृषि उत्पादकता को बढ़ाने हेतु ’’कीट एवं रोग निदान, एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM), मिट्टी स्वास्थ्य परामर्श, तथा किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र’’ जैसी सुविधाएँ प्रदान करेगा। यह केंद्र कृषि विशेषज्ञों और किसानों के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करेगा।
कार्यक्रम के अंत में ’’डॉ. दीप्ति पटेल’’ ने छात्रों को किसानों की जानकारी के लिए छोटे-छोटे शिक्षाप्रद वीडियो तैयार करने का सुझाव दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन किया।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने वाली राज्य सरकार की प्रमुख योजना महतारी वंदन के तहत आज 22वीं किश्त का भुगतान मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर किया । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि महतारी वंदन योजना हमारी माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएँ परिवार, समाज और राज्य की उन्नति की आधारशिला हैं, और उनका सशक्त होना एक सशक्त प्रदेश की अनिवार्य शर्त है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में राशि अंतरित होने से माताओं को न केवल आर्थिक संबल मिलता है, बल्कि परिवार की पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में भी सुनिश्चित सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र माता इस सहायता से वंचित न रहे तथा पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी वंदन योजना आने वाले समय में लाखों परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त करेगी और छत्तीसगढ़ के विकासयात्रा को नई ऊर्जा देगी।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रारंभ होने के बाद अब तक 21 किश्तों में कुल 13,671.68 करोड़ रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों को प्रदान की जा चुकी है। इस माह 67,78,674 पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। इसमें 67,71,012 हितग्राहियों को 633.89 करोड़ रुपये तथा नियद नेल्ला नार क्षेत्र की 7,662 महिलाओं को 76.30 लाख रुपये प्रदान किए गए। इस प्रकार महतारी वंदन योजना की 22वीं किश्त अंतर्गत कुल 634.65 करोड़ रुपये की राशि पात्र हितग्राहियों को अंतरित की गई ।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
संस्थान नवाचार परिषद के क्षेत्रीय सम्मेलन का राज्यपाल ने किया उद्घाटन
रायपुर : नवाचार केवल प्रयोगशालाओं और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, इसे समाज से जोड़ना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) के क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उक्त बातें कहीं। इनोवेशन सेल, ऑल इंडिया तकनीकी शिक्षा परिषद शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आज शंकराचार्य व्यावसायिक प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर में यह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमंेे राज्यपाल श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा करता है
श्री डेका ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल इस संस्थान के लिए बल्कि हमारे राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की राष्ट्रीय नवाचार यात्रा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, कृषि, वनोपज और जनजातीय ज्ञान की भूमि है। सही रूप में किया गया नवाचार हमारी स्थानीय शक्तियों का मूल्य संवर्धन करके उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने योग्य और आर्थिक व तकनीकि रूप से उन्नत बनाता है, इसमें हमारे युवाओं की महती भूमिका है। एक छोटा सा नवाचार मानव की बड़ी जरूरतों को पूरा कर सकता है।

अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं
श्री डेका ने कहा कि 21वीं सदी के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं। इस सदी में इंटरनेट सबसे बड़ी खोज है। श्री डेका ने कहा कि सतत् विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह विज्ञान से ही संभव है। उन्हांेने जलवायु परिवर्तन, माइक्रो प्लास्टिक और मधुमेह की बीमारी को वर्तमान की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि युवा विद्यार्थी इस क्षेत्र में नवाचार कर इसका समाधान ढूंढ़ सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत के भविष्य के पेशेवर और भविष्य निर्माता हैं। केवल लाभ पाने के लिए नहीं बल्कि उद्देश्य के लिए नवाचार करंे। अपने विचारों को वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ाएं। असफलता से न डरें क्योंकि हर असफलता आपको बेहतर प्राप्त करना सिखाती है। युवाओं का साहस, जिज्ञासा और प्रतिबद्धता वर्ष 2047 के भारत को परिभाषित करेगी और भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करेगा।

राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग के लैब का किया अवलोकन
कार्यक्रम में उपस्थित एआईसीटीई नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. निखिल कांत ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। एसएसआईपीएमटी भिलाई के चेयरमैन श्री आई पी मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। निदेशक श्री निशांत त्रिपाठी ने स्वागत भाषण और प्राचार्य श्री आलोक जैन ने आभार प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने संस्थान के तकनीकी विभाग में संचालित आईडिया लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, फेकल्टी मेंबर, शिक्षक, विद्यार्थी उपस्थित थे।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
स्मार्ट क्लासेज से कठिन विषयों की बुनियादी समझ होगी मजबूत - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बोड़ला ब्लॉक के 08 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का किया शुभारंभ
रायपुर : डिजिटल शिक्षा की पहल को आगे बढ़ाते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज हायर सेकेंडरी स्कूल खैरबना कला से बोड़ला विकासखण्ड के 08 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास-रूम की शुरुआत की। कवर्धा और सहसपुर लोहारा विकासखंड में स्मार्ट क्लासेज की शुरुआत पहले ही की जा चुकी है। जिसके पश्चात अब बोड़ला विकासखंड के स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास प्रारंभ किए गए। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की यह पहल वनांचल क्षेत्रों तक डिजिटल शिक्षा को विस्तार दे रही है।

स्मार्ट क्लास शुभारंभ के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डॉ. बीरेंद्र साहू, श्रीमती गंगाबाई लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री नीलू साहू, श्री मन्नू चंदेल, श्री नरेश साहू, श्री गुलाब साहू, श्री लखन पटेल, श्री रूपलाल साहू, श्री योगेश साहू, श्री शत्रुहन पटेल, श्रीमती दिलकनी सुरेश साहू, जिला शिक्षाधिकारी श्री एफ आर वर्मा सहित स्कूल के शिक्षकगण, छात्र छात्राएं और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्मार्ट क्लासेज आधुनिक तकनीकों, 3डी एनीमेशन और ऑडियो वीडियो कंटेंट का उपयोग कर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बनाएगी। स्मार्ट क्लास की मदद से विद्यार्थी विज्ञान, गणित, भूगोल जैसे कॉन्सेप्ट आधारित विषयों को एनिमेशन, वीडियो और इंटरैक्टिव लर्निंग के माध्यम से अधिक प्रभावी तरीके से सीख सकेंगे। जिसका लाभ उन्हें इन विषयों के जटिल कॉन्सेप्ट को क्लियर करने और बुनियादी समझ को मजबूत बनाने में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े होने के कारण स्मार्ट क्लासेज के माध्यम से दूसरे स्कूलों से विषय विशेषज्ञ भी बच्चों की एक साथ क्लास ले सकेंगे। उन्होंने विज्ञान और गणित के साथ के साथ भूगोल तथा अन्य विषयों की पढ़ाई स्मार्ट क्लास से करवाने के लिए कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस दौरान बच्चों के साथ बैठकर डिजिटल बोर्ड के माध्यम से पादप कोशिका की संरचना एवं विभिन्न अंगों के बारे में 3डी इमेजिंग के माध्यम से लाइव प्रदर्शन देखा। उन्होंने छात्रों से कहा कि डिजिटल बोर्ड से किसी विषय का त्रि आयामी चित्र एवं ऑडियो विजुअल के साथ प्रस्तुतीकरण काफी इंटरेक्टिव तरीके से किया जाता है। जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ आते हैं। अतः इसका पूरा लाभ उठाएं और विषयों पर अच्छी पकड़ बनाएं। यह पहल केवल आधुनिक उपकरण स्थापित करने तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रामीण और सुदूर वनांचल इलाकों के छात्रों के लिए शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, सुलभ और प्रेरक बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है।
गौरतलब है कि जिले के 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा रहे हैं। जिसमें कवर्धा, सहसपुर लोहारा और बोड़ला विकासखंड के 34 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया जा चुका है। आगे शेष स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास का शुभारंभ जल्द होने जा रहा है। इस स्मार्ट क्लास पहल के साथ स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, ग्रामीण, दूरदराज़ इलाकों के बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित पढ़ाई का अवसर मिलेगा जो उन्हें आगे उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होगा।

बच्चों से जाने उनके अनुभव, लगन से पढ़ाई करने किया प्रोत्साहित
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस दौरान ऑनलाइन जुड़े सभी 8 स्कूलों के बच्चों से बात कर स्मार्ट क्लास से पढ़ाई के संबंध में उनके अनुभव जाने। बच्चों ने बताया कि अब विज्ञान और गणित जैसे विषयों को समझने में बड़ी आसानी हो रही है। उन्होंने इस सुविधा के लिए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। बच्चों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्कूलों में उन्नत संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है ताकि पढ़ाई लिखाई बेहतर हो। उन्होंने छात्रों से कहा कि भविष्य में क्या बनना है यह लक्ष्य तय कर खूब मेहनत और लगन से पढ़ाई करें।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), रायपुर के अधिकारियों ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कृषि महाविद्यालय रायपुर में संचालित अनुसंधान अधोसंरचनाओं एवं प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। इस प्रतिनिधिमंडल में भारतीय रिजर्व बैंक, छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रीनी अजित सहित, भारतीय रिजर्व बैंक, रायपुर से श्री अमितेश सिंह (एजीएम, एचआरएमडी), श्री दीपेश तिवारी (एजीएम, एफआईडीडी), श्री नवीन मिंज (एजीएम, डीओएस), श्री जोस सरोज गुड़िया (एजीएम, राजभाषा सेल), श्री सत्येंद्र कुमार राठौड़ (एजीएम, एफआईडीडी), अविनाश कुमार चौधरी (एजीएम, सिविल, एस्टेट सेल) आदि प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
भ्रमण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं का अवलोकन किया गया। यह पहल छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र में प्राथमिकता क्षेत्र ऋणों के नियमन एवं वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने पर केंद्रित थी। प्रशासनिक भवन में पारंपरिक स्वागत के बाद इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के साथ बैठक आयोजित हुई। इसमें विश्वविद्यालय की अनुसंधान और विस्तार कार्यक्रमों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

आर बी आई अधिकारियों ने औषधीय उद्यान, टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला, रिछारिया अनुसंधान प्रयोगशाला, कृषि संग्रहालय, जैव नियंत्रण एवं जैव उर्वरक प्रयोगशाला तथा इनक्यूबेशन सेंटर का विस्तृत अवलोकन किया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल पूरे भ्रमण के दौरान आरबीआई अधिकारियों के साथ उपस्थित रहते हुए कार्यक्रम का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन देते रहे।

कृषि महाविद्यालय के डॉ. पी.एस. जोशी (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग), डॉ. जेनू झा (प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, पादप संरक्षण एवं जीवाणुविज्ञान विभाग) एवं डॉ. आर.पी. कुजूर (सहायक प्राध्यापक) ने कार्यक्रम का पूर्ण समन्वय किया। सभी प्रयोगशाला प्रभारियों ने भ्रमण के दौरान अपने-अपने प्रयोगशालाओं के कार्यों का उत्साहपूर्वक विस्तार से परिचय कराया एवं छत्तीसगढ़ के कृषि अनुसंधान की उत्कृष्ट झलक प्रस्तुत की। आरबीआई टीम ने भ्रमण के दौरान चावल की जैव विविधता एवं कृषि उत्पादों के विपणन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्राम कोठार को दी 96 लाख रुपए की बड़ी सौगात, सड़क एवं सामुदायिक भवन निर्माण से बदलेगा गांव का स्वरूप
उपमुख्यमंत्री ने ग्राम कोठार में सीसी सड़क एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
रायपुर : उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के सशक्त नेतृत्व में कवर्धा विधानसभा क्षेत्र चहुंमुखी विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत हो रहे सड़क निर्माण कार्यों से गांवों की कनेक्टिविटी और अधोसंरचना मजबूत हो रही है, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में आज उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ग्राम कोठार पहुंचे, जहां उन्होंने 82.95 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाली सीसी सड़क सह नाली निर्माण और 13 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया।

ग्राम कोठार में 41.65 लाख रूपएएवं 41.30 लाख रूपए की लागत से दो महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में वर्षों पुरानी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही 13 लाख रुपए की लागत से 2 सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ग्रामों में बेहतर सड़क, स्वच्छ नाली व्यवस्था, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “ग्राम कोठार सहित पूरे कवर्धा विधानसभा क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है। सड़कें मजबूत होंगी तो कृषि, व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास की पहली जरूरत होती है। सड़क निर्माण से स्थानीय निवासियों, किसानों एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्राम कोठार के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने ग्राम कोठार की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहल को याद करते हुए कहा कि पहले आवास योजना के लिए ग्राम कोठार से ही आंदोलन शुरू किया गया था। हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में इस मांग को स्वीकृति प्रदान की गई। यह कवर्धा के लोगों के संघर्ष और विश्वास की बड़ी जीत है। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों का नाम आवास में नहीं आया है, उनके लिए नया सर्वे कार्य कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पात्र सभी लोगों को आवास दिया जाएगा। ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी, किसी भी योग्य परिवार को वंचित नहीं किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। समयबद्ध, टिकाऊ और मजबूत सड़क निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आने वाले लंबे समय तक ग्रामीणों को इसका लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के मार्गदर्शन और सभी के सक्रिय प्रयासों से कवर्धा विधानसभा विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अब गाँव–गाँव तक पहुंच रहा है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मूलभूत आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सड़क बनने के बाद ग्रामीणों विशेषकर बच्चों, महिलाओं और किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क सुविधा से कृषि कार्यों में तेजी आएगी, विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा और आपात स्थितियों में भी आवागमन सुगम बनेगा।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
श्रोताओं के बीच बैठकर रामायण पाठ का किया श्रवण
रायपुर : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा आज ग्राम मोटियारी में आयोजित नवधा रामायण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने नवधा रामायण पाठ में श्रोताओं के बीच बैठ कर रामायण मंडली द्वारा प्रस्तुत भगवान श्रीराम की जीवन-गाथा स्तुति का श्रद्धाभाव से श्रवण किया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल में नवधा रामायण आयोजन की परंपरा बहुत प्राचीन है। रामायण मंडली के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन-मूल्यों को गीतों के रूप में सुनाना हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जो आज भी पूरे समर्पण के साथ निभाई जा रही है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सद्भाव, नैतिकता और संस्कारों का विकास होता है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, गणमान्य नागरिक तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाते हुए मूलभूत सुविधाओं से समृद्ध करना– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, मांग और शिकायत, मौके पर किया त्वरित निराकरण
उपमुख्यमंत्री ने गांवों के विकास के लिए की विकास कार्यों की घोषणाएं
रायपुर : उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने विधानसभा क्षेत्र कवर्धा के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों का दौरा किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ग्राम चरडोंगरी और बांझी पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें गंभीरतापूर्वक सुनीं। चौपाल में दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने गांव से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पानी, बिजली, आवास, नाली, शौचालय, सामाजिक भवन, पुलिया एवं अन्य विकास कार्यों से संबंधित मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अनेक मांगों पर संवेदनदशीलतापूर्वक विचार करते हुए तत्काल पूरा करने हेतु घोषणाएं की।

इस दौरान उन्होंने ग्राम चरडोंगरी और बांझी के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने चरडोंगरी से सारंपुर–दुल्लापुर तक सड़क निर्माण, चेक डैम के लिए 10 लाख रुपए, सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, नाली निर्माण हेतु 3 लाख रुपए, मंच निर्माण के लिए 3 लाख रुपए, ग्राम झिराना में सीसी रोड निर्माण के लिए 5.20 लाख रुपए, मेला परिसर में दो शौचालय निर्माण, बोर खनन, मेला स्थल में मंच निर्माण हेतु 5 लाख रुपए तथा सोलर लाइट लगाने की घोषणा की। उन्होंने ग्राम बांझी में 12 लाख रुपए का सामुदायिक भवन, जागेश्वर के घर से महामाया मंदिर सड़क निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, महामाया मंदिर के समीप और गौरा चौक में बोर खनन, स्कूल में शौचालय निर्माण और मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपए की घोषणा की।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी कार्यों की शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति एवं तकनीकी प्रक्रिया पूरी कराते हुए कार्य प्रारंभ कराए जाएं तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं और गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाते हुए मूलभूत सुविधाओं से समृद्ध करना है, जिससे हर गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि कवर्धा जिले में लगातार चिकित्सा सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है, जहां अब नागरिक आसानी से उन्नत जांच सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल की क्षमता 100 बेड से बढ़ाकर 220 बेड कर दी गई है, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल रही हैं। पिपरिया में 27 लाख रुपए की लागत वाले एम्बुलेंस का शुभारंभ भी किया गया है। कवर्धा मेडिकल कॉलेज को भी स्वीकृति मिल चुकी है और निविदा कार्य भी पूर्ण हो चुका है। बहुत जल्द इसका निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। 50 सीटों की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। हमारा लक्ष्य है कि इस वर्ष ही शिक्षण कार्य शुरू कर दिया जाए।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि घोठिया रोड का निर्माण बस स्टैंड और मेडिकल कॉलेज के आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से तेजी से किया जा रहा है। सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में आवास प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। यह एक ऐतिहासिक निर्णय था। उन्होंने आगे बताया कि जिन पात्र परिवारों के नाम आवास सूची में नहीं आए हैं, उनके लिए नया सर्वे कार्य कराया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर हर पात्र व्यक्ति को आवास दिया जाएगा और कोई भी योग्य परिवार वंचित नहीं रहेगा।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
‘कोडकॉन’ के तृतीय वार्षिक सम्मेलन में शामिल हुए राज्यपाल
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि स्वस्थ रहने के लिए हमें प्रकृति के नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए। हमारा खान-पान और जीवन शैली प्रकृति के अनुरूप होने से हम बहुत सी बीमारियों से बच सकते हैं।
रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका कल रायुपर के एक निजी होटल में आयेाजित छत्तीसगढ़ ओबिसिटीज़, डायबिटिज एंड इंडोक्राइन (मोटापा, मधुमेह, अंतःस्रावी) सोसाइटी (कोड) के तृतीय वार्षिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आज डायबिटीज़, मोटापा और हार्माेन संबंधी बीमारियां न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में भी एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रही है। भारत को दुनिया का डायबिटीज कैपिटल कहा जाने लगा है, छत्तीसगढ़ की स्थिति भी चिंता बढ़ाती है। राज्य में 15 से 19 आयु समूह में लगभग 9 से 10 प्रतिशत वयस्कों में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक पाया गया है और शहरी क्षेत्रों में यह प्रतिशत और तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि डायबिटीज, मोटापा और मानसिक बीमारी ये सब हमारी सिविलाइजेशन से पैदा हुई समस्या है। दरअसल, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण प्रदूषण- विशेषकर माइक्रो प्लास्टिक का उपयोग हमारी सेहत पर विपरीत असर डालने वाली एक बड़ी चुनौती है।

श्री डेका ने कहा कि आज हम जीवन शैली और व्यवहार में पश्चिमी शैली का अनुसरण कर रहे हैं। राज्यपाल ने 600 ईसा पूर्व रचित प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता का उल्लेख करके हुए कहा कि उस समय भी भोजन की गुणवत्ता और प्रकृति को चयापचय संबंधी रोगों का मूल माना गया था। राज्यपाल ने कहा कि हमारे ऋषि पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि अनुचित आहार ही शरीर के संतुलन को बिगाड़कर रोगों की जड़ बनता है। आज विज्ञान भी यही सिद्ध कर रहा है। आज जो मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, वह जंक फूड के कारण है। राज्यपाल ने चिकित्सकों की सामाजिक और नैतिक भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि चिकित्सक अपने सफेद एप्रॉन को दाग से मुक्त रखें।

राज्यपाल ने चिकित्सकों को समाज का मार्गदर्शक बताया। राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में निजी चिकित्सक और चिकित्सा संस्थान जो योगदान दे रहे हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि छत्तीसगढ़ में सिकलसेल के प्रति जनजागरूकता लाने और टीबी के उन्मूलन में योगदान दें। कार्यक्रम में प्रो. एसएन मिश्रा को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया, साथ ही क्विज प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप पात्रा उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजन समिति की प्रमुख डॉ. कल्पना दास, डॉ. संजीत जायसवाल एवं अन्य सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। कोडकॉन सम्मेलन में देशभर के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए, जिन्होंने आधुनिक चिकित्सा, जीवन शैली जनित रोगों और तकनीकी प्रगति पर विचार साझा किए।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों ने की भेंट
रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि पुलिस को आमजनता से मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता के साथ बर्ताव करना चाहिए। पुलिस की छवि, थाने में शिकायत लेकर आने वाले नागरिकों से किए गए व्यवहार से बनती है। पुलिस अधिकारियों को थाने में आए पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए तत्पर होना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने आज राजभवन में भेंट करने आए भारतीय पुलिस सेवा के परीवीक्षाधीन अधिकारियों से उक्त बातें कही।

भेंट के दौरान राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंद्रखुरी रायपुर के निदेशक श्री अजय कुमार यादव, अकादमी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज शुक्ला भी उपस्थित थे। परीवीक्षाधीन आइपीएस अधिकारियों श्री आदित्य कुमार, सुश्री अंशिका जैन, श्री बनसोडे प्रतीक दादासाहेब और सुश्री साकोरे मानसी नानाभाऊ ने राज्यपाल से भेंट की।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दो महत्वपूर्ण विवाह समारोहों में भाग लेकर नवविवाहित जोड़ों को भावपूर्ण आशीर्वाद प्रदान किया।
बिलासपुर में अक्षय ऊर्जा अभिकरण अध्यक्ष के सुपुत्री का विवाह
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी जी की सुपुत्री के विवाह समारोह में मंत्री श्री अग्रवाल विशिष्ट अतिथि बने। उन्होंने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह पवित्र बंधन प्रेम, समर्पण और आपसी समझ पर टिका हो, जिससे आपका दांपत्य जीवन सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो। इस अवसर पर. मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, श्रीमती शकुंतला सिंह एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित होकर खुशियों में सहभागी बने।

भाटपारा में वरिष्ठ भाजपा नेता के सुपुत्र का विवाह
भाटपारा के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री शिवरतन शर्मा जी के सुपुत्र के विवाह समारोह में भी मंत्री श्री अग्रवाल जी ने विवाहित नवदंपती को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने नवदंपती को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन के इस नवीन अध्याय में एक-दूसरे का सहारा बनें, ताकि आपका वैवाहिक जीवन मधुरता और समृद्धि का प्रतीक बने। श्री किरण सिंह देव जी, कैबिनेट मंत्रीगण एवं अन्य विधायकगण की उपस्थिति ने समारोह को भव्यता प्रदान की।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : 30 नवंबर 2025 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सभागार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 128वें संस्करण का वेबकास्ट आयोजित हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि मंत्री रामविचार नेताम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कुलसचिव,निदेशक अनुसंधान, निदेशक विस्तार सेवा, निदेशक शिक्षण, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, समस्त विभागाध्यक्ष, अध्यापक गढ़ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल द्वारा कृषि मंत्री का हार्दिक स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद सभी ने वेबकास्ट के माध्यम से प्रसारित 'मन की बात' को ध्यानपूर्वक सुना।
प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन (लगभग 357 मिलियन टन), शहद उत्पादन में दोगुनी वृद्धि एवं 'मीठी क्रांति', खादी हनी मिशन के तहत 2.25 लाख बी-बॉक्स वितरण, जम्मू-कश्मीर के रामबन सुलाई शहद (जीआई टैग) तथा कर्नाटक की स्थानीय पहलों का उल्लेख करते हुए मधुमक्खी पालन को रोजगार का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने महिला क्रिकेट एवं ब्लाइंड टी-20 टीम की सफलताओं, विज्ञान-तकनीक प्रगति तथा नवंबर की प्रमुख राष्ट्रीय घटनाओं पर भी प्रकाश डाला।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सोशल मीडिया के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पीएम मोदी छात्रों को निरंतर प्रेरित करते हैं, इसलिए वे इस कार्यक्रम में शामिल होकर उत्साहित हैं। उन्होंने छात्रों से 'मन की बात' नियमित सुनने का आह्वान किया, क्योंकि इसमें प्रेरणादायी संदेश होते हैं।
कुलपति डॉ. चंदेल ने शहद उत्पादन पर पीएम के विचारों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी अपार संभावनाएं हैं तथा विश्वविद्यालय 'लोकल फॉर वोकल' को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कृषि मंत्री के नेतृत्व में 'विकसित छत्तीसगढ़' लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प दोहराया। सभी उपस्थितजनों ने इन संदेशों का स्वागत किया तथा कृषि नवाचार व महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
'बस्तर पंडुम 2026' हेतु उच्चस्तरीय बैठक का हुआ आयोजन
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
05 जनवरी-05 फरवरी 2026 तक ‘बस्तर पंडुम 2026’ का होगा आयोजन
रायपुर : छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को जीवंत बनाने के लिए ‘बस्तर पंडुम 2026' के आयोजन के लिए शनिवार को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के रायपुर स्थित निवास पर उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल बैठक में शामिल हुए। इस महोत्सव में बस्तर संभाग की अनूठी लोककला, संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली को मंच देने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन न केवल बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि इस क्षेत्र के प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देने और उनकी कला को प्रोत्साहन प्रदान करने का सुनहरा अवसर भी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इसका सफल आयोजन हेतु सभी विभागों को मिलकर समन्वय के साथ कार्य करना है। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम अपने आप में अनूठा अवसर है जो बस्तर के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विविधता और उसकी खूबसूरती एक बड़े मंच पर दिखाने का मौका प्रदान करती है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर पंडुम का आयोजन राज्य की संस्कृति का परिचायक है। इसके लिए राज्य शासन के द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा में पूर्ण करनी होंगी।
05 जनवरी-05 फरवरी 2026 तक होने वाले ‘बस्तर पंडुम 2026’ में 12 प्रमुख विधाओं में बस्तर के पारंपरिक नृत्य-गीत, रीति-रिवाज, जनजातीय नृत्य, वाद्ययंत्र, शिल्प, पारंपरिक व्यंजन, जनजातीय गीत, वेशभूषा, चित्रकला, आंचलिक साहित्य, जनजातीय नाट्य, जनजातीय आभूषण, पेय पदार्थ एवं वन-औषधी के प्रदर्शन पर आधारित प्रतियोगिताएं होंगी। ये प्रतियोगिताओं क्रमशः जनपद, जिला और संभाग स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
प्रतियोगिता का पहला चरण 05 से 15 जनवरी 2026 तक जनपद स्तर पर होगा, दूसरा चरण 20 से 25 जनवरी 2026 तक जिला स्तर पर और अंतिम चरण 01 से 05 फरवरी 2026 तक संभाग स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होगा। प्रत्येक चरण के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर पण्डुम में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किये जाने हेतु जनजातीय बाहुल्य राज्यों के जनप्रतिनिधियों, केन्द्रीय मंत्री, विदेशी राजनयिकों, राजदूतों एवं बस्तर क्षेत्र के स्थानीय विषय विशेषज्ञ, पद्म विभूषित गणमान्य नागरिकों, बस्तर क्षेत्र के विभिन्न कार्य क्षेत्रों उपलब्धि प्राप्त विशिष्ट जनों को बस्तर की विशिष्ट संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए आमंत्रित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बस्तर के समस्त समाज प्रमुख, सिरहा, मांझी, चालकी को भी आमंत्रित करने को कहा।
सभी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करते हुये देश के समस्त राज्यों के कलाकारों को जनजातीय लोक कला नृत्यों के प्रदर्शन एवं प्रस्तुति हेतु आमंत्रित करने के निर्देश दिए। बस्तर पंडुम में संभाग के 07 जिलों के 1885 ग्राम पंचायत, 32 जनपद पंचायत, 08 नगर पालिका, 12 नगर पंचायत तथा 01 नगर निगम क्षेत्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, संचालक श्री विवेक आचार्य, बस्तर पंडुम के नोडल अधिकारी श्री युगल किशोर एवं मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के ओएसडी श्री जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : छत्तीसगढ़ में अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के लिए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य का संचालन 04 नवम्बर 2025 से पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ जारी है। बीएलओ द्वारा प्रदेशभर में घर-घर जाकर पंजीकृत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन तेजी से प्रगति पर है।आज 28 नवम्बर तक प्रदेश में लगभग 01 करोड़ 70 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो कुल 02 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 80 प्रतिशत है।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी भाषा जल्द ही शामिल होगी: संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल
रायपुर : छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के अडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संचालक संस्कृति एवं राजभाषा श्री विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीगढ़िया तरीके से खुमरी पहना कर किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी अतिथियों ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी में दिया।

छत्तीसगढ़ी में उद्बोधन देते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने के लिए पूर्व में प्रयास हो चुके हैं तथा अब पूरी तैयारी के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली छत्तीसगढ़ी की विविधता पर जोर देते हुए प्रसिद्ध कहावत ‘‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर बानी‘‘ का उल्लेख किया तथा सभी बोलियों को समाहित कर भाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने साहित्यकारों को उनके छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सेल्फी प्वाइंट पर अपनी सेल्फी भी ली।
छह साहित्यकारों का सम्मान, 13 पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति योगदान हेतु पद्मश्री धर्मपाल सैनी (जगदलपुर), सरला शर्मा (दुर्ग), एस.पी. जायसवाल (सरगुजा), हेमलाल साहू निर्माेही (दुर्ग), डॉ. प्रकाश पतंगीवार (रायपुर) तथा काशी साहू (बिलासपुर) को मुख्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें ‘‘आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी‘‘ प्रधान संपादक डॉ. अभिलाषा बेहार, संपादक डॉ. सुधीर शर्मा, ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग प्रांतीय सम्मेलन 2024 की स्मारिका‘‘, श्री सदाराम सिन्हा ‘स्नेही‘ कृत ‘‘सूरूज खड़े मुहाटी म‘‘, स्व. नोहरलाल साहू ‘अधमरहा‘ कृत ‘‘हाना के तराना‘‘, श्री मकसूदन साहू कृत ‘‘बरीवाला‘‘, श्री अरविंद मिश्र कृत ‘‘छत्तीसगढ़ी शब्द सामरथ‘‘, डॉ. राघवेन्द्र दुबे कृत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी‘‘, डॉ. किशन टण्डन कृत ‘‘भुंइयां के भगवान‘‘, श्री जमुना प्रसाद चौहान कृत ‘‘मया के खोंदरा‘‘, डॉ. नरेन्द्र वर्मा कृत ‘‘मैं बेटा किसान के‘‘, डॉ. विवेक तिवारी कृत ‘‘हमर परियावरन‘‘, स्व. भूषण लाल परगनिहा कृत ‘‘श्री गउ रामायन‘‘, श्री विकास कश्यप कृत ‘‘एक दिया‘‘, श्री बलराम मिर्झा कृत ‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘‘ और श्रीमती आशा झा कृत ‘‘मया भरे आंखी‘‘ प्रमुख हैं।

कविता पाठ, गोष्ठी और प्रदर्शनी से सजा समारोह
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी, साहित्यकारों द्वारा कविता पाठ, आठवीं अनुसूची हेतु चर्चा गोष्ठी आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों ने कविता पाठ से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। यह समारोह छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में मील का पत्थर साबित हुआ।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
वित्त मंत्री ने सौ से अधिक बच्चों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान देने की घोषणा की
रायगढ़ में सुपर 30 के संस्थापक पद्मश्री आनंद कुमार ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
रायपुर : युवाओं के सुनियोजित करियर निर्माण और उज्ज्वल भविष्य के लक्ष्य को लेकर आज रायगढ़ के रामलीला मैदान में भव्य एवं प्रेरणादायी करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की विशेष पहल पर आयोजित हुआ, जिसमें सुपर 30 के संस्थापक और प्रख्यात गणितज्ञ पद्मश्री आनंद कुमार ने हजारों विद्यार्थियों को सफलता, संघर्ष, लक्ष्य और मेहनत का प्रेरक मंत्र दिया।

युवाओं करियर निर्माण के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढें
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि करियर निर्माण में स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और कठोर परिश्रम तीन सबसे महत्वपूर्ण तत्व हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयाँ अक्सर सफलता की ऊँची छलांग का आधार बनती हैं। उन्होंने युवाओं से करियर संबंधी पुस्तकें पढ़ने, परीक्षा संबंधी जानकारी रखने और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने घोषणा की कि जिले के सौ से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये स्वेच्छानुदान दिया जाएगा, जिसका उपस्थित युवाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।

कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ शिखर तक पहुंचे
पद्मश्री आनंद कुमार ने कहा कि उन्हें रायगढ़ आकर जितनी खुशी मिली है, उतनी ही प्रेरणा वे यहां के युवाओं से लेकर जा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से ईमानदार मेहनत, आत्मविश्वास और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा जब सपने देखेंगे, तभी उनके हौसले ऊंची उड़ान भरेंगे। आनंद कुमार ने अपने संघर्ष की कहानियों से छात्रों को परिचित कराते हुए बताया कि पिता के निधन के बाद उन्होंने पापड़ बेचना शुरू किया। आर्थिक तंगी के कारण कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय नहीं जा सके, लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया और सुपर 30 की शुरुआत की। उन्होंने अभिषेक राज, शशि नारायण और निधि झा जैसे छात्रों की प्रेरक कहानियाँ साझा कीं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता के शिखर तक पहुंचे।

संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही चमकेगी
श्री कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले या सीमित संसाधनों वाले विद्यार्थी कभी खुद को कमजोर न समझें। संघर्ष करने वाले विद्यार्थियों का मुकाबला कोई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कृ “जो भी काम करो, बेहतरीन करो। बहाने मत बनाओ, मेहनत में कमी मत आने दो। संघर्ष जितना कठिन होगा, सफलता उतनी ही चमकेगी।” उन्होंने बताया कि सुपर 30 के 17 बैचों के 510 छात्रों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत रही है।
रायगढ़ में आयोजित इस विशाल युवा सम्मेलन में विद्यार्थियों ने मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में चयनित, गोल्ड मेडलिस्ट, उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं और आईआईटी में चयनित आर. बालाजी यादव सहित कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, पूर्व विधायक, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, एसपी श्री दिव्यांग पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत पठारे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

25 नवम्बर को पुसौर और सरिया में होगा भव्य आयोजन
युवा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का दूसरा चरण 25 नवंबर की सुबह 8.30 बजे पुसौर के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें पुसौर और खरसिया क्षेत्र के 40 स्कूलों और 3 महाविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसी दिन शाम 3.30 बजे सरिया में भी विशाल करियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थी सीधे पद्मश्री आनंद कुमार से संवाद कर सकेंगे और लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा आत्मविश्वास के विकास पर प्रत्यक्ष मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की, मौके पर आवेदनों का किया त्वरित निराकरण
गांव-गांव पहुंचकर जनता से सीधा संवाद शासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक
रायपुर : उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा आज अपने विधानसभा क्षेत्र कवर्धा के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में जाकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा सबसे पहले सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम भैंसबोड़ पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच अपने सहज अंदाज में सभी के साथ जमीन पर बैठकर आमजनों की समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना।

इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपने गांव से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं, सड़क, पानी, बिजली, आवास, नाली, शौचालय, सामाजिक भवन, पुलिया एवं अन्य विकास कार्यों से संबंधित मांगें उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रत्येक समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करते हुए अधिकारियों को शेष मामलों का त्वरित जांच कर समाधान करने के निर्देश दिए।
जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम भैंसबोड़ के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने शीतला मंदिर के पास अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 2.50 लाख रूपए, ग्राम में नाली निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, बजरंगबली मंदिर के पास अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 2.50 लाख रूपए, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रूपए, धनगांव चौक में सामुदायिक शौचालय निर्माण, धनगांव चौक में सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने की घोषणा की। उन्होंने गाढ़ाघाट में पुलिया निर्माण के लिए स्टीमेट तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी कार्यों की शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति एवं तकनीकी प्रक्रिया पूरी कराते हुए निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाएं तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। भैंसबोड़ में जनसंपर्क कार्यक्रम के पश्चात उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्राम तालपुर, बिरमपुर एवं मचगांव में भी जनसंपर्क कर ग्रामीणों से संवाद किया और समस्याओं को सुना तथा स्थानीय विकास कार्यों की समीक्षा की।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए कहा कि जब गांवों का विकास होगा, तभी राज्य और देश सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन हर गांव तक बिजली, सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि इन चौपालों का उद्देश्य औपचारिकता नहीं बल्कि जनता से सीधा संवाद कर मौके पर ही समस्याओं का समाधान करना है। इससे शासन-प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का पुल मजबूत होता है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के ग्रामवासियों के बीच पहुंचने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने जमीन पर बैठकर सीधे संवाद करने के उनके सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना की।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
स्मार्ट क्लास से कठिन विषय भी होंगे रोचक और आसान– उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा
उपमुख्यमंत्री ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के 09 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का किया शुभारम्भ
उप मुख्यमंत्री ने मुख्य सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए सीसी रोड निर्माण की घोषणा की
कवर्धा के सहसपुर लोहारा तथा बोड़ला विकासखंड के 50 शासकीय विद्यालयों में हुआ स्मार्ट क्लास की सुविधा का विस्तार
रायपुर : कबीरधाम जिले के स्कूलों में डिजिटलीकरण की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज ग्राम सिलहाटी के उच्चतर माध्यमिक शाला से सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत संचालित 9 शासकीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास सुविधा का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में सहसपुर लोहारा विकासखंड के सभी 9 स्कूल भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा भी बच्चों के साथ बच्चे बन गए और उनके साथ डिजिटल कक्षा में पढ़ाई की। इस दौरान जीव विज्ञान के शिक्षक ने उन्हें जीव विज्ञान में डिजिटल बोर्ड द्वारा थ्रीडी एनिमेटेड डिजिटल कंटेंट से आंख की संरचना, दिमाग की संरचना के संबंध में पढ़ाया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने बच्चों की तरह शिक्षकों से सवाल भी किए।
ज्ञात हो कि कवर्धा में डिजिटल कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल पर जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत विकासखंड कवर्धा में डिजिटल कक्षाओं की सुविधा का शुभारंभ पहले ही किया जा चुका है, जिसके बाद अब सहसपुर लोहारा क्षेत्र में भी डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सड़क से स्कूल तक पहुंचने के लिए सीसी रोड निर्माण की भी घोषणा की।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से जुड़े विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास के लाभ बताते हुए समझाया कि वे इस आधुनिक तकनीक का उपयोग कर किस प्रकार अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी और रोचक बना सकते हैं। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपनी कल्पना शक्ति को हमेशा सक्रिय और प्रबल रखें। स्मार्ट क्लास के माध्यम से भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और भूगोल जैसे विषयों में जटिल अवधारणाओं को सरलता से समझा जा सकेगा, विशेषकर सौर मंडल, संरचनात्मक प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक विषयों को समझने में आसानी होगी।
कार्यक्रम में श्री शर्मा ने स्मार्ट क्लास की संपूर्ण तकनीकी कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया और शिक्षकों से इसकी संरचना, संचालन एवं उपयोग प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल उपकरणों की स्थापना या तकनीक की उपलब्धता भर नहीं है, बल्कि संपूर्ण शिक्षा-तकनीक में परिवर्तन लाने वाली एक दूरदर्शी पहल है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से मल्टी-डायमेंशनल कंटेंट, थ्री-डी विज़ुअलाइजेशन और इंटरएक्टिव लर्निंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कठिन से कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए रोचक, आकर्षक और सरल बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली कला, वाणिज्य, विज्ञान और गणित सभी विषयों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि अब सम्पूर्ण शिक्षण सामग्री त्रि-आयामी स्वरूप में प्रदर्शित हो रही है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि एआई की सहायता से हम सीखने की पद्धति को पूरी तरह बदल सकते हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंच पर ही एआई का लाइव उपयोग करके विद्यार्थियों को नई तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव भी कराया। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय विषयवार साप्ताहिक शैक्षणिक शेड्यूल तैयार करे, ताकि स्मार्ट क्लास का उपयोग व्यवस्थित, प्रभावी और लक्ष्य आधारित रूप से हो सके।
कवर्धा जिले के मिडिल, हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में अत्याधुनिक डिजिटल शिक्षण प्रणाली की सुविधा उपलब्ध हो गई है। स्मार्ट क्लास के शुभारंभ से अब विद्यार्थियों को विषयों की गहराई, जिज्ञासा आधारित शिक्षण और आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा। अगले चरण में बोड़ला विकासखंड के शासकीय स्कूलों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। जिले में सीएसआर मद से कुल 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की योजना है, अन्य स्कूलों में भी यह पहल शुरू की गई है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सहसपुर लोहारा विकासखंड के सोनझरी, रक्से, सिलहाटी, सहसपुर लोहारा, सुरजपुरा वन, कोयलारी, छिरबांधा, खोलवा, राम्हेपुर के विद्यालयों में आज डिजिटल क्लास रूम का शुभारंभ किया।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
किसानों की शिकायत पर मौके पर ही पटवारी को किया गया निलंबित
उप मुख्यमंत्री देर शाम सहसपुर लोहारा में किसानों से जमीन पर बैठकर की चर्चा, शिकायत पर की तत्काल कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्या का किया निराकरण
रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने सहसपुर लोहारा के प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय में किसानों को देखकर अपनी काफिला को रूकवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों से मिलकर चर्चा की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जमीन पर बैठकर किसानों से उनकी समस्या और शिकायत को गंभीरता पूर्वक सुना। किसानों ने बताया कि हल्का नंबर 15 ग्राम कुरूवा के पटवारी श्री राजेश शर्मा द्वारा कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब किया जाता है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तत्काल संज्ञान में लेते हुए पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया। अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करते हुए वही पर निलंबन का आदेश निकाला। आदेश के अनुसार पटवारी श्री राजेश शर्मा हल्का नंबर 15 कुरूवा, रा.नि.मं. सिल्हाटी, तहसील सहसपुर लोहारा को अपने प्रभार क्षेत्र के कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब करने जाने का शिकायत पर संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। उक्त आदेश के अनुक्रम तथा शासकीय कार्य में लापरवाही किये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत, निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित कर्मचारी श्री राजेश शर्मा पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय स.लोहारा (निर्वाचन शाखा) में होगा। संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने किसानों से धान खरीदी तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए, किसान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। मौके पर उपस्थित सभी पटवारियों से उपमुख्यमंत्री ने कार्यों की स्थिति पूछी और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि कृषकों के किसी भी कार्य में लापरवाही, देरी या टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के सभी राजस्व कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को पूरे क्षेत्र की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
Address :
Baran Bazar, Favara Chowk, Gowli Para Road, Behind SBI ATM, Raipur (Chhattisgarh) - 492001
Phone No. : 0771-4032133
Email Id : [email protected]
RNI No. :
CHHHIN16912 GARJA CHHATTISGARH NEWS