द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य भेंट की।
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रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य भेंट की।
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रायपुर : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की रायपुर में पहली बार आयोजित प्री-स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक एवं छत्तीसगढ़ निवासी श्री मनोज तपड़िया को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि यह फिल्म न केवल मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, रचनात्मकता और सिनेमा जगत में बढ़ती पहचान का भी प्रतीक है। राज्य के कलाकारों और फिल्म निर्माताओं की उपलब्धियां पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘भारत भाग्य विधाता’ दर्शकों के बीच अपनी विशेष पहचान बनाएगी तथा श्री मनोज तपड़िया का यह प्रयास छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है कि राज्य की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं।
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पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय और विकास संबंधी विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और साध्वी निरंजन ज्योति के बीच पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय, शैक्षणिक उन्नयन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है। साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद सहित आयोग के सदस्यगण उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सुझाव प्रदान करता है तथा उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करता है। आयोग पिछड़ा वर्गों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।
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दिव्यांग द्वारा समस्या बताने पर उप मुख्यमंत्री ने अगले दिन प्रदान की स्कूटी
रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण कबीरधाम जिले में देखने को मिला। जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम भलपहरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम बोरियाकांपा निवासी दिव्यांग नंदकुमार पटेल ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और आवागमन की सुविधा के लिए स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

नंदकुमार पटेल की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। उनके निर्देशों के अनुरूप आज उन्होंने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में खुद नंदकुमार को सहायक उपकरण वाली स्कूटी प्रदान की। उन्होंने नंदकुमार को स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण भी दिया।
स्कूटी मिलने से दैनिक कार्यों में मिलेगी सुविधा
स्कूटी प्राप्त करने के बाद नंदकुमार की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने कार्य कर सकेंगे।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकता- श्री शर्मा
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सहायता का लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन पूर्ण प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, जरूरतमंदों और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर मिली छोटी-सी सहायता भी किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
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सेवा-सेतु केन्द्र से सुशासन को मिली नई रफ्तार
रायपुर : सरकारी कार्यालयों के चक्कर, लंबी कतारें और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के अभाव से होने वाली परेशानियां अब धीरे-धीरे अतीत की बात बनती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में सेवा-सेतु केन्द्रों के माध्यम से प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों तक सरल, पारदर्शी और डिजिटल रूप में पहुंचाने की पहल ने सुशासन को नई पहचान दी है। अब प्रदेश के नागरिक 441 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए प्राप्त कर रहे हैं।

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सहजता है। सेवा-सेतु केन्द्रों में लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही नागरिकों को उपलब्ध सभी सेवाओं की सूची और प्रत्येक सेवा के लिए आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जानकारी मिल जाती है। इससे लोगों का समय बच रहा है और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम हो रही है।
डिजिटल सुविधा को और व्यापक बनाते हुए राज्य सरकार ने वॉट्सऐप आधारित सेवा प्रणाली भी शुरू की है। अब नागरिक एक निर्धारित वॉट्सऐप नंबर पर संदेश भेजकर आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, भू-नकल तथा नाम परिवर्तन से संबंधित सेवाओं सहित सैकड़ों शासकीय सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सेवा-सेतु केन्द्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग भी किया जा रहा है। इससे कम शिक्षित और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक स्थानीय भाषा तथा वॉयस कमांड के माध्यम से भी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती दे रही है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच की दूरी को कम कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुख बना रही है। सेवा-सेतु केन्द्र आज तकनीक आधारित सुशासन के सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहे हैं।
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रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्याे की प्रगति से राज्यपाल को अवगत कराया।
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’कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान’
’मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर’
रायपुर : प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी।

मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।
’बंदूक से रोजगार तक का सफर’
मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
’पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार’
बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।
’अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है’
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।
’बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर’
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।
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फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार
कवर्धा को स्वच्छ, सुंदर और धूल-रहित बनाने के लिए योजनाबद्ध विकास कार्य जारी
रायपुर : कवर्धा शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नगर के हृदय स्थल में नवनिर्मित “मित्र मिलन चौपाटी” का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक चौपाटी के प्रारंभ होने से नागरिकों को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। यह स्थल खानपान के साथ-साथ परिवारों और मित्रों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए एक प्रमुख आकर्षक केंद्र बनेगा। चौपाटी परिसर में रंग-रोगन, आधुनिक सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग, शुद्ध पेयजल और सर्वसुविधायुक्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

गुमटी व्यवसायियों को मिला सम्मान और स्थायी ठिकाना
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मित्र मिलन चौपाटी शहर के परिवारों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य साबित होगी। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो छोटे फुटकर व्यवसायी पहले सड़कों और चौक-चौराहों पर असुरक्षित ढंग से गुमटी लगाकर व्यवसाय करने को मजबूर थे, उन्हें अब एक स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया गया है। इससे न केवल उनका स्वरोजगार सुरक्षित होगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

कवर्धा में प्रगति पर हो रह हैं ऐतिहासिक विकास कार्य
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा शहर तेजी से आधुनिकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शहर में जारी विभिन्न परियोजनाओं का विवरण साझा किया। पूर्ण हो चुके प्रमुख कार्यो में वीर स्तंभ चौक, शिवाजी चौक का सौंदर्यीकरण कार्य प्रमुख हैं। भोरमदेव कॉरिडोर और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी, भोजली तालाब पाथवे का चौड़ीकरण, हनुमंत वाटिका का निर्माण, ठाकुरदेव चौक से बस स्टैंड तक सुगम पहुंच मार्ग प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें नियमित रूप से इसकी कड़ाई से निगरानी कर रही है। बाईपास को जोड़ने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है।

इसके साथ ही नालंदा लाइब्रेरी, शिव वाटिका, बूढ़ा महादेव परिसर उन्नयन, विशाल डोम निर्माण और पुराने अस्पताल परिसर के जीर्णाेद्धार का कार्य जारी है। बुजुर्गों के मनोरंजन और बैठक के लिए जल्द ही सियान सदन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसडीएम कार्यालय और शुगर फैक्ट्री परिसर में क्रमशः श्बलराम सदनश् एवं श्किसान सदनश् का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।

शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और शहर की स्वच्छता
श्री शर्मा ने बताया कि युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए भोरमदेव विद्यापीठ में पीएससी और व्यापम की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। साथ ही जिले के 50 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की जा चुकी है। उन्होंने नगर पालिका के सामने भी जल्द ही एक और नई चौपाटी शुरू करने की घोषणा की और शहर को धूल-रहित व स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यातायात व्यवस्था में आएगा सुधार- नगर पालिका अध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा वासियों का वर्षों पुराना इंतजार आज समाप्त हुआ है। इस चौपाटी के बनने से फुटकर व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है और शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से अधिक सुगम व व्यवस्थित होगी। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य शहरवासी उपस्थित थे।
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महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति
बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।
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पहले चरण में 32 नगरीय निकायों का चयन, शहरी अधोसंरचना और जन सुविधाओं को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छोटे शहरों और कस्बों को भी मिलेगा आधुनिक विकास का नया मॉडल
200 करोड़ रुपए के प्रावधान के साथ कार्यों के चयन के लिए संभाग स्तरीय समितियों का गठन, 15 दिनों में मांगी गई कार्ययोजना
आदर्श शहर समृद्धि योजना से छोटे और मध्यम शहरों को मिलेगा व्यवस्थित विकास का नया आधार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
प्रदेश के छोटे शहरों को भी मिलेगा आधुनिक शहरी विकास का नया मॉडल : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह योजना पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगमों के लिए प्रारंभ हुई मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना की तर्ज पर नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना को मजबूत करने, जन सुविधाओं का विस्तार करने तथा विकास कार्यों को गति देने का माध्यम बनेगी। योजना के जरिए छोटे और मध्यम शहरों में भी सुव्यवस्थित शहरी विकास की नई आधारशिला रखी जाएगी।
राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज योजना के प्रथम चरण के लिए प्रदेशभर के 32 नगरीय निकायों का चयन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना के तहत कार्यों के चयन, स्थल निरीक्षण और प्राथमिकता निर्धारण के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय (संभागीय) कार्यालयों के संयुक्त संचालकों की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियों का गठन भी किया गया है। समितियों को आगामी 15 दिनों के भीतर कार्यों का चिन्हांकन, स्थल निरीक्षण कर प्राथमिकता के क्रम में सूची तैयार करते हुए अनुमानित राशि की जानकारी शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और समन्वय के लिए पांचों राजस्व संभागों में कार्यों के चयन एवं मॉनिटरिंग हेतु संचालनालय के यांत्रिकी प्रकोष्ठ के मुख्य अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, ताकि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सके।
पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को मिला अवसर
आदर्श शहर समृद्धि योजना के पहले चरण में प्रदेश के 32 नगरीय निकायों को शामिल किया गया है। इनमें बस्तर, सरगुजा और रायपुर संभाग के छह-छह, बिलासपुर संभाग के नौ तथा दुर्ग संभाग के पांच निकाय शामिल हैं।
बस्तर संभाग के अंतर्गत सुकमा नगर पालिका के साथ भोपालपटनम, गीदम, केशकाल, पखांजूर और नरहरपुर नगर पंचायत को शामिल किया गया है। दुर्ग संभाग में पंडरिया और खैरागढ़ नगर पालिका के साथ गुरूर, घुमका और छुईखदान नगर पंचायतों का चयन किया गया है।
रायपुर संभाग के अंतर्गत कुरूद, महासमुंद, आरंग और बलौदाबाजार नगर पालिका तथा पिथौरा एवं चंदखुरी नगर पंचायत को योजना में शामिल किया गया है। वहीं सरगुजा संभाग में सूरजपुर, पत्थलगांव और मनेंद्रगढ़ नगर पालिका के साथ लखनपुर, कोतबा और कुनकुरी नगर पंचायतों को शामिल किया गया है।
बिलासपुर संभाग के अंतर्गत तखतपुर, मुंगेली, लोरमी, जांजगीर-नैला और सक्ती नगर पालिका के साथ बिल्हा, घरघोड़ा, पुसौर और सरिया नगर पंचायत को योजना के प्रथम चरण में शामिल किया गया है।
सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज से स्मार्ट सुविधाओं तक होगा समग्र विकास
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच के अनुरूप आदर्श शहर समृद्धि योजना केवल आधारभूत निर्माण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में समग्र विकास मॉडल के रूप में कार्य करेगी। योजना के अंतर्गत सड़क, ड्रेनेज, जलापूर्ति, परिवहन, पार्क, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक सेवाएं, रोजगार, व्यापार, उद्यमिता प्रोत्साहन, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक, सुरक्षा प्रणाली, हरित क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, सुझाव, शिकायत निवारण तथा रिपोर्टिंग प्रणाली जैसे कार्य प्रमुखता से किए जाएंगे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से होंगे कार्यों का चयन
योजना के तहत शहरों की स्थानीय आवश्यकताओं और जन अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के क्षेत्रीय संयुक्त संचालक की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। नगर पालिका अथवा नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को समिति का सदस्य-सह-सचिव बनाया गया है।
रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा सरगुजा संभाग के लिए गठित पांच सदस्यीय समितियों में दो-दो कार्यपालन अभियंता और एक सहायक अभियंता सदस्य होंगे, जबकि बस्तर संभाग की चार सदस्यीय समिति में एक कार्यपालन अभियंता तथा एक सहायक अभियंता सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं। निकाय अध्यक्षों, पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से शहरों की आवश्यकता के अनुसार प्राथमिकता तय कर कार्यों का चयन किया जाएगा।
हमारी सुशासन सरकार बड़े शहरों के साथ-साथ उभरते नगरों और कस्बों के संतुलित एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। आदर्श शहर समृद्धि योजना के माध्यम से नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अधोसंरचना, जन सुविधाओं और रोजगार के नए अवसरों को सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार छोटे शहरों को भी बड़े शहरों की तरह सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा यह योजना प्रदेश के शहरी विकास को नई गति और नई दिशा देने का काम करेगी - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*
आदर्श शहर समृद्धि योजना राज्य के छोटे और मध्यम शहरों के व्यवस्थित विकास की महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से सड़क, जलापूर्ति, ड्रेनेज, स्मार्ट सुविधाओं, हरित क्षेत्र और नागरिक सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। कार्यों के चयन के लिए संभाग स्तरीय समितियों का गठन कर प्रक्रिया को पारदर्शी और परिणाममुखी बनाया गया है तथा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के हर नगर में नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है - उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव*
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
भोरमदेव मंदिर के इतिहास की झलक दिखे संग्रहालय में - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा
परियोजना के हर हिस्से के ठेकेदार से ली गई प्रगति और आगे की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने परियोजना क्षेत्र में लैंडस्केपिंग के अनुसार छायादार वृक्षारोपण के दिये निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता और समय-सीमा पर कार्य करने दिए सख्त निर्देश
रायपुर : स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव क्षेत्र में चल रहे 146 करोड़ रुपए के भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव स्थित सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक ली। बैठक में रायपुर से पहुंचे पर्यटन विभाग के एम डी श्री विवेक आचार्य भी मौजूद रहे। बैठक के पहले उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, निर्माण एजेंसीज के इंजिनियर्स और ठेकेदारों के साथ पूरे प्रोजेक्ट एरिया का भ्रमण कर चल रहे कार्यों का विस्तार से मुआयना किया।

जिसके पश्चात उन्होंने बैठक लेकर परियोजना के हर हिस्से पर चल रहे काम और आगे की कार्ययोजना की बारी-बारी समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, संग्रहालय, पर्यटक सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों के प्रोजेक्ट प्लान के अनुसार बेस वर्क, परिसर की लैंडस्केपिंग व वृक्षारोपण, सरोवर के सौंदर्यीकरण जैसे बिंदुओं पर मैराथन समीक्षा हुई।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना आने वाले कई सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, इसलिए हर कार्य मजबूत, टिकाऊ और मानक अनुसार होना चाहिए। उन्होंने सख्त और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए और इसके लिए पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाया जाए। किसी भी स्थिति में कार्य में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य कोई समस्या आती है तो उसकी जानकारी तुरंत दी जाए, आवश्यक काम प्रभावित नहीं होना चाहिए।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने हर सोमवार होने वाली प्रगति मॉनिटरिंग की जानकारी ली और अब तक हुए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में मौजूद रहें और निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करें। उन्होंने पर्यटन विभाग के इंजीनियरों को भी निर्देशित किया कि वे निर्माण एजेंसियों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएं ताकि कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों बनी रहे।
बैठक के दौरान मंदिर परिसर, सरोवर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ तथा सरोदा डैम से जुड़े निर्माण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई और उनकी प्रगति पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर के प्रवेश द्वार, खंभों और दीवारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की स्पष्ट झलक दिखाई देनी चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति से जुड़ सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि द्वार पर स्थापित होने वाला नंदी प्रतिमा विशाल और आकर्षक हो जिससे परिसर का भव्य स्वरूप और अधिक प्रभावी दिखे।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने आदिवासी संग्रहालय के विकास और विस्तार पर भी जोर दिया और कहा कि भोरमदेव क्षेत्र की ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं को संग्रहालय में प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही मंदिर निर्माण की पूरी कथा और इतिहास को भी वहां दर्शाया जाए ताकि पर्यटकों को जानकारी मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष शौचालय अलग-अलग और व्यवस्थित स्थानों पर बनाए जाएं तथा महिलाओं के लिए सुविधाजनक दूरी पर शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण की पूरी तैयारी पहले से कर ली जाए। खुले क्षेत्रों में लैंडस्केपिंग को ध्यान रखते हुए पीपल, बरगद और नीम के पौधों का रोपण तुरंत शुरू किया जाए। बैठक में श्री राजीव लोचन महाराज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष बोड़ला श्री नंद श्रीवास, श्री राम किंकर वर्मा सहित इंजीनियर, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी उपस्थित रहे।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कार्यशाला में वर्चुअली हुए शामिल, फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी
रायपुर : केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अनुशंसा पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये लागत की आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्राप्त हुई है। इस वैन के तकनीकी उपयोग और अपराध अनुसंधान में इसकी भूमिका से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराने मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ‘कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष’ में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव नवा रायपुर स्थित मंत्रालय से इसमें वर्चुअली शामिल हुए। उन्होने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक वैन को जिले में सेवा हेतु रवाना किया।

अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यशाला में ऑनलाइन जुड़े उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती प्रदान करेगी। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा देगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी और साक्ष्य संकलन अधिक प्रभावी होगा।

तकनीकी क्षमता का उठाएं पूरा लाभ
बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमताएं आपराधिक मामलों के त्वरित एवं वैज्ञानिक निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुंगेली पुलिस इस सुविधा का बेहतर उपयोग कर अपराधियों के खिलाफ सशक्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
निष्पक्ष न्याय में बड़ी भूमिका निभाएगी वैन
मुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था में सभी नागरिकों के लिए न्याय समान है। उन्होंने कहा कि न्याय भेद नहीं करता और प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय मिलना उसका अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और सटीक जांच में बड़ी मददगार साबित होगी।
आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यशाला में तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक एक्सपर्ट सुश्री ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और जवानों को वैन में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया, साक्ष्य सुरक्षित रखने में बरती जाने वाली सावधानियों तथा मौके पर ही प्राथमिक फॉरेंसिक जांच करने के तरीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। साथ ही बताया कि अदालत में साक्ष्यों की वैधता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच और दस्तावेजीकरण अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री की बचत अपील का दिखा असर
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ‘बचत’ संबंधी अपील को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने अनावश्यक खर्च से बचते हुए ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यशाला में मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, अपर कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक श्री हरविंदर सिंह, बार काउंसिल के अध्यक्ष श्री राजमन सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
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हाइवे में रुक कर पीड़ित बन दर्ज कराई शिकायत, 112 वाहन आने पर सभी उपकरणों का किया परीक्षण
रायपुर : रायपुर से कवर्धा जाते समय उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बेमेतरा के पास हाईवे में रुककर डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की कार्यप्रणाली का औचक परीक्षण किया। सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और रिस्पॉन्स टाइम को परखने के लिए उन्होंने स्वयं डायल-112 पर कॉल कर मारपीट और सड़क दुर्घटना का पीड़ित बनकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद वे नजदीक स्थित ढाबा के पास रुककर पुलिस वाहन के पहुंचने का इंतजार करते रहे। निर्धारित समय में डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद उप मुख्यमंत्री ने वाहन एवं उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वाहन में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं, संचार व्यवस्था, रिस्पांस सिस्टम तथा आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की कार्यप्रणाली की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने वाहन में लगे लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कार्यप्रणाली सहित हेल्पलाइन की सहायता प्रक्रिया और उनके द्वारा दिए जाने वाली जानकारियों का भी निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि विगत 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 400 नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। नई तकनीक से लैस ये वाहन प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस नए और उन्नत चरण के तहत संपूर्ण व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और त्वरित बनाते हुए सुरक्षा मानकों और सहायता क्षमता को मजबूत करने के लिए डायल 112 सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्थान पहचान तकनीक को जोड़ा गया है। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा तथा महिला सहायता हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।
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’भगवताटोला से भैंसबोड तक बनेगी 2.40 किमी पक्की सड़क’
’चिर परिचित अंदाज में उप मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठे, समस्याएं सुनी, अनेक विकास कार्यों की घोषणा की’
’उप मुख्यमंत्री ने 35 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्यों के साथ सड़क, सोलर आटा चक्की, शौचालय, सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की’
रायपुर : कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम भगवताटोला से भैंसबोर्ड मार्ग पर अब सफर आसान और तेज होने जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज ग्राम बबई में विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने यहां 4.36 करोड़ रूपए से अधिक की लागत बनने वाले 2.40 किमी सड़क पुल पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म किया। यह सड़क मार्ग क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ ग्रामीणों के आवागमन को आसान और सुगम बनाएगा। इस दौरान साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, श्री नितेश अग्रवाल, श्री लाला राम साहू, श्री भूखन साहू, श्री परदेशी पटेल, श्री जलेश्वर वर्मा, श्री लेख चंद पटेल सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने चिर परिचित अंदाज में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से आत्मीय चर्चा की, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मांगों पर तत्काल विकास कार्यों की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने महामाया मंदिर में कक्ष निर्माण के लिए 2 लाख, भगवता टोला में सामुदायिक भवन के लिए 6.5 लाख, सामुदायिक शौचालय निर्माण, समतलीकरण के लिए 2.5 लाख, बबई में मुरमीकरण के लिए 2 लाख रुपए, भैंसबोड में रंग मंच के लिए 4 लाख, पचरी निर्माण के लिए 3 लाख, ग्राम नरोधी में मुरमीकरण के लिए 4 लाख, सिंगारपुर में सामुदायिक भवन के लिए 6.5 लाख, ग्राम धनगांव में मुख्यमंत्री ग्रामसड़क योजना के तहत पक्की सड़क, मरार समाज के सामुदायिक भवन कक्ष के लिए 5 लाख और महिला स्व सहायता समूह द्वारा मांग पर सोलर आटा चक्की बनाने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांवों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क, आवास, किसान हित और महिला सशक्तिकरण से जुड़े काम तेजी से किए जा रहे हैं, जिससे गांवों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 1 हजार रुपए की राशि दी जा रही है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है। साथ ही सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों की स्वीकृति देकर बड़ा फैसला लिया गया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिल सके। महतारी वंदन से अब तक 27 किस्तों के माध्यम से हर हितग्राही माता बहनों के खाते में 27 हजार की राशि पहुंच चुकी है। इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा में सड़क व अन्य निर्माण पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

साजा विधायक श्री ईश्वर साहू ने कहा कि आज 4 करोड़ 36 लाख रुपए के लागत के विकास कार्यों के भूमिपूजन की सभी को बधाई दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी को छत्तीसगढ़ सरकार पूरा कर रही है। सरकार समर्थन मूल्य में धान की खरीदी कर रही है। महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत 1 हजार रुपए महिलाओं के खाते में डाले जा रहे है। किसानों को बोनस राशि का भुगतान एक मुश्त किया गया है। मोदी जी के सभी वादे को पूरा किया गया है। प्रदेश के सभी जिले में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है जहाँ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पहुंच रहे है और वहां का निरीक्षण कर रहे है साथ ही अनेक विकास कार्यों की सौगात भी दे रहे है।
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रामानुजनगर-पटना समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं: रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान श्री रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
उप मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत केशकाल में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में क्षेत्र के 58 जोड़ो ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच परिणय सूत्र में बंधकर अपने नए वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग, केशकाल के विधायक श्री नीलकंठ टेकाम और कांकेर के विधायक श्री आशाराम नेताम सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध दाम्पत्य जीवन की कामना की।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना राज्य शासन की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है। इस योजना से गरीब परिवारों को बेटियों की शादी की आर्थिक चिंता से राहत मिल रही है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं। सभी समाजों के लोगों ने आज नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देकर पुण्य का कार्य किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। साथ ही मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपए की सहायता राशि के चेक भी वितरित किए गए। नवदंपत्तियों को गृहस्थ जीवन प्रारंभ करने के लिए आवश्यक सामग्री भी प्रदान किए गए।
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उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों एवं 1 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को दिखाई हरी झंडी
“एक्के नंबर – सब्बो बर” के तहत नागरिकों को त्वरित एवं तकनीक आधारित आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर : कबीरधाम जिले में नागरिक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी, त्वरित एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आज थाना कोतवाली परिसर, कवर्धा में “डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन” सेवा का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर गृह मंत्री द्वारा डायल-112 के 16 नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ईआरवी) एवं एक हाईवे पेट्रोलिंग वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिले में सेवा हेतु रवाना किया गया।

कार्यक्रम में गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री बिशेसर पटेल, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम ध्रुवे, श्री नंदलाल चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा राज्य सरकार की नागरिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं को आधुनिक तकनीक एवं त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ने का उद्देश्य आम नागरिकों को संकट की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि डायल-112 सेवा “एक्के नंबर – सब्बो बर” की अवधारणा पर आधारित है, जिसके अंतर्गत अब नागरिकों को अलग-अलग सेवाओं के लिए भिन्न-भिन्न नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल ‘112’ डायल कर पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं का लाभ एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन अत्याधुनिक जीपीएस तकनीक, रियल टाइम ट्रैकिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन एवं मॉनिटरिंग सिस्टम से सुसज्जित हैं, जिससे सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थितियों में शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने हेतु हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कबीरधाम पुलिस की अपील
कबीरधाम पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आकस्मिक, आपातकालीन अथवा संकट की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें। कबीरधाम पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं त्वरित सेवा हेतु चौबीसों घंटे प्रतिबद्ध एवं तत्पर है।
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, राजनांदगांव जिले के ग्राम कोटराभाठा की दिव्यांग मथुरा साहू के जीवन में नई खुशियां लेकर आया। शिविर में उन्हें निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।
मथुरा साहू ने बताया कि पहले वे ज्यादातर समय घर पर ही रहती थीं और आने-जाने के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर थीं। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे खुद बाजार जाकर जरूरी सामान ला सकेंगी। अपने रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरो पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। मथुरा साहू ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस और राजस्व प्रकरणों जैसी समस्याओं का समाधान होने से लोगों में शासन की योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ा है।
रायपुर : आज दिनांक 19/05/2026 को आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश के शहरी सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में श्री महादेव कावरे, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा 12 शहरी नागरिक सहकारी बैंकों व्यावसायिक सहकारी बैंक पं. लि., रायपुर , नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर ,लक्ष्मी नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, रायपुर , दी रायपुर अर्बन मर्केंटाइल को-ऑप बैंक, रायपुर नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, दुर्ग ,भिलाई नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भिलाई , प्रगति महिला नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, भिलाई , बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, बिलासपुर,
नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, रायगढ़, महिला नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, महासमुंद ,रेणुका नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, अंबिकापुर , नागरिक सहकारी बैंक मर्यादित, जगदलपुर को निर्देशित किया गया कि वे भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित नवाचारात्मक पहलों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें. साथ ही इस दौरान बैंकों से अपेक्षा की गयी कि वे सहकारिता मंत्रालय की पहल के अनुरूप बैंकिंग सेवाओं के संवर्धन हेतु मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, AEPS, सेवाओं को लागू करने के साथ साथ बैंकों को तकनीकी सहायता, वित्तीय सेवाओं के विस्तार, बैंकिंग समाधान तथा अन्य सहायता हेतु गठित अम्ब्रेला आर्गेनाईजेशन, से जुड़कर अपने सदस्यों के हितों के संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने हेतु पहल करें, जिससे वे बैंकिंग के क्षेत्र में नवीन तकनीक अपने ग्राहकों को सुलभ उपलब्ध करा सके।
बैठक में अम्ब्रेला आर्गेनाईजेशन, नई दिल्ली से उपस्थित अधिकारी श्री सुमीत हंस द्वारा आर्गेनाईजेशन से जुड़ने पर बैंकों को होने वाले लाभ एवं सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. आयुक्त सहकारिता श्री कावरे द्वारा सभी बैंकों को बैठक में दिए गए समय सीमा में कार्यवाही के निर्देश दिए गए.
द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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