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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महिला समूहों को 11.43 करोड़ रुपए की राशि की अंतरित

Posted on :25-Mar-2026
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महिला समूहों को 11.43 करोड़ रुपए की राशि की अंतरित

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

सरस मेला से महिला समूह के उद्यमिता को मिलेगी व्यापक पहचान- उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कवर्धा में चार दिवसीय संभागीय सरस मेले का किया शुभारंभ

रायपुर : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत सरदार पटेल मैदान कवर्धा में आयोजित चार दिवसीय संभागीय सरस मेला का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत 11.43 रूपये की सहायता राशि के चेक वितरण किए, जो महिला समूहों के आजीविका संवर्धन में सहायक सिद्ध होंगे।   

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इस दौरान पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद कवर्धा श्री चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चन्द्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें। 

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उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी स्टालों का निरीक्षण कर महिला समूह के सदस्यों से उनके व्यवसाय की जानकारी ली। स्टाल में दीदियों से चर्चा करते हुए व्यवसाय के लिए कच्चे माल उसके उत्पादन और विक्रय की जानकारी ली। लखपति दीदियों से बात करते हुए उन्होंने कहा की ग्रामीण महिलाएं अपने परिवार का मजबूत आधार स्तंभ बनकर उभरी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान कर रही है। 

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उन्होंने बताया कि संभागीय सरस मेला के आयोजन से दुर्ग संभाग के सभी सात जिलो के महिला स्व सहायता की दीदीयां लाभान्वित हो रही हैं। समूह द्वारा बनाये गए दैनिक उपयोग के आकर्षक सामाग्री, जैविक खादय पदार्थ एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं को विक्रय के लिए उचित मंच मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर वोकल फाॅर लोकल को बढ़ावा देने के लिए यह आयोजन राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। इस आयोजन से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक लाभ होगा जिससे वे आत्मनिर्भर होने की दिशा मे आगे बढ़ेगी। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महिलाओं की पूरी भागीदारी हो और वे अपने लघु व्यवसाय से उद्यमी की पहचान हासिल कर सके। मेले में आए सभी स्व सहायता समूह की दीदियों को उपमुख्यमंत्री ने उनके व्यवसाय के लिए शुभकामनाएं दी और उम्मीद जताई कि इस आयोजन से क्षेत्र की जनता को लाभ होगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में 2 लाख 69 हजार से अधिक महिला स्व सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दीदी के गोठ कार्यक्रम का भी संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने नवाचारी कार्यों को साझा करती हैं। यह कार्यक्रम हिंदी के साथ-साथ गोंडी और हल्बी भाषा में भी संचालित किया जा रहा है, जिससे बस्तर अंचल की महिलाएं भी इसे आसानी से समझ पा रही हैं। इससे प्रदेशभर में महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की जानकारी एक-दूसरे तक पहुंच रही है। प्रदेश में 300 महतारी सदनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार महिलाओं और बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन राशि अब उनके गांव में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रही है। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं। उन्होंने बनासकांठा के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वहां सहकारी (कॉपरेटिव) मॉडल के माध्यम से महिलाएं बड़े उद्योगों से जुड़कर व्यापक स्तर पर दुग्ध उत्पादन कर रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं छोटे बड़े उद्योगों का संचालन कर सकती हैं। उन्होंने आगे बताया कि सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म एप्लीकेशन विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इस एप के माध्यम से आम नागरिक सीधे महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री को आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा 

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन आवासों के निर्माण में अब महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं डीलर दीदी के रूप में जुड़कर छड़ और सीमेंट की सब-डीलर बन रही हैं। इसके साथ ही वे सेंट्रिंग प्लेट निर्माण जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। 

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि आज सरस मेला में बैंक लिंकेज के तहत 10 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण किया जाएगा। 271 महिला स्व सहायता समूहों को 40 लाख 65 हजार रुपए की चक्रीय निधि दी जाएगी। इसी प्रकार 172 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि के तहत सीएफएल के माध्यम से 1 करोड़ 3 लाख 20 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। जिससे महिलाएं अपने व्यवसाय को और मजबूत बना सकेंगी। 

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरकार का प्रयास है कि महिला समूहों को अधिक से अधिक संख्या में स्व रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए। यह सरस मेला महिला समूहों के उत्पादों के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करा रहा है।  कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने सरस मेला आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसका 23 मार्च से 26 मार्च तक होगा। मेले में सभी आयु वर्ग के लोगो के लिए महिला समूह द्वारा तैयार किये गये आकर्षक सामान उपलब्ध है। मिलेट से बने अनेकों प्रकार के बिस्कुट, आचार, पापड़, फिनायल, दोना-पत्तल, अगरबत्ती, बिरनमाला एवं हैण्डलूम के बने बैग ईत्यादी स्थानीय स्तर पर तैयार किये गये है। 

उल्लेखनीय है कि इस संभागीय सरस मेले में कबीरधाम जिले के साथ-साथ जिला राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी के महिला स्व सहायता समूह द्वारा प्रदर्शनी लगायी गई है। बिहान की दीदियों द्वारा स्थानीय स्तर पर तैयार की गई वस्तुओं का व्यापक प्रचार कर विक्रय के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे की आजीविका संवर्धन की गतिविधियों को बढ़ावा मिले

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पीएम जनमन आवास से जीवन में आई नई रोशनी

Posted on :24-Mar-2026
पीएम जनमन आवास से जीवन में आई नई रोशनी

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना किसी संजीवनी से कम नहीं है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के बचरा-पोड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाली सुकबरिया के जीवन में इस योजना ने बड़ा बदलाव लाया है। कच्चे और जर्जर मकान में डर-डरकर जीवन बिताने वाला यह परिवार अब पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून की नींद ले रहा है।

सुकबरिया अपने पति सुखलाल और तीन बच्चों के साथ एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं। परिवार की आय मुख्य रूप से दूसरों के खेतों में मजदूरी और सीमित कृषि पर निर्भर थी। मौसम पर आधारित आय और मनरेगा के सीमित कार्यों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव जैसा था। करीब 40 डिस्मिल जमीन पर बने कच्चे घर में यह परिवार वर्षों तक रहा। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और घर में पानी भर जाना जैसी समस्याएं हर साल उनकी चिंता बढ़ा देती थीं। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।

योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की सहायता मिली। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी का लाभ लेकर परिवार ने स्वयं श्रमदान कर अपना पक्का घर तैयार किया। अब यह परिवार सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन जी रहा है।सुकबरिया बताती हैं कि अब दिनभर मेहनत के बाद रात को चैन से सो पाना संभव हुआ है। उनका कहना है कि पक्का मकान कभी सपना था, जो अब हकीकत बन चुका है।

 

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संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Posted on :23-Mar-2026
संत महात्माओं की पुण्य धरा और प्रभु श्रीराम के ननिहाल को विकसित और समृद्ध बनाने संकल्पित है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति हो रही सशक्त, 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

आजादी की लड़ाई से लेकर स्वतंत्र भारत में भी मां भारती की सेवा में जुटा है लोधी समाज : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का किया अनावरण, पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया

मुख्यमंत्री ने सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख, यज्ञशाला के लिए 20 लाख तथा मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की

रायपुर : छत्तीसगढ़ संत-महात्माओं की पुण्य भूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना राज्य सरकार का संकल्प है। शांति, सुरक्षा, खुशहाली और सुशासन के मूल मंत्र के साथ 3 करोड़ प्रदेशवासियों की खुशहाली हमारा ध्येय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168 में बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सामुदायिक भवन, मिनी स्टेडियम और यज्ञशाला निर्माण की घोषणा भी की। 

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल है। उन्होंने सीमित संसाधनों और छोटी सेना के बावजूद अंग्रेजों के खिलाफ अदम्य साहस के साथ संघर्ष किया और देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसी महान विभूति से हमें प्रेरणा लेकर अपने जीवन में राष्ट्रसेवा और समाजहित के मूल्यों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने लोधी समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से वीरता, नैतिकता और राष्ट्रसेवा के लिए जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम में इस समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और आज भी यह समाज देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि वे उसी परंपरा को आगे बढ़ा सकें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। होली से पूर्व अंतर की राशि का भुगतान कर किसानों को राहत पहुंचाई गई, जिससे उनके त्योहार में खुशहाली आई। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 25 किश्तों के माध्यम से 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे मातृशक्ति आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही है।

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श्री साय ने आगे कहा कि प्रदेश में आस्था और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘रामलला दर्शन योजना’ संचालित है, जिसके तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए बस्तर और सरगुजा में ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है।

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने कवर्धा के वार्ड क्रमांक 26 में समाजिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए, खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने मिनी स्टेडियम के निर्माण तथा सहसपुर-लोहारा में यज्ञशाला के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए दिए जाने की घोषणा की। 

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी अपने संबोधन में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को स्मरण करते हुए समाज से एकजुट होकर अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती भावना बोहरा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, श्री संतोष कौशिक, श्री राजेन्द्र चन्द्रवंशी, श्री कोमल जंघेल तथा लोधी समाज के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने किया 'इनोवेशन महाकुंभ 1.0' के पोस्टर का विमोचन

Posted on :23-Mar-2026
मुख्यमंत्री श्री साय ने किया 'इनोवेशन महाकुंभ 1.0' के पोस्टर का विमोचन

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति श्री मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक श्री जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।

बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि पर किया नमन

Posted on :20-Mar-2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि पर किया नमन

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि (20 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं। उनका नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर वीरांगनाओं में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का डटकर विरोध किया। उन्होंने अपने राज्य और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और स्वाधीनता के लिए बलिदान दिया।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई नारी शक्ति और सामाजिक चेतना का प्रतीक थीं। उन्होंने समाज को जागरूक करने का कार्य किया और न केवल महिलाओं बल्कि पूरे राष्ट्र को संघर्ष की राह दिखाई। उनकी वीरता, बलिदान और नेतृत्व क्षमता भारत के इतिहास में नारी सशक्तिकरण का अमिट उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत का इतिहास वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। रानी अवंती बाई लोधी जैसी महान नारियों की कहानियाँ हमें आज भी राष्ट्रभक्ति, त्याग और साहस की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे रानी अवंती बाई को लोधी के आदर्शों से प्रेरणा लें और उनके बलिदान को स्मरण कर देश और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।

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मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास : 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

Posted on :19-Mar-2026
मुख्यधारा की ओर लौटता विश्वास : 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शांति, विकास और विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। बीजापुर और कांकेर जिलों से आए 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर मुख्यधारा में लौटने की खुशी साझा की।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से आत्मसमर्पण से पहले के जीवन और वर्तमान परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। संवाद के दौरान नक्सलियों ने बताया कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल चुका है—जहां पहले वे जंगलों में असुरक्षा और भय के बीच जीवन बिताते थे, वहीं अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

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उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्रों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे जीवन आसान हुआ है। कुछ आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने पहली बार होली जैसे त्योहार को परिवार के साथ मनाया—यह उनके लिए एक नया और सुखद अनुभव रहा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी का मुख्यधारा में स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय केवल व्यक्तिगत बदलाव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि संविधान पर विश्वास जताकर सभी ने एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नक्सलवाद उन्मूलन के संकल्प को शीघ्र ही पूर्ण किया जाएगा। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक भी उपस्थित थीं।

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मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

Posted on :19-Mar-2026
मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर - रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री शुक्ला का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। 
              
इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही। 
      
उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई : 214 छापे, 1013 सिलेंडर जब्त

Posted on :18-Mar-2026
घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई : 214 छापे, 1013 सिलेंडर जब्त

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : प्रदेश में घरेलू एलपीजी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं तक उसकी नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा सतत निगरानी और समीक्षा की जा रही है। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने  खाद्य संचालक तथा सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ 17 मार्च 2026 को समीक्षा बैठक लेकर घरेलू एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने के लिए व्हॉट्सएप नंबर, मोबाइल नंबर, आईवीआरएस और वेबसाइट यूआरएल के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। उन्होंने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा जारी नए बुकिंग नंबर (मोबाइल 8927225667 एवं आईवीआरएस 8391990070) को भी आमजन तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। 

बैठक में बताया गया कि घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 214 छापों में 1013 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं, जिनमें रायपुर जिले में सर्वाधिक 392 तथा बिलासपुर जिले में 201 सिलेंडर जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई सुनिश्चित करती है कि घरेलू गैस का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही हो और आम उपभोक्ताओं को उसका पूरा लाभ मिल सके।

खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित एलपीजी बुकिंग को शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अत्यावश्यक सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों। इसके तहत अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बल कैम्प, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे स्टेशन एवं एयरपोर्ट की कैंटीन को उनकी मासिक आवश्यकता के अनुरूप गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, भारत सरकार, राज्य सरकार एवं उनके सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों, कैंटीन एवं गेस्ट हाउस को उनकी विगत माहों के उपभोग का  50 प्रतिशत की सीमा तक, जबकि पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाइयों तथा होटल एवं रेस्टोरेंट को निर्धारित सीमा (20 प्रतिशत) के अंतर्गत कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

एलपीजी बुकिंग एवं आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग का कॉल सेंटर (1800-233-3663 एवं 1967) सक्रिय है, जहां प्राप्त शिकायतों का ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर राहत मिल सके।

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गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Posted on :16-Mar-2026
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

गढ़फुलझर नानकसागर बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।

बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है। 
उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है। 

कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र का अतिरिक्त सहयोग : छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता

Posted on :14-Mar-2026
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र का अतिरिक्त सहयोग : छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति ने वर्ष 2025 के दौरान आई बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान ‘मोन्था’ जैसी आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए 1,912.99 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र के इस अतिरिक्त सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री का आभार माना है।

केंद्र सरकार द्वारा यह सहायता राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से जारी की जाएगी, ताकि प्रभावित राज्यों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। समिति के निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है।

केंद्र सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। आपदा की स्थिति में प्रभावित राज्यों को त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।

गौरतलब है कि यह अतिरिक्त सहायता राज्यों को पहले से उपलब्ध कराए गए संसाधनों के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को आपदा प्रबंधन के लिए बड़ी राशि पहले ही जारी कर दी है। State Disaster Response Fund (SDRF) के तहत 28 राज्यों को 20,735.20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि National Disaster Response Fund (NDRF) के तहत 21 राज्यों को 3,628.18 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।

इसके अलावा आपदा जोखिम को कम करने और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने के लिए State Disaster Mitigation Fund (SDMF) से 23 राज्यों को 5,373.20 करोड़ रुपये तथा National Disaster Mitigation Fund (NDMF) से 21 राज्यों को 1,189.56 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से जर्जर पुल के निर्माण की शुरुआत

Posted on :14-Mar-2026
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से जर्जर पुल के निर्माण की शुरुआत

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

वर्षों से जोखिम उठाकर गुजर रहे राहगीरों को मिलेगी सुरक्षित आवागमन की सुविधा

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सिंगीबहार से कछुआकानी मुख्य मार्ग पर स्थित जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से पुल की जर्जर स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के संज्ञान में मामला आने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

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बताया गया है कि सिंगीबहार–कछुआकानी मार्ग क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जो छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। पुल के खराब होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

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मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया को जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश मिलते ही संबंधित विभाग ने स्थल पर पहुंचकर पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

पुल निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुल बनने से आवागमन सुरक्षित होने के साथ ही आसपास के गांवों के विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

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संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Posted on :02-Mar-2026
संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की

राजनांदगांव शहर में भव्य संत कबीर प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा

रायपुर : संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना समाज को सही दिशा देती है, और जब शासन व्यवस्था इन मूल्यों से जुड़ती है, तो विकास और संस्कार दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। संत कबीर की वाणी समाज को जोड़ती है, सरकार का संकल्प जनजीवन संवारता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम नादिया स्थित कबीर मठ आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन फाल्गुन महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

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मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर आश्रम में विकास कार्य के लिए 11 लाख रुपए  स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने मठ आश्रम परिसर में स्थायी डोम निर्माण और प्रतिवर्ष आयोजन के लिए बजट में राशि का प्रावधान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम नादिया में मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की, साथ ही राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब के नाम भव्य प्रवेश द्वार निर्माण की भी घोषणा की।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 202 साल पहले पूज्य सद्गुरु सेवा साहब जी ने नादिया जैसे गांव में कबीर मठ की स्थापना की। हलबा समाज के संत स्वरूप मंतू ठाकुर जी ने आश्रम की सेवा के लिए अपनी समस्त संपत्ति अर्पित कर दी। श्री साय ने कहा कि हलबा समाज का गौरवशाली और समृद्ध इतिहास रहा है। हलबा समाज से गेंदसिंह जी जैसे महानायक हुए हैं।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में सद्गुरु कबीर के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में सद्गुरु संत कबीर का बड़ा प्रभाव है। उन्होंने अपने बचपन से ही कबीर पंथ से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि कुनकुरी में कबीरपंथ का बड़ा आश्रम है। बचपन से ही पंथ के रीति-रिवाजों से मैं भलीभांति परिचित रहा।छत्तीसगढ़ का जिला कबीरधाम सद्गुरु के नाम पर है। यहां के लोकजीवन में कबीर की वाणी का प्रभाव है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कबीर दास जी के दोहों में जीवन का संदेश है। उन्होंने ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे कबीर संत के दोहों को दोहराया। श्री साय ने कहा कि संत कबीर कहते थे कि हमारे भीतर अपनी कमियों को सुनने का साहस होना चाहिए, ताकि हम खुद को बेहतर बना सकें। उनके दोहों में आदर्श जीवन और मानव समाज के हित के संदेश हैं, इसलिए हमें कबीरदास जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है, जहां की 80 प्रतिशत आबादी कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। हमने सुव्यवस्थित धान खरीदी की। धान बेचने के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में राशि पहुंचे, यह सुनिश्चित किया। शनिवार को हमने 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की। महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का भुगतान किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मोदी की गारंटी में हमने वादा किया था कि सरकार बनते ही प्राथमिकता के आधार पर 18 लाख आवास प्रदान करेंगे। हमने शपथ लेने के 24 घंटे के भीतर ही पहली कैबिनेट बुलाकर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दे दी। आज 8 लाख से ज्यादा मकान बन चुके हैं, जिनका गृह प्रवेश भी हो चुका है। इतना ही नहीं, बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की अलग से स्वीकृति हुई है। पीवीजीटी समुदाय के लोगों के लिए अलग से 32,000 पीएम आवासों की स्वीकृति हुई है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि जैसे-जैसे नक्सलवाद समाप्त हो रहा है, बस्तर के पिछड़े क्षेत्रों में विकास हो रहा है। जिन गांवों में कभी सर्वे नहीं होता था, आज वहां की 7,000 से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में 32,000 से ज्यादा नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। 5,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती निकाली जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। प्रभु श्रीराम ने 14 साल में सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया। 500 साल के संघर्ष के बाद अयोध्या धाम में हमारे भांचा राम विराजमान हुए तो हमने छत्तीसगढ़ से श्रीराम लला दर्शन योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक 42,000 से अधिक लोगों को अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम का दर्शन कराया जा चुका है। हमने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भी पुनः शुरुआत की है, जिसमें 5,000 से ज्यादा लोगों को देश के 19 चिन्हांकित तीर्थस्थलों का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। डीएमएफ, कोयला और पीएससी घोटाले के दोषी जेल के भीतर हैं। आज राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी व्यवस्था है, इसलिए गरीब का बेटा भी बड़ा अधिकारी बन रहा है।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यदि पूरे भारतवर्ष में देवभूमि, संस्कारभूमि और समर्पण की परंपरा की बात की जाए, तो छत्तीसगढ़ का स्थान अत्यंत विशिष्ट और सम्मानजनक है। यहां की मिट्टी में सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना रची-बसी है, जो प्रदेशवासियों के जीवन और व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग सरल, संवेदनशील और संस्कारों से परिपूर्ण हैं, यही इस प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है, जो छत्तीसगढ़ की पहचान को और मजबूत बनाता है।

उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का संत-महात्माओं के प्रति गहरा सम्मान और आस्था है। ऐसा कोई दिन शायद ही गुजरता हो, जब मुख्यमंत्री निवास में किसी संत, महात्मा या आध्यात्मिक व्यक्तित्व का आगमन न होता हो। यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, मार्गदर्शन और मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम भी है।

सांसद श्री संतोष पांडेय ने छत्तीसगढ़ की धरती को रत्नगर्भा बताते हुए कहा कि हमारी धरती को समय-समय पर संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है। संतों की वाणी में जीवन का आदर्श और दर्शन मिलता है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं महापौर श्री मधुसूदन यादव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दिनेश गांधी, जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष श्री भरत वर्मा,श्रम मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, डोंगरगांव जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती रंजीता ग्राम पंचायत नदिया के सरपंच श्रीमती वंदिता ठाकुर, आचार्य स्वामी मंगल साहेब,धर्माधिकारी श्री सत्येंद्र साहेब, डॉक्टर भागीरथी साहेब, सुश्री साध्वी सुमेधा साहेब संत श्री राम रतन स्वरूप साहेब,श्री लेख चंद्र साहेब सहित अन्य गणमान्य नागरिक गण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Posted on :28-Feb-2026
किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि

मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

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“विकसित भारत एवं सतत विकास” राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि महादेव कावरे ने किया उद्घाटन

Posted on :28-Feb-2026
“विकसित भारत एवं सतत विकास” राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि महादेव कावरे ने किया उद्घाटन

रायपुर : “विकसित भारत एवं सतत विकास : अवसर और चुनौतियाँ” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि महादेव कावरे  संभागायुक्त, रायपुर संभाग द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समावेशी, सतत एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास आवश्यक है, विशेष रूप से पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों पर केंद्रित प्रयासों के साथ। उन्होंने अवसंरचना विकास, कौशल उन्नयन तथा सामुदायिक सहभागिता को अविकसित क्षेत्रों को विकास के केंद्र में परिवर्तित करने के प्रमुख स्तंभ बताया। पूर्व कलेक्टर जशपुर के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में चाय बागानों के प्रोत्साहन से स्थानीय चाय उत्पादकों एवं लघु किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे सतत आजीविका के अवसर सृजित हुए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई।

संगोष्ठी के तकनीकी सत्र की शुरुआत डॉ. अश्विनी महाजन के वक्तव्य से हुई। उन्होंने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का विश्लेषण करते हुए कहा कि कुछ विकसित राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थान उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं, किंतु भारत तकनीकी क्षमता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के आधार पर सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली  की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारत को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान मिली है और वित्तीय समावेशन को नई दिशा प्राप्त हुई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ सच्चिदानंद शुक्ला कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने की इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना हैl आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था में शामिल हैl प्राचीन भारत ज्ञान विज्ञान व्यापार और संस्कृति का केंद्र था l उन्होंने विकसित भारत  में युवाओं और शैक्षिक संस्थानों के महत्व को रेखांकित कियाl

प्रोफेसर के.बी. दास ने झारखंड, ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों की खनन-आधारित औद्योगिक संरचना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कच्चे खनिजों के उत्खनन एवं निर्यात पर आधारित विकास मॉडल दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ नहीं है। उन्होंने वैल्यू एडिशन, डाउनस्ट्रीम उद्योगों तथा फिनिश्ड प्रोडक्ट निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे स्थायी आर्थिक विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित हो सके।

सत्र के समापन अवसर पर डॉ. पी.के. घोष ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के परस्पर संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि सशक्त रक्षा व्यवस्था किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया, ताकि आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को बल मिल सके।
संगोष्ठी का समापन प्रश्नोत्तर एवं सार्थक चर्चा के साथ हुआ। समग्र रूप से वक्ताओं ने समावेशी विकास, तकनीकी उन्नति, औद्योगिक वैल्यू एडिशन तथा सुदृढ़ रक्षा प्रणाली को विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अनिवार्य तत्व बताया।

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नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तकदीर, बदली तस्वीर

Posted on :26-Feb-2026
नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तकदीर, बदली तस्वीर

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने पुनर्वास केंद्र में वितरित किए 5जी स्मार्टफोन एवं मेसन किट

70 आत्मसमर्पित युवाओं को स्मार्टफोन, 31 को रोजगारोन्मुख मेसन किट प्रदान

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशा अनुरूप जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत पहल की जा रही है।

जिला मुख्यालय सुकमा स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में 70 आत्मसमर्पित युवाओं को अत्याधुनिक 5जी स्मार्टफोन तथा 31 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। कार्यक्रम कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

जिला प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक जीवन और स्थायी आजीविका से जुड़ा समग्र प्रयास है। इसी सोच के अनुरूप 70 युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी 5जी स्मार्टफोन प्रदान किए गए। 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा एवं 5000 मेगाहर्ज फास्ट चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये स्मार्टफोन युवाओं को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रमों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी से सीधे जोड़ने में सहायक होंगे। साथ ही 31 युवाओं को मेसन किट उपलब्ध कराकर उन्हें निर्माण कार्यों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया गया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि इन युवाओं को सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना है। पुनर्वास केंद्र के माध्यम से उन्हें कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से आगे बढ़ सकें। 

प्रतापगिरी, तोंगपाल निवासी श्री भीमा ने बताया कि लगभग 15 वर्षों तक नक्सल संगठन से जुड़े रहने के बाद पुनर्वास का निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सिद्ध हुआ है। पुनर्वास केंद्र में उन्हें आवास, भोजन एवं प्रशिक्षण की समुचित सुविधा मिल रही है तथा वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। स्मार्टफोन मिलने से वे डिजिटल माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

सिंघनपारा, बड़े सेटी निवासी श्री बुधरा ने भी पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहां का जीवन सुरक्षित एवं सम्मानजनक है। प्रशासन द्वारा उन्हें मोबाइल, मेसन किट के साथ-साथ आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड भी प्रदान किया गया है। किसी भी तरह कि समस्या आने पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित समाधान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि विश्वास, विकास एवं सामाजिक समरसता की सशक्त मिसाल बनी है। 

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स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध - श्री अरुण साव

Posted on :26-Feb-2026
स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध - श्री अरुण साव

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र

प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे।

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उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।

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श्री साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा।

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।

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राज्यपाल श्री डेका ने निरामय आरोग्य संस्थान को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

Posted on :25-Feb-2026
राज्यपाल श्री डेका ने निरामय आरोग्य संस्थान को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में निरामय आरोग्य संस्थान रायपुर को एम्बुलेंस प्रदान किया। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से एम्बुलेंस की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया। इस वाहन का उपयोग निरामय आरोग्य संस्थान में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण

Posted on :25-Feb-2026
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

माननीय अध्यक्ष महोदय,

ना चंदन से ना कुमकुम से, श्रृंगार करा कर आया हूँ।

ना रोली से ना वंदन से, मस्तक सजा कर आया हूँ।

स्वयं ईश्वर भी जो कामना करें,

वो सौभाग्य जगा कर आया हूँ।

अपने छत्तीसगढ़ की माटी से,

मैं तिलक लगा कर आया हूँ।

रायपुर :  अध्यक्ष महोदय, मै धन्य हूँ कि प्रदेश के "विकास की गंगोत्री" नवनिर्मित विधानसभा में, जिसका लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा किया गया, मुझे हमारी सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ जनता जनार्दन के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होने हम पर भरोसा किया तथा प्रदेश की बागडोर हमारे हाथों में सौंपी। मैं इन 3 करोड़ भाई-बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि उनके विश्वास की कसौटी पर हम खरा उतरेंगे और छत्तीसगढ़ को नई उँचाई तक पहुँचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य है, जिसकी प्राप्ति के लिए हमने 2030 के मध्यकालिक लक्ष्य को भी निर्धारित किया है, हम एक स्पष्ट रोड-मैप के साथ इस ओर आगे बढ़ रहे हैं। इसी पथ पर हमारा प्रत्येक बजट आगे बढ़ता हुआ एक-एक कदम है। अध्यक्ष महोदय, हमारे विकास यात्रा का केन्द्र बिंदु GYAN रहा है, जिसके उत्थान के लिए GATI की रणनीति पिछले बजट में अपनायी गई थी तथा GYAN के कल्याण के लिए इस बार हमारे बजट का थीम SANKALP है, जो कि जनता-जनार्दन

के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को, निष्ठा को, समर्पण और दृढ़संकल्प को रेखांकित करता है। अध्यक्ष महोदय, कोई भी लक्ष्य पूरा होता है संकल्प से; क्षमता कम या ज्यादा हो लेकिन यदि दृढ़ इरादा हो, संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य संकल्पवान के सामने नतमस्तक हो जाता है।

महोदय, SANKALP का आशय है :-

  • S समावेशी विकास
  • A अधोसंरचना
  • N निवेश
  • K कुशल मानव संसाधन
  • A अन्त्योदय
  • L लाईवलीहुड
  • P पॉलिसी से परिणाम तक

महोदय अब मैं SANKALP थीम के "S" अर्थात समावेशी विकास की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहूँगा। अध्यक्ष महोदय, हमारे प्रदेश में विष्णुराज है। साय सरकार समावेशी, सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापक एवं सर्वग्राही होने के लिए दृढ़संकल्पित है। हमारा लक्ष्य न केवल तेजी से विकास करना है, बल्कि इस बात का भी ध्यान रखना है कि विकास की इस दौड़ में समाज का कोई भी वर्ग या प्रदेश का कोई भी अंचल पीछे न रह जाए।

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ ने अपनी विकास यात्रा में कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किये हैं। 5 हजार करोड़ के बजट से शुरू हुआ यह सफर, आज 35 गुना बढ़कर 1 लाख 72 हजार करोड़ का आकार ले रहा है और इस सफर में राज्य के हर व्यक्ति, गरीब, युवा, किसान, महिला, उद्यमी सबका योगदान रहा है।

अध्यक्ष महोदय, समावेशी विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू तुलनात्मक रूप से पीछे रह गये क्षेत्रों का विकास भी है। हमने सदैव यह प्रयास किया है कि राज्य के दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र भी, विकास-पथ पर मैदानी क्षेत्रों से कंधे से कंधा मिलाकर चलें।

बस्तर और सरगुजा :-

अध्यक्ष महोदय, जब हम बस्तर की बात करते हैं तो उसके प्राकृतिक सौंदर्य या सांस्कृतिक वैभव के साथ ही उसके इतिहास के अंधेरे अध्याय का भी स्मरण हो जाता है, जिससे होकर यह अंचल गुजरा है। दंतेवाड़ा में कलेक्टर रहते मैंने देखा कि कैसे स्कूल, हॉस्पिटल, छात्रावास, बैंक, सरकारी कार्यालयों को तबाह कर दिया गया था और वहां के लोगों के सपनों को, आकांक्षाओं को, एक विध्वंसकारी नकारात्मक विचारधारा के पैरों तले कुचल देने का दुष्प्रयास किया गया था। नक्सलवाद का यह दौर केवल भौतिक विनाश का नहीं, बल्कि विश्वास के क्षरण का भी दौर था।

अध्यक्ष महोदय, बस्तर में नक्सलवाद से मुक्ति किसी की भी कल्पनाओं से परे थी, लेकिन नये भारत के लौह पुरूप देश के माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया और इसे कर के दिखा रहे हैं। अब जब नक्सलवाद का सूर्यास्त हो रहा है और बस्तर की पावन धरती शांति, पुनर्निर्माण और भरोसे की ओर लौट रही है, ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम क्षेत्रीय विषमताओं को समाप्त करते हुए बस्तर के विकास पर अपने प्रयासों को केन्द्रित करें। विकास का यही मॉडल सच्चे अर्थों में समावेशी विकास होगा।

अध्यक्ष महोदय, बस्तर के उत्थान के प्रति हमारी संकल्पबद्धता को इन पंक्तियों के साथ दोहराना चाहूँगा इस माटी के संस्कारों ने, गुण्डाधूर को जन्म दिया था, इंद्रावती का पानी तो, श्री राम ने भी पिया था, प्रण करो माँ दंतेश्वरी का, आँगन फिर खुशहाल करेंगे, इस झूठी विचारधारा को नकार, मुख्यधारा में विश्वास करेंगे अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। इन आयोजनों से लाखों लोग मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं और नक्सलवाद के विध्वंसकारी मार्ग को छोड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के आयोजन से हमारे वनांचल के युवाओं से जो प्रतिसाद मिला, उससे प्रेरित होकर हम सरगुजा ओलंपिक का भी आयोजन कर रहे हैं। बस्तर सरगुजा ओलंपिक की निरंतरता बनाए रखने के लिए हमने बजट में इनके लिए 5-5 करोड़ का प्रावधान किया है।

महोदय, दंतेवाड़ा में पहली बार एजुकेशन सिटी की परिकल्पना की गई थी, जहां से आज बच्चे मेडिकल एवं इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाएँ पास करके प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला प्राप्त कर रहे हैं। इसी अनुभव से प्रेरित होकर हम नक्सलवाद के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ एवं जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे भावी पीढ़ी के लिए आकांक्षी से अग्रणी होने का मार्ग प्रशस्त होगा। जो जगह नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था, वह अब शिक्षा के केन्द्र का पर्याय बनेगा; बस्तर के युवाओं के सिर पर गौर सींग भी दिखेगा और गले में

स्टेथोस्कोप भी। हमने दोनों एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया है। एजुकेशन सिटी में प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक शाला, आईटीआई, प्रीमैट्रिक एवं पोस्टमैट्रिक बालक-बालिका छात्रावास, शिक्षक आवास इत्यादि स्थापित किया जायेगा। एक ईको-सिस्टम डेवलप किया जाएगा। यह महज कुछ संस्थानों का समुच्चयमात्र नहीं होगा, बल्कि प्रेरणा का एक बड़ा केन्द्र बनेगा, मुख्य धारा से जुड़कर कैसे अपनी जिंदगी बदली जा सकती है, इसका एक बड़ा उदाहरण यह प्रस्तुत करेगा। अबूझमाड़ और जगरगुंडा से आदिवासी भाई-बहनों की लगाई गई छलांग आने वाले दशकों में रायपुर या दिल्ली तक नहीं रूकेगी, बल्कि बस्तर का युवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी दहाड़ मारेगा। आज कुछ लोगों को यह महज एक सपना लग सकता है, मगर लोकतंत्र के, प्रदेश के इस सबसे बड़े मंदिर में खड़ा होकर पूरे विश्वास के साथ मैं इसे कहने का साहस कर पा रहा हूं।

महोदय, एक समय था, जब बस्तर सरगुजा रोड नेटवर्क, टेलीकॉम नेटवर्क, बैंकिंग नेटवर्क सभी के लिए मोहताज हुआ करता था, लेकिन हमने दो वर्षों में बस्तर के जगरगुंडा, पानीडोबीर, ओरछा, पामेड़, किस्टाराम तथा सरगुजा के डिंडो एवं आरा जैसी जगहों पर, प्रयास कर बैंक ब्रांच खुलवाये। केन्द्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि योजना के तहत राज्य में 500 मोबाईल टॉवरों की स्वीकृति प्रदान की है, जिसका सबसे जादा लाभ बस्तर और सरगुजा अंचल को मिलने वाला है।

महोदय, बस्तर में विश्वसनीय इंटरनेट सेवा बनाए रखने के लिए बस्तरनेट परियोजना के तहत बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर और सरगुजा दोनों ही संभाग भौगोलिक दृष्टिकोण से काफी बड़े हैं तथा आबादी का घनत्व कम होने से यहां ट्रांसपोर्ट की सुविधाएँ पर्याप्त नहीं है। हमने पिछले बजट में यह वादा किया था कि इस समस्या का समाधान करेंगे। आज मुख्यमंत्री बस सेवा योजना अंतर्गत लगभग 70 बसों के परिचालन से बस्तर के पूवर्ती, बुरकापाल, भेज्जी और पामेड़ तथा सरगुजा के चम्पा, अबीरा, डूभापानी, मड़कडोल जैसे स्थानों के रहवासी, बस सेवा का लाभ उठा पा रहे हैं। इस योजना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, भय के कारण जिस बस्तर में जाने से लोग परहेज करते थे, आज उसी बस्तर के चित्रकोट, तीरथगढ़, धुड़मारास, टाटामारी, दोड़काल; इत्यादि अनेकों स्थान आकर्पण के केंद्र बन रहे है। हमारी सरकार के प्रयास से आज बस्तर टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो रहा है। हमने पिछले बजट भापण में छत्तीसगढ़ होम स्टे पॉलिसी लाने का वायदा किया था, जिसे अमल में लाया जा चुका है। इसका सर्वाधिक लाभ बस्तर सरगुजा को होगा। इसके लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्र में होटल इत्यादि क्षेत्र में निवेश करने पर औद्योगिक नीति अंतर्गत अतिरिक्त लाभ मिलेंगे। हमारी नीति का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिले, इसके लिए पात्रता हेतु निवेश के मापदण्ड भी कम रखे गए हैं। सरगुजा अंचल के लिए, छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट हेतु 5 करोड़ तथा जशपुर, के कोतेबिरा में धार्मिक पर्यटन हेतु भी बजटीय प्रावधान किया गया है। बस्तर एवं सरगुजा के नैसर्गिक सौंदर्य, मेला, मड़ई, उत्सव, धार्मिक स्थलों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने, उसके लिए देश के प्रतिष्ठित टूर ऑपरेटर

एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की कार्यशाला आयोजित करने के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर और सरगुजा में आजीविका के अवसर सृजित करने के लिए हम एक नई सोच के साथ, नया प्रयास करने जा रहे हैं। बस्तर और सरगुजा में अलाईड कृषि सेक्टर, एग्रो एवं एग्रोफॉरेस्ट प्रोसेसिंग जैसे रोजगार आधारित सेक्टर्स में हम विशेष फोकस करेंगे, जो स्थानीय जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। वहाँ राईस मिल, पोल्ट्री फार्म, बकरीपालन फार्म, वनोपज प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों के लिए बड़े केन्द्र खुलें, इससे लिए हम योजना ला रहे हैं। इससे न केवल इन क्षेत्रों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इस योजना अंतर्गत हम निवेशकों को निवेश अनुदान देंगे, जिसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ-साथ व्यक्तिमूलक आजीविका के अवसरों को व्यापक करने हेतु छोटी इकाईयों में भी बकरी पालन, शूकर पालन एवं मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए कुल 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, हमने स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में उन्नयन करने के लिए जगदलपुर में सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की शुरूआत की है तथा बस्तर एवं सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधाओं का और विस्तार हो, इसके लिए कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिनके संचालन के लिए 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, बस्तर एवं सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हम डॉक्टर एवं विशेषज्ञों की भर्ती करेंगे। अध्यक्ष महोदय, हम बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में रोड नेटवर्क को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। जिससे कि दूर-दराज के अंदरूनी सड़कों को NH या State Highway से कनेक्टिविटी मिल सके।

बजट में शामिल :-

  • नारायणपुर के जाटलूर से इतामपारा-भैरमगढ़ 28 करोड़
  • नारायणपुर के कुतुल से ओरछा 20 करोड़
  • बीजापुर के इतुलवाड़ा से तुमनार 20 करोड़
  • बीजापुर के चेरपाल से गुटुमपाली 20 करोड़
  • दंतेवाड़ा के मुचनार से बारसूर - 9 करोड़
  • 11 करोड़ कांकेर के ज्ञानी ढाबा चौक से दुधावा-बिरगुड़ी
  • सुकमा के कुन्ना से मिचवार पुल 7 करोड़
  • एन.एच-43 लुचकी घाट से एन. एच-343 रामानुजगंज 7 करोड़
  • बलरामपुर-रामानुजगंज रिंग रोड 10 करोड़
  • जशपुर के आगडीह नीमगांव 8 करोड़
  • जशपुर के पण्ड्रापाठ से भड़िया 12 करोड़
  • भैयाथान के तेलगांव से बुंदिया चौक 7 करोड़
  • कोरिया से चिरमिरी 10 करोड़ जैसे अनेक सड़कों का हम निर्माण करेंगे।

रोड नेटवर्क को बढ़ाने के साथ-साथ सिंचाई, नहर, बांध जैसी संरचनाएँ जो आर्थिक समृद्धि एवं खुशहाली के प्रतीक होते हैं, इनके लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती के जल का उपयोग आज तक उपयुक्त संरचनाओं के अभाव में अपनी क्षमताओं के अनुकूल नहीं हो पाया है। 

हमने इंद्रावती पर मटनार और देऊरगाँव में 2,024 करोड़ की लागत से बैराज निर्माण के साथ 68 किलोमीटर नहर की स्वीकृति प्रदान की है, जिससे बस्तर में लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का विस्तार होगा, बस्तर अपनी हरियाली, उन्नति और समृद्धि की नई ऊंचाईयों को छुएगा। 

साथ ही इस बजट में

  • कांकेर में मेढकी बैराज निर्माण 400 करोड़
  • बीजापुर में मट्टीमारका डायवर्सन योजना 110 करोड़
  • बस्तर में महादेवघाट बैराज निर्माण 100 करोड़
  • जशपुर के पंमशाला एनीकट में लिफ्ट इरीगेशन 60 करोड़
  • अंबिकापुर के सरगंवा में बैराज निर्माण 20 करोड
  • बैकुण्ठपुर में गेज डैम उन्नयन 10 करोड़ के कार्य शामिल हैं।

अध्यक्ष महोदय, माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ तथा बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में बस्तर और सरगुजा का भाग्योदय हो रहा है और इन क्षेत्रों में, सभी तरह के नेटवर्क का विकास, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वो सब हमारे समावेशी विकास के संकल्प का चित्रण करते हैं। अध्यक्ष महोदय, समावेशी विकास के माध्यम से हम क्षेत्रीय असमानता को दूर करने के प्रयास के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को सम्मान, समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने हेतु संकल्पित हैं।

महिला एवं बाल विकास :-

अध्यक्ष महोदय, हमने संकल्प पत्र में छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति को महतारी वंदन योजना से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक पहचान दिलाने की बात कही थी। योजना अंतर्गत 70 लाख माताओं-बहनों को अभी तक 24 किश्तों में, 14 हजार करोड़ से अधिक की राशि हमारी सरकार ने जारी की है। बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता का जो मंच दिया है, उसमें छत्तीसगढ़ अग्रणी रहा है तथा लगभग 5 लाख बहनें आर्थिक तरक्की कर लखपति दीदी बन चुकीं हैं। लखपति दीदियों के व्यावसायिक एवं आर्थिक अनुभव विस्तार हेतु एक नई योजना लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए भी बजटीय प्रावधान किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से लखपति दीदियों के लिए देश-प्रदेश के विभिन्न व्यावसायिक एवं आर्थिक केंद्रों के भ्रमण की व्यवस्था की जाएगी, साथ ही चूंकि, हमारी बहनों का धार्मिक भावनाओं से गहरा जुड़ाव होता है, इसलिए इन्हें शक्ति पीठों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में 250 महतारी सदन बनाने के लिए भी बजट में 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, समावेशी विकास वही है जो किशोरियों, नौनिहालों, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों को ममत्व भाव से स्पर्श करता है। इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रदेश की आंगनबाड़ियों के संचालन हेतु 800 करोड़, पूरक पोषण आहार योजना हेतु 650 करोड़, पोषण अभियान एवं कुपोषण मुक्ति योजनाओं हेतु 235 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हमने शहरी क्षेत्रों में 250 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से 500 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ का प्रावधान किया है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 120 करोड़ तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प पत्र के अंतर्गत मोदी की गारंटी में बालिकाओं के जन्म होने पर उन्हें गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का वादा किया था। इस बजट में हम रानी दुर्गावती योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से नोनी के 18 वर्ष पूरे होने पर उसे 1.5 लाख रूपये दिया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा :-

अध्यक्ष महोदय, समावेशी समाज की परिकल्पना तब तक नहीं की जा सकती जब तक स्वास्थ्य सुविधाएं सभी वर्गों के लिए Available, Accessible एवं Affordable ना हो। हमने सदैव यह प्रयास किया है कि उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधाएं बिना वित्तीय बोझ के जनता को उपलब्ध हों। हम शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के माध्यम से न केवल शासकीय अस्पताल बल्कि गैर शासकीय अस्पतालों में भी 5 लाख रूपये तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इस योजना के लिए 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, हमने 25 विकासखण्डों में डायलिसिस केन्द्र तथा 50 विकासखण्डों में जनऔषधि केन्द्र के लिए भी बजटीय प्रावधान किया है।

इसके अतिरिक्त, राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए हमने महत्वपूर्ण प्रावधान किये हैं जैसे :-

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़
  • 25 से अधिक SHC, PHC तथा CHC के लिए भवन निर्माण
  • 220 बिस्तर जिला चिकित्सालय, अम्बिकापुर तथा 200 बिस्तर जिला चिकित्सालय, धमतरी के लिए भवन निर्माण
  • जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्र दुर्ग, कोण्डागांव, जशपुर तथा रायपुर के भवनों का निर्माण
  • रामनगर, रायपुर तथा कुण्डा, कबीरधाम के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन तथा भवन निर्माण
  • 200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, रायपुर एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल चिरमिरी के लिए सेटअप
  • अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में खाद्य पदार्थों एवं दवाईयों की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब हेतु 25 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
  • अध्यक्ष महोदय, हमने राजधानी रायपुर में प्रदेश के पहले होम्योपैथी कॉलेज के साथ-साथ
  • राज्य कैंसर संस्थान बिलासपुर के लिए सेट-अप
  • मेडिकल कॉलेज दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं जशपुर के संचालन हेतु सेट-अप एवं
  • नर्सिंग कॉलेज कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़ एवं महासमुंद के लिए प्रावधान किया है।
  • एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेकाहारा, रायपुर में उपकरण, बिस्तर एवं अन्य सुविधाओं के विस्तार तथा AI के उपयोग से उपचार इत्यादि के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

हमने मेडिकल कॉलेज रायपुर, मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में मेडिकल छात्र-छात्राओं एवं इंटर्न्स के लिए हॉस्टल निर्माण हेतु 35 करोड़ प्रावधान किया है। अध्यक्ष महोदय, इसके साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ PM ABHIM के लिए 190 करोड़ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 183 करोड़ राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सहकारिता विकास :-

अध्यक्ष महोदय, आपके नेतृत्व में भाजपा सरकार ने किसानों के लिए देश में सबसे पहले क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की थी, जो आज तक किसानों के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रही है। इस योजना के लिए हमने 300 करोड़ का प्रावधान किया है। हमारी सरकार, सहकार की भावना को और समृद्ध करते हुए सहकारी समितियों के काम-काज में विविधता लाने के लिए, उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (csc) के रूप में विकसित कर रही है। सहकारी समितियों को स्वावलंबी और संसाधन पूर्ण करने के उद्देश्य से 50 नए गोदाम हेतु 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

A अधोसंरचना

अध्यक्ष महोदय, अब मै SANKALP थीम के दूसरे पड़ाव "A" अर्थात अधोसंरचना की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहूँगा।

अधोसंरचना आर्थिक विकास की नींव के साथ-साथ उसकी उत्प्रेरक भी होती है, इसलिए हमारी सरकार ने प्रत्येक बजट में अधोसंरचना को विशेष स्थान दिया है। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए आज लगभग 47 हजार करोड़ के कार्य हो रहे हैं, जो 2013-14 की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है। यह डबल इंजन की सरकार के कारण संभव हो पा रहा है।
यही नहीं, आज छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे कि रायपुर-रांची-धनबाद एक्सप्रेस-वे, रायपुर से विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, खरसिया से परमालकसा रेलवे लाईन, केंदरी में नया कोचिंग टर्मिनल, रायपुर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ तक फोरलेन, कोरबा-अंबिकापुर नई रेल लाइन, डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाईन इत्यादि अगर आकार ले रहे हैं, तो यह केवल और केवल छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का स्नेह है।

लोक निर्माण :-

अध्यक्ष महोदय, अधोसंरचना के क्षेत्र में हम एक नई योजना द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना इस बजट में लेकर आ रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के आर्थिक केन्द्रों को जोड़ने वाली सड़कों का कम से कम 2-लेन सड़कों में उन्नयन करना है। इसमें राजनांदगांव से गीदम, भनपुरी से दोरनापाल, शंकरगढ़ से सुहेला व्हाया कांसाबेल, कसडोल से गरियाबंद व्हाया बागबाहरा सहित हमारे छत्तीसगढ़ की कुल 36 सड़कें शामिल हैं, जिसके लिए 200 करोड़ का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारा राज्य भौगोलिक दृष्टिकोण से वृहद है, आबादी का घनत्व कम है तथा काफी बड़ा क्षेत्र वनांचल, नदी-नाले, पहाड़ इत्यादि से आच्छादित है। इसके कारण अभी भी कुछ गांव बारहमासी कनेक्टेड नहीं हैं। कई बार हम अखबारों में स्कूली बच्चों को नाव से नदी-नाले पार करने की तस्वीरें देखते हैं। हमारी सरकार ने ऐसे 206 गांवों को चिन्हांकित किया है, जिन्हें जोड़ने के लिए 50 करोड़ का शुरूआती प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, इस वर्ष लोक निर्माण विभाग अंतर्गत लगभग 9,450 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। जिसमें, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग के अनेकों महत्वपूर्ण अधोसंरचना जैसे

  • बिलासपुर के राजीव गांधी चौक से सीपत चौक फ्लाईओवर 15 करोड़
  • बिलासपुर के मेलनाडीह से मस्तुरीनगर तक सड़क 30 करोड़
  • मुंगेली के फास्टरपुर-झलियापुर सड़क 10 करोड़
  • बिलासपुर के उसलापुर गीता पैलेस से अमेरी अंडर ब्रिज 4 करोड़
  • मुंगेली के बिटकुली से भटगांव सेंवार पहुँच मार्ग 4 करोड़
  • बिलासपुर के चकरभाटा बस्ती से धमनी पहुँच मार्ग 2 करोड
  • कवर्धा से खम्हरिया मार्ग उन्नयन एवं चौड़ीकरण 23 करोड़
  • दुर्ग के महाराजा चौक में फ्लाईओवर 3 करोड़
  • 24 करोड़ के कार्य बजट में बालौद-राजनांदगांव से अंतागढ़ कच्चे मार्ग शामिल हैं।
  • इसके अलावा रायपुर संभाग के कुछ प्रमुख सड़क
  • महासमुंद के झलप-रायतुम-अचानकपुर मार्ग 15 करोड़
  • बलौदाबाजार-भाटापारा सड़क चौड़ीकरण 25 करोड
  • धमतरी-नगरी-बोरई सडक 20 करोड़
  • धमतरी के पुरूर गंगरेल सड़क चौड़ीकरण 11 करोड़ भी शामिल हैं।

अध्यक्ष महोदय, रायपुर राजधानी होने के साथ-साथ आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा प्रशासनिक गतिविधियों का भी केन्द्र बिंदु है, जिसके कारण यहां ट्रैफिक व्यवस्था एक स्वाभाविक चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमने रायपुर के लिए राजधानी पैकेज के तहत महत्वपूर्ण सड़कों :-

  • मोवा से सेरीखेड़ी 100 करोड़
  • लाभांडी से सड्डू 100 करोड़
  • भनपुरी चौक फ्लाईओवर 20 करोड़
  • 8 करोड़ मोवा से दलदल सिवनी ब्रिज तक सड़क
  • 10 करोड़ शारदा चौक से तात्यापारा चौक फ्लाईओवर
  • ओवरब्रिज वीआईपी रोड पर श्रीराम मंदिर के पास फुट 7 करोड
  • अशोका रतन से कोया कचना में वृहद पुल 8 करोड़ को शामिल किया है।

साथ ही रायपुर शहर में विद्युत लाईनों को अंडरग्राउंड किये जाने के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने हेतु भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मिलकर कार्य करेंगे एवं इसके लिए अतिरिक्त फंड प्रदाय किया जाएगा। 

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण :-

अध्यक्ष महोदय, नवा रायपुर अटल नगर आधुनिक अधोसंरचना, नागरिक सेवा तथा इन्वेस्टर फ्रेंडली शहर होने के कारण देश में तेजी से उभर रहा है। नवा रायपुर में आज मेडिसिटी, एडुसिटी, स्पोर्ट्स सिटी, फिल्मसिटी जैसे कॉन्सेप्ट के कारण यहां शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी निवेश भी आ रहे हैं, जिसमें AI डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई जैसे आधुनिक तकनीक संबंधी निवेश के साथ-साथ

बॉम्बे हॉस्पिटल तथा नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। नवा रायपुर की अधोसंरचना को और मजबूत करने के लिए ऑप्टिकल फाईबर केबल सुविधा हेतु 10 करोड़, विद्युत अधोसंरचना हेतु 35 करोड़, IIIT में अधोसंरचना विकास हेतु 20 करोड़ एवं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ का प्रावधान इस बजट में है।

अध्यक्ष महोदय, हमने अपने संकल्प पत्र में तथा पिछले बजट भापण में स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की घोषणा की थी, जिसे पूरा किया गया है। महोदय, बढ़ती हुई आबादी एवं शहरीकरण के कारण आवश्यकता है कि हमारी प्लानिंग वृहद स्तर पर हो, जहां न केवल रायपुर बल्कि इसके आस-पास के क्षेत्रों को भी शामिल कर, इकोनॉमिक मास्टर प्लान बने। हमारे राज्य राजधानी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे मध्य भारत का फुटप्रिंट होगा, इसलिए SCR में क्षेत्रीय स्तर की परियोजनाओं की प्लानिंग एवं क्रियान्वयन करने के लिए बजट में 68 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमने पिछले बजट में SCR में मेट्रो रेल परियोजना की बात की थी, जिसके संबंध में मैं अवगत कराना चाहूँगा कि हमने सर्वे के लिए एजेंसी का निर्धारण कर लिया है तथा मेट्रो रेल परियोजना के काम को आगे बढ़ाने के लिए बजटीय प्रावधान भी किया गया है।

जल संसाधन :-

अध्यक्ष महोदय, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सदैव नदियों को जोड़ने पर जोर दिया था और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना का अत्याधुनिक लिडार सर्वे कार्य पूर्ण किया तथा इस परियोजना के लिए 3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इस परियोजना का लाभ मैदानी छत्तीसगढ़ को प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त महानदी पर मोहमेला-सिरपुर बैराज निर्माण हेतु 690 करोड़ की स्वीकृति भी दी गई है। जल संसाधन विभाग के पूंजीगत प्रावधान में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए 3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी :-

अध्यक्ष महोदय, सिंचाई व्यवस्था के साथ-साथ हमने शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिए भी आवश्यक प्रावधान किये हैं। धमतरी जिले के ग्राम सिर्री तथा कबीरधाम जिले के सुतियापाट जलाशय से ठाठापुर तक 54 गांवों में एवं भीरा क्षीरपानी जलाशय से 66 गांवों में पेयजल आपूर्ति किये जाने हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है। इस बजट में ओ एण्ड एम की नई पॉलिसी के तहत पेयजल सुविधाओं के संचालन एवं संधारण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

विमानन :-

अध्यक्ष महोदय, आज छत्तीसगढ़ में चहुंमुखी विकास हो रहा है और हमारा राज्य आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म, ईको टूरिज्म, कॉन्फ्रेंस डेस्टिनेशन तथा वेडिंग डेस्टिनेशन के पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है। इन क्षेत्रों के भावी विकास में हवाई सेवाओं की उपलब्धता का बहुत बड़ा योगदान रहेगा।

अध्यक्ष महोदय, क्षेत्रीय आकांक्षाओं को सम्मान देते हुए हम यह प्रयास कर रहे हैं कि बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर एयरपोर्ट को विकसित करने में राज्य की तरफ से अधोसंरचना में कोई कमी ना रह जाए, इसके लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही कोरबा में भी एयरस्ट्रिप के उन्नयन हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारा प्रयास है कि बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर की एयर कनेक्टिविटी और व्यापक हो। हमारी कोशिश है कि बिलासपुर से नियमित फ्लाईट की संख्या और बढ़े एवं अंबिकापुर से भी अगले वित्तीय वर्ष में नियमित फ्लाईट एवं जगदलपुर से रायपुर के बीच भी पलाईट की पुनः शुरूआत हो।

इन प्रयासों को सार्थक करने के लिए हम राज्य सरकार की एक नयी योजना CG VAYU (Chhattisgarh Viability Assistance for Yatri Udaan) प्रावधानित कर रहे हैं। योजना अंतर्गत एयरलाईन्स को Viability Gap Funding हेतु 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ऊर्जा :-

अध्यक्ष महोदय, विकास की कहानी ऊर्जा के स्याही से लिखी जाती है। ऊर्जा केवल एक सेक्टर मात्र नहीं है, बल्कि यह समस्त मानव गतिविधियों का केन्द्रबिंदु है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पॉवर हब है तथा राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में अहम भूमिका निभा रहा है। इसमें अग्रणी बने रहने हेतु निवेश के लिए माकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से हमने माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में एनर्जी समिट का आयोजन किया, जिसमें 3 लाख 50 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इस बजट में मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास अंतर्गत 33/11 KV के 90 नए उपकेन्द्र सहित अन्य कार्यों हेतु 100 करोड़ के प्रावधान किया गया है।

सार्वजनिक स्थानों तथा चौक-चौराहों में सोलर हाईमास्ट की स्थापना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान है।
क्रेडा के कार्य विस्तार को देखते हुए नए भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ का प्रावधान है।
घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए 800 करोड़ का प्रावधान है।
है। बीपीएल उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली देने हेतु 354 करोड़ का प्रावधान
नियद नेल्लानार योजना में विद्युतीकरण हेतु भी 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत केन्द्रीय अनुदान के साथ राज्य सरकार के अतिरिक्त अनुदान हेतु 400 करोड़ का भी प्रावधान किया गया है।

नगरीय प्रशासन :-

अध्यक्ष महोदय, नगरीय विकास में अधोसंरचना जैसे कि सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास और परिवहन को आधुनिक एवं सुदृढ़ करना, हमारे लिए एक अवसर भी है और चुनौती भी।
अध्यक्ष महोदय, नगरीय निकायों में होने वाला विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना आवश्यक है, जिससे कि हमारे शहर नियोजित एवं व्यवस्थित हो सकें। पिछले बजट में नगर निगमों में विकास के लिए हमने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की थी।

इस बजट में नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र विकास के लिए नगरोत्थान योजना की तर्ज पर, एक नई योजना मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना प्रस्तावित है, जिसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़, नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 हेतु 800 करोड़ तथा मिशन अमृत योजना अंतर्गत 512 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, युवाओं के लिए पिछले 2 वर्षों में हमारे द्वारा 33 नालंदा लाईब्रेरी स्वीकृत किये गए हैं। इस वर्ष तखतपुर, पण्डरिया, भाटापारा सहित 5 नालंदा लाईब्रेरी हेतु 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

N निवेश

अध्यक्ष महोदय, SANKALP थीम की अगली कड़ी "N" अर्थात निवेश है। छत्तीसगढ़ की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या की श्रेणी में आता है, इनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। वर्तमान में देखा जाए तो हमारी अर्थव्यवस्था में उद्योग क्षेत्र का लगभग 48 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र का लगभग 35 प्रतिशत योगदान है। हमारा यह प्रयास है कि निवेश के माध्यम से विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तरह उद्योग एवं सेवा क्षेत्र का विस्तार हो, जिससे न केवल प्रत्यक्ष एवं औपचारिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की भी असीम संभावनाएं निर्मित होंगी।

हमारी औद्योगिक विकास नीति 2024-30 रोजगार पर केन्द्रित है तथा विगत् वर्ष लगभग 1 हजार उद्योगों को उत्पादन प्रमाण पत्र जारी किया गया है तथा इन उद्योगों के द्वारा 8 हजार करोड़ से अधिक के निवेश के साथ-साथ 15 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। धमतरी के कचना में 17 एकड़ क्षेत्र मं् प्रदेश की पहली चार मंजिला प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री विकसित की जा रही है।

अध्यक्ष महोदय, देश और दुनिया के निवेशकों को छत्तीसगढ़ में आकर्षित करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और जापान के ओसाका तक इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों की वृद्धि करने हेतु इस वित्तीय वर्ष में मटीया (कसडोल), बिरकोनी (महासमुंद), छाती (धमतरी), बनगांव-बी (पत्थलगांव) सहित 23 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, ग्राम तूता नवा रायपुर अटल नगर में कन्वेंशन सह एक्जिबिशन सेंटर के निर्माण हेतु 25 करोड़, भिलाई में व्यावसायिक परिसर के निर्माण हेतु 10 करोड़, पटेवा, राजनांदगांव में Electronic Manufacturing Cluster 2.0 के लिए 10 करोड़, नवा रायपुर अटल नगर तथा राजनांदगांव में इण्डस्ट्रियल फैसिलीटेशन कॉम्पलेक्स के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले बजट में हमने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स के भवन के लिए प्रावधान किया था तथा इस बजट मे बस्तर चेंबर ऑफ कामर्स के भवन के लिए प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, निवेश को बढ़ावा देने के लिए Ease of Doing Business के तहत् अनेकों सुधार जैसे Single Window System, छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम इत्यादि लाकर यह प्रयास किया गया है कि हम रेगुलेटर से ज्यादा फेसिलिटेटर की भूमिका में रहें। हमने उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु उद्योगों की सब्सिडी हेतु प्रावधानित बजट में तीन गुना वृद्धि की है तथा इस बार अनुदान एवं प्रतिपूर्ति हेतु 750 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु लैंड बैंक तैयार करने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ था जो बढ़कर इस वर्ष 1,750 करोड़ हो रहा है। इस तरह उद्योग विभाग के बजट में लगातार उत्तरोत्तर वृद्धि, निवेश प्रोत्साहन एवं रोजगार वृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

खनिज साधन :-

अध्यक्ष महोदय, मौजूदा जिओ-पॉलिटिकल एवं जिओ-इकोनॉमिक परिदृश्य में क्रिटिकल तथा स्ट्रैटेजिक मिनरल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभा सकता है, इसलिए नवीन क्षेत्र में संभावनाओं को तलाशने के लिए हम माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में NMET, ISM धनबाद एवं CIL जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में खान एवं खनिजों के ऑनलाईन एवं डिजिटाईज्ड प्रबंधन हेतु खनिज ऑनलाईन 2.0 के लिए 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सोनाखान भवन के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों हेतु 20 करोड़ का प्रावधान शामिल है।

K कुशल मानव संसाधन

अध्यक्ष महोदय, अब मैं SANKALP थीम की अगली कड़ी "K" कुशल मानव संसाधन के बारे में जिक्र करना चाहूंगा। आज की प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में विकास एवं रोजगार का आधार उद्योग, निवेश, अधोसंरचना के साथ-साथ कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन होता है।

उच्च शिक्षा :-

अध्यक्ष महोदय, कुशल मानव संसाधन के लिए उच्च शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां छात्र अपनी रूचि, कौशल और टैलेंट के आधार पर आगे का विकल्प चुनता है। महाविद्यालयों को केवल एक पढ़ने-पढ़ाने के संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना आवश्यक है। रामभजन इसलिए प्रथम चरण में हमने 5 शासकीय महाविद्यालयों महाविद्यालय, जशपुर, जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग, दाउ कल्याण सिंह कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बलौदाबाजार तथा किरोड़ीमल महाविद्यालय, रायगढ़ को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन करने के लिए चयनित किया है, जिसके लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बलौदाबाजार में नवीन बी.एड. कॉलेज, खड़गंवा एवं बड़ीकरेली में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, मिनीमाता करमा महाविद्यालय, बलौदाबाजार, एवं स्वामी

आत्मानंद शासकीय आदर्श महाविद्यालय अटारी, रायपुर का स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, चित्रकोट, भानुप्रतापपुर, पोड़ीबचरा (कोरिया), बागबहार (जशपुर), जरहागांव (मुंगेली) एवं सिर्री (धमतरी) सहित 25 कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, रायपुर प्रदेश का सबसे बड़ा परीक्षा केन्द्र है, जहां लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं होती रहती हैं, जिसमें प्रदेश के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, उड़ीसा एवं महाराष्ट्र से भी अभ्यर्थी यहां आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए रायपुर में एक मेगा परीक्षा केन्द्र स्थापित करने के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य को प्रतियोगी परीक्षाएँ करवाने में सहूलियत होगी तथा छात्रों को भी इसका लाभ प्राप्त होगा।

अध्यक्ष महोदय, राज्य के विश्वविद्यालयों को अनुदान राशि दिये जाने के लिए 731 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को 250 करोड़, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को 40 करोड़, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय को 16 करोड़, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय को 50 करोड़ सम्मिलित है।

तकनीकी शिक्षा:-

अध्यक्ष महोदय, नवीन औद्योगिक नीति तथा आर्थिक सुधारों के कारण छत्तीसगढ़ में निवेश का बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है।
विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन सृजित करने के उद्देश्य से हमने छत्तीसगढ़ इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) की स्थापना करने का निर्णय पिछले

संकल्प पत्र में लिया था, अभी तक 4 CGIT कबीरधाम, जशपुर, रायगढ़, तथा जगदलपुर प्रारंभ किये जा चुके हैं तथा 3 नये CGIT रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग हेतु इस बजट में प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, आईटीआई तथा पॉलीटेक्नीक संस्थाओं के अधोसंरचनात्मक उन्नयन और सुदृढ़ीकरण हेतु 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ प्रदान किया जायेगा। अध्यक्ष महोदय, PM-SETU योजना के तहत ITIS को अपग्रेड करने के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

कौशल विकास :-

अध्यक्ष महोदय, आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने अपने युवाओं को कानून बनाकर कौशल प्राप्त करने का अधिकार दिया एवं प्रदेश के लाईवलीहुड कॉलेज पूरे देश के लिए मॉडल बनें। युवाओं की ऊर्जा और क्षमताओं को बाजार मांग के अनुरूप विकसित करने के लिए, उन्हे कौशल विकास से जोड़ना आवश्यक है। अतः इसके लिए हमने स्किल डेवलपमेंट अंतर्गत 75 करोड़ का प्रावधान किया है।

युवा :-

अध्यक्ष महोदय, युवाओं के भविष्य में ही छत्तीसगढ़ का भविष्य निहित है। अतः हमने अपने युवाओं को विभिन्न स्तरों पर आवश्यक संसाधन, सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु बजट में प्रावधान किया है। हमने संकल्प पत्र में युवाओं के करियर काउंसिलिंग की व्यवस्था करने का उल्लेख किया था, जिसकी पूर्ति के लिए बजट में

10 करोड़ का प्रावधान है। हम नालंदा लाईब्रेरी को पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं के करियर एवं उद्यमिता मार्गदर्शन का भी केन्द्र बनाएंगे। अध्यक्ष महोदय, हमारे युवा राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकें, इसके लिए उन्हें परीक्षा की तैयारी में आर्थिक सहायता हेतु हम एक नई योजना ला रहे हैं। इस योजना का नाम CG-ACE (Assistance for Competitive Exams) है, जिसके 3 घटक हैं- उड़ान, शिखर एवं मंजिल

  • उड़ान : NEET, CLAT एवं JEE प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए
  • शिखर : UPSC एवं CGPSC चयन परीक्षा की तैयारी के लिए
  • मंजिल : Banking, SSC एवं Railway चयन परीक्षा की तैयारी के लिए

इस योजना के लिए 33 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, वैसे मेधावी छात्र जिन्हें शासकीय हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है, उनको संभाग स्तर पर, स्वयं के व्यय से रहने की व्यवस्था करने पर, आर्थिक सहयोग देने हेतु हम एक नई योजना, मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लेकर आ रहे हैं, जिसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार संकल्प पत्र में किये गए वायदे अनुसार रिक्त शासकीय पदों को भरने के लिए प्रतिबद्ध है, आगामी वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को गति देने हेतु व्यापम की क्षमता विस्तार किया जाएगा। इससे व्यापम ज्यादा से ज्यादा परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से आयोजित कर सकेगा एवं अधिक से अधिक अभ्यर्थी उसमें भाग ले सकेंगे। इससे भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने की समयावधि भी कम होगी।

इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी :-

अध्यक्ष महोदय, वर्तमान परिदृश्य में विश्व स्तर के मानव संसाधन तैयार करने के लिए हमें सूचना प्रौद्योगिकी तथा AI जैसे क्षेत्रों में अभी से निवेश करने की आवश्यकता है, इसी ध्येय के साथ हमने इस बजट में 36 Inc CG Innovation Centre तथा STPI सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना हेतु 35 करोड़ का प्रावधान किया है।

A अन्त्योदय

अध्यक्ष महोदय, मैं SANKALP थीम की अगली कड़ी "A" अर्थात अन्त्योदय की तरफ सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन जिसमें उन्होनें समाज के सबसे निर्धन, वंचित तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान की परिकल्पना की है, यही हमारे आर्थिक विकास तथा समावेशी समृद्धि का सिद्धांत है। महोदय, श्रृंखला उतनी ही मजबूत होती है, जितनी मजबूत उसकी सबसे कमजोर कड़ी होती है, अर्थात सही मायने में हम उतने ही विकसित हुए हैं, जितने कि पंक्ति में खड़ा सबसे आखिरी व्यक्त्ति विकसित हो पाया है। हमारा बजट इन्ही वंचित, शोपित, गरीब वर्गों के लिए समर्पित है।

खाद्य :-

अध्यक्ष महोदय, हमने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना अंतर्गत बजट में 5,000 करोड़ का प्रावधान किया है एवं संपूर्ण पोपण सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चना, शक्कर, फोर्टिफाइड राईस, गुड़ तथा आयोडाईज्ड नमक के लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान रखा है।

समाज कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, मैं संकल्प के अन्त्योदय के अध्याय को हमारे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, असहाय वर्गों के लोगों को समर्पित करना चाहूंगा। हमने यह प्रयास किया है कि अन्त्योदय की सच्ची भावना के अनुरूप इन सभी के लिए सम्मान और सुरक्षा की व्यवस्था कर सकें। सामाजिक सुरक्षा सहायता अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं हेतु कुल 1,422 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में "सियान गुड़ी" को वरिष्ठ नागरिकों के डे-केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका संचालन सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जिला सूरजपुर एवं रायगढ़ के पंडरीपानी में 100 सीटर दृष्टि एवं श्रवणबाधित विद्यालय एवं छात्रावास के लिए 6 करोड़ और रायपुर के मठपुरैना में दृष्टि एवं श्रवणबाधित विद्यालय के लिए 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। राज्य के सभी 33 जिलों में नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान है। उभयलिंगी कल्याण बोर्ड के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

जनजाति कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, अन्त्योदय की विचारधारा को वास्तविकता में बदलने की पहली शर्त है कि जनजातीय वर्ग के लोगों को संसाधन उपलब्ध करायें और उनके लिए अवसरों का निर्माण करें तथा उनकी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करें। इस दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं।

हमने जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण किया, जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा किया गया। जनजातीय संस्कृति के संवर्धन, संरक्षण तथा इसके सम्मान में हमने जनजातीय संग्रहालय का भी निर्माण किया है। अध्यक्ष महोदय, विशेप पिछड़ी जनजातियों के समग्र उत्थान के लिए महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 500 करोड़ तथा आवास निर्माण हेतु 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जनजातीय बाहुल्य ग्राम पंचायतों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हेतु संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना अंतर्गत बुनियादी ढ़ाचें, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका के क्षेत्र में मौजूद कमियों को दूर करने हेतु 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रदेश में 17 प्रयास आवसीय विद्यालय संचालित हैं, जिसके लिए 72 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही बीजापुर में प्रयास विद्यालय प्रारंभ करने हेतु भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए कोरबा जिले में आवासीय विद्यालय निर्माण के लिए 5 करोड़ तथा बालक क्रीड़ा परिसर के निर्माण हेतु 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

एक प्रयास विद्यालय, एक क्रीड़ा परिसर, 22 अनुसूचित जनजाति प्रीमैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक बालक-बालिका छात्रावास भवनों के निर्माण हेतु 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार ने इस वर्ष जनजातीय संस्कृति को देश दुनिया तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल के रूप में जनजातीय सुर-गुडी स्टूडियो की शुरूआत करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्राम पंचायतो में बैगा एवं पुजारी को प्रोत्साहन राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए बजट में 3 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है।

अनूसूचित जाति कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, अनूसूचित जाति कल्याण विभाग को व्यवस्थित, सक्षम एवं क्रियाशील बनाने हेतु विभागाध्यक्ष कार्यालय का सेट-अप बजट में प्रावधानित किया जा रहा है। अध्यक्ष महोदय, विगत दो वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कई सतनाम भवन एवं समाज हेतु सामुदायिक भवनों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें प्रमुख रूप से भण्डारपुरी में गुरुद्वारा (मोतीमहल) हेतु 17 करोड़, ग्राम मुंगेली में सतनाम भवन के पुनरूद्धार हेतु 25 लाख, ग्राम सेतगंगा में सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख, सतनाम भवन भिलाई में डोम निर्माण हेतु 50 लाख, ग्राम भण्डारपुरी में डोम हेतु 1 करोड़, रायपुर में समाज के भवन हेतु 1 करोड़, मड़वा में सतनाम धर्मशाला हेतु 50 लाख शामिल हैं। इसके अलावा गिरौदपुरी मेला हेतु वार्षिक 25 लाख आबंटन को बढ़ाकर 50 लाख किया गया है। इसी कड़ी में माननीय मुख्यमंत्री जी की घोपणा अनुरूप

आगामी वर्ष से बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम हेतु ग्राम लालपुर थाना में 15 लाख, ग्राम सेतगंगा में 10 लाख, भिलाई में 10 लाख, भण्डारपुरी मेला हेतु 20 लाख प्रदाय किया जाएगा।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण एवं विकास के लिए हमने 4 अनुसूचित जाति प्रीमैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक बालक-बालिका छात्रावास, एक क्रीड़ा परिसर तथा एक प्रयास विद्यालय के भवन निर्माण हेतु कुल 25 करोड़ गुरू तीर्थ गिरौदपुरी एवं भण्डारपुरी के उन्नयन के लिए 5 करोड़ 60 लाख का प्रावधान किया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप बजट में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ प्रावधानित किया गया है।

अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग को पूर्ण रूप से स्थापित करने, इसे और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हम इसके विभागाध्यक्ष कार्यालय हेतु पदों का प्रावधान कर रहे हैं।विगत दो वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कुनकुरी में कुम्हार समाज हेतु मंगल भवन के लिए 25 लाख, फरसाबहार में 20 लाख, बालौद में सेन समाज भवन हेतु 20 लाख, कुनकुरी में 10 लाख, बगीचा में यादव समाज के वृंदावन भवन हेतु 50 लाख, नरदहा में कुर्मी समाज भवन विस्तार हेतु 50 लाख, तपकरा में सोनी समाज हेतु 20 लाख, साहू समाज हेतु श्री नर्मदा खण्ड में 25 लाख, मुंगेली में 25 लाख, ग्राम

कान्दुल में आबंटित 5 एकड़ भूमि पर बाउंड्रीवाल हेतु 25 लाख, सरगुजा में कोलता समाज हेतु 50 लाख इत्यादि अनेक भवनों की स्वीकृति दी गई है। अध्यक्ष महोदय, हमने अन्य पिछड़ा वर्ग की बेटियों के लिए रायपुर में 200 सीटर अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्टमैट्रिक छात्रावास तथा मनेन्द्रगढ़ एवं रायगढ़ में 100-100 सीटर अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्टमैट्रिक छात्रावास के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही बिलासपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय भवन निर्माण के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ तथा माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है।

श्रम कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, हमने असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण हेतु 128 करोड़ का प्रावधान किया है। रायपुर एवं इसके आस पास के क्षेत्रों में तीव्रता के साथ औद्योगिकीकरण हो रहा है। जहां काम करने के लिए प्रवासी श्रमिक अन्य जिलों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं, जिनके पास रहने की कोई आवासीय सुविधा नहीं होती है, इनकी सुविधा के लिए नवा रायपुर में प्रवासी मजदूर आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अन्तर्गत 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारे संकल्प पत्र के वायदे अनुरूप हम किसानों और मजदूरों का दुर्घटना बीमा कराएंगे, जिसके लिए बजटीय प्रावधान किया गया है।

L लाईवलीहुड

अध्यक्ष महोदय, SANKALP थीम के अगले पड़ाव "L" से लाईवलीहुड के संबंध में मैं आपके माध्यम से सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहूंगा - आधुनिक युग में आजीविका न केवल जीवन यापन का एक माध्यम है, बल्कि यह लोगों के आत्मसम्मान, पहचान और अपनी आंकाक्षाओं की पूर्ति करने का साधन भी है। छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कृपि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, ग्रामोद्योग, लघु वनोपज इत्यादि से जुड़ी हुई है। कृपि, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प जैसे क्षेत्र हमारे राज्य में लाईवलीहुड के मजबूत आधार बनें, इसके लिए इनके विस्तार की कार्ययोजना बनाई गई है।

कृषि :-

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ के समावेशी एवं सर्वांगीण विकास तथा खुशहाली का रास्ता खेतों से, खलिहानों से, मेड़ों से, नहरों से और तालाबों से होकर किसानों के घर तक पहुंचता है। छत्तीसगढ़ में कृपि एक व्यवसाय नहीं बल्कि हमारी संस्कृति है, पहचान है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव है। अध्यक्ष महोदय, हमनें खरीफ सीजन 2014 और 2015 के धान उत्पादन प्रोत्साहन की 3,716 करोड़ की बकाया राशि किसानों को देकर अपना वादा निभाया, साथ ही साथ हमने मोदी की गारंटी अंतर्गत अन्नदाताओं से प्रति एकड़ 21 क्विंटल, 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की है।

खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी को मिलाते हुए हमने पिछले तीन खरीफ सीजन में 437 लाख मीट्रिक टन धान की ऐतिहासिक खरीदी की है। जिससे किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान संभव हो रहा है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसे फसलों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल किया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए इस बजट में 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, धान खरीदी में मार्कफेड की महती भूमिका रहती है, इसलिए मार्कफेड को धान उपार्जन हेतु 6,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विगत दो वर्षों में हमने गन्ने की खेती करने वाले किसानों को 92 करोड़ से अधिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। इसके लिए भी 60 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के लिए 40 करोड़, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के लिए 90 करोड़ और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योग स्थापित होंगे, जिससे कि रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। अध्यक्ष महोदय, हमारे किसान भाइयों को कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत प्रदाय करने हेतु 5,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

उद्यानिकी :-

अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार ने खाद्य तेल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ऑयल पाम की खेती करने वाले कृपकों को केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किये जा रहे अनुदान के अतिरिक्त टॉपअप प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य के उत्तरी पठारी क्षेत्र मैनपाट, शंकरगढ़, कुसमी तथा बगीचा में आलू की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु "आलू प्रदर्शन विकास योजना" प्रारम्भ की गई है। इसके लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र की सहायता से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रावधान इस प्रकार हैं

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़
  • एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़
  • कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़

मत्स्य पालन :-

अध्यक्ष महोदय, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए बजट में 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय में मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत् एकीकृत एक्वा पार्क प्रस्तावित है, इसके लिए बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पशुधन विकास :-

अध्यक्ष महोदय, यह अवसर उन लाखों चरवाहों, गोपालकों और पशुपालकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है, जो हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के असली स्तंभ हैं। हमारी सरकार ने राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित कर आजीविका का प्रमुख साधन बनाने के लिए डेयरी समग्र विकास योजना प्रारंभ की है तथा इसके लिए बजट में 90 करोड़ का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत जगदलपुर, रायपुर एवं बिलासपुर के मिल्क प्रोसेसिंग सेंटर का उन्नयन भी शामिल है। पशुओं के नस्ल सुधार तथा दूध उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से समग्र पशु संवर्धन योजना के लिए 8 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पशुओं को वर्ष भर हरा चारा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दृष्टि से हरा चारा उत्पादन योजना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ग्रामोद्योग :

अध्यक्ष महोदय, हस्तशिल्प हमारे राज्य में न केवल कला, संस्कृति एवं कौशल का संगम है, बल्कि आजीविका के क्षेत्र में भी हस्तशिल्प का व्यापक प्रभाव है। ढोकरा आर्ट हो, बांस कला हो या फिर माटी कला, बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो इन पर निर्भर करते हैं। इनके द्वारा बनाए गए उत्पादों को सही बाजार और सही दाम मिले, तो न केवल कला और हुनर का सम्मान होगा बल्कि ऐसे परिवारों के जीवन

स्तर में भी सुधार होगा। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि देश के 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शो-रूम खोले जाएंगे, इसके लिए हमने बजटीय प्रावधान किया है। हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेलों, प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहयोग के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री जी की पहल से रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण हो रहा है। जिससे हस्तशिल्पियों के द्वारा निर्मित प्रोडक्ट्स को आधुनिक प्लेटफार्म मिलेगा, इसके लिए 93 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, माटी शिल्पकला के नए डिजाईन तैयार करने एवं इन्हें बाजार के लिए आकर्षक रूप देने, कुनकुरी के ग्राम गोरिया में ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना के लिए 2 करोड़ 86 लाख का प्रावधान किया गया है। P पॉलिसी से परिणाम तक अध्यक्ष महोदय, SANKALP थीम की अंतिम कड़ी "P" अर्थात पॉलिसी से परिणाम तक है। महोदय, चाणक्य ने कहा है लोक प्रशासन का चरित्र उसकी नीतियों में समाहित होता है और उन नीतियों का मूल्य उसके उद्देश्य से नहीं, उसके परिणाम से आंका जाना चाहिए। नीति वही सार्थक है जो लोक कल्याण, प्रभावी क्रियान्वयन और अनुशासन के साथ धरातल पर परिणाम दे। अध्यक्ष महोदय, नीति का क्या परिणाम हो सकता है इसका उदाहरण है कि हमारी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के

माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया और इससे दो महीनो में ही रायपुर में 2 अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन संभव हो गया। अध्यक्ष महोदय, हमने प्रशासनिक सुधारों से सरकारी कामकाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का काम किया है, जिससे जनमानस में सरकार के प्रति आस्था और विश्वास पुनः स्थापित हुआ है। अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार प्रथम दिवस से प्रशासनिक सुधार के लिए संकल्पित तथा प्रयासरत रही है, मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक ई-फाईल के माध्यम से सरकारी कामकाज का क्रियान्वयन, बायोमैट्रिक अटेंडेंस, हितग्राही मूलक योजनाओं में हितग्राहियों का e-KYC जैसे अनेकों रिफॉर्मस उसी का परिणाम हैं।

अध्यक्ष महोदय, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा अटल मॉनिटरिंग पोर्टल से की जा रही है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में सभी जिलों के मध्य विभिन्न योजनाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो, जिले नवाचार के लिए प्रेरित हों और जो अच्छे काम हों, दूसरे जिले उनका अनुसरण करें। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के माध्यम से जिलों और विभागों को पुरस्कृत भी किया गया, जिन्होंने अच्छी कार्ययोजना बनाकर शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया।

अध्यक्ष महोदय, हमारे संकल्प पत्र में जनता से किये गए वायदों को सर्वोपरि मानते हुए हमने उन्हे पूर्ण करने का हर संभव प्रयास किया तथा मोदी की गारंटी के रूप में किये गए भगीरथ संकल्प को पूरा किया है। मोदी जी की रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर हमारी सरकार पॉलिसी से परिणाम तक का सफर सांय-सांय तय कर रही है।

वित्तीय रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, कार्य निप्पादन में गति लाने के लिए वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों के लिए वित्तीय अधिकारों की प्रत्यायोजन सीमा बढ़ाई गई है, साथ ही नवीन मद के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है, ताकि विभाग द्रुत गति से कार्य कर सके। हमने पिछले बजट में छत्तीसगढ़ पेंशन फंड तथा छत्तीसगढ़ ग्रोथ एण्ड स्टेबिलिटी फंड के गठन करने का निर्णय लिया था. जिसे हमने पूर्ण भी कर लिया है तथा बजट में इनके लिए क्रमशः 500 करोड़ और 250 करोड़ प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, रिफॉक्स के क्रम को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट फाईनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है, जो राज्य के विकास के लिए उचित दरों पर फंड उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। इस संस्थान की स्थापना के लिए 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रियल टाईम पेमेंट, SNA स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश में अव्वल रहा, जिसके लिए केंद्र से राज्य को 500 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है। SNA स्पर्श के सुचारू संचालन करने के लिए सेन्ट्रल ट्रेजरी स्थापना हेतु इस बजट में प्रावधान किया गया है। हम अगले वित्तीय वर्ष से राज्य पोपित योजनाओं के लिए भी SNA मॉडल लागू करने का प्रयास करेंगे।

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के प्रावधानों के तहत् अविभाजित म.प्र. के शासकीय सेवकों के पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ दोनों की संयुक्त रूप से है। पेंशनरों का डेटाबेस डिजिटाईज्ड नहीं होने तथा पेंशन भुगतान को ट्रैक करने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लेखा मिलान सुव्यवस्थित नहीं था। हमने 8 महीनों की कड़ी मेहनत से पेंशनरों का Database डिजिटाईज किया, जिसके विश्लेपण से यह ज्ञात हुआ कि हमें मध्यप्रदेश से आगामी वर्षों में 10 हजार करोड़ से अधिक की राशि मिलेगी एवं पेंशन के व्यय भार में भी हर वर्ष कमी होगी।राज्य में हमारे द्वारा किये गए रिफॉक्स के एवज में केन्द्र सरकार से SCA अंतर्गत प्राप्त राशि में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। हमें 2 वर्षों में लगभग 13 हजार करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, जो 2020-21 मे मात्र 286 करोड़ थी।

राजस्व रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, सरलता और दक्षता लाने के लिए हमने अनेक सुधार किये हैं, जिसमें स्वतः नामांतरण, Auto Diversion, जियो-रिफरेंसिंग इत्यादि शामिल हैं। इन सुधारों को आगे बढ़ाते हुए हम एकीकृत प्लेटफार्म UPAHAR लागू करेंगे, जिसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में अविवादित नामांतरण, बंटवारा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं फेसलेस व्यवस्था के निर्माण के लिए साईबर तहसील की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, राजस्व व्यवस्था के प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण हेतु नरहरपुर, कांकेर एवं अंबागढ़ चौकी में नए एसडीएम कार्यालय प्रस्तावित हैं।

पंजीयन रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, 10 क्रांतिकारी रिफॉम्स ने पंजीयन व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है- ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, भारमुक्त प्रमाण पत्र, व्हाट्सएप सूचना सेवा तथा मॉडल रजिस्ट्री ऑफिस जैसी सुविधाएँ अब नागरिकों को उपलब्ध हैं। इन सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, भाटापारा, भिलाई, केशकाल सहित 15 स्थानों पर मॉडल उप पंजीयक भवन के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

जीएसटी रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक राष्ट्र, एक कर के रूप में जीएसटी लागू कर, कर व्यवस्था में एक क्रांतिकारी सुधार का आगाज किया। इसी के तार्किक क्रम में व्यापारियों और नागरिकों के सुविधा की दृष्टि से जीएसटी 2.0 रिफॉर्म लाया गया।  राज्य शासन ने बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट, जीएसटी कॉल सेंटर, Ease of Doing Business Cell की स्थापना जैसे तकनीकी सुधार कर जीएसटी रिफॉर्म को और कारगर बनाया है। तकनीकी सुधारों को निरंतर गति प्रदान करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अंतर्गत 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, इसके साथ ही हम जनता के समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पोर्टल की शुरूआत करने जा रहे हैं, इसके लिए बजट में 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, विकसित छत्तीसगढ़ हेतु छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के बेहतर और व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए एक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट की स्थापना हेतु भी 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ-साथ जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर, हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 50 लाख तक होने वाले सभी विभागों के निर्माण कार्यों की एजेंसी यथासंभव ग्राम पंचायत ही रहेगी। अध्यक्ष महोदय, हम यह प्रयास करेंगे कि SANKALP के माध्यम से जन भावना की आंकाक्षाओं को पूरा करें, अपनी नीतियों एवं योजनाओं को धरातल पर उतारें। अगले क्रम में कुछ प्रमुख विभागों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रावधानों को मैं सदन के पटल पर प्रस्तुत करना चाहता हूँ।

ग्रामीण विकास :-

अध्यक्ष महोदय, जब भी कोई अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ती है, तो यह आशंका स्वाभाविक रूप से मन में जन्म लेती है कि कहीं विकास की इस दौड़ में गाँव, शहरों से पीछे न छूट जाएँ। गावों और शहरों में विकास के समान संसाधन और समान अवसर उपल्ब्ध हों, यही हमारी सरकार के लिए विकास का पैमाना है। महोदय, हमने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत इस वर्ष 1,700 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है। जिसमें लोरमी पण्डरिया रोड से सिंघनपुरी, सिलतरा से बेलसरा, टेकर से सेलर व्हाया कबरीपारा, रबेली रोड से जरती, हथबंद से शिकारी केसली व्हाया जांगड़ा, भिलाईबाजार से कटसीरा अखरापाली, बैकुण्ठपुर से सरईगहना, दुलदुला से कुनकुरी लावाकेरा व्हाया चटकपुर लोटापानी, फरसागुड़ापारा से कुंगारपाल, बड़ेडोंगर से कोनगुड़, पिकरी से नवलपुर, करौधा से पाकरडीह तथा जोबा से पीढ़ी सिरपुर समेत 70 नवीन सड़कों एवं 21 पुल जैसे कार्य भी शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कोर्रा से टिपानी पहुंच मार्ग, सिंगपुर मोहेरा सरईरूख से बेन्द्राचुवा, पारागांव से देवरी व्हाया सलौनी, कोरना मुख्यमार्ग से कछुआटांगर, बनगांव आश्रम चौंक से मुड़ाटोली, झाल-सिंगपुर से खण्डसरा, माटीपहाड़ छर्रा बरगोड़ा से तोलमा, पासीद से बासीन, खुंटेरी से ठाकुरटोला, उड़ेला से नेवधा जैसे 150 से अधिक नवीन सड़कों सहित कुल लागत राशि 475 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। है। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना हेतु भी 100 करोड़ का प्रावधान रखा गया अध्यक्ष महोदय, हमने लोगों के आवास के अधिकार की लड़ाई लड़ी थी, मोर आवास-मोर अधिकार का अभियान चलाया था और जबसे हमारी सरकार आई है, हमने 26 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट में भी हमने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 4,000 करोड़ का प्रावधान रखा है।

अध्यक्ष महोदय, वर्ष 2005 में जब मैं IAS में भर्ती हुआ था, तब मनरेगा योजना प्रारंभ हुई थी और आज 20 साल के बाद, जब मैं यहां खड़ा हूँ, तब से लेकर आज तक इस योजना में कोई भी आमूल-चूल परिवर्तन नहीं हुआ था। अध्यक्ष महोदय, "बहता पानी निर्मला" अर्थात बहता पानी ही शुद्ध रहता है। जब देश निरंतर आगे बढ़ रहा हो तब ऐसी परिस्थिति में 20 साल पुरानी योजनाओं में बिना कोई प्रासंगिक परिवर्तन किये हम देश को आगे नहीं बढ़ा सकते, यही कारण है कि केंद्र सरकार, और अधिक बजट तथा महत्वकांक्षा के साथ नवीन योजना, Viksit Bharat G RAM G प्रारंभ करने जा रही है।

अध्यक्ष महोदय, Viksit Bharat G RAMG योजना केवल विकास कार्यक्रम नहीं है, यह संकल्प है ग्रामों को आत्मनिर्भर इकाई में परिवर्तित करने का। इस योजना में मनरेगा के 100 दिन की तुलना में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी तथा मजदूरी भुगतान की सीमा 15 दिन के स्थान पर 7 दिन, लिये जाने वाले कार्यों का विस्तारित दायरा, जैसे अनेक प्रावधान हैं, जो इस योजना को विकासोन्मुखी एवं अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। Viksit Bharat G RAM G योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए हमने मनरेगा की तुलना में बजट में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए 4 हजार करोड़ का प्रावधान किया है।

स्कूल शिक्षा :-

अध्यक्ष महोदय, शिक्षा के माध्यम से हम, लोगों में व्याप्त अनगिनत संभावनाओं को अवसर में बदल देते हैं, जिसके आधार पर न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि सम्पूर्ण समाज सर्वांगीण विकास के रास्ते पर अग्रसर होता है। शिक्षा मानव पूंजी का केन्द्र भी है और निवेश भी। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए हमने प्रयास किये हैं। अध्यक्ष महोदय, पीएम-श्री योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 350 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है, इसी तर्ज पर हम भी राज्य में चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों को आदर्श शैक्षणिक संस्था के रूप में विकसित करने की एक नई योजना, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना की शुरूआत करने जा रहे हैं। ऐसे कैम्पस जहां पर प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक शाला एक साथ संचालित हो रही है, वहां इस योजना के माध्यम से गुणवत्ता युक्त शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा। प्रथम चरण में इसमें 150 विद्यालय चयनित किये जाएंगे तथा इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, राज्य में संचालित कोई भी स्कूल भवन विहीन ना रहे इसके लिए सरकार गंभीर है। हमने बजट में 500 प्राइमरी स्कूल, 100 मिडिल स्कूल, 50 हाई स्कूल तथा 50 हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन निर्माण के लिए कुल 123 करोड़ का प्रावधान किया है। अध्यक्ष महोदय, NCC छात्रों हेतु स्वल्पाहार की राशि को भी बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा।

गृह :-

अध्यक्ष महोदय, माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का जो संकल्प लिया था, वह आज साकार हो रहा है। पिछले 2 सालो में 487 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए, 1,853 गिरफ्तार हुए तथा हमारी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 2,336 नक्सलियों ने आत्म-समर्पण किया है। अध्यक्ष महोदय, हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ में DGP-IG कॉन्फ्रेंस आयोजित हुआ, जहाँ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और देश भर के शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल हुए। रायपुर शहर में पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हमने पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की भी स्थापना की है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर में हमने इस वर्ष 1587 पदों पर बस्तर फाईटर बल हेतु भर्ती की अनुमति दी और आगामी साल में भी हमने बस्तर फाईटर के लिए 1500

नवीन पदों का प्रावधान रखा है। पिछले 2 वर्षो में हमारी सरकार ने गृह विभाग के लिए लगभग 6,000 पदों का सृजन किया है एवं 4,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की है। अध्यक्ष महोदय, आम नागरिकों से ठगी करने वाले साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिये हमारी सरकार ने पिछले 2 वर्षों में 15 साइबर थाने स्थापित किये हैं। इसी क्रम में बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, सक्ती एवं बलरामपुर में 5 नए साइबर थानों की स्थापना का इस बजट में प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, सरोना और जरवाय (रायपुर), पोटाली (दंतेवाड़ा), सिलगेर (सुकमा), पुजारी (बीजापुर), कोरचोली (कांकेर) और गारपा (नारायणपुर) सहित कुल 15 नए पुलिस थानें स्थापित किये जाने के लिए बजट में प्रावधान है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हमने महिला थानों की संख्या को भी बढ़ाकर 10 कर दिया है। इसके साथ-साथ सन्ना (जशपुर), मोहन नगर (दुर्ग), तेलीबांधा (रायपुर), सिटी कोतवाली (मनेन्द्रगढ़), चरचा (कोरिया) सहित 25 पुलिस थानों हेतु नवीन भवन के निर्माण का बजट प्रावधान किया गया है। अपराध की विवेचना विज्ञान और साक्ष्य आधारित हो, इसके लिए पुलिस विभाग में सीन ऑफ क्राईम यूनिट की स्थापना की जा रही है, इसके लिए बजट में 3 करोड़ 50 लाख का प्रावधान रखा गया है। 16 जेलों में PRISON CALLING SYSTEM हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन :-

अध्यक्ष महोदय, वनांचल क्षेत्र न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां होने वाले वनोपज से सम्बंधित व्यापार पर राज्य की एक बड़ी आबादी आजीविका के लिए निर्भर है। वनोपज संग्राहकों एवं वन प्रबंधन समितियों की बेहतर आय निरंतर बनी रहे, इसके लिए वनों के संरक्षण हेतु 930 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, इसके साथ ही वन विभाग में 1,000 से अधिक पदों के सृजन हेतु भी प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, हमने चरण पादुका योजना अंतर्गत 60 करोड़, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक हेतु 204 करोड़ तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण्यों के विकास के लिए 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पर्यटन एवं संस्कृति :-

अध्यक्ष महोदय, जिहां दाई कौशल्या के शक्ति हे, अउ माँ कर्मा के भक्ति हे, बबा घासी के तप हे, संत वल्लभ के जप हे, सरगुजा ले बस्तर तक जिहां के सबो रपटा, पथरा अउ रस्ता इतिहास के जिंदा प्रमाण हे, जेकर कन-कन म हमर वीर पुरखा के त्याग आउ बलिदान हे, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया के अचरा म बसे, हमर छत्तीसगढ़ महान है। अध्यक्ष महोदय, हम छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना प्रारंभकरने जा रहे हैं, जिसमें पांचों शक्तिपीठों का भ्रमण एवं दर्शन कराया जाएगा, इसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा हमने प्रदेश के पांच शक्तिपीठों कुदरगढ़, डोगरगढ़, रतनपुर, चन्द्रपुर एवं दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान किया है। अध्यक्ष महोदय, माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप माता राजिम की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए 5 करोड़ का प्रावधान भी शामिल है। अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर सिरपुर के विकास के लिए नई परियोजनाओं का प्रावधान किया गया है, जिसमे ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, म्यूजियम, महानदी तट पर रिवर फ्रंट, जन-सुविधाओं के विकास तथा वृहद सड़कों के निर्माण हेतु कुल 36 करोड़ शामिल हैं।

श्री रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रभु श्री रामलला का दर्शन कराया गया है। इस योजना के लिए बजट में 36 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, प्रदेश को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान देने के लिए FICCI के साथ MOU किया गया है। नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो के आयोजन से राज्य को पर्यटन क्षेत्र में 500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। पर्यटन विभाग के द्वारा 350 करोड़ की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्रायबल एवं कल्चरल कन्वेन्शन सेंटर विकसित की जा रही है।

अध्यक्ष महोदय, राज्य में डबल ईंजन की सरकार होने का फायदा हमें पर्यटन विकास में भी मिल रहा है। केन्द्र की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत् कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर परिसर के छेरकी महल, मड़वा महल, सरोधा डैम इत्यादि के लिए 146 करोड़ के विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। शासकीय विद्यालयों के प्रतिभाशाली छात्रों को छत्तीसगढ़ के भ्रमण कराने के लिए छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना प्रारंभ की जाएगी। जिसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, कोपरा जलाशय को वैश्विक स्तर पर रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह राज्य का पहला रामसर साइट है। इस मान्यता से जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा प्रवासी पक्षियों एवं जलीय जीवन के संरक्षण के साथ, ईको टूरिज्म के नए अवसर विकसित होंगे। अध्यक्ष महोदय, दमऊधारा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, मैनपाट, बस्तर सर्किट, श्रीयंत्र भवन-डोंगरगढ़, मां कुदरगढ़ी के दरबार में पहुंचने के लिये रोप-वे एवं अन्य परियोजनाओं के लिए नवीन मद में 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, रायपुर प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानंद जी के निवास स्थल (डे-भवन) को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित कर, इसका संरक्षण करने के लिए 5 करोड का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, पूरा भारतवर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहा है। वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय विरासत का अभिन्न अंग है। प्रदेश के एक कवि ने लिखा है आजादी का बुलंद जयघोष है वन्दे मातरम् आजाद की पिस्तौल और भगत का जोश है वंदे मातरम् अंग्रेजों के खिलाफ वीरनारायण की तलवार है वंदे मातरम् अन्याय के विरूद्ध गुण्डाधूर की ललकार है वंदे मातरम्
अध्यक्ष महोदय, हम भी इस उत्सव को पूरे धूम-धाम से मनाएंगे, जिसमें सार्वजनिक स्थलों पर सामुहिक गायन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जन संपर्क :-

अध्यक्ष महोदय, हमने पिछले बजट में पत्रकार साथियों के भ्रमण की योजना बनाई थी, जिसका सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है तथा इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, साहित्य एवं लेखनी से विश्व को अवगत कराने के लिए हमारे द्वारा रायपुर साहित्य उत्सव मनाया गया तथा इसकी सफलता और स्वीकार्यता को देखते हुए, इसे प्रतिवर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़िया अप्रवासी भारतीय जो विदेशों में जाकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं, उनके लिए प्रतिवर्ष NRI सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया है। इस प्रयोजन के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है। इस वर्ष योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जन संपर्क विभाग का कुल बजट 475 करोड़ रखा गया है।

परिवहन :- अध्यक्ष महोदय, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हमारी सरकार EV वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं सदन को बताना चाहूँगा कि इस योजना के तहत हमने 100 करोड़ से ज्यादा के पुरानी लंबित सब्सिडी समेत लगभग 150 करोड़ का भुगतान किया है। इस वर्ष EV वाहनों की सब्सिडी हेतु 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ड्राईविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत इस वर्ष 8 जिलों- बलौदाबाजार-भाटापारा, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, बालोद, गरियाबंद, नारायणपुर एवं कोण्डागांव में ई-ट्रैक निर्माण के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

खेल :- अध्यक्ष महोदय, आज विकास, समृद्धि और उन्नति का पैमाना केवल आर्थिक आंकडे नहीं बल्कि खेल जगत में हमारा प्रदर्शन भी है। हमने राज्य के विभिन्न अंचलों में खेल सुविधा के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान किया है।

जशपुर में तीरंदाजी अकादमी और नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की जा रही है। सर्व सुविधायुक्त खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने हेतु नवा रायपुर अटल नगर मे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा है। अध्यक्ष महोदय, प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स की मेजबानी हमारे राज्य को सौंपी गई है, जो हमारे लिए गौरव की बात है। रायपुर एवं बिलासपुर में खेल अकादमी संचालित हो रही है तथा इस वर्ष हम बस्तर में भी खेल अकादमी की शुरूआत करने जा रहे हैं। इन सभी के लिये 19 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रतिभा के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत पदक विजेता को 2 करोड़, कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ तथा ओलम्पिक प्रतिभागी खिलाड़ियों को 21 लाख रूपये की सम्मान राशि दिये जाएंगे।

है। छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ का प्रावधान किया गया अध्यक्ष महोदय, खेल अधोसंरचना विकास के तहत 45 करोड़ के नवीन निर्माण कार्यों को बजट में रखा गया है, जिसमें प्रमुख रूप से बालोद, सुकमा, जांजगीर-चांपा, अंबिकापुर, रायपुर के सरोना तथा जशपुर के गारीघाट में स्टेडियम शामिल हैं।

कर्मचारी कल्याण :-अध्यक्ष महोदय, iGot कर्मयोगी अभियान के माध्यम से शासकीय सेवकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए हम सतत रूप से कार्य कर रहे हैं। मंत्रालय में जो कर्मचारी अच्छा कार्य कर रहें हैं, उनके प्रयासों को पुरस्कृत कर, सराहा जा रहा है। अध्यक्ष महोदय, वर्तमान में शासकीय सेवकों को उपचार के दौरान चिकित्सा व्यय का वहन स्वयं करना होता है और उपचार के पश्चात बिल जमा करने पर प्रतिपूर्ति की जाती है। यह प्रक्रिया अत्याधिक लंबी तथा जटिल होती है, जिसके कारण इसकी प्रतिपूर्ति में विलंब होता है और कर्मचारी साथियों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

हम राज्य के शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की नई योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस योजना में ई-हेल्थ कार्ड के माध्यम से कर्मचारी कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए 100 करोड़ का बजटीय प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, शासकीय कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में परेशानी ना हो तथा वर्क-लाईफ संतुलन बना रहे, इसके लिए आवश्यक है कि कार्यस्थल के नजदीक ही उनके लिए आवास की व्यवस्था हो। नवीन नियुक्तियों के कारण बढ़ते कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए हमने यह निर्णय लिया है कि जिला तथा विकासखण्ड स्तर पर क्वार्टर्स बनाएंगे। इस वर्ष 11 जिला मुख्यालय तथा 25 विकासखण्ड मुख्यालयों में क्वार्टर निर्माण के लिए 20 करोड़ का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री मिशन :-अध्यक्ष महोदय, विकास के जिस रफ्तार की परिकल्पना हमने की है, उसे एक सामान्य ग्रोथ रेट से प्राप्त नहीं किया जा सकता; इसके लिए आवश्यकता है कि चिन्हांकित क्षेत्रों में मिशन मोड में काम किया जाए। इस उद्देश्य से आज हम इस बजट के माध्यम से 5 मिशन लाँच करने जा रहे हैं। प्रत्येक मिशन के लिए हम  अगले 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष कम से कम 100-100 करोड़ की राशि का प्रावधान करेंगे :-

1. मुख्यमंत्री AI मिशन
2. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
3. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
4. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन
5. मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन

मुख्यमंत्री AI मिशन :- अध्यक्ष महोदय, इस मिशन का उद्देश्य, राज्य में AI टैलेंट का विकास करना, AI से संबंधित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में AI संबंधित शोध एवं अनुसंधान को गति प्रदान करना है। आज विश्व में मैन्यूफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी एवं ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी जैसे लहर के बाद AI की लहर हम सभी देख रहे हैं, अनुभव कर रहे हैं और हमारे लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जब हम अपने AI मिशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में एक केन्द्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं।
मिशन के माध्यम से राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, पायलेट प्रोजेक्ट और नवाचार इत्यादि के लिए ईको-सिस्टम तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन :- अध्यक्ष महोदय, हमारे मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन का उद्देश्य है राज्य के पर्यटन स्थलों, टूरिस्ट सर्किट्स का विकास और संवर्धन, त्यौहार, मेलों, प्रदर्शनियों की ब्रांडिंग एवं उनकी विजिबिलिटी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना। यह मिशन होम स्टे, गाईड सेवाओं, हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करना, टूर संचालन एवं अन्य प्रासंगिक सेवाओं का विस्तार करना, पर्यटन स्थलों की लास्ट माइल कनेक्टिविटी, स्वच्छता, पेयजल एवं आगंतुक सुविधाओं में मौजूद वर्तमान कमियों को चिन्हांकित कर उन्हें दूर करना तथा आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समर्पित रहेगा।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन :- अध्यक्ष महोदय, आज की तारीख में हम सभी इस बात से सहमत होंगे कि खेल-कूद ना केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सॉफ्टपॉवर का प्रतीक है, जो किसी राष्ट्र को वैश्विक प्रतिष्ठा तथा सांस्कृतिक पहचान दिलाती है। एक तरह से यह अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की तरकश का एक प्रभावी तीर भी है।

अध्यक्ष महोदय, भविप्य में खेल-कूद के क्षेत्र की क्षमता एवं उससे होने वाले सकारात्मक परिणाम को ध्यान में रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सरकार ने इस बजट में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन लाने का निर्णय किया है। इस मिशन के कुछ विशेष उद्देश्य रहेंगे, जैसे प्रतिभाओं का चिन्हांकन एवं उसे निखारने तराशने का काम करना, संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर लक्षित खेलों के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना का निर्माण करना, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना एवं उन्हें आर्थिक रूप से मदद करना, महिलाओं की भागीदारी को खेल क्षेत्र में बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन को छत्तीसगढ़ में बढ़ावा देना।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन :- अध्यक्ष महोदय, माननीय विष्णुदेव साय जी की सरकार ने सदैव यह प्रयास किया है कि सामाजिक पूंजी निर्माण के साथ-साथ पूंजीगत निवेश को भी त्वरित गति मिले। अधोसंरचना निर्माण विकास की वह बुनियाद है, वह नींव है जिस पर छत्तीसगढ़ सुदृढ़, समावेशी, आधुनिक एवं फ्यूचर रेडी सुविधाओं का स्तंभ खड़ा कर रहा है। आने वाले समय में हमारी प्रतिस्पर्धा केवल अन्य राज्यों से ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उभर रहे नए विकास केन्द्रों से भी होगी तथा अगर हमें अपने आप को भविप्य में प्रासंगिक बनाए रखना है; तो चाहे सड़क हो, रेल हो, पेयजल हो, दूरसंचार हो या हवाई अड्डे हों, इन सभी क्षेत्रों में लम्बी अवधि तक नियोजन के साथ निवेश की आवश्यकता पड़ेगी।

महोदय, इन सभी परिकल्पनाओं को फलीभूत करने के लिए आवश्यक है कि हम भविष्य के हिसाब से अधोसंरचना के लिए गैप एनालिसिस करें, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के साथ साझा कार्यक्रम के संभावनाओं को तलाशें तथा चल रही परियोजनाओं का माईलस्टोन तैयार कर, समयावधि में पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठाएं।

मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन :- अध्यक्ष महोदय, मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन हमारे उन प्रयासों और संकल्पों को साकार करेगा, जिसके माध्यम से हम छत्तीसगढ़ के युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनने के लिए उत्साहित करेंगे, उनको आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे और उनके सपनों को पंख देंगे। आज का समय दुनिया भर में उत्पन्न हो रहे नए अवसरों और संभावनाओं को तलाश कर अपने करियर को उस अनुरूप ढालने का है। किसी ने कहा है :-

  • अपनी बातों को तोलना होगा,
  • यानी सूरज को बोलना होगा,
  • धूप कमरे में यूँ ना आएगी,
  • उठ के दरवाजा तो खोलना होगा,,

मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन के माध्यम से हम उन युवा उद्यमियों का हाथ थामना चाहते हैं, जिनके पास नई सोच, नवीन अवधारणाएँ और अभिनव उद्यमी विचार तो हैं, किंतु संसाधनों और पहुँच के अभाव में वे संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे युवाओं को तकनीकी, आर्थिक और संस्थागत सहयोग प्रदान कर हैंड होल्डिंग की जाएगी, ताकि उनके विचार, Conceptualization से लेकर Marketable Product तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर सकें।

अध्यक्ष महोदय, वर्तमान में AI के दौर में तथा वैश्विक तथा राष्ट्रीय स्तर की अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप की यह सच्चाई है कि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र दोनों में नवीन कौशल एवं दक्षता की आवश्यकता है। यह कौशल किसी क्लासरूम या कॉलेज की चार दीवारी मात्र में प्राप्त नहीं की जा सकती, अपितु इसके लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर अप्रेन्टिसशिप एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। इसके साथ यह भी जरूरी है कि हम अपने राज्य के वर्कफोर्स का उन्नयन कर रोजगार के लिए तैयार करें, जिससे उन्हें उद्योग जगत से जोड़ा जा सके। मिशन NIPUN (New-Age Industry Preparedness through Up-skilling of New Generation Youth) के माध्यम से हम अपनी युवा-शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं कौशल से सुसज्जित कर उच्च आय के रोजगार के लिए तैयार करेंगे।

वित्त आयोग की अनुशंसा :- अध्यक्ष महोदय, चौथे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवार्ड अवधि के समतुल्य करते हुए वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक लागू किया जाएगा। स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व का 9 प्रतिशत अंतरण का निर्णय लिया गया है, इसमें से 70 प्रतिशत राशि पंचायतों को तथा 30 प्रतिशत नगरीय निकायों को दी जाएगी।

महोदय, अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को 2.50 लाख प्रतिवर्ष अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाएगा, जिसके लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को राजस्व वृद्धि के लिए पुरस्कृत करने के उद्देश्य से उनके द्वारा कर राजस्व में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के बराबर राशि परफार्मेंस ग्रान्ट के रूप में दी जायेगी।

बजट अनुमान :- अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2026-27 का बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ। वर्ष 2026-27 में 01 लाख 72 हजार करोड़ की कुल प्राप्ति का अनुमान है, जो गत वर्ष की अनुमानित प्राप्तियों से 4.2% अधिक है। कुल प्राप्तियों में राज्य की राजस्व प्राप्तियां 77 हजार करोड़, केन्द्र से प्राप्तियां 66 हजार करोड़ एवं पूंजीगत प्राप्तियां 29 हजार करोड़ अनुमानित है।

वर्ष 2026-27 के लिए विनियोग का आकार 01 लाख 87 हजार 500 करोड़ का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुनप्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 01 लाख 72 हजार करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 01 लाख 45 हजार करोड़ एवं पूंजीगत परिव्यय 27 हजार करोड़ है। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग एव अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए आदिवासी उप योजना मद में 34% एवं अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना मद अंतर्गत 12% राशि का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 40%, आर्थिक क्षेत्र के लिये 36% एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिये 24% का प्रावधान किया गया है। इस बार बजट में नवाचार करते हुए, विभागों के बजट में ग्रीन बजटिंग किया गया है तथा हमारे बजट के कुल आकार में 14 हजार 300 करोड़ ग्रीन बजट को समर्पित है।

राजकोषीय स्थिति :- वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल वित्तीय घाटा 28 हजार 900 करोड अनुमानित है। जिसमें केन्द्र से पूंजीगत व्यय हेतु विशेप सहायता ऋण 8 हजार 500 करोड़ शामिल है। राज्य का शुद्ध वित्तीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ होगा। जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87% है। राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 1 लाख 43 हजार करोड़ एवं कुल राजस्व व्यय 1 लाख 45 हजार करोड़ अनुमानित है। अतः वर्ष 2026-27 में कुल 2 हजार करोड़ का राजस्व घाटा (Revenue Deficit) अनुमानित है।

कर प्रस्ताव :- अध्यक्ष महोदय, महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में निरंतरता रखते हुए एवं हमारे संकल्प पत्र के अनुरूप आगामी वर्ष से महिलाओं के नाम से अचल सम्पत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिया जाना प्रस्तावित है। अध्यक्ष महोदय, सुशासन की परिभाषा क्या हो सकती है इस विद्वान सदन में उपस्थित प्रत्येक माननीय सदस्य के अपने-अपने पैमाने और मापदंड हो सकते हैं। किन्तु यदि कोई मुझसे यह प्रश्न करे, तो मैं पूर्ण विश्वास और दृढ प्रतिबद्धता के साथ यह कह सकता हूँ कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में सुशासन की यह सरकार नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार इन पंचतत्त्वों पर आधारित है। हमारे SANKALP का कण-कण इन्हीं पंचतत्त्वों से निर्मित है। यह संकल्प मात्र शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि हमारी शासन-दृष्टि का प्रतिरूप है जो जनता के प्रति हमारी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण का श्वेत पत्र है।

अध्यक्ष महोदय, मैं राज्य के तीन करोड़ भाई-बहनों को नमन करता हूँ, जिनका आशीर्वाद, स्नेह और विश्वास हमें बड़े निर्णय लेने की शक्ति देता है, सुशासन के पथ पर अडिग रहने का संबल देता है और छत्तीसगढ़ के विकास के इस महायज्ञ में स्वयं की आहूति देने की प्रेरणा देता है। अध्यक्ष महोदय, अंत में मैं इन पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त करना चाहूँगा :- जब जलती संकल्प की ज्वाला है तम् का साहस खोता है मन के संशय, भय के बादल क्षण भर मं  क्षीण हो जाता है। जो ठान लिया अंतर्मन में वह पथ खुद बन जाता है भाग्य नहीं पुरुषार्थ जगाता-मानव इतिहास बनाता है।
विपदा चाहे वज्र बन आए संकल्प न झुकने पाता है दीप अकेला भी जल उठे तो रात स्वयं झुक जाता है। अध्यक्ष महोदय, मैं आपका, माननीय मुख्यमंत्री जी का, अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों का तथा इस सदन में उपस्थित सभी सम्माननीय सदस्यों का अंतःकरण से धन्यवाद करता हूँ।

जय भारत ! जय छत्तीसगढ़ ! वन्दे मातरम् !

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9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

Posted on :13-Feb-2026
9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के क्षेत्र में सक्रिय ग्राम पोंड़, जिला गरियाबंद के युवा खेमराज साहू ने हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों में राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार कर जिले एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कुल्लू जिले की सोलंग वैली से पतालसू पीक ट्रैक के दौरान लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 6 डिग्री तापमान में तिरंगा एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छायाप्रति के साथ मेले का संदेश प्रदर्शित किया।

उल्लेखनीय है कि पतालसू पीक की कुल ऊंचाई लगभग 13,900 फीट है। 03 फरवरी 2026 को अत्यधिक बर्फबारी एवं प्रतिकूल मौसम के कारण कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। निर्धारित मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी होने के बावजूद खेमराज साहू एवं उनके साथियों ने एडवेंचर वैली के प्रशिक्षु माउंटेनियर के मार्गदर्शन में सोलंग वैली से शगाडुग के जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग का प्रयास किया।

सीने तक जमी बर्फ को हटाते हुए एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर उन्होंने सफलतापूर्वक तिरंगा लहराते हुए राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार किया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ के नितेश अग्रवाल, राजनांदगांव तथा ओड़िशा की प्रवासिनी सहित अन्य साथी शामिल रहे। पूर्व में वर्ष 2023 में खेमराज साहू केदारकंठा (12,500 फीट), उत्तराखंड में भी जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा उनका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

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होली से पहले कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात

Posted on :13-Feb-2026
होली से पहले कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से 4.73 करोड़ रुपये जारी

अब तक 14,518 किसानों को मिला 51.51 करोड़ का भुगतान

रायपुर : होली पर्व से पूर्व कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों के लिए 4.73 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। नियमित एवं समयबद्ध भुगतान की इस प्रक्रिया से किसानों को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी सुचारु रूप से कर पा रहे हैं। कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है। उनके निर्देशन में कारखाना प्रबंधन द्वारा किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। 

कारखाना प्रबंधन ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है तथा 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया गया है। यह उपलब्धि किसानों के सतत सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम है। गौरतलब है कि होली जैसे प्रमुख त्योहार से पूर्व भुगतान की पहल से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन एवं कारखाना प्रबंधन ने किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने का विश्वास दिलाया है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रबंधन ने इसे सहकारिता को मजबूत करने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का साझा अवसर बताया है। विगत पेराई सत्र 2024-25 एवं वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने से पेराई अवधि बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को आगे भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कारखाना प्रबंधन ने कारखाने की पंजीकृत उपविधियों के अंतर्गत जानकारी देते हुए बताया कि उपविधि धारा 07(02)(घ) के अंतर्गत सदस्य किसानों के लिए अपने उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि धारा 09(क)(05) में यह प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य लगातार सर्वे के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सहकारी संस्था की निरंतरता और किसानों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा करना है।

किसानों के हित में सतत प्रयास

कारखाना प्रबंधन ने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना अपनी स्थापना से ही क्षेत्र के गन्ना किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति का सशक्त माध्यम रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और किसानों के सहयोग से कारखाना निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। कारखाना द्वारा एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी की राशि, शासन द्वारा जारी बोनस राशि का भी भुगतान किया जाता है। शक्कर कारखाना द्वारा किसानों को शासन के सहयोग से रियायती दर पर शक्कर वितरण भी किया जाता है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों के लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाता है,गन्ना किसानों को गन्ना संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। किसानों के लिए कारखाना परिसर में सर्व सुविधा युक्त बलराम सदन का निर्माण किया गया है। कारखाना परिसर में श्रमिकों एवं किसान भाइयों के लिए केवल 5 रुपए में गरम भोजन के लिए कैंटीन शुरू की गई है। इस प्रकार भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन किया जाता है।

अस्तित्व की रक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी

कारखाना प्रबंधन ने सभी शेयरधारक किसानों और अन्य गन्ना उत्पादकों से अपील की है कि वे सर्वे के अनुसार अधिक से अधिक गन्ना कारखाने में दें। प्रबंधन का कहना है कि अगर सभी किसान मिलकर सहयोग करेंगे तो पेराई का लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा और कारखाना मजबूत बना रहेगा। इससे सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के गन्ना किसानों का भविष्य भी सुरक्षित और बेहतर होगा।

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