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    ऑपरेशन तलाश। सूरजपुर पुलिस ने गुम इंसान महिला को सूरत गुजरात से दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।

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    माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) सूरजपुर ने नशे के कारोबार में लिप्त तीन आरोपी को दी 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास व 1-1 लाख रूपये अर्थदण्ड की सजा।

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किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Posted on :28-Feb-2026
किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि

मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

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“विकसित भारत एवं सतत विकास” राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि महादेव कावरे ने किया उद्घाटन

Posted on :28-Feb-2026
“विकसित भारत एवं सतत विकास” राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि महादेव कावरे ने किया उद्घाटन

रायपुर : “विकसित भारत एवं सतत विकास : अवसर और चुनौतियाँ” विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि महादेव कावरे  संभागायुक्त, रायपुर संभाग द्वारा किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समावेशी, सतत एवं क्षेत्रीय संतुलित विकास आवश्यक है, विशेष रूप से पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों पर केंद्रित प्रयासों के साथ। उन्होंने अवसंरचना विकास, कौशल उन्नयन तथा सामुदायिक सहभागिता को अविकसित क्षेत्रों को विकास के केंद्र में परिवर्तित करने के प्रमुख स्तंभ बताया। पूर्व कलेक्टर जशपुर के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में चाय बागानों के प्रोत्साहन से स्थानीय चाय उत्पादकों एवं लघु किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे सतत आजीविका के अवसर सृजित हुए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई।

संगोष्ठी के तकनीकी सत्र की शुरुआत डॉ. अश्विनी महाजन के वक्तव्य से हुई। उन्होंने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य का विश्लेषण करते हुए कहा कि कुछ विकसित राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थान उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं, किंतु भारत तकनीकी क्षमता और आर्थिक आत्मनिर्भरता के आधार पर सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली  की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारत को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान मिली है और वित्तीय समावेशन को नई दिशा प्राप्त हुई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ सच्चिदानंद शुक्ला कुलपति पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने की इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना हैl आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था में शामिल हैl प्राचीन भारत ज्ञान विज्ञान व्यापार और संस्कृति का केंद्र था l उन्होंने विकसित भारत  में युवाओं और शैक्षिक संस्थानों के महत्व को रेखांकित कियाl

प्रोफेसर के.बी. दास ने झारखंड, ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों की खनन-आधारित औद्योगिक संरचना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कच्चे खनिजों के उत्खनन एवं निर्यात पर आधारित विकास मॉडल दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ नहीं है। उन्होंने वैल्यू एडिशन, डाउनस्ट्रीम उद्योगों तथा फिनिश्ड प्रोडक्ट निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे स्थायी आर्थिक विकास और रोजगार सृजन सुनिश्चित हो सके।

सत्र के समापन अवसर पर डॉ. पी.के. घोष ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के परस्पर संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि सशक्त रक्षा व्यवस्था किसी भी मजबूत अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया, ताकि आत्मनिर्भरता और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को बल मिल सके।
संगोष्ठी का समापन प्रश्नोत्तर एवं सार्थक चर्चा के साथ हुआ। समग्र रूप से वक्ताओं ने समावेशी विकास, तकनीकी उन्नति, औद्योगिक वैल्यू एडिशन तथा सुदृढ़ रक्षा प्रणाली को विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अनिवार्य तत्व बताया।

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नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तकदीर, बदली तस्वीर

Posted on :26-Feb-2026
नवजीवन की ओर बढ़ते कदम: पुनर्वास नीति से बदली तकदीर, बदली तस्वीर

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने पुनर्वास केंद्र में वितरित किए 5जी स्मार्टफोन एवं मेसन किट

70 आत्मसमर्पित युवाओं को स्मार्टफोन, 31 को रोजगारोन्मुख मेसन किट प्रदान

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की मानवीय, संवेदनशील एवं दूरदर्शी पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिख रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशा अनुरूप जिला प्रशासन सुकमा द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत पहल की जा रही है।

जिला मुख्यालय सुकमा स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में 70 आत्मसमर्पित युवाओं को अत्याधुनिक 5जी स्मार्टफोन तथा 31 युवाओं को रोजगारोन्मुख मेसन (राजमिस्त्री) किट वितरित की गई। कार्यक्रम कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

जिला प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मानजनक जीवन और स्थायी आजीविका से जुड़ा समग्र प्रयास है। इसी सोच के अनुरूप 70 युवाओं को सैमसंग गैलेक्सी 5जी स्मार्टफोन प्रदान किए गए। 50 मेगापिक्सल डुअल कैमरा एवं 5000 मेगाहर्ज फास्ट चार्जिंग बैटरी जैसी आधुनिक सुविधाओं से युक्त ये स्मार्टफोन युवाओं को डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन प्रशिक्षण, कौशल विकास कार्यक्रमों एवं शासकीय योजनाओं की जानकारी से सीधे जोड़ने में सहायक होंगे। साथ ही 31 युवाओं को मेसन किट उपलब्ध कराकर उन्हें निर्माण कार्यों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त किया गया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि इन युवाओं को सम्मानजनक एवं सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना है। पुनर्वास केंद्र के माध्यम से उन्हें कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से आगे बढ़ सकें। 

प्रतापगिरी, तोंगपाल निवासी श्री भीमा ने बताया कि लगभग 15 वर्षों तक नक्सल संगठन से जुड़े रहने के बाद पुनर्वास का निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सिद्ध हुआ है। पुनर्वास केंद्र में उन्हें आवास, भोजन एवं प्रशिक्षण की समुचित सुविधा मिल रही है तथा वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। स्मार्टफोन मिलने से वे डिजिटल माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे।

सिंघनपारा, बड़े सेटी निवासी श्री बुधरा ने भी पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहां का जीवन सुरक्षित एवं सम्मानजनक है। प्रशासन द्वारा उन्हें मोबाइल, मेसन किट के साथ-साथ आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड एवं जॉब कार्ड भी प्रदान किया गया है। किसी भी तरह कि समस्या आने पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित समाधान किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि विश्वास, विकास एवं सामाजिक समरसता की सशक्त मिसाल बनी है। 

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स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध - श्री अरुण साव

Posted on :26-Feb-2026
स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग प्रतिबद्ध - श्री अरुण साव

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

उप मुख्यमंत्री ने केमिस्ट के पद पर चयनितों को सौंपे नियुक्ति पत्र

प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में केमिस्ट के पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 10 चयनितों को नियुक्ति पत्र सौंपा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक और प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी भी इस दौरान मौजूद थे।

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उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने नव नियुक्त केमिस्टों को संबोधित करते हुए कहा कि केमिस्टों की संख्या बढ़ने से विभागीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा मैदानी स्तर पर जल की गुणवत्ता की जांच में सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है। इन नियुक्तियों से विभाग में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन की संख्या बढ़ी है।

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श्री साव ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से प्रदेश के युवाओं में विश्वास और उत्साह बढ़ा है। युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा का उचित प्रतिफल मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नवनियुक्त सभी केमिस्ट पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि जल गुणवत्ता की निगरानी में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं परिणाममुखी बनाया जाएगा।

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी ने बताया कि विभाग द्वारा स्वीकृत केमिस्ट के 12 पदों पर व्यापम के माध्यम से चयन प्रक्रिया संपन्न की गई थी। दस्तावेज परीक्षण में 11 अभ्यर्थी पात्र पाए गए, जबकि एक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहा। चयनित 11 अभ्यर्थियों में 2 महिला एवं 9 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।

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राज्यपाल श्री डेका ने निरामय आरोग्य संस्थान को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

Posted on :25-Feb-2026
राज्यपाल श्री डेका ने निरामय आरोग्य संस्थान को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में निरामय आरोग्य संस्थान रायपुर को एम्बुलेंस प्रदान किया। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से एम्बुलेंस की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया। इस वाहन का उपयोग निरामय आरोग्य संस्थान में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण

Posted on :25-Feb-2026
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी का बजट भाषण

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

माननीय अध्यक्ष महोदय,

ना चंदन से ना कुमकुम से, श्रृंगार करा कर आया हूँ।

ना रोली से ना वंदन से, मस्तक सजा कर आया हूँ।

स्वयं ईश्वर भी जो कामना करें,

वो सौभाग्य जगा कर आया हूँ।

अपने छत्तीसगढ़ की माटी से,

मैं तिलक लगा कर आया हूँ।

रायपुर :  अध्यक्ष महोदय, मै धन्य हूँ कि प्रदेश के "विकास की गंगोत्री" नवनिर्मित विधानसभा में, जिसका लोकार्पण देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा किया गया, मुझे हमारी सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं छत्तीसगढ़ के 3 करोड़ जनता जनार्दन के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होने हम पर भरोसा किया तथा प्रदेश की बागडोर हमारे हाथों में सौंपी। मैं इन 3 करोड़ भाई-बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि उनके विश्वास की कसौटी पर हम खरा उतरेंगे और छत्तीसगढ़ को नई उँचाई तक पहुँचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 हमारा दीर्घकालिक लक्ष्य है, जिसकी प्राप्ति के लिए हमने 2030 के मध्यकालिक लक्ष्य को भी निर्धारित किया है, हम एक स्पष्ट रोड-मैप के साथ इस ओर आगे बढ़ रहे हैं। इसी पथ पर हमारा प्रत्येक बजट आगे बढ़ता हुआ एक-एक कदम है। अध्यक्ष महोदय, हमारे विकास यात्रा का केन्द्र बिंदु GYAN रहा है, जिसके उत्थान के लिए GATI की रणनीति पिछले बजट में अपनायी गई थी तथा GYAN के कल्याण के लिए इस बार हमारे बजट का थीम SANKALP है, जो कि जनता-जनार्दन

के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को, निष्ठा को, समर्पण और दृढ़संकल्प को रेखांकित करता है। अध्यक्ष महोदय, कोई भी लक्ष्य पूरा होता है संकल्प से; क्षमता कम या ज्यादा हो लेकिन यदि दृढ़ इरादा हो, संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य संकल्पवान के सामने नतमस्तक हो जाता है।

महोदय, SANKALP का आशय है :-

  • S समावेशी विकास
  • A अधोसंरचना
  • N निवेश
  • K कुशल मानव संसाधन
  • A अन्त्योदय
  • L लाईवलीहुड
  • P पॉलिसी से परिणाम तक

महोदय अब मैं SANKALP थीम के "S" अर्थात समावेशी विकास की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहूँगा। अध्यक्ष महोदय, हमारे प्रदेश में विष्णुराज है। साय सरकार समावेशी, सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापक एवं सर्वग्राही होने के लिए दृढ़संकल्पित है। हमारा लक्ष्य न केवल तेजी से विकास करना है, बल्कि इस बात का भी ध्यान रखना है कि विकास की इस दौड़ में समाज का कोई भी वर्ग या प्रदेश का कोई भी अंचल पीछे न रह जाए।

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ ने अपनी विकास यात्रा में कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किये हैं। 5 हजार करोड़ के बजट से शुरू हुआ यह सफर, आज 35 गुना बढ़कर 1 लाख 72 हजार करोड़ का आकार ले रहा है और इस सफर में राज्य के हर व्यक्ति, गरीब, युवा, किसान, महिला, उद्यमी सबका योगदान रहा है।

अध्यक्ष महोदय, समावेशी विकास का एक महत्वपूर्ण पहलू तुलनात्मक रूप से पीछे रह गये क्षेत्रों का विकास भी है। हमने सदैव यह प्रयास किया है कि राज्य के दूरस्थ ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र भी, विकास-पथ पर मैदानी क्षेत्रों से कंधे से कंधा मिलाकर चलें।

बस्तर और सरगुजा :-

अध्यक्ष महोदय, जब हम बस्तर की बात करते हैं तो उसके प्राकृतिक सौंदर्य या सांस्कृतिक वैभव के साथ ही उसके इतिहास के अंधेरे अध्याय का भी स्मरण हो जाता है, जिससे होकर यह अंचल गुजरा है। दंतेवाड़ा में कलेक्टर रहते मैंने देखा कि कैसे स्कूल, हॉस्पिटल, छात्रावास, बैंक, सरकारी कार्यालयों को तबाह कर दिया गया था और वहां के लोगों के सपनों को, आकांक्षाओं को, एक विध्वंसकारी नकारात्मक विचारधारा के पैरों तले कुचल देने का दुष्प्रयास किया गया था। नक्सलवाद का यह दौर केवल भौतिक विनाश का नहीं, बल्कि विश्वास के क्षरण का भी दौर था।

अध्यक्ष महोदय, बस्तर में नक्सलवाद से मुक्ति किसी की भी कल्पनाओं से परे थी, लेकिन नये भारत के लौह पुरूप देश के माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया और इसे कर के दिखा रहे हैं। अब जब नक्सलवाद का सूर्यास्त हो रहा है और बस्तर की पावन धरती शांति, पुनर्निर्माण और भरोसे की ओर लौट रही है, ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम क्षेत्रीय विषमताओं को समाप्त करते हुए बस्तर के विकास पर अपने प्रयासों को केन्द्रित करें। विकास का यही मॉडल सच्चे अर्थों में समावेशी विकास होगा।

अध्यक्ष महोदय, बस्तर के उत्थान के प्रति हमारी संकल्पबद्धता को इन पंक्तियों के साथ दोहराना चाहूँगा इस माटी के संस्कारों ने, गुण्डाधूर को जन्म दिया था, इंद्रावती का पानी तो, श्री राम ने भी पिया था, प्रण करो माँ दंतेश्वरी का, आँगन फिर खुशहाल करेंगे, इस झूठी विचारधारा को नकार, मुख्यधारा में विश्वास करेंगे अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। इन आयोजनों से लाखों लोग मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं और नक्सलवाद के विध्वंसकारी मार्ग को छोड़कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं। बस्तर ओलंपिक के आयोजन से हमारे वनांचल के युवाओं से जो प्रतिसाद मिला, उससे प्रेरित होकर हम सरगुजा ओलंपिक का भी आयोजन कर रहे हैं। बस्तर सरगुजा ओलंपिक की निरंतरता बनाए रखने के लिए हमने बजट में इनके लिए 5-5 करोड़ का प्रावधान किया है।

महोदय, दंतेवाड़ा में पहली बार एजुकेशन सिटी की परिकल्पना की गई थी, जहां से आज बच्चे मेडिकल एवं इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाएँ पास करके प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला प्राप्त कर रहे हैं। इसी अनुभव से प्रेरित होकर हम नक्सलवाद के गढ़ कहे जाने वाले अबूझमाड़ एवं जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे भावी पीढ़ी के लिए आकांक्षी से अग्रणी होने का मार्ग प्रशस्त होगा। जो जगह नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था, वह अब शिक्षा के केन्द्र का पर्याय बनेगा; बस्तर के युवाओं के सिर पर गौर सींग भी दिखेगा और गले में

स्टेथोस्कोप भी। हमने दोनों एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया है। एजुकेशन सिटी में प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक शाला, आईटीआई, प्रीमैट्रिक एवं पोस्टमैट्रिक बालक-बालिका छात्रावास, शिक्षक आवास इत्यादि स्थापित किया जायेगा। एक ईको-सिस्टम डेवलप किया जाएगा। यह महज कुछ संस्थानों का समुच्चयमात्र नहीं होगा, बल्कि प्रेरणा का एक बड़ा केन्द्र बनेगा, मुख्य धारा से जुड़कर कैसे अपनी जिंदगी बदली जा सकती है, इसका एक बड़ा उदाहरण यह प्रस्तुत करेगा। अबूझमाड़ और जगरगुंडा से आदिवासी भाई-बहनों की लगाई गई छलांग आने वाले दशकों में रायपुर या दिल्ली तक नहीं रूकेगी, बल्कि बस्तर का युवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी दहाड़ मारेगा। आज कुछ लोगों को यह महज एक सपना लग सकता है, मगर लोकतंत्र के, प्रदेश के इस सबसे बड़े मंदिर में खड़ा होकर पूरे विश्वास के साथ मैं इसे कहने का साहस कर पा रहा हूं।

महोदय, एक समय था, जब बस्तर सरगुजा रोड नेटवर्क, टेलीकॉम नेटवर्क, बैंकिंग नेटवर्क सभी के लिए मोहताज हुआ करता था, लेकिन हमने दो वर्षों में बस्तर के जगरगुंडा, पानीडोबीर, ओरछा, पामेड़, किस्टाराम तथा सरगुजा के डिंडो एवं आरा जैसी जगहों पर, प्रयास कर बैंक ब्रांच खुलवाये। केन्द्र सरकार ने डिजिटल भारत निधि योजना के तहत राज्य में 500 मोबाईल टॉवरों की स्वीकृति प्रदान की है, जिसका सबसे जादा लाभ बस्तर और सरगुजा अंचल को मिलने वाला है।

महोदय, बस्तर में विश्वसनीय इंटरनेट सेवा बनाए रखने के लिए बस्तरनेट परियोजना के तहत बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर और सरगुजा दोनों ही संभाग भौगोलिक दृष्टिकोण से काफी बड़े हैं तथा आबादी का घनत्व कम होने से यहां ट्रांसपोर्ट की सुविधाएँ पर्याप्त नहीं है। हमने पिछले बजट में यह वादा किया था कि इस समस्या का समाधान करेंगे। आज मुख्यमंत्री बस सेवा योजना अंतर्गत लगभग 70 बसों के परिचालन से बस्तर के पूवर्ती, बुरकापाल, भेज्जी और पामेड़ तथा सरगुजा के चम्पा, अबीरा, डूभापानी, मड़कडोल जैसे स्थानों के रहवासी, बस सेवा का लाभ उठा पा रहे हैं। इस योजना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, भय के कारण जिस बस्तर में जाने से लोग परहेज करते थे, आज उसी बस्तर के चित्रकोट, तीरथगढ़, धुड़मारास, टाटामारी, दोड़काल; इत्यादि अनेकों स्थान आकर्पण के केंद्र बन रहे है। हमारी सरकार के प्रयास से आज बस्तर टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो रहा है। हमने पिछले बजट भापण में छत्तीसगढ़ होम स्टे पॉलिसी लाने का वायदा किया था, जिसे अमल में लाया जा चुका है। इसका सर्वाधिक लाभ बस्तर सरगुजा को होगा। इसके लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमने पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया है, बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्र में होटल इत्यादि क्षेत्र में निवेश करने पर औद्योगिक नीति अंतर्गत अतिरिक्त लाभ मिलेंगे। हमारी नीति का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिले, इसके लिए पात्रता हेतु निवेश के मापदण्ड भी कम रखे गए हैं। सरगुजा अंचल के लिए, छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट हेतु 5 करोड़ तथा जशपुर, के कोतेबिरा में धार्मिक पर्यटन हेतु भी बजटीय प्रावधान किया गया है। बस्तर एवं सरगुजा के नैसर्गिक सौंदर्य, मेला, मड़ई, उत्सव, धार्मिक स्थलों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने, उसके लिए देश के प्रतिष्ठित टूर ऑपरेटर

एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की कार्यशाला आयोजित करने के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर और सरगुजा में आजीविका के अवसर सृजित करने के लिए हम एक नई सोच के साथ, नया प्रयास करने जा रहे हैं। बस्तर और सरगुजा में अलाईड कृषि सेक्टर, एग्रो एवं एग्रोफॉरेस्ट प्रोसेसिंग जैसे रोजगार आधारित सेक्टर्स में हम विशेष फोकस करेंगे, जो स्थानीय जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं। वहाँ राईस मिल, पोल्ट्री फार्म, बकरीपालन फार्म, वनोपज प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों के लिए बड़े केन्द्र खुलें, इससे लिए हम योजना ला रहे हैं। इससे न केवल इन क्षेत्रों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इस योजना अंतर्गत हम निवेशकों को निवेश अनुदान देंगे, जिसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ-साथ व्यक्तिमूलक आजीविका के अवसरों को व्यापक करने हेतु छोटी इकाईयों में भी बकरी पालन, शूकर पालन एवं मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके लिए कुल 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, हमने स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में उन्नयन करने के लिए जगदलपुर में सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की शुरूआत की है तथा बस्तर एवं सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधाओं का और विस्तार हो, इसके लिए कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़ एवं दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिनके संचालन के लिए 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, बस्तर एवं सरगुजा में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हम डॉक्टर एवं विशेषज्ञों की भर्ती करेंगे। अध्यक्ष महोदय, हम बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में रोड नेटवर्क को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। जिससे कि दूर-दराज के अंदरूनी सड़कों को NH या State Highway से कनेक्टिविटी मिल सके।

बजट में शामिल :-

  • नारायणपुर के जाटलूर से इतामपारा-भैरमगढ़ 28 करोड़
  • नारायणपुर के कुतुल से ओरछा 20 करोड़
  • बीजापुर के इतुलवाड़ा से तुमनार 20 करोड़
  • बीजापुर के चेरपाल से गुटुमपाली 20 करोड़
  • दंतेवाड़ा के मुचनार से बारसूर - 9 करोड़
  • 11 करोड़ कांकेर के ज्ञानी ढाबा चौक से दुधावा-बिरगुड़ी
  • सुकमा के कुन्ना से मिचवार पुल 7 करोड़
  • एन.एच-43 लुचकी घाट से एन. एच-343 रामानुजगंज 7 करोड़
  • बलरामपुर-रामानुजगंज रिंग रोड 10 करोड़
  • जशपुर के आगडीह नीमगांव 8 करोड़
  • जशपुर के पण्ड्रापाठ से भड़िया 12 करोड़
  • भैयाथान के तेलगांव से बुंदिया चौक 7 करोड़
  • कोरिया से चिरमिरी 10 करोड़ जैसे अनेक सड़कों का हम निर्माण करेंगे।

रोड नेटवर्क को बढ़ाने के साथ-साथ सिंचाई, नहर, बांध जैसी संरचनाएँ जो आर्थिक समृद्धि एवं खुशहाली के प्रतीक होते हैं, इनके लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर की प्राणदायिनी इंद्रावती के जल का उपयोग आज तक उपयुक्त संरचनाओं के अभाव में अपनी क्षमताओं के अनुकूल नहीं हो पाया है। 

हमने इंद्रावती पर मटनार और देऊरगाँव में 2,024 करोड़ की लागत से बैराज निर्माण के साथ 68 किलोमीटर नहर की स्वीकृति प्रदान की है, जिससे बस्तर में लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का विस्तार होगा, बस्तर अपनी हरियाली, उन्नति और समृद्धि की नई ऊंचाईयों को छुएगा। 

साथ ही इस बजट में

  • कांकेर में मेढकी बैराज निर्माण 400 करोड़
  • बीजापुर में मट्टीमारका डायवर्सन योजना 110 करोड़
  • बस्तर में महादेवघाट बैराज निर्माण 100 करोड़
  • जशपुर के पंमशाला एनीकट में लिफ्ट इरीगेशन 60 करोड़
  • अंबिकापुर के सरगंवा में बैराज निर्माण 20 करोड
  • बैकुण्ठपुर में गेज डैम उन्नयन 10 करोड़ के कार्य शामिल हैं।

अध्यक्ष महोदय, माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप सरगुजा-जशपुर विकास प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ तथा बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 75 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में बस्तर और सरगुजा का भाग्योदय हो रहा है और इन क्षेत्रों में, सभी तरह के नेटवर्क का विकास, खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं, वो सब हमारे समावेशी विकास के संकल्प का चित्रण करते हैं। अध्यक्ष महोदय, समावेशी विकास के माध्यम से हम क्षेत्रीय असमानता को दूर करने के प्रयास के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों को सम्मान, समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने हेतु संकल्पित हैं।

महिला एवं बाल विकास :-

अध्यक्ष महोदय, हमने संकल्प पत्र में छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति को महतारी वंदन योजना से जोड़कर सामाजिक एवं आर्थिक पहचान दिलाने की बात कही थी। योजना अंतर्गत 70 लाख माताओं-बहनों को अभी तक 24 किश्तों में, 14 हजार करोड़ से अधिक की राशि हमारी सरकार ने जारी की है। बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, लखपति दीदी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता का जो मंच दिया है, उसमें छत्तीसगढ़ अग्रणी रहा है तथा लगभग 5 लाख बहनें आर्थिक तरक्की कर लखपति दीदी बन चुकीं हैं। लखपति दीदियों के व्यावसायिक एवं आर्थिक अनुभव विस्तार हेतु एक नई योजना लखपति दीदी भ्रमण योजना के लिए भी बजटीय प्रावधान किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से लखपति दीदियों के लिए देश-प्रदेश के विभिन्न व्यावसायिक एवं आर्थिक केंद्रों के भ्रमण की व्यवस्था की जाएगी, साथ ही चूंकि, हमारी बहनों का धार्मिक भावनाओं से गहरा जुड़ाव होता है, इसलिए इन्हें शक्ति पीठों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में 250 महतारी सदन बनाने के लिए भी बजट में 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, समावेशी विकास वही है जो किशोरियों, नौनिहालों, धात्री माताओं एवं कुपोषित बच्चों को ममत्व भाव से स्पर्श करता है। इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रदेश की आंगनबाड़ियों के संचालन हेतु 800 करोड़, पूरक पोषण आहार योजना हेतु 650 करोड़, पोषण अभियान एवं कुपोषण मुक्ति योजनाओं हेतु 235 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हमने शहरी क्षेत्रों में 250 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अभिसरण के माध्यम से 500 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ का प्रावधान किया है।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 120 करोड़ तथा मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हमने संकल्प पत्र के अंतर्गत मोदी की गारंटी में बालिकाओं के जन्म होने पर उन्हें गरिमामयी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का वादा किया था। इस बजट में हम रानी दुर्गावती योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसके माध्यम से नोनी के 18 वर्ष पूरे होने पर उसे 1.5 लाख रूपये दिया जाएगा। इसके लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा :-

अध्यक्ष महोदय, समावेशी समाज की परिकल्पना तब तक नहीं की जा सकती जब तक स्वास्थ्य सुविधाएं सभी वर्गों के लिए Available, Accessible एवं Affordable ना हो। हमने सदैव यह प्रयास किया है कि उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधाएं बिना वित्तीय बोझ के जनता को उपलब्ध हों। हम शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के माध्यम से न केवल शासकीय अस्पताल बल्कि गैर शासकीय अस्पतालों में भी 5 लाख रूपये तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इस योजना के लिए 1,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, हमने 25 विकासखण्डों में डायलिसिस केन्द्र तथा 50 विकासखण्डों में जनऔषधि केन्द्र के लिए भी बजटीय प्रावधान किया है।

इसके अतिरिक्त, राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए हमने महत्वपूर्ण प्रावधान किये हैं जैसे :-

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़
  • 25 से अधिक SHC, PHC तथा CHC के लिए भवन निर्माण
  • 220 बिस्तर जिला चिकित्सालय, अम्बिकापुर तथा 200 बिस्तर जिला चिकित्सालय, धमतरी के लिए भवन निर्माण
  • जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्र दुर्ग, कोण्डागांव, जशपुर तथा रायपुर के भवनों का निर्माण
  • रामनगर, रायपुर तथा कुण्डा, कबीरधाम के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन तथा भवन निर्माण
  • 200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, रायपुर एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल चिरमिरी के लिए सेटअप
  • अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में खाद्य पदार्थों एवं दवाईयों की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब हेतु 25 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
  • अध्यक्ष महोदय, हमने राजधानी रायपुर में प्रदेश के पहले होम्योपैथी कॉलेज के साथ-साथ
  • राज्य कैंसर संस्थान बिलासपुर के लिए सेट-अप
  • मेडिकल कॉलेज दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं जशपुर के संचालन हेतु सेट-अप एवं
  • नर्सिंग कॉलेज कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़ एवं महासमुंद के लिए प्रावधान किया है।
  • एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेकाहारा, रायपुर में उपकरण, बिस्तर एवं अन्य सुविधाओं के विस्तार तथा AI के उपयोग से उपचार इत्यादि के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

हमने मेडिकल कॉलेज रायपुर, मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में मेडिकल छात्र-छात्राओं एवं इंटर्न्स के लिए हॉस्टल निर्माण हेतु 35 करोड़ प्रावधान किया है। अध्यक्ष महोदय, इसके साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ PM ABHIM के लिए 190 करोड़ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 183 करोड़ राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सहकारिता विकास :-

अध्यक्ष महोदय, आपके नेतृत्व में भाजपा सरकार ने किसानों के लिए देश में सबसे पहले क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की थी, जो आज तक किसानों के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रही है। इस योजना के लिए हमने 300 करोड़ का प्रावधान किया है। हमारी सरकार, सहकार की भावना को और समृद्ध करते हुए सहकारी समितियों के काम-काज में विविधता लाने के लिए, उन्हें कॉमन सर्विस सेंटर (csc) के रूप में विकसित कर रही है। सहकारी समितियों को स्वावलंबी और संसाधन पूर्ण करने के उद्देश्य से 50 नए गोदाम हेतु 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

A अधोसंरचना

अध्यक्ष महोदय, अब मै SANKALP थीम के दूसरे पड़ाव "A" अर्थात अधोसंरचना की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहूँगा।

अधोसंरचना आर्थिक विकास की नींव के साथ-साथ उसकी उत्प्रेरक भी होती है, इसलिए हमारी सरकार ने प्रत्येक बजट में अधोसंरचना को विशेष स्थान दिया है। छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए आज लगभग 47 हजार करोड़ के कार्य हो रहे हैं, जो 2013-14 की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है। यह डबल इंजन की सरकार के कारण संभव हो पा रहा है।
यही नहीं, आज छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे कि रायपुर-रांची-धनबाद एक्सप्रेस-वे, रायपुर से विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, खरसिया से परमालकसा रेलवे लाईन, केंदरी में नया कोचिंग टर्मिनल, रायपुर से सारंगढ़-बिलाईगढ़ तक फोरलेन, कोरबा-अंबिकापुर नई रेल लाइन, डोंगरगढ़-कटघोरा रेल लाईन इत्यादि अगर आकार ले रहे हैं, तो यह केवल और केवल छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का स्नेह है।

लोक निर्माण :-

अध्यक्ष महोदय, अधोसंरचना के क्षेत्र में हम एक नई योजना द्रुतगामी सड़क संपर्क योजना इस बजट में लेकर आ रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के आर्थिक केन्द्रों को जोड़ने वाली सड़कों का कम से कम 2-लेन सड़कों में उन्नयन करना है। इसमें राजनांदगांव से गीदम, भनपुरी से दोरनापाल, शंकरगढ़ से सुहेला व्हाया कांसाबेल, कसडोल से गरियाबंद व्हाया बागबाहरा सहित हमारे छत्तीसगढ़ की कुल 36 सड़कें शामिल हैं, जिसके लिए 200 करोड़ का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारा राज्य भौगोलिक दृष्टिकोण से वृहद है, आबादी का घनत्व कम है तथा काफी बड़ा क्षेत्र वनांचल, नदी-नाले, पहाड़ इत्यादि से आच्छादित है। इसके कारण अभी भी कुछ गांव बारहमासी कनेक्टेड नहीं हैं। कई बार हम अखबारों में स्कूली बच्चों को नाव से नदी-नाले पार करने की तस्वीरें देखते हैं। हमारी सरकार ने ऐसे 206 गांवों को चिन्हांकित किया है, जिन्हें जोड़ने के लिए 50 करोड़ का शुरूआती प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, इस वर्ष लोक निर्माण विभाग अंतर्गत लगभग 9,450 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। जिसमें, बिलासपुर एवं दुर्ग संभाग के अनेकों महत्वपूर्ण अधोसंरचना जैसे

  • बिलासपुर के राजीव गांधी चौक से सीपत चौक फ्लाईओवर 15 करोड़
  • बिलासपुर के मेलनाडीह से मस्तुरीनगर तक सड़क 30 करोड़
  • मुंगेली के फास्टरपुर-झलियापुर सड़क 10 करोड़
  • बिलासपुर के उसलापुर गीता पैलेस से अमेरी अंडर ब्रिज 4 करोड़
  • मुंगेली के बिटकुली से भटगांव सेंवार पहुँच मार्ग 4 करोड़
  • बिलासपुर के चकरभाटा बस्ती से धमनी पहुँच मार्ग 2 करोड
  • कवर्धा से खम्हरिया मार्ग उन्नयन एवं चौड़ीकरण 23 करोड़
  • दुर्ग के महाराजा चौक में फ्लाईओवर 3 करोड़
  • 24 करोड़ के कार्य बजट में बालौद-राजनांदगांव से अंतागढ़ कच्चे मार्ग शामिल हैं।
  • इसके अलावा रायपुर संभाग के कुछ प्रमुख सड़क
  • महासमुंद के झलप-रायतुम-अचानकपुर मार्ग 15 करोड़
  • बलौदाबाजार-भाटापारा सड़क चौड़ीकरण 25 करोड
  • धमतरी-नगरी-बोरई सडक 20 करोड़
  • धमतरी के पुरूर गंगरेल सड़क चौड़ीकरण 11 करोड़ भी शामिल हैं।

अध्यक्ष महोदय, रायपुर राजधानी होने के साथ-साथ आर्थिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक तथा प्रशासनिक गतिविधियों का भी केन्द्र बिंदु है, जिसके कारण यहां ट्रैफिक व्यवस्था एक स्वाभाविक चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए हमने रायपुर के लिए राजधानी पैकेज के तहत महत्वपूर्ण सड़कों :-

  • मोवा से सेरीखेड़ी 100 करोड़
  • लाभांडी से सड्डू 100 करोड़
  • भनपुरी चौक फ्लाईओवर 20 करोड़
  • 8 करोड़ मोवा से दलदल सिवनी ब्रिज तक सड़क
  • 10 करोड़ शारदा चौक से तात्यापारा चौक फ्लाईओवर
  • ओवरब्रिज वीआईपी रोड पर श्रीराम मंदिर के पास फुट 7 करोड
  • अशोका रतन से कोया कचना में वृहद पुल 8 करोड़ को शामिल किया है।

साथ ही रायपुर शहर में विद्युत लाईनों को अंडरग्राउंड किये जाने के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने हेतु भी जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मिलकर कार्य करेंगे एवं इसके लिए अतिरिक्त फंड प्रदाय किया जाएगा। 

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण :-

अध्यक्ष महोदय, नवा रायपुर अटल नगर आधुनिक अधोसंरचना, नागरिक सेवा तथा इन्वेस्टर फ्रेंडली शहर होने के कारण देश में तेजी से उभर रहा है। नवा रायपुर में आज मेडिसिटी, एडुसिटी, स्पोर्ट्स सिटी, फिल्मसिटी जैसे कॉन्सेप्ट के कारण यहां शासकीय निवेश के साथ-साथ निजी निवेश भी आ रहे हैं, जिसमें AI डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकाई जैसे आधुनिक तकनीक संबंधी निवेश के साथ-साथ

बॉम्बे हॉस्पिटल तथा नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। नवा रायपुर की अधोसंरचना को और मजबूत करने के लिए ऑप्टिकल फाईबर केबल सुविधा हेतु 10 करोड़, विद्युत अधोसंरचना हेतु 35 करोड़, IIIT में अधोसंरचना विकास हेतु 20 करोड़ एवं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ का प्रावधान इस बजट में है।

अध्यक्ष महोदय, हमने अपने संकल्प पत्र में तथा पिछले बजट भापण में स्टेट कैपिटल रीजन बनाने की घोषणा की थी, जिसे पूरा किया गया है। महोदय, बढ़ती हुई आबादी एवं शहरीकरण के कारण आवश्यकता है कि हमारी प्लानिंग वृहद स्तर पर हो, जहां न केवल रायपुर बल्कि इसके आस-पास के क्षेत्रों को भी शामिल कर, इकोनॉमिक मास्टर प्लान बने। हमारे राज्य राजधानी क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरे मध्य भारत का फुटप्रिंट होगा, इसलिए SCR में क्षेत्रीय स्तर की परियोजनाओं की प्लानिंग एवं क्रियान्वयन करने के लिए बजट में 68 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमने पिछले बजट में SCR में मेट्रो रेल परियोजना की बात की थी, जिसके संबंध में मैं अवगत कराना चाहूँगा कि हमने सर्वे के लिए एजेंसी का निर्धारण कर लिया है तथा मेट्रो रेल परियोजना के काम को आगे बढ़ाने के लिए बजटीय प्रावधान भी किया गया है।

जल संसाधन :-

अध्यक्ष महोदय, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सदैव नदियों को जोड़ने पर जोर दिया था और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना का अत्याधुनिक लिडार सर्वे कार्य पूर्ण किया तथा इस परियोजना के लिए 3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इस परियोजना का लाभ मैदानी छत्तीसगढ़ को प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त महानदी पर मोहमेला-सिरपुर बैराज निर्माण हेतु 690 करोड़ की स्वीकृति भी दी गई है। जल संसाधन विभाग के पूंजीगत प्रावधान में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए 3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी :-

अध्यक्ष महोदय, सिंचाई व्यवस्था के साथ-साथ हमने शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिए भी आवश्यक प्रावधान किये हैं। धमतरी जिले के ग्राम सिर्री तथा कबीरधाम जिले के सुतियापाट जलाशय से ठाठापुर तक 54 गांवों में एवं भीरा क्षीरपानी जलाशय से 66 गांवों में पेयजल आपूर्ति किये जाने हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है। इस बजट में ओ एण्ड एम की नई पॉलिसी के तहत पेयजल सुविधाओं के संचालन एवं संधारण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

विमानन :-

अध्यक्ष महोदय, आज छत्तीसगढ़ में चहुंमुखी विकास हो रहा है और हमारा राज्य आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म, ईको टूरिज्म, कॉन्फ्रेंस डेस्टिनेशन तथा वेडिंग डेस्टिनेशन के पसंदीदा स्थान के रूप में उभर रहा है। इन क्षेत्रों के भावी विकास में हवाई सेवाओं की उपलब्धता का बहुत बड़ा योगदान रहेगा।

अध्यक्ष महोदय, क्षेत्रीय आकांक्षाओं को सम्मान देते हुए हम यह प्रयास कर रहे हैं कि बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर एयरपोर्ट को विकसित करने में राज्य की तरफ से अधोसंरचना में कोई कमी ना रह जाए, इसके लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही कोरबा में भी एयरस्ट्रिप के उन्नयन हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारा प्रयास है कि बिलासपुर, जगदलपुर एवं अंबिकापुर की एयर कनेक्टिविटी और व्यापक हो। हमारी कोशिश है कि बिलासपुर से नियमित फ्लाईट की संख्या और बढ़े एवं अंबिकापुर से भी अगले वित्तीय वर्ष में नियमित फ्लाईट एवं जगदलपुर से रायपुर के बीच भी पलाईट की पुनः शुरूआत हो।

इन प्रयासों को सार्थक करने के लिए हम राज्य सरकार की एक नयी योजना CG VAYU (Chhattisgarh Viability Assistance for Yatri Udaan) प्रावधानित कर रहे हैं। योजना अंतर्गत एयरलाईन्स को Viability Gap Funding हेतु 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ऊर्जा :-

अध्यक्ष महोदय, विकास की कहानी ऊर्जा के स्याही से लिखी जाती है। ऊर्जा केवल एक सेक्टर मात्र नहीं है, बल्कि यह समस्त मानव गतिविधियों का केन्द्रबिंदु है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ देश का पॉवर हब है तथा राष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में अहम भूमिका निभा रहा है। इसमें अग्रणी बने रहने हेतु निवेश के लिए माकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से हमने माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में एनर्जी समिट का आयोजन किया, जिसमें 3 लाख 50 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

इस बजट में मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास अंतर्गत 33/11 KV के 90 नए उपकेन्द्र सहित अन्य कार्यों हेतु 100 करोड़ के प्रावधान किया गया है।

सार्वजनिक स्थानों तथा चौक-चौराहों में सोलर हाईमास्ट की स्थापना के लिए 35 करोड़ का प्रावधान है।
क्रेडा के कार्य विस्तार को देखते हुए नए भवन के निर्माण के लिए 10 करोड़ का प्रावधान है।
घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने के लिए 800 करोड़ का प्रावधान है।
है। बीपीएल उपभोक्ताओं को निःशुल्क बिजली देने हेतु 354 करोड़ का प्रावधान
नियद नेल्लानार योजना में विद्युतीकरण हेतु भी 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत केन्द्रीय अनुदान के साथ राज्य सरकार के अतिरिक्त अनुदान हेतु 400 करोड़ का भी प्रावधान किया गया है।

नगरीय प्रशासन :-

अध्यक्ष महोदय, नगरीय विकास में अधोसंरचना जैसे कि सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास और परिवहन को आधुनिक एवं सुदृढ़ करना, हमारे लिए एक अवसर भी है और चुनौती भी।
अध्यक्ष महोदय, नगरीय निकायों में होने वाला विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना आवश्यक है, जिससे कि हमारे शहर नियोजित एवं व्यवस्थित हो सकें। पिछले बजट में नगर निगमों में विकास के लिए हमने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना प्रारंभ की थी।

इस बजट में नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों के समग्र विकास के लिए नगरोत्थान योजना की तर्ज पर, एक नई योजना मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना प्रस्तावित है, जिसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए 750 करोड़, नगरोत्थान योजना के लिए 450 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 हेतु 800 करोड़ तथा मिशन अमृत योजना अंतर्गत 512 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, युवाओं के लिए पिछले 2 वर्षों में हमारे द्वारा 33 नालंदा लाईब्रेरी स्वीकृत किये गए हैं। इस वर्ष तखतपुर, पण्डरिया, भाटापारा सहित 5 नालंदा लाईब्रेरी हेतु 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

N निवेश

अध्यक्ष महोदय, SANKALP थीम की अगली कड़ी "N" अर्थात निवेश है। छत्तीसगढ़ की आबादी का लगभग 60 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या की श्रेणी में आता है, इनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। वर्तमान में देखा जाए तो हमारी अर्थव्यवस्था में उद्योग क्षेत्र का लगभग 48 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र का लगभग 35 प्रतिशत योगदान है। हमारा यह प्रयास है कि निवेश के माध्यम से विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तरह उद्योग एवं सेवा क्षेत्र का विस्तार हो, जिससे न केवल प्रत्यक्ष एवं औपचारिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की भी असीम संभावनाएं निर्मित होंगी।

हमारी औद्योगिक विकास नीति 2024-30 रोजगार पर केन्द्रित है तथा विगत् वर्ष लगभग 1 हजार उद्योगों को उत्पादन प्रमाण पत्र जारी किया गया है तथा इन उद्योगों के द्वारा 8 हजार करोड़ से अधिक के निवेश के साथ-साथ 15 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। धमतरी के कचना में 17 एकड़ क्षेत्र मं् प्रदेश की पहली चार मंजिला प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री विकसित की जा रही है।

अध्यक्ष महोदय, देश और दुनिया के निवेशकों को छत्तीसगढ़ में आकर्षित करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और जापान के ओसाका तक इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों की वृद्धि करने हेतु इस वित्तीय वर्ष में मटीया (कसडोल), बिरकोनी (महासमुंद), छाती (धमतरी), बनगांव-बी (पत्थलगांव) सहित 23 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, ग्राम तूता नवा रायपुर अटल नगर में कन्वेंशन सह एक्जिबिशन सेंटर के निर्माण हेतु 25 करोड़, भिलाई में व्यावसायिक परिसर के निर्माण हेतु 10 करोड़, पटेवा, राजनांदगांव में Electronic Manufacturing Cluster 2.0 के लिए 10 करोड़, नवा रायपुर अटल नगर तथा राजनांदगांव में इण्डस्ट्रियल फैसिलीटेशन कॉम्पलेक्स के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले बजट में हमने छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कामर्स के भवन के लिए प्रावधान किया था तथा इस बजट मे बस्तर चेंबर ऑफ कामर्स के भवन के लिए प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, निवेश को बढ़ावा देने के लिए Ease of Doing Business के तहत् अनेकों सुधार जैसे Single Window System, छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम इत्यादि लाकर यह प्रयास किया गया है कि हम रेगुलेटर से ज्यादा फेसिलिटेटर की भूमिका में रहें। हमने उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु उद्योगों की सब्सिडी हेतु प्रावधानित बजट में तीन गुना वृद्धि की है तथा इस बार अनुदान एवं प्रतिपूर्ति हेतु 750 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु लैंड बैंक तैयार करने के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ था जो बढ़कर इस वर्ष 1,750 करोड़ हो रहा है। इस तरह उद्योग विभाग के बजट में लगातार उत्तरोत्तर वृद्धि, निवेश प्रोत्साहन एवं रोजगार वृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

खनिज साधन :-

अध्यक्ष महोदय, मौजूदा जिओ-पॉलिटिकल एवं जिओ-इकोनॉमिक परिदृश्य में क्रिटिकल तथा स्ट्रैटेजिक मिनरल के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभा सकता है, इसलिए नवीन क्षेत्र में संभावनाओं को तलाशने के लिए हम माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में NMET, ISM धनबाद एवं CIL जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में खान एवं खनिजों के ऑनलाईन एवं डिजिटाईज्ड प्रबंधन हेतु खनिज ऑनलाईन 2.0 के लिए 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सोनाखान भवन के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों हेतु 20 करोड़ का प्रावधान शामिल है।

K कुशल मानव संसाधन

अध्यक्ष महोदय, अब मैं SANKALP थीम की अगली कड़ी "K" कुशल मानव संसाधन के बारे में जिक्र करना चाहूंगा। आज की प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था में विकास एवं रोजगार का आधार उद्योग, निवेश, अधोसंरचना के साथ-साथ कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन होता है।

उच्च शिक्षा :-

अध्यक्ष महोदय, कुशल मानव संसाधन के लिए उच्च शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां छात्र अपनी रूचि, कौशल और टैलेंट के आधार पर आगे का विकल्प चुनता है। महाविद्यालयों को केवल एक पढ़ने-पढ़ाने के संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना आवश्यक है। रामभजन इसलिए प्रथम चरण में हमने 5 शासकीय महाविद्यालयों महाविद्यालय, जशपुर, जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर, डॉ. वामन वासुदेव पाटणकर कन्या महाविद्यालय, दुर्ग, दाउ कल्याण सिंह कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, बलौदाबाजार तथा किरोड़ीमल महाविद्यालय, रायगढ़ को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में उन्नयन करने के लिए चयनित किया है, जिसके लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बलौदाबाजार में नवीन बी.एड. कॉलेज, खड़गंवा एवं बड़ीकरेली में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, मिनीमाता करमा महाविद्यालय, बलौदाबाजार, एवं स्वामी

आत्मानंद शासकीय आदर्श महाविद्यालय अटारी, रायपुर का स्नातकोत्तर महाविद्यालय में उन्नयन हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, चित्रकोट, भानुप्रतापपुर, पोड़ीबचरा (कोरिया), बागबहार (जशपुर), जरहागांव (मुंगेली) एवं सिर्री (धमतरी) सहित 25 कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, रायपुर प्रदेश का सबसे बड़ा परीक्षा केन्द्र है, जहां लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं होती रहती हैं, जिसमें प्रदेश के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, उड़ीसा एवं महाराष्ट्र से भी अभ्यर्थी यहां आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए रायपुर में एक मेगा परीक्षा केन्द्र स्थापित करने के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे राज्य को प्रतियोगी परीक्षाएँ करवाने में सहूलियत होगी तथा छात्रों को भी इसका लाभ प्राप्त होगा।

अध्यक्ष महोदय, राज्य के विश्वविद्यालयों को अनुदान राशि दिये जाने के लिए 731 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को 250 करोड़, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को 40 करोड़, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय को 16 करोड़, स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय को 50 करोड़ सम्मिलित है।

तकनीकी शिक्षा:-

अध्यक्ष महोदय, नवीन औद्योगिक नीति तथा आर्थिक सुधारों के कारण छत्तीसगढ़ में निवेश का बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है।
विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन सृजित करने के उद्देश्य से हमने छत्तीसगढ़ इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी (CGIT) की स्थापना करने का निर्णय पिछले

संकल्प पत्र में लिया था, अभी तक 4 CGIT कबीरधाम, जशपुर, रायगढ़, तथा जगदलपुर प्रारंभ किये जा चुके हैं तथा 3 नये CGIT रायपुर, बिलासपुर एवं दुर्ग हेतु इस बजट में प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, आईटीआई तथा पॉलीटेक्नीक संस्थाओं के अधोसंरचनात्मक उन्नयन और सुदृढ़ीकरण हेतु 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन हेतु 20 करोड़ प्रदान किया जायेगा। अध्यक्ष महोदय, PM-SETU योजना के तहत ITIS को अपग्रेड करने के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

कौशल विकास :-

अध्यक्ष महोदय, आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बना जिसने अपने युवाओं को कानून बनाकर कौशल प्राप्त करने का अधिकार दिया एवं प्रदेश के लाईवलीहुड कॉलेज पूरे देश के लिए मॉडल बनें। युवाओं की ऊर्जा और क्षमताओं को बाजार मांग के अनुरूप विकसित करने के लिए, उन्हे कौशल विकास से जोड़ना आवश्यक है। अतः इसके लिए हमने स्किल डेवलपमेंट अंतर्गत 75 करोड़ का प्रावधान किया है।

युवा :-

अध्यक्ष महोदय, युवाओं के भविष्य में ही छत्तीसगढ़ का भविष्य निहित है। अतः हमने अपने युवाओं को विभिन्न स्तरों पर आवश्यक संसाधन, सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु बजट में प्रावधान किया है। हमने संकल्प पत्र में युवाओं के करियर काउंसिलिंग की व्यवस्था करने का उल्लेख किया था, जिसकी पूर्ति के लिए बजट में

10 करोड़ का प्रावधान है। हम नालंदा लाईब्रेरी को पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं के करियर एवं उद्यमिता मार्गदर्शन का भी केन्द्र बनाएंगे। अध्यक्ष महोदय, हमारे युवा राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकें, इसके लिए उन्हें परीक्षा की तैयारी में आर्थिक सहायता हेतु हम एक नई योजना ला रहे हैं। इस योजना का नाम CG-ACE (Assistance for Competitive Exams) है, जिसके 3 घटक हैं- उड़ान, शिखर एवं मंजिल

  • उड़ान : NEET, CLAT एवं JEE प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए
  • शिखर : UPSC एवं CGPSC चयन परीक्षा की तैयारी के लिए
  • मंजिल : Banking, SSC एवं Railway चयन परीक्षा की तैयारी के लिए

इस योजना के लिए 33 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, वैसे मेधावी छात्र जिन्हें शासकीय हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है, उनको संभाग स्तर पर, स्वयं के व्यय से रहने की व्यवस्था करने पर, आर्थिक सहयोग देने हेतु हम एक नई योजना, मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लेकर आ रहे हैं, जिसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार संकल्प पत्र में किये गए वायदे अनुसार रिक्त शासकीय पदों को भरने के लिए प्रतिबद्ध है, आगामी वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को गति देने हेतु व्यापम की क्षमता विस्तार किया जाएगा। इससे व्यापम ज्यादा से ज्यादा परीक्षाएं समयबद्ध तरीके से आयोजित कर सकेगा एवं अधिक से अधिक अभ्यर्थी उसमें भाग ले सकेंगे। इससे भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने की समयावधि भी कम होगी।

इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी :-

अध्यक्ष महोदय, वर्तमान परिदृश्य में विश्व स्तर के मानव संसाधन तैयार करने के लिए हमें सूचना प्रौद्योगिकी तथा AI जैसे क्षेत्रों में अभी से निवेश करने की आवश्यकता है, इसी ध्येय के साथ हमने इस बजट में 36 Inc CG Innovation Centre तथा STPI सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना हेतु 35 करोड़ का प्रावधान किया है।

A अन्त्योदय

अध्यक्ष महोदय, मैं SANKALP थीम की अगली कड़ी "A" अर्थात अन्त्योदय की तरफ सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय दर्शन जिसमें उन्होनें समाज के सबसे निर्धन, वंचित तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान की परिकल्पना की है, यही हमारे आर्थिक विकास तथा समावेशी समृद्धि का सिद्धांत है। महोदय, श्रृंखला उतनी ही मजबूत होती है, जितनी मजबूत उसकी सबसे कमजोर कड़ी होती है, अर्थात सही मायने में हम उतने ही विकसित हुए हैं, जितने कि पंक्ति में खड़ा सबसे आखिरी व्यक्त्ति विकसित हो पाया है। हमारा बजट इन्ही वंचित, शोपित, गरीब वर्गों के लिए समर्पित है।

खाद्य :-

अध्यक्ष महोदय, हमने मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना अंतर्गत बजट में 5,000 करोड़ का प्रावधान किया है एवं संपूर्ण पोपण सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चना, शक्कर, फोर्टिफाइड राईस, गुड़ तथा आयोडाईज्ड नमक के लिए 1,000 करोड़ का प्रावधान रखा है।

समाज कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, मैं संकल्प के अन्त्योदय के अध्याय को हमारे बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, असहाय वर्गों के लोगों को समर्पित करना चाहूंगा। हमने यह प्रयास किया है कि अन्त्योदय की सच्ची भावना के अनुरूप इन सभी के लिए सम्मान और सुरक्षा की व्यवस्था कर सकें। सामाजिक सुरक्षा सहायता अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं हेतु कुल 1,422 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, स्वास्थ्य और सामाजिक सहभागिता को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय में "सियान गुड़ी" को वरिष्ठ नागरिकों के डे-केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका संचालन सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जिला सूरजपुर एवं रायगढ़ के पंडरीपानी में 100 सीटर दृष्टि एवं श्रवणबाधित विद्यालय एवं छात्रावास के लिए 6 करोड़ और रायपुर के मठपुरैना में दृष्टि एवं श्रवणबाधित विद्यालय के लिए 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। राज्य के सभी 33 जिलों में नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन के लिए 20 करोड़ का प्रावधान है। उभयलिंगी कल्याण बोर्ड के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

जनजाति कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, अन्त्योदय की विचारधारा को वास्तविकता में बदलने की पहली शर्त है कि जनजातीय वर्ग के लोगों को संसाधन उपलब्ध करायें और उनके लिए अवसरों का निर्माण करें तथा उनकी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करें। इस दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे हैं।

हमने जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निर्माण किया, जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा किया गया। जनजातीय संस्कृति के संवर्धन, संरक्षण तथा इसके सम्मान में हमने जनजातीय संग्रहालय का भी निर्माण किया है। अध्यक्ष महोदय, विशेप पिछड़ी जनजातियों के समग्र उत्थान के लिए महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 500 करोड़ तथा आवास निर्माण हेतु 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जनजातीय बाहुल्य ग्राम पंचायतों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार हेतु संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना अंतर्गत बुनियादी ढ़ाचें, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आजीविका के क्षेत्र में मौजूद कमियों को दूर करने हेतु 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रदेश में 17 प्रयास आवसीय विद्यालय संचालित हैं, जिसके लिए 72 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही बीजापुर में प्रयास विद्यालय प्रारंभ करने हेतु भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए कोरबा जिले में आवासीय विद्यालय निर्माण के लिए 5 करोड़ तथा बालक क्रीड़ा परिसर के निर्माण हेतु 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

एक प्रयास विद्यालय, एक क्रीड़ा परिसर, 22 अनुसूचित जनजाति प्रीमैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक बालक-बालिका छात्रावास भवनों के निर्माण हेतु 75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार ने इस वर्ष जनजातीय संस्कृति को देश दुनिया तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल के रूप में जनजातीय सुर-गुडी स्टूडियो की शुरूआत करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य ग्राम पंचायतो में बैगा एवं पुजारी को प्रोत्साहन राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए बजट में 3 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है।

अनूसूचित जाति कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, अनूसूचित जाति कल्याण विभाग को व्यवस्थित, सक्षम एवं क्रियाशील बनाने हेतु विभागाध्यक्ष कार्यालय का सेट-अप बजट में प्रावधानित किया जा रहा है। अध्यक्ष महोदय, विगत दो वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कई सतनाम भवन एवं समाज हेतु सामुदायिक भवनों की स्वीकृति दी गई है, जिसमें प्रमुख रूप से भण्डारपुरी में गुरुद्वारा (मोतीमहल) हेतु 17 करोड़, ग्राम मुंगेली में सतनाम भवन के पुनरूद्धार हेतु 25 लाख, ग्राम सेतगंगा में सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख, सतनाम भवन भिलाई में डोम निर्माण हेतु 50 लाख, ग्राम भण्डारपुरी में डोम हेतु 1 करोड़, रायपुर में समाज के भवन हेतु 1 करोड़, मड़वा में सतनाम धर्मशाला हेतु 50 लाख शामिल हैं। इसके अलावा गिरौदपुरी मेला हेतु वार्षिक 25 लाख आबंटन को बढ़ाकर 50 लाख किया गया है। इसी कड़ी में माननीय मुख्यमंत्री जी की घोपणा अनुरूप

आगामी वर्ष से बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम हेतु ग्राम लालपुर थाना में 15 लाख, ग्राम सेतगंगा में 10 लाख, भिलाई में 10 लाख, भण्डारपुरी मेला हेतु 20 लाख प्रदाय किया जाएगा।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के कल्याण एवं विकास के लिए हमने 4 अनुसूचित जाति प्रीमैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक बालक-बालिका छात्रावास, एक क्रीड़ा परिसर तथा एक प्रयास विद्यालय के भवन निर्माण हेतु कुल 25 करोड़ गुरू तीर्थ गिरौदपुरी एवं भण्डारपुरी के उन्नयन के लिए 5 करोड़ 60 लाख का प्रावधान किया है। माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप बजट में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ प्रावधानित किया गया है।

अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग को पूर्ण रूप से स्थापित करने, इसे और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हम इसके विभागाध्यक्ष कार्यालय हेतु पदों का प्रावधान कर रहे हैं।विगत दो वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कुनकुरी में कुम्हार समाज हेतु मंगल भवन के लिए 25 लाख, फरसाबहार में 20 लाख, बालौद में सेन समाज भवन हेतु 20 लाख, कुनकुरी में 10 लाख, बगीचा में यादव समाज के वृंदावन भवन हेतु 50 लाख, नरदहा में कुर्मी समाज भवन विस्तार हेतु 50 लाख, तपकरा में सोनी समाज हेतु 20 लाख, साहू समाज हेतु श्री नर्मदा खण्ड में 25 लाख, मुंगेली में 25 लाख, ग्राम

कान्दुल में आबंटित 5 एकड़ भूमि पर बाउंड्रीवाल हेतु 25 लाख, सरगुजा में कोलता समाज हेतु 50 लाख इत्यादि अनेक भवनों की स्वीकृति दी गई है। अध्यक्ष महोदय, हमने अन्य पिछड़ा वर्ग की बेटियों के लिए रायपुर में 200 सीटर अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्टमैट्रिक छात्रावास तथा मनेन्द्रगढ़ एवं रायगढ़ में 100-100 सीटर अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्टमैट्रिक छात्रावास के लिए बजट में प्रावधान किया है। साथ ही बिलासपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय भवन निर्माण के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के लिए 80 करोड़ तथा माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है।

श्रम कल्याण :-

अध्यक्ष महोदय, हमने असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण हेतु 128 करोड़ का प्रावधान किया है। रायपुर एवं इसके आस पास के क्षेत्रों में तीव्रता के साथ औद्योगिकीकरण हो रहा है। जहां काम करने के लिए प्रवासी श्रमिक अन्य जिलों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं, जिनके पास रहने की कोई आवासीय सुविधा नहीं होती है, इनकी सुविधा के लिए नवा रायपुर में प्रवासी मजदूर आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के अन्तर्गत 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमारे संकल्प पत्र के वायदे अनुरूप हम किसानों और मजदूरों का दुर्घटना बीमा कराएंगे, जिसके लिए बजटीय प्रावधान किया गया है।

L लाईवलीहुड

अध्यक्ष महोदय, SANKALP थीम के अगले पड़ाव "L" से लाईवलीहुड के संबंध में मैं आपके माध्यम से सदन का ध्यान आकृष्ट करना चाहूंगा - आधुनिक युग में आजीविका न केवल जीवन यापन का एक माध्यम है, बल्कि यह लोगों के आत्मसम्मान, पहचान और अपनी आंकाक्षाओं की पूर्ति करने का साधन भी है। छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से कृपि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, ग्रामोद्योग, लघु वनोपज इत्यादि से जुड़ी हुई है। कृपि, कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प जैसे क्षेत्र हमारे राज्य में लाईवलीहुड के मजबूत आधार बनें, इसके लिए इनके विस्तार की कार्ययोजना बनाई गई है।

कृषि :-

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ के समावेशी एवं सर्वांगीण विकास तथा खुशहाली का रास्ता खेतों से, खलिहानों से, मेड़ों से, नहरों से और तालाबों से होकर किसानों के घर तक पहुंचता है। छत्तीसगढ़ में कृपि एक व्यवसाय नहीं बल्कि हमारी संस्कृति है, पहचान है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव है। अध्यक्ष महोदय, हमनें खरीफ सीजन 2014 और 2015 के धान उत्पादन प्रोत्साहन की 3,716 करोड़ की बकाया राशि किसानों को देकर अपना वादा निभाया, साथ ही साथ हमने मोदी की गारंटी अंतर्गत अन्नदाताओं से प्रति एकड़ 21 क्विंटल, 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी सुनिश्चित करने के लिए कृषक उन्नति योजना प्रारंभ की है।

खरीफ सीजन 2025-26 में 142 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी को मिलाते हुए हमने पिछले तीन खरीफ सीजन में 437 लाख मीट्रिक टन धान की ऐतिहासिक खरीदी की है। जिससे किसानों के खाते में लगभग 1 लाख 40 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान संभव हो रहा है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी और कपास जैसे फसलों को भी कृषक उन्नति योजना में शामिल किया गया है। कृषक उन्नति योजना के लिए इस बजट में 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, धान खरीदी में मार्कफेड की महती भूमिका रहती है, इसलिए मार्कफेड को धान उपार्जन हेतु 6,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विगत दो वर्षों में हमने गन्ने की खेती करने वाले किसानों को 92 करोड़ से अधिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। इसके लिए भी 60 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, प्रदेश में नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के लिए 40 करोड़, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल के लिए 90 करोड़ और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योग स्थापित होंगे, जिससे कि रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। अध्यक्ष महोदय, हमारे किसान भाइयों को कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत प्रदाय करने हेतु 5,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

उद्यानिकी :-

अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार ने खाद्य तेल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ऑयल पाम की खेती करने वाले कृपकों को केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किये जा रहे अनुदान के अतिरिक्त टॉपअप प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए बजट में 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य के उत्तरी पठारी क्षेत्र मैनपाट, शंकरगढ़, कुसमी तथा बगीचा में आलू की खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु "आलू प्रदर्शन विकास योजना" प्रारम्भ की गई है। इसके लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र की सहायता से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु बजटीय प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रावधान इस प्रकार हैं

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़
  • एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम के लिए 170 करोड़
  • कृषक समग्र विकास योजना के लिए 150 करोड़
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 130 करोड
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 130 करोड़

मत्स्य पालन :-

अध्यक्ष महोदय, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए बजट में 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय में मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत् एकीकृत एक्वा पार्क प्रस्तावित है, इसके लिए बजट में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पशुधन विकास :-

अध्यक्ष महोदय, यह अवसर उन लाखों चरवाहों, गोपालकों और पशुपालकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का है, जो हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के असली स्तंभ हैं। हमारी सरकार ने राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित कर आजीविका का प्रमुख साधन बनाने के लिए डेयरी समग्र विकास योजना प्रारंभ की है तथा इसके लिए बजट में 90 करोड़ का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत जगदलपुर, रायपुर एवं बिलासपुर के मिल्क प्रोसेसिंग सेंटर का उन्नयन भी शामिल है। पशुओं के नस्ल सुधार तथा दूध उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से समग्र पशु संवर्धन योजना के लिए 8 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पशुओं को वर्ष भर हरा चारा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की दृष्टि से हरा चारा उत्पादन योजना हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ग्रामोद्योग :

अध्यक्ष महोदय, हस्तशिल्प हमारे राज्य में न केवल कला, संस्कृति एवं कौशल का संगम है, बल्कि आजीविका के क्षेत्र में भी हस्तशिल्प का व्यापक प्रभाव है। ढोकरा आर्ट हो, बांस कला हो या फिर माटी कला, बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो इन पर निर्भर करते हैं। इनके द्वारा बनाए गए उत्पादों को सही बाजार और सही दाम मिले, तो न केवल कला और हुनर का सम्मान होगा बल्कि ऐसे परिवारों के जीवन

स्तर में भी सुधार होगा। इसलिए हमने यह निर्णय लिया है कि देश के 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर शो-रूम खोले जाएंगे, इसके लिए हमने बजटीय प्रावधान किया है। हस्तशिल्पियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेलों, प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहयोग के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री जी की पहल से रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण हो रहा है। जिससे हस्तशिल्पियों के द्वारा निर्मित प्रोडक्ट्स को आधुनिक प्लेटफार्म मिलेगा, इसके लिए 93 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, माटी शिल्पकला के नए डिजाईन तैयार करने एवं इन्हें बाजार के लिए आकर्षक रूप देने, कुनकुरी के ग्राम गोरिया में ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना के लिए 2 करोड़ 86 लाख का प्रावधान किया गया है। P पॉलिसी से परिणाम तक अध्यक्ष महोदय, SANKALP थीम की अंतिम कड़ी "P" अर्थात पॉलिसी से परिणाम तक है। महोदय, चाणक्य ने कहा है लोक प्रशासन का चरित्र उसकी नीतियों में समाहित होता है और उन नीतियों का मूल्य उसके उद्देश्य से नहीं, उसके परिणाम से आंका जाना चाहिए। नीति वही सार्थक है जो लोक कल्याण, प्रभावी क्रियान्वयन और अनुशासन के साथ धरातल पर परिणाम दे। अध्यक्ष महोदय, नीति का क्या परिणाम हो सकता है इसका उदाहरण है कि हमारी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के

माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया और इससे दो महीनो में ही रायपुर में 2 अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आयोजन संभव हो गया। अध्यक्ष महोदय, हमने प्रशासनिक सुधारों से सरकारी कामकाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का काम किया है, जिससे जनमानस में सरकार के प्रति आस्था और विश्वास पुनः स्थापित हुआ है। अध्यक्ष महोदय, हमारी सरकार प्रथम दिवस से प्रशासनिक सुधार के लिए संकल्पित तथा प्रयासरत रही है, मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक ई-फाईल के माध्यम से सरकारी कामकाज का क्रियान्वयन, बायोमैट्रिक अटेंडेंस, हितग्राही मूलक योजनाओं में हितग्राहियों का e-KYC जैसे अनेकों रिफॉर्मस उसी का परिणाम हैं।

अध्यक्ष महोदय, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा स्वयं माननीय मुख्यमंत्री जी के द्वारा अटल मॉनिटरिंग पोर्टल से की जा रही है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राज्य में सभी जिलों के मध्य विभिन्न योजनाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो, जिले नवाचार के लिए प्रेरित हों और जो अच्छे काम हों, दूसरे जिले उनका अनुसरण करें। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के माध्यम से जिलों और विभागों को पुरस्कृत भी किया गया, जिन्होंने अच्छी कार्ययोजना बनाकर शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया।

अध्यक्ष महोदय, हमारे संकल्प पत्र में जनता से किये गए वायदों को सर्वोपरि मानते हुए हमने उन्हे पूर्ण करने का हर संभव प्रयास किया तथा मोदी की गारंटी के रूप में किये गए भगीरथ संकल्प को पूरा किया है। मोदी जी की रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर हमारी सरकार पॉलिसी से परिणाम तक का सफर सांय-सांय तय कर रही है।

वित्तीय रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, कार्य निप्पादन में गति लाने के लिए वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों के लिए वित्तीय अधिकारों की प्रत्यायोजन सीमा बढ़ाई गई है, साथ ही नवीन मद के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दी गई है, ताकि विभाग द्रुत गति से कार्य कर सके। हमने पिछले बजट में छत्तीसगढ़ पेंशन फंड तथा छत्तीसगढ़ ग्रोथ एण्ड स्टेबिलिटी फंड के गठन करने का निर्णय लिया था. जिसे हमने पूर्ण भी कर लिया है तथा बजट में इनके लिए क्रमशः 500 करोड़ और 250 करोड़ प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, रिफॉक्स के क्रम को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट फाईनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है, जो राज्य के विकास के लिए उचित दरों पर फंड उपलब्ध कराने का प्रयास करेगी। इस संस्थान की स्थापना के लिए 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है। रियल टाईम पेमेंट, SNA स्पर्श के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य देश में अव्वल रहा, जिसके लिए केंद्र से राज्य को 500 करोड़ की अतिरिक्त राशि प्राप्त हुई है। SNA स्पर्श के सुचारू संचालन करने के लिए सेन्ट्रल ट्रेजरी स्थापना हेतु इस बजट में प्रावधान किया गया है। हम अगले वित्तीय वर्ष से राज्य पोपित योजनाओं के लिए भी SNA मॉडल लागू करने का प्रयास करेंगे।

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के प्रावधानों के तहत् अविभाजित म.प्र. के शासकीय सेवकों के पेंशन भुगतान की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ दोनों की संयुक्त रूप से है। पेंशनरों का डेटाबेस डिजिटाईज्ड नहीं होने तथा पेंशन भुगतान को ट्रैक करने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण लेखा मिलान सुव्यवस्थित नहीं था। हमने 8 महीनों की कड़ी मेहनत से पेंशनरों का Database डिजिटाईज किया, जिसके विश्लेपण से यह ज्ञात हुआ कि हमें मध्यप्रदेश से आगामी वर्षों में 10 हजार करोड़ से अधिक की राशि मिलेगी एवं पेंशन के व्यय भार में भी हर वर्ष कमी होगी।राज्य में हमारे द्वारा किये गए रिफॉक्स के एवज में केन्द्र सरकार से SCA अंतर्गत प्राप्त राशि में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। हमें 2 वर्षों में लगभग 13 हजार करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, जो 2020-21 मे मात्र 286 करोड़ थी।

राजस्व रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, राजस्व कार्यों में पारदर्शिता, सरलता और दक्षता लाने के लिए हमने अनेक सुधार किये हैं, जिसमें स्वतः नामांतरण, Auto Diversion, जियो-रिफरेंसिंग इत्यादि शामिल हैं। इन सुधारों को आगे बढ़ाते हुए हम एकीकृत प्लेटफार्म UPAHAR लागू करेंगे, जिसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में अविवादित नामांतरण, बंटवारा एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण एवं फेसलेस व्यवस्था के निर्माण के लिए साईबर तहसील की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, राजस्व व्यवस्था के प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण हेतु नरहरपुर, कांकेर एवं अंबागढ़ चौकी में नए एसडीएम कार्यालय प्रस्तावित हैं।

पंजीयन रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, 10 क्रांतिकारी रिफॉम्स ने पंजीयन व्यवस्था की तस्वीर बदल दी है- ऑनलाइन सर्च एवं डाउनलोड, भारमुक्त प्रमाण पत्र, व्हाट्सएप सूचना सेवा तथा मॉडल रजिस्ट्री ऑफिस जैसी सुविधाएँ अब नागरिकों को उपलब्ध हैं। इन सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, भाटापारा, भिलाई, केशकाल सहित 15 स्थानों पर मॉडल उप पंजीयक भवन के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है।

जीएसटी रिफॉम्स :-

अध्यक्ष महोदय, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक राष्ट्र, एक कर के रूप में जीएसटी लागू कर, कर व्यवस्था में एक क्रांतिकारी सुधार का आगाज किया। इसी के तार्किक क्रम में व्यापारियों और नागरिकों के सुविधा की दृष्टि से जीएसटी 2.0 रिफॉर्म लाया गया।  राज्य शासन ने बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट, जीएसटी कॉल सेंटर, Ease of Doing Business Cell की स्थापना जैसे तकनीकी सुधार कर जीएसटी रिफॉर्म को और कारगर बनाया है। तकनीकी सुधारों को निरंतर गति प्रदान करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अंतर्गत 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, इसके साथ ही हम जनता के समस्याओं के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पोर्टल की शुरूआत करने जा रहे हैं, इसके लिए बजट में 22 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, विकसित छत्तीसगढ़ हेतु छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के बेहतर और व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए एक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट की स्थापना हेतु भी 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ-साथ जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर, हमारी सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 50 लाख तक होने वाले सभी विभागों के निर्माण कार्यों की एजेंसी यथासंभव ग्राम पंचायत ही रहेगी। अध्यक्ष महोदय, हम यह प्रयास करेंगे कि SANKALP के माध्यम से जन भावना की आंकाक्षाओं को पूरा करें, अपनी नीतियों एवं योजनाओं को धरातल पर उतारें। अगले क्रम में कुछ प्रमुख विभागों से संबंधित उपलब्धियों एवं प्रावधानों को मैं सदन के पटल पर प्रस्तुत करना चाहता हूँ।

ग्रामीण विकास :-

अध्यक्ष महोदय, जब भी कोई अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ती है, तो यह आशंका स्वाभाविक रूप से मन में जन्म लेती है कि कहीं विकास की इस दौड़ में गाँव, शहरों से पीछे न छूट जाएँ। गावों और शहरों में विकास के समान संसाधन और समान अवसर उपल्ब्ध हों, यही हमारी सरकार के लिए विकास का पैमाना है। महोदय, हमने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत इस वर्ष 1,700 करोड़ से अधिक का प्रावधान किया है। जिसमें लोरमी पण्डरिया रोड से सिंघनपुरी, सिलतरा से बेलसरा, टेकर से सेलर व्हाया कबरीपारा, रबेली रोड से जरती, हथबंद से शिकारी केसली व्हाया जांगड़ा, भिलाईबाजार से कटसीरा अखरापाली, बैकुण्ठपुर से सरईगहना, दुलदुला से कुनकुरी लावाकेरा व्हाया चटकपुर लोटापानी, फरसागुड़ापारा से कुंगारपाल, बड़ेडोंगर से कोनगुड़, पिकरी से नवलपुर, करौधा से पाकरडीह तथा जोबा से पीढ़ी सिरपुर समेत 70 नवीन सड़कों एवं 21 पुल जैसे कार्य भी शामिल हैं।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत कोर्रा से टिपानी पहुंच मार्ग, सिंगपुर मोहेरा सरईरूख से बेन्द्राचुवा, पारागांव से देवरी व्हाया सलौनी, कोरना मुख्यमार्ग से कछुआटांगर, बनगांव आश्रम चौंक से मुड़ाटोली, झाल-सिंगपुर से खण्डसरा, माटीपहाड़ छर्रा बरगोड़ा से तोलमा, पासीद से बासीन, खुंटेरी से ठाकुरटोला, उड़ेला से नेवधा जैसे 150 से अधिक नवीन सड़कों सहित कुल लागत राशि 475 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। है। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना हेतु भी 100 करोड़ का प्रावधान रखा गया अध्यक्ष महोदय, हमने लोगों के आवास के अधिकार की लड़ाई लड़ी थी, मोर आवास-मोर अधिकार का अभियान चलाया था और जबसे हमारी सरकार आई है, हमने 26 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट में भी हमने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 4,000 करोड़ का प्रावधान रखा है।

अध्यक्ष महोदय, वर्ष 2005 में जब मैं IAS में भर्ती हुआ था, तब मनरेगा योजना प्रारंभ हुई थी और आज 20 साल के बाद, जब मैं यहां खड़ा हूँ, तब से लेकर आज तक इस योजना में कोई भी आमूल-चूल परिवर्तन नहीं हुआ था। अध्यक्ष महोदय, "बहता पानी निर्मला" अर्थात बहता पानी ही शुद्ध रहता है। जब देश निरंतर आगे बढ़ रहा हो तब ऐसी परिस्थिति में 20 साल पुरानी योजनाओं में बिना कोई प्रासंगिक परिवर्तन किये हम देश को आगे नहीं बढ़ा सकते, यही कारण है कि केंद्र सरकार, और अधिक बजट तथा महत्वकांक्षा के साथ नवीन योजना, Viksit Bharat G RAM G प्रारंभ करने जा रही है।

अध्यक्ष महोदय, Viksit Bharat G RAMG योजना केवल विकास कार्यक्रम नहीं है, यह संकल्प है ग्रामों को आत्मनिर्भर इकाई में परिवर्तित करने का। इस योजना में मनरेगा के 100 दिन की तुलना में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी तथा मजदूरी भुगतान की सीमा 15 दिन के स्थान पर 7 दिन, लिये जाने वाले कार्यों का विस्तारित दायरा, जैसे अनेक प्रावधान हैं, जो इस योजना को विकासोन्मुखी एवं अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। Viksit Bharat G RAM G योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए हमने मनरेगा की तुलना में बजट में ऐतिहासिक वृद्धि करते हुए 4 हजार करोड़ का प्रावधान किया है।

स्कूल शिक्षा :-

अध्यक्ष महोदय, शिक्षा के माध्यम से हम, लोगों में व्याप्त अनगिनत संभावनाओं को अवसर में बदल देते हैं, जिसके आधार पर न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि सम्पूर्ण समाज सर्वांगीण विकास के रास्ते पर अग्रसर होता है। शिक्षा मानव पूंजी का केन्द्र भी है और निवेश भी। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए हमने प्रयास किये हैं। अध्यक्ष महोदय, पीएम-श्री योजना के माध्यम से राज्य के लगभग 350 स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है, इसी तर्ज पर हम भी राज्य में चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों को आदर्श शैक्षणिक संस्था के रूप में विकसित करने की एक नई योजना, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना की शुरूआत करने जा रहे हैं। ऐसे कैम्पस जहां पर प्राथमिक शाला से लेकर उच्चतर माध्यमिक शाला एक साथ संचालित हो रही है, वहां इस योजना के माध्यम से गुणवत्ता युक्त शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा। प्रथम चरण में इसमें 150 विद्यालय चयनित किये जाएंगे तथा इसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, राज्य में संचालित कोई भी स्कूल भवन विहीन ना रहे इसके लिए सरकार गंभीर है। हमने बजट में 500 प्राइमरी स्कूल, 100 मिडिल स्कूल, 50 हाई स्कूल तथा 50 हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन निर्माण के लिए कुल 123 करोड़ का प्रावधान किया है। अध्यक्ष महोदय, NCC छात्रों हेतु स्वल्पाहार की राशि को भी बढ़ाकर दोगुना किया जाएगा।

गृह :-

अध्यक्ष महोदय, माननीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का जो संकल्प लिया था, वह आज साकार हो रहा है। पिछले 2 सालो में 487 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए, 1,853 गिरफ्तार हुए तथा हमारी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर 2,336 नक्सलियों ने आत्म-समर्पण किया है। अध्यक्ष महोदय, हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ में DGP-IG कॉन्फ्रेंस आयोजित हुआ, जहाँ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी और देश भर के शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल हुए। रायपुर शहर में पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हमने पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की भी स्थापना की है। अध्यक्ष महोदय, बस्तर में हमने इस वर्ष 1587 पदों पर बस्तर फाईटर बल हेतु भर्ती की अनुमति दी और आगामी साल में भी हमने बस्तर फाईटर के लिए 1500

नवीन पदों का प्रावधान रखा है। पिछले 2 वर्षो में हमारी सरकार ने गृह विभाग के लिए लगभग 6,000 पदों का सृजन किया है एवं 4,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की है। अध्यक्ष महोदय, आम नागरिकों से ठगी करने वाले साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिये हमारी सरकार ने पिछले 2 वर्षों में 15 साइबर थाने स्थापित किये हैं। इसी क्रम में बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, सक्ती एवं बलरामपुर में 5 नए साइबर थानों की स्थापना का इस बजट में प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, सरोना और जरवाय (रायपुर), पोटाली (दंतेवाड़ा), सिलगेर (सुकमा), पुजारी (बीजापुर), कोरचोली (कांकेर) और गारपा (नारायणपुर) सहित कुल 15 नए पुलिस थानें स्थापित किये जाने के लिए बजट में प्रावधान है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हमने महिला थानों की संख्या को भी बढ़ाकर 10 कर दिया है। इसके साथ-साथ सन्ना (जशपुर), मोहन नगर (दुर्ग), तेलीबांधा (रायपुर), सिटी कोतवाली (मनेन्द्रगढ़), चरचा (कोरिया) सहित 25 पुलिस थानों हेतु नवीन भवन के निर्माण का बजट प्रावधान किया गया है। अपराध की विवेचना विज्ञान और साक्ष्य आधारित हो, इसके लिए पुलिस विभाग में सीन ऑफ क्राईम यूनिट की स्थापना की जा रही है, इसके लिए बजट में 3 करोड़ 50 लाख का प्रावधान रखा गया है। 16 जेलों में PRISON CALLING SYSTEM हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन :-

अध्यक्ष महोदय, वनांचल क्षेत्र न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां होने वाले वनोपज से सम्बंधित व्यापार पर राज्य की एक बड़ी आबादी आजीविका के लिए निर्भर है। वनोपज संग्राहकों एवं वन प्रबंधन समितियों की बेहतर आय निरंतर बनी रहे, इसके लिए वनों के संरक्षण हेतु 930 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, इसके साथ ही वन विभाग में 1,000 से अधिक पदों के सृजन हेतु भी प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, हमने चरण पादुका योजना अंतर्गत 60 करोड़, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक हेतु 204 करोड़ तथा राजमोहिनी देवी तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय उद्यान एवं अभ्यारण्यों के विकास के लिए 11 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

पर्यटन एवं संस्कृति :-

अध्यक्ष महोदय, जिहां दाई कौशल्या के शक्ति हे, अउ माँ कर्मा के भक्ति हे, बबा घासी के तप हे, संत वल्लभ के जप हे, सरगुजा ले बस्तर तक जिहां के सबो रपटा, पथरा अउ रस्ता इतिहास के जिंदा प्रमाण हे, जेकर कन-कन म हमर वीर पुरखा के त्याग आउ बलिदान हे, मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया के अचरा म बसे, हमर छत्तीसगढ़ महान है। अध्यक्ष महोदय, हम छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना प्रारंभकरने जा रहे हैं, जिसमें पांचों शक्तिपीठों का भ्रमण एवं दर्शन कराया जाएगा, इसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा हमने प्रदेश के पांच शक्तिपीठों कुदरगढ़, डोगरगढ़, रतनपुर, चन्द्रपुर एवं दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए बजटीय प्रावधान किया है। अध्यक्ष महोदय, माननीय मुख्यमंत्री जी के घोपणा के अनुरूप माता राजिम की भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए 5 करोड़ का प्रावधान भी शामिल है। अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर सिरपुर के विकास के लिए नई परियोजनाओं का प्रावधान किया गया है, जिसमे ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, म्यूजियम, महानदी तट पर रिवर फ्रंट, जन-सुविधाओं के विकास तथा वृहद सड़कों के निर्माण हेतु कुल 36 करोड़ शामिल हैं।

श्री रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रभु श्री रामलला का दर्शन कराया गया है। इस योजना के लिए बजट में 36 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अध्यक्ष महोदय, प्रदेश को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान देने के लिए FICCI के साथ MOU किया गया है। नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो के आयोजन से राज्य को पर्यटन क्षेत्र में 500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। पर्यटन विभाग के द्वारा 350 करोड़ की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्रायबल एवं कल्चरल कन्वेन्शन सेंटर विकसित की जा रही है।

अध्यक्ष महोदय, राज्य में डबल ईंजन की सरकार होने का फायदा हमें पर्यटन विकास में भी मिल रहा है। केन्द्र की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत् कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर परिसर के छेरकी महल, मड़वा महल, सरोधा डैम इत्यादि के लिए 146 करोड़ के विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है। शासकीय विद्यालयों के प्रतिभाशाली छात्रों को छत्तीसगढ़ के भ्रमण कराने के लिए छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना प्रारंभ की जाएगी। जिसके लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, कोपरा जलाशय को वैश्विक स्तर पर रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह राज्य का पहला रामसर साइट है। इस मान्यता से जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा प्रवासी पक्षियों एवं जलीय जीवन के संरक्षण के साथ, ईको टूरिज्म के नए अवसर विकसित होंगे। अध्यक्ष महोदय, दमऊधारा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने, मैनपाट, बस्तर सर्किट, श्रीयंत्र भवन-डोंगरगढ़, मां कुदरगढ़ी के दरबार में पहुंचने के लिये रोप-वे एवं अन्य परियोजनाओं के लिए नवीन मद में 35 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अध्यक्ष महोदय, रायपुर प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानंद जी के निवास स्थल (डे-भवन) को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित कर, इसका संरक्षण करने के लिए 5 करोड का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, पूरा भारतवर्ष वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मना रहा है। वंदे मातरम् हमारी राष्ट्रीय विरासत का अभिन्न अंग है। प्रदेश के एक कवि ने लिखा है आजादी का बुलंद जयघोष है वन्दे मातरम् आजाद की पिस्तौल और भगत का जोश है वंदे मातरम् अंग्रेजों के खिलाफ वीरनारायण की तलवार है वंदे मातरम् अन्याय के विरूद्ध गुण्डाधूर की ललकार है वंदे मातरम्
अध्यक्ष महोदय, हम भी इस उत्सव को पूरे धूम-धाम से मनाएंगे, जिसमें सार्वजनिक स्थलों पर सामुहिक गायन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत 2 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

जन संपर्क :-

अध्यक्ष महोदय, हमने पिछले बजट में पत्रकार साथियों के भ्रमण की योजना बनाई थी, जिसका सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है तथा इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए बजटीय प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, साहित्य एवं लेखनी से विश्व को अवगत कराने के लिए हमारे द्वारा रायपुर साहित्य उत्सव मनाया गया तथा इसकी सफलता और स्वीकार्यता को देखते हुए, इसे प्रतिवर्ष करने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़िया अप्रवासी भारतीय जो विदेशों में जाकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं, उनके लिए प्रतिवर्ष NRI सम्मेलन कराने का निर्णय लिया गया है। इस प्रयोजन के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया है। इस वर्ष योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए जन संपर्क विभाग का कुल बजट 475 करोड़ रखा गया है।

परिवहन :- अध्यक्ष महोदय, ट्रांसपोर्ट सेक्टर में हमारी सरकार EV वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं सदन को बताना चाहूँगा कि इस योजना के तहत हमने 100 करोड़ से ज्यादा के पुरानी लंबित सब्सिडी समेत लगभग 150 करोड़ का भुगतान किया है। इस वर्ष EV वाहनों की सब्सिडी हेतु 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

ड्राईविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत इस वर्ष 8 जिलों- बलौदाबाजार-भाटापारा, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, बालोद, गरियाबंद, नारायणपुर एवं कोण्डागांव में ई-ट्रैक निर्माण के लिए 15 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

खेल :- अध्यक्ष महोदय, आज विकास, समृद्धि और उन्नति का पैमाना केवल आर्थिक आंकडे नहीं बल्कि खेल जगत में हमारा प्रदर्शन भी है। हमने राज्य के विभिन्न अंचलों में खेल सुविधा के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान किया है।

जशपुर में तीरंदाजी अकादमी और नवा रायपुर में राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना की जा रही है। सर्व सुविधायुक्त खेल अधोसंरचना उपलब्ध कराने हेतु नवा रायपुर अटल नगर मे स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जा रहा है। अध्यक्ष महोदय, प्रथम खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स की मेजबानी हमारे राज्य को सौंपी गई है, जो हमारे लिए गौरव की बात है। रायपुर एवं बिलासपुर में खेल अकादमी संचालित हो रही है तथा इस वर्ष हम बस्तर में भी खेल अकादमी की शुरूआत करने जा रहे हैं। इन सभी के लिये 19 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

अध्यक्ष महोदय, हमने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की प्रतिभा के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़, रजत पदक विजेता को 2 करोड़, कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ तथा ओलम्पिक प्रतिभागी खिलाड़ियों को 21 लाख रूपये की सम्मान राशि दिये जाएंगे।

है। छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए 57 करोड़ का प्रावधान किया गया अध्यक्ष महोदय, खेल अधोसंरचना विकास के तहत 45 करोड़ के नवीन निर्माण कार्यों को बजट में रखा गया है, जिसमें प्रमुख रूप से बालोद, सुकमा, जांजगीर-चांपा, अंबिकापुर, रायपुर के सरोना तथा जशपुर के गारीघाट में स्टेडियम शामिल हैं।

कर्मचारी कल्याण :-अध्यक्ष महोदय, iGot कर्मयोगी अभियान के माध्यम से शासकीय सेवकों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास के लिए हम सतत रूप से कार्य कर रहे हैं। मंत्रालय में जो कर्मचारी अच्छा कार्य कर रहें हैं, उनके प्रयासों को पुरस्कृत कर, सराहा जा रहा है। अध्यक्ष महोदय, वर्तमान में शासकीय सेवकों को उपचार के दौरान चिकित्सा व्यय का वहन स्वयं करना होता है और उपचार के पश्चात बिल जमा करने पर प्रतिपूर्ति की जाती है। यह प्रक्रिया अत्याधिक लंबी तथा जटिल होती है, जिसके कारण इसकी प्रतिपूर्ति में विलंब होता है और कर्मचारी साथियों को अनेक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

हम राज्य के शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की नई योजना प्रारंभ करने जा रहे हैं। इस योजना में ई-हेल्थ कार्ड के माध्यम से कर्मचारी कैशलेस उपचार प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए 100 करोड़ का बजटीय प्रावधान रखा गया है। अध्यक्ष महोदय, शासकीय कर्मचारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन में परेशानी ना हो तथा वर्क-लाईफ संतुलन बना रहे, इसके लिए आवश्यक है कि कार्यस्थल के नजदीक ही उनके लिए आवास की व्यवस्था हो। नवीन नियुक्तियों के कारण बढ़ते कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए हमने यह निर्णय लिया है कि जिला तथा विकासखण्ड स्तर पर क्वार्टर्स बनाएंगे। इस वर्ष 11 जिला मुख्यालय तथा 25 विकासखण्ड मुख्यालयों में क्वार्टर निर्माण के लिए 20 करोड़ का प्रारंभिक प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री मिशन :-अध्यक्ष महोदय, विकास के जिस रफ्तार की परिकल्पना हमने की है, उसे एक सामान्य ग्रोथ रेट से प्राप्त नहीं किया जा सकता; इसके लिए आवश्यकता है कि चिन्हांकित क्षेत्रों में मिशन मोड में काम किया जाए। इस उद्देश्य से आज हम इस बजट के माध्यम से 5 मिशन लाँच करने जा रहे हैं। प्रत्येक मिशन के लिए हम  अगले 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष कम से कम 100-100 करोड़ की राशि का प्रावधान करेंगे :-

1. मुख्यमंत्री AI मिशन
2. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन
3. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन
4. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन
5. मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन

मुख्यमंत्री AI मिशन :- अध्यक्ष महोदय, इस मिशन का उद्देश्य, राज्य में AI टैलेंट का विकास करना, AI से संबंधित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में AI संबंधित शोध एवं अनुसंधान को गति प्रदान करना है। आज विश्व में मैन्यूफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी एवं ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी जैसे लहर के बाद AI की लहर हम सभी देख रहे हैं, अनुभव कर रहे हैं और हमारे लिए यह एक सुनहरा अवसर है, जब हम अपने AI मिशन के माध्यम से छत्तीसगढ़ को न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में एक केन्द्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं।
मिशन के माध्यम से राज्य में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, पायलेट प्रोजेक्ट और नवाचार इत्यादि के लिए ईको-सिस्टम तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन :- अध्यक्ष महोदय, हमारे मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन का उद्देश्य है राज्य के पर्यटन स्थलों, टूरिस्ट सर्किट्स का विकास और संवर्धन, त्यौहार, मेलों, प्रदर्शनियों की ब्रांडिंग एवं उनकी विजिबिलिटी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना। यह मिशन होम स्टे, गाईड सेवाओं, हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करना, टूर संचालन एवं अन्य प्रासंगिक सेवाओं का विस्तार करना, पर्यटन स्थलों की लास्ट माइल कनेक्टिविटी, स्वच्छता, पेयजल एवं आगंतुक सुविधाओं में मौजूद वर्तमान कमियों को चिन्हांकित कर उन्हें दूर करना तथा आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समर्पित रहेगा।

मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन :- अध्यक्ष महोदय, आज की तारीख में हम सभी इस बात से सहमत होंगे कि खेल-कूद ना केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सॉफ्टपॉवर का प्रतीक है, जो किसी राष्ट्र को वैश्विक प्रतिष्ठा तथा सांस्कृतिक पहचान दिलाती है। एक तरह से यह अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की तरकश का एक प्रभावी तीर भी है।

अध्यक्ष महोदय, भविप्य में खेल-कूद के क्षेत्र की क्षमता एवं उससे होने वाले सकारात्मक परिणाम को ध्यान में रखते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सरकार ने इस बजट में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन लाने का निर्णय किया है। इस मिशन के कुछ विशेष उद्देश्य रहेंगे, जैसे प्रतिभाओं का चिन्हांकन एवं उसे निखारने तराशने का काम करना, संभाग, जिला और विकासखण्ड स्तर पर लक्षित खेलों के लिए आधुनिक खेल अधोसंरचना का निर्माण करना, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना एवं उन्हें आर्थिक रूप से मदद करना, महिलाओं की भागीदारी को खेल क्षेत्र में बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन को छत्तीसगढ़ में बढ़ावा देना।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन :- अध्यक्ष महोदय, माननीय विष्णुदेव साय जी की सरकार ने सदैव यह प्रयास किया है कि सामाजिक पूंजी निर्माण के साथ-साथ पूंजीगत निवेश को भी त्वरित गति मिले। अधोसंरचना निर्माण विकास की वह बुनियाद है, वह नींव है जिस पर छत्तीसगढ़ सुदृढ़, समावेशी, आधुनिक एवं फ्यूचर रेडी सुविधाओं का स्तंभ खड़ा कर रहा है। आने वाले समय में हमारी प्रतिस्पर्धा केवल अन्य राज्यों से ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उभर रहे नए विकास केन्द्रों से भी होगी तथा अगर हमें अपने आप को भविप्य में प्रासंगिक बनाए रखना है; तो चाहे सड़क हो, रेल हो, पेयजल हो, दूरसंचार हो या हवाई अड्डे हों, इन सभी क्षेत्रों में लम्बी अवधि तक नियोजन के साथ निवेश की आवश्यकता पड़ेगी।

महोदय, इन सभी परिकल्पनाओं को फलीभूत करने के लिए आवश्यक है कि हम भविष्य के हिसाब से अधोसंरचना के लिए गैप एनालिसिस करें, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के साथ साझा कार्यक्रम के संभावनाओं को तलाशें तथा चल रही परियोजनाओं का माईलस्टोन तैयार कर, समयावधि में पूर्ण करने हेतु आवश्यक कदम उठाएं।

मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन :- अध्यक्ष महोदय, मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन हमारे उन प्रयासों और संकल्पों को साकार करेगा, जिसके माध्यम से हम छत्तीसगढ़ के युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनने के लिए उत्साहित करेंगे, उनको आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे और उनके सपनों को पंख देंगे। आज का समय दुनिया भर में उत्पन्न हो रहे नए अवसरों और संभावनाओं को तलाश कर अपने करियर को उस अनुरूप ढालने का है। किसी ने कहा है :-

  • अपनी बातों को तोलना होगा,
  • यानी सूरज को बोलना होगा,
  • धूप कमरे में यूँ ना आएगी,
  • उठ के दरवाजा तो खोलना होगा,,

मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप एवं NIPUN मिशन के माध्यम से हम उन युवा उद्यमियों का हाथ थामना चाहते हैं, जिनके पास नई सोच, नवीन अवधारणाएँ और अभिनव उद्यमी विचार तो हैं, किंतु संसाधनों और पहुँच के अभाव में वे संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे युवाओं को तकनीकी, आर्थिक और संस्थागत सहयोग प्रदान कर हैंड होल्डिंग की जाएगी, ताकि उनके विचार, Conceptualization से लेकर Marketable Product तक की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर सकें।

अध्यक्ष महोदय, वर्तमान में AI के दौर में तथा वैश्विक तथा राष्ट्रीय स्तर की अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप की यह सच्चाई है कि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र दोनों में नवीन कौशल एवं दक्षता की आवश्यकता है। यह कौशल किसी क्लासरूम या कॉलेज की चार दीवारी मात्र में प्राप्त नहीं की जा सकती, अपितु इसके लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर अप्रेन्टिसशिप एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था करने की आवश्यकता है। इसके साथ यह भी जरूरी है कि हम अपने राज्य के वर्कफोर्स का उन्नयन कर रोजगार के लिए तैयार करें, जिससे उन्हें उद्योग जगत से जोड़ा जा सके। मिशन NIPUN (New-Age Industry Preparedness through Up-skilling of New Generation Youth) के माध्यम से हम अपनी युवा-शक्ति को आधुनिक तकनीक एवं कौशल से सुसज्जित कर उच्च आय के रोजगार के लिए तैयार करेंगे।

वित्त आयोग की अनुशंसा :- अध्यक्ष महोदय, चौथे राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवार्ड अवधि के समतुल्य करते हुए वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक लागू किया जाएगा। स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व का 9 प्रतिशत अंतरण का निर्णय लिया गया है, इसमें से 70 प्रतिशत राशि पंचायतों को तथा 30 प्रतिशत नगरीय निकायों को दी जाएगी।

महोदय, अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम पंचायतों को 2.50 लाख प्रतिवर्ष अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाएगा, जिसके लिए 120 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को राजस्व वृद्धि के लिए पुरस्कृत करने के उद्देश्य से उनके द्वारा कर राजस्व में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के बराबर राशि परफार्मेंस ग्रान्ट के रूप में दी जायेगी।

बजट अनुमान :- अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2026-27 का बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ। वर्ष 2026-27 में 01 लाख 72 हजार करोड़ की कुल प्राप्ति का अनुमान है, जो गत वर्ष की अनुमानित प्राप्तियों से 4.2% अधिक है। कुल प्राप्तियों में राज्य की राजस्व प्राप्तियां 77 हजार करोड़, केन्द्र से प्राप्तियां 66 हजार करोड़ एवं पूंजीगत प्राप्तियां 29 हजार करोड़ अनुमानित है।

वर्ष 2026-27 के लिए विनियोग का आकार 01 लाख 87 हजार 500 करोड़ का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुनप्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 01 लाख 72 हजार करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 01 लाख 45 हजार करोड़ एवं पूंजीगत परिव्यय 27 हजार करोड़ है। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग एव अनुसूचित जाति वर्ग के विकास के लिए आदिवासी उप योजना मद में 34% एवं अनुसूचित जाति विशेष घटक योजना मद अंतर्गत 12% राशि का प्रावधान किया गया है।

वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिये 40%, आर्थिक क्षेत्र के लिये 36% एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिये 24% का प्रावधान किया गया है। इस बार बजट में नवाचार करते हुए, विभागों के बजट में ग्रीन बजटिंग किया गया है तथा हमारे बजट के कुल आकार में 14 हजार 300 करोड़ ग्रीन बजट को समर्पित है।

राजकोषीय स्थिति :- वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल वित्तीय घाटा 28 हजार 900 करोड अनुमानित है। जिसमें केन्द्र से पूंजीगत व्यय हेतु विशेप सहायता ऋण 8 हजार 500 करोड़ शामिल है। राज्य का शुद्ध वित्तीय घाटा 20 हजार 400 करोड़ होगा। जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.87% है। राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियां 1 लाख 43 हजार करोड़ एवं कुल राजस्व व्यय 1 लाख 45 हजार करोड़ अनुमानित है। अतः वर्ष 2026-27 में कुल 2 हजार करोड़ का राजस्व घाटा (Revenue Deficit) अनुमानित है।

कर प्रस्ताव :- अध्यक्ष महोदय, महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में निरंतरता रखते हुए एवं हमारे संकल्प पत्र के अनुरूप आगामी वर्ष से महिलाओं के नाम से अचल सम्पत्ति क्रय पर भारित पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दिया जाना प्रस्तावित है। अध्यक्ष महोदय, सुशासन की परिभाषा क्या हो सकती है इस विद्वान सदन में उपस्थित प्रत्येक माननीय सदस्य के अपने-अपने पैमाने और मापदंड हो सकते हैं। किन्तु यदि कोई मुझसे यह प्रश्न करे, तो मैं पूर्ण विश्वास और दृढ प्रतिबद्धता के साथ यह कह सकता हूँ कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में सुशासन की यह सरकार नीति, न्याय, निवेश, निर्माण और नवाचार इन पंचतत्त्वों पर आधारित है। हमारे SANKALP का कण-कण इन्हीं पंचतत्त्वों से निर्मित है। यह संकल्प मात्र शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि हमारी शासन-दृष्टि का प्रतिरूप है जो जनता के प्रति हमारी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण का श्वेत पत्र है।

अध्यक्ष महोदय, मैं राज्य के तीन करोड़ भाई-बहनों को नमन करता हूँ, जिनका आशीर्वाद, स्नेह और विश्वास हमें बड़े निर्णय लेने की शक्ति देता है, सुशासन के पथ पर अडिग रहने का संबल देता है और छत्तीसगढ़ के विकास के इस महायज्ञ में स्वयं की आहूति देने की प्रेरणा देता है। अध्यक्ष महोदय, अंत में मैं इन पंक्तियों के साथ अपनी बात समाप्त करना चाहूँगा :- जब जलती संकल्प की ज्वाला है तम् का साहस खोता है मन के संशय, भय के बादल क्षण भर मं  क्षीण हो जाता है। जो ठान लिया अंतर्मन में वह पथ खुद बन जाता है भाग्य नहीं पुरुषार्थ जगाता-मानव इतिहास बनाता है।
विपदा चाहे वज्र बन आए संकल्प न झुकने पाता है दीप अकेला भी जल उठे तो रात स्वयं झुक जाता है। अध्यक्ष महोदय, मैं आपका, माननीय मुख्यमंत्री जी का, अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों का तथा इस सदन में उपस्थित सभी सम्माननीय सदस्यों का अंतःकरण से धन्यवाद करता हूँ।

जय भारत ! जय छत्तीसगढ़ ! वन्दे मातरम् !

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9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

Posted on :13-Feb-2026
9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के क्षेत्र में सक्रिय ग्राम पोंड़, जिला गरियाबंद के युवा खेमराज साहू ने हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों में राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार कर जिले एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कुल्लू जिले की सोलंग वैली से पतालसू पीक ट्रैक के दौरान लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 6 डिग्री तापमान में तिरंगा एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छायाप्रति के साथ मेले का संदेश प्रदर्शित किया।

उल्लेखनीय है कि पतालसू पीक की कुल ऊंचाई लगभग 13,900 फीट है। 03 फरवरी 2026 को अत्यधिक बर्फबारी एवं प्रतिकूल मौसम के कारण कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। निर्धारित मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी होने के बावजूद खेमराज साहू एवं उनके साथियों ने एडवेंचर वैली के प्रशिक्षु माउंटेनियर के मार्गदर्शन में सोलंग वैली से शगाडुग के जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग का प्रयास किया।

सीने तक जमी बर्फ को हटाते हुए एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर उन्होंने सफलतापूर्वक तिरंगा लहराते हुए राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार किया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ के नितेश अग्रवाल, राजनांदगांव तथा ओड़िशा की प्रवासिनी सहित अन्य साथी शामिल रहे। पूर्व में वर्ष 2023 में खेमराज साहू केदारकंठा (12,500 फीट), उत्तराखंड में भी जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा उनका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

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होली से पहले कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात

Posted on :13-Feb-2026
होली से पहले कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों से 4.73 करोड़ रुपये जारी

अब तक 14,518 किसानों को मिला 51.51 करोड़ का भुगतान

रायपुर : होली पर्व से पूर्व कवर्धा के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी सामने आई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों के लिए 4.73 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। अब तक कुल 14,518 गन्ना किसानों को 51.51 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। नियमित एवं समयबद्ध भुगतान की इस प्रक्रिया से किसानों को आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे आगामी कृषि कार्यों की तैयारी सुचारु रूप से कर पा रहे हैं। कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है। उनके निर्देशन में कारखाना प्रबंधन द्वारा किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी एवं त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। 

कारखाना प्रबंधन ने बताया कि चालू पेराई सत्र में अब तक 2,42,990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है तथा 2,86,743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया गया है। यह उपलब्धि किसानों के सतत सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम है। गौरतलब है कि होली जैसे प्रमुख त्योहार से पूर्व भुगतान की पहल से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। जिला प्रशासन एवं कारखाना प्रबंधन ने किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहने का विश्वास दिलाया है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना प्रबंधन ने शेयरधारक सदस्य किसानों एवं गैर-सदस्य गन्ना उत्पादकों से सर्वे के अनुरूप अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रबंधन ने इसे सहकारिता को मजबूत करने और किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का साझा अवसर बताया है। विगत पेराई सत्र 2024-25 एवं वर्तमान पेराई सत्र 2025-26 में सर्वे अनुमान के अनुरूप गन्ना आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण कारखाने की पेराई क्षमता का पूर्ण उपयोग नहीं हो सका, जिससे पेराई अवधि प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि पर्याप्त गन्ना आपूर्ति होने से पेराई अवधि बढ़ेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को आगे भी समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कारखाना प्रबंधन ने कारखाने की पंजीकृत उपविधियों के अंतर्गत जानकारी देते हुए बताया कि उपविधि धारा 07(02)(घ) के अंतर्गत सदस्य किसानों के लिए अपने उत्पादित गन्ने की आपूर्ति कारखाने में करना अनिवार्य है। वहीं उपविधि धारा 09(क)(05) में यह प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य लगातार सर्वे के अनुसार गन्ना आपूर्ति नहीं करता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त की जा सकती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि सहकारी संस्था की निरंतरता और किसानों के दीर्घकालिक हितों की रक्षा करना है।

किसानों के हित में सतत प्रयास

कारखाना प्रबंधन ने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना अपनी स्थापना से ही क्षेत्र के गन्ना किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति का सशक्त माध्यम रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के प्रयासों, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और किसानों के सहयोग से कारखाना निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। कारखाना द्वारा एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी की राशि, शासन द्वारा जारी बोनस राशि का भी भुगतान किया जाता है। शक्कर कारखाना द्वारा किसानों को शासन के सहयोग से रियायती दर पर शक्कर वितरण भी किया जाता है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों के लिए उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाता है,गन्ना किसानों को गन्ना संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। किसानों के लिए कारखाना परिसर में सर्व सुविधा युक्त बलराम सदन का निर्माण किया गया है। कारखाना परिसर में श्रमिकों एवं किसान भाइयों के लिए केवल 5 रुपए में गरम भोजन के लिए कैंटीन शुरू की गई है। इस प्रकार भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन किया जाता है।

अस्तित्व की रक्षा के लिए सामूहिक सहभागिता जरूरी

कारखाना प्रबंधन ने सभी शेयरधारक किसानों और अन्य गन्ना उत्पादकों से अपील की है कि वे सर्वे के अनुसार अधिक से अधिक गन्ना कारखाने में दें। प्रबंधन का कहना है कि अगर सभी किसान मिलकर सहयोग करेंगे तो पेराई का लक्ष्य आसानी से पूरा हो सकेगा और कारखाना मजबूत बना रहेगा। इससे सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र के गन्ना किसानों का भविष्य भी सुरक्षित और बेहतर होगा।

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बनासकांठा, गुजरात के शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुए बस्तर के पशुपालक और बिहान समूह की दीदियां

Posted on :13-Feb-2026
बनासकांठा, गुजरात के शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुए बस्तर के पशुपालक और बिहान समूह की दीदियां

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान

रायपुर : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित निवास में गुजरात के बनासकांठा जिले के शैक्षणिक भ्रमण पर जा रहे बस्तर संभाग के पशुपालकों और बिहान समूह की दीदियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर भ्रमण के उद्देश्य और उससे मिलने वाली संभावित सीख पर चर्चा की।

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उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीखने और उसे अपने क्षेत्र में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे बनासकांठा के सफल डेयरी सहकारी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गंभीर अध्ययन कर बस्तर में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।

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वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण से उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण और विपणन व्यवस्था का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से प्रतिभागी गुजरात में बनास डेयरी, अमूल डेयरी तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहित विभिन्न डेयरी संस्थानों का अवलोकन करेंगे। बनासकांठा अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और मजबूत सहकारी ढांचे के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

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नवीन आंगनबाड़ी भवन: शिक्षा, पोषण और सुरक्षा का संगम

Posted on :12-Feb-2026
नवीन आंगनबाड़ी भवन: शिक्षा, पोषण और सुरक्षा का संगम

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : मुंगेली जिले के ग्रामीण अंचलों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिशरण से 100 नवीन आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से 31 भवन पूर्ण हो चुके हैं तथा 69 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष भवनों को 15 मार्च तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इन नवीन भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में 6 वर्ष तक के बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा, पोषण आहार एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध हो रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं, जिससे उनके समग्र विकास को सुदृढ़ आधार मिल रहा है।

बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से भवनों की दीवारों पर हिंदी एवं अंग्रेजी वर्णमाला, जीव-जंतु तथा अन्य शैक्षणिक विषयों से संबंधित आकर्षक चित्रों की पेंटिंग कराई गई है। इन चित्रों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके मानसिक विकास में सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। बेहतर अधोसंरचना के कारण आंगनबाड़ी गतिविधियों के संचालन में सुविधा हुई है तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार का कहना है कि मनरेगा एवं महिला-बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से निर्मित ये भवन ग्रामीण बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नवनिर्मित आंगनबाड़ी केन्द्रों में आकर्षक शैक्षणिक वातावरण से बच्चों एवं अभिभावकों में उत्साह एवं विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा, पोषण और सुरक्षा को नया आयाब दे रही है।

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम सेमो को दी 2.38 करोड़ रुपए के नवीन विद्युत उपकेंद्र की बड़ी सौगात

Posted on :12-Feb-2026
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्राम सेमो को दी 2.38 करोड़ रुपए के नवीन विद्युत उपकेंद्र की बड़ी सौगात

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

33/11 केवी उपकेन्द्र निर्माण की रखी गई आधारशिला, 10 गांव होंगे लाभान्वित

5 एमवीए ट्रांसफार्मर और 3 नए फीडर से बढ़ेगी बिजली आपूर्ति की क्षमता

किसानों और 2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा स्थायी विद्युत सुविधा का लाभ

रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के ग्राम सेमो में 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की बड़ी सौगात दी। इस उपकेन्द्र के स्थापित होने से आसपास के 10 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे तथा लगभग 2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और नियमित विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी। ग्राम सेमो में इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत विधिवत भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। यह उपकेन्द्र क्षेत्र में लंबे समय से बनी बिजली समस्या के समाधान के साथ-साथ विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा की पहल से क्षेत्रवासियों को बेहतर और स्थायी विद्युत सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए, गांवों और वनांचलों तक ले जाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह उपकेन्द्र न केवल बिजली की समस्या को दूर करेगा, बल्कि क्षेत्र के विकास की रफ्तार को भी तेज करेगा। लंबे समय से इस इलाके के लोगों को लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं से निजात मिलेगा। इस नई परियोजना के पूरा होने के बाद यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। 

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि इस उपकेन्द्र में 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा तथा यहां से 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिससे आसपास के 10 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस व्यवस्था से क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या दूर होगी, जिससे किसानों को विशेष रूप से राहत मिलेगी और कृषि कार्य के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों के साथ बैठकर उनकी समस्या शिकायतों को सुना और उसका निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणजन और विद्युत विभाग के अन्य अधिकरी उपस्थित थे। 

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2.38 करोड़ रुपए की लागत से होगा निर्माण, विकास को मिलेगी नई दिशा

विकासखंड कवर्धा के ग्राम सेमो में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ होने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी और क्षेत्रवासियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करेगी। ग्राम सेमो में लगभग 2 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत से 33/11 केवी उपकेन्द्र का निर्माण किया जाएगा। इसमें 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी।

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10 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

इस उपकेन्द्र से कुल 3 अलग-अलग 11 केवी फीडर निकाले जाएंगे, जिनसे सोनबरसा, चारभांठा, गदहाभांठा, बारदी, बरदुली, सेमो, मानपुर, सिंघनपुरी, भेलवाभांवर और दुल्लापुर सहित 10 गांवों के उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। अभी इन गांवों में बिजली आपूर्ति 33/11 केवी उपकेन्द्र बिजई से संचालित 11 केवी सोनबरसा बस्ती फीडर और 11 केवी सोनबरसा पंप फीडर के माध्यम से की जाती है। क्षेत्र में लगभग 500 कृषि पंप होने के कारण अक्सर लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। जिससे अब समस्या का समाधान हो सकेगा। 

2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर बिजली

कृषि पंपों और औद्योगिक उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने से ऊर्जा की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में नए उपकेन्द्र का निर्माण क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नए सब स्टेशन के निर्माण से लगभग 2 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।

बारिश के समय भी मिलेगी राहत

33/11 केवी उपकेन्द्र सेमो के निर्माण से बिजई उपकेन्द्र पर दबाव कम होगा। खासकर बारिश के मौसम में कृषि उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर हो सकेगी।

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

Posted on :12-Feb-2026
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घराती बन बारात परघाकर किया सभी का स्वागत

Posted on :11-Feb-2026
मुख्यमंत्री कन्या विवाह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने घराती बन बारात परघाकर किया सभी का स्वागत

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिला सम्मान और सहारा– उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सामुहिक विवाह में वर्चुअल रूप से जुड़कर नव विवाहितों को दिया आशीर्वाद

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा 272 जोड़ों की सामुहिक विवाह में शामिल होकर आशीर्वाद प्रदान किया

रायपुर : आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत सामाजिक रिती-रिवाजों और अभुतपूर्व उत्साह के साथ कबीरधाम जिले के 272 जोड़े एक साथ सात फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से जुड़कर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। 

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सरदार पटेल मैदान में आयोजित इस समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल वधुओं के परिजन बनकर शामिल हुए। इस अवसर में उन्होंने बारात का स्वागत करने के साथ सभी को परघाते हुए समधी की तरह सभी का अभिवादन किया। वरों एवं उनके परिजनों का फूल माला के साथ स्वागत करते हुए सभी का गले लगाकर अभिनंदन किया। उन्होंने परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत करने वाले सभी नवदंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में पंडित द्वारा वर-वधुओं को सात वचनों का संकल्प दिलाया गया, जिसके साथ ही विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मंच पर पहुंचकर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया और शासन की ओर से प्रत्येक जोड़े को 35-35 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक और सामग्री भेंट किया। 

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अनेक जोड़े एक साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की परेशानियों को समझते हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की थी। पहले बेटियों की शादी के लिए परिवारों को कर्ज तक लेना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने उनकी बड़ी चिंता दूर की है। इस पहल से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो रहा है।

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उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नवदाम्पत वर एवं वधु को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से आज पूरे सम्मान के साथ कबीरधाम जिले के 272 बेटियों की विवाह पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा के साथ एक आदर्श विवाह के रूप में संपन्न कराया गया। आज हम सब इस सामुहिक विवाह के साक्षी बने और नवदाम्पत जोड़ों को एक साथ, एक स्थान और एक मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान करने का अवसर भी हम सबकों मिला।

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उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को वर्तमान में 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें जीवन की नई शुरुआत में आर्थिक सहारा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा में रायपुर के बाद सबसे अधिक नवजोड़ों का विवाह एक साथ संपन्न हो रहा है, जो इस जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यहां विवाह का यह आयोजन सार्वजनिक रूप से पूरे परंपरा और रीति-रिवाज के साथ किया जाता है, जिसमें पूरे जिले के लोग मिलकर सहभागिता निभाते हैं और समाज एक परिवार की तरह साथ खड़ा रहता है। उन्होंने नवजोड़ों को संदेश देते हुए कहा कि सुखी जीवन का सबसे बड़ा सूत्र एक-दूसरे को समझना, सम्मान देना और हर परिस्थिति में साथ निभाना है। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से विवाह संस्कार संपन्न कराया गया है, अब सभी नवदंपति अपने वचनों को निभाते हुए जीवनभर साथ चलें और अपने परिवार को आगे बढ़ाएं।

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पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि कवर्धा में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक क्षण है, जहां पूरे मंडप को दूल्हा–दुल्हनों से सजा हुआ देखकर अत्यंत खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है। 

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इस अवसर पर  कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री बिसेसर पटेल, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, श्री मोतीराम चंद्रवंशी, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री अनिल ठाकुर, श्री नितेश अग्रवाल, श्री मुकेश ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत श्री संतोष पटेल, श्री विदेशी राम धुर्वे, सभापति श्रीमती सुमित्रा पटेल, जनपद अध्यक्ष कवर्धा श्रीमती सुषमा बघेल, बोड़ला श्रीमती बालका वर्मा, पडरिया श्रीमती नंदनी साहू, सहसपुर लोहारा श्रीमती दुर्गा सिंह, जिला पंचायत सदस्य डॉ वीरेंद्र साहू, सभापति श्री राज कुमार मरावी, श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्रीमती दीपा धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गंगा साहू, सदस्य जिला पंचायत श्री रोशन दुबे, श्रीमती राजकुमारी साहू, श्रीमती ललिता धुर्वे सहित सभी जनप्रतिनिधि ने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया।

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उपमुख्यमंत्री बेटिंयों के अभिभावक बनकर दुल्हों का किया स्वागत सत्कार

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरदार पटेल मैदान में सामुहिक विवाह का आयोजन किया गया। कवर्धा शहर के पुरानी मंडी से बैंड और डीजे सहित आतिशबाजी के साथ 272 दुल्हों की सामुहिक बारात निकाली गई। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू बेटियों की तरफ से उनके अभिभावक बनकर दुल्हों और वर पक्ष का महामाया मंदिर के पास माला पहनाकर स्वागत किया। वही वर पक्ष की ओर से नगर पालिका अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक श्री सियाराम साहू, श्री नितेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि बारात में शामिल होकर दुल्हों का आत्मविश्वास बढ़ाया। 

बरातियों का छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति ‘डंडा खेल’ और बैंड से हुआ भव्य परघौनी स्वागत

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करते हुए आज सामूहिक विवाह के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति देखने को मिली, जहां बरातियों का स्वागत डंडा खेल के जरिए किया गया। पारंपरिक अंदाज में आयोजित इस ’परघौनी’ ने न सिर्फ शादी समारोह को खास बना दिया, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की झलक भी पेश की। वर पक्ष का जब बरात पहुंची, तो वधु पक्ष ने डंडा खेल की आकर्षक प्रस्तुति दी। डंडा खेल, जो छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, आमतौर पर शारीरिक चुस्ती और कलात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस खेल के जरिए वधु पक्ष ने बरातियों का स्वागत किया।

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बौद्ध परंपराओं के साथ छह नवदंपत्तियों ने लिया जीवनभर साथ निभाने का संकल्प

Posted on :11-Feb-2026
बौद्ध परंपराओं के साथ छह नवदंपत्तियों ने लिया जीवनभर साथ निभाने का संकल्प

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

मुख्यमंत्री कन्या विवाह में बौद्ध धर्म के जोड़ों को मिला मुख्यमंत्री का आशीर्वाद

रायपुर : मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के राज्य स्तरीय आयोजन में आज सामाजिक समरसता और सर्वधर्म सद्भाव का सुंदर दृश्य देखने को मिला, जब बौद्ध धर्म के अनुयायी छह नवदंपत्तियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। बौद्ध परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुए इस विवाह ने मानवीय मूल्यों, करुणा और समानता के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

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इस अवसर पर बौद्धाचार्य भंते श्री ओमप्रकाश सहारे ने बताया कि बौद्ध रीति-रिवाजों के अनुसार महाकारुणिक भगवान गौतम बुद्ध एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके पश्चात नवदंपत्तियों ने त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कर धम्म वंदना, बुद्ध वंदना एवं संघ वंदना की तथा जयमंगल अष्टगाथा के पाठ के साथ जयमाला द्वारा एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा  कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सभी नवदंपत्तियों के पास जाकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य सभी वर्गों और धर्मों के परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान करना है, जिससे सामाजिक समरसता और भाईचारा और अधिक सुदृढ़ हो।

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इस सामूहिक विवाह में डोंगरगढ़ की आँचल टेम्बुलकर एवं आकाश इंदुलकर, छुरिया (राजनांदगांव) की देवनतीन एवं कृष्णा विजय शहरे, आकांक्षा रावत एवं अक्षय कोसरे, अंजली गेड़ाम एवं प्रताप कुमार, सुधा मेश्राम एवं अंकुश वासनिक तथा अर्चना गेड़ाम के विवाह बौद्ध परंपरा के अनुसार संपन्न हुए।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत बौद्ध धर्म के इन नवदंपत्तियों का विवाह सामाजिक समानता, धार्मिक सहिष्णुता और संवेदनशील शासन की सशक्त मिसाल बना, जिसने समरस और समावेशी छत्तीसगढ़ की भावना को और मजबूत किया।

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संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का समापन

Posted on :10-Feb-2026
संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम 2026 का समापन

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

सुकमा के जनजातीय नाट्य ने बिखेरा जलवा

मुड़िया जनजाति पर आधारित नाट्य का मंचन

गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सम्मानित

रायपुर : बस्तर संभाग की गौरवशाली संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण हेतु आयोजित 'बस्तर पंडुम 2026' में सुकमा जिले ने सफलता का परचम लहराया है। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में आयोजित इस भव्य संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में सुकमा के जनजातीय नाट्य दल विधा को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।
देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा के कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

संस्कृति के संरक्षण की अनूठी पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बस्तर के पारंपरिक नृत्य, गीत, खानपान, शिल्प और आंचलिक साहित्य के मूल स्वरूप को सहेजना और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान करना है। प्रशासन की इस पहल से न केवल विलुप्त हो रही विधाओं को संजीवनी मिल रही है, बल्कि जनजातीय समूहों के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

सुकमा के कलाकारों ने जीती प्रतियोगिता

कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से 12 विधाओं के कुल 69 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रथम स्थान कोंटा विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में बाजी मारी।

कला का जीवंत चित्रण

मुड़िया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिला) ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे ताड़ का पत्ता, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल का कलात्मक प्रयोग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इन कलाकारों ने बढ़ाया जिले का गौरव

कोंटा विकासखंड में स्थित पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने अपनी प्रतिभा से सुकमा जिले को गौरवान्वित किया है। कलाकारों की इस सफलता में नोडल अधिकारी श्री मनीराम मरकाम और श्री पी श्रीनिवास राव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को संभाग स्तर तक पहुंचाने और प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई।

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शासन के सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह पर दिव्यांग श्री राजेश कुमार पटेल

Posted on :09-Feb-2026
शासन के सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह पर दिव्यांग श्री राजेश कुमार पटेल

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

व्यावसायिक प्रशिक्षण बना आजीविका और आत्मसम्मान का आधार

रायपुर : दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और राज्य शासन के सहयोग से जीवन की कठिनाइयों को अवसर में बदला जा सकता है।इस सच्चाई को चरितार्थ कर दिखाया है बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम चिरहुला निवासी दिव्यांग श्री राजेश कुमार पटेल ने। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के सहारे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को स्थायित्व और सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया है।

श्री राजेश कुमार पटेल ने बिलासपुर स्थित शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला, तिफरा से सत्र 2023–24 में इलेक्ट्रिकल व्यवसाय का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने न केवल उन्हें तकनीकी दक्षता प्रदान की, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया, जिससे वे अपनी क्षमताओं को पहचानकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके।

प्रशिक्षण से पूर्व वे एक छोटी पान दुकान के माध्यम से परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, जिससे आय सीमित थी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्होंने अपने घर से ही इलेक्ट्रिकल उपकरण मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया। वर्तमान में वे टेबल फैन, सीलिंग फैन, कूलर, मिक्सर ग्राइंडर, हीटर, टेबल लैम्प, इन्वर्टर सहित विभिन्न घरेलू विद्युत उपकरणों की मरम्मत कर रहे हैं।इस कार्य से अब उनकी दैनिक आय 500 से 1500 रुपये तक हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर हुआ है। आत्मनिर्भरता की इस राह ने उन्हें समाज में नई पहचान और आत्मसम्मान दिलाया है।

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लाभार्थी राजेश कुमार पटेल ने राज्य शासन एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाओं ने उन्हें सम्मानजनक आजीविका का अवसर प्रदान किया और आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रशस्त किया।

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‘बिहान’ से मिली आत्मनिर्भरता की राह

Posted on :09-Feb-2026
‘बिहान’ से मिली आत्मनिर्भरता की राह

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान‘ परियोजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्राटिकरा की निवासी श्रीमती मनमेश्वरी ने इस योजना से जुड़कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर महिला उद्यमिता की प्रेरक कहानी रची है।

अल्पना स्व-सहायता समूह की सक्रिय सदस्य श्रीमती मनमेश्वरी ने आर्थिक तंगी के बीच ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत समूह से ऋण लेकर अपने गांव में धान कुटाई मशीन स्थापित की। प्रारंभ में ऋण चुकाने को लेकर उन्हें आशंका थी, लेकिन निरंतर परिश्रम और कार्य के प्रति समर्पण से मशीन संचालन सफल रहा। आज वे न केवल पूरा ऋण चुका चुकी हैं, बल्कि धान कुटाई मशीन से नियमित अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।

श्रीमती मनमेश्वरी के पति कृषि कार्य करते हैं, जहां आय मौसमी और अनिश्चित रहती है। ऐसे में धान कुटाई मशीन से होने वाली दैनिक कमाई ने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। इस आय से बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं और भविष्य की योजनाओं को पूरा करने का संबल मिला है। श्रीमती मनमेश्वरी ने बताया कि ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने हितग्राहियों को सौंपी सौगातें

Posted on :07-Feb-2026
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने हितग्राहियों को सौंपी सौगातें

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं विधायक श्री किरण सिंह देव भी रहे उपस्थित

रायपुर : स्थानीय सर्किट हाऊस में शुक्रवार की शाम उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जब जमीनी स्तर पर उतरा, तो हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं विधायक श्री किरण सिंह देव ने विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लोगों को सामग्री और सहायता राशि वितरित कर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ किया।

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कार्यक्रम के दौरान सबसे भावुक और उत्साहजनक क्षण तब देखने को मिले जब समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की पहल की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा, वनमंत्री श्री कश्यप एवं विधायक श्री देव ने करण नाग, संजय सांतरा और विजय मौर्य को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी, जिससे अब उनकी जिंदगी की रफ्तार नहीं थमेगी। इसी क्रम में राकेश कुमार मिश्रा को कृत्रिम पैर और विपिन सिंह को श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान के साथ जीने का संबल दिया गया। शिक्षा और तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, विवेक कुमार और सुभद्रा को मोबाइल किट तथा जयबती और गायत्री को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि ये बच्चे डिजिटल युग के साथ कदमताल कर सकें।

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महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला समूहों को बड़े संसाधन सौंपे गए। जागृति, तिरंगा, इंद्रावती और झांसी की रानी महिला क्लस्टर संगठनों को ईंट-सीमेंट निर्माण इकाई के संचालन हेतु चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही कंकालीन और दुर्गा स्व-सहायता समूहों जैसी संस्थाओं को भी प्रोत्साहित किया गया।

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बरसों से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों के लिए भी यह शाम यादगार बन गई। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत लक्ष्मी बाई राव, बबिता कश्यप, अलाबती, गजमती और सेवती नायक समेत कई गृहणियों को उनके सपनों के घर की चाबी सौंपी। वहीं छोटे व्यापारियों को मदद पहुंचाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत ममता यादव और नासिर खान को चेक प्रदान किए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुजुर्ग हितग्राहियों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ देकर सरकार ने हर वर्ग के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।

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डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Posted on :07-Feb-2026
डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

रायपुर : भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और  यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हवाई सेवाएँ उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, जो राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि बिलासपुर एयरपोर्ट सहित पूरे छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगी तथा प्रदेश को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी।

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पहचान भले ही अलग हो लेकिन सभी राज्यों की आत्मा एक भारत में हैं: राज्यपाल श्री डेका

Posted on :06-Feb-2026
पहचान भले ही अलग हो लेकिन सभी राज्यों की आत्मा एक भारत में हैं: राज्यपाल श्री डेका

द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार

लोकभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस

रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पहचान भले ही अलग-अलग हो लेकिन इन सब की आत्मा एक भारत में है।

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केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और नागालैण्ड राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। 

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इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान का आदान-प्रदान करना है जो आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। इस परिप्रेक्ष्य में आज का कार्यक्रम एक गौरवपूर्ण क्षण है। 

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उन्होंने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस, उस राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है। इन राज्यों का स्थापना दिवस, केवल उनके विकास की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है। 

उन्होंने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में आंध्रप्रदेश का शानदार योगदान है। यह राज्य मछली के लिए प्रसिद्ध है। यह तिरूपति बालाजी की देव भूमि है। इसी तरह पंजाब वीरों की भूमि है।  गुरूतेग बहादुर के बलिदान को सब जानते है। भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व समुदाय में पंजाबियों का बहुत योगदान है। हरियाणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य प्राचीन परंपरा का मूलभूत केंद्र है। यह वही भूमि जहां से महाभारत का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचा। झारखण्ड राज्य खनिज का हब है। चंडीगढ़ बहुत सुंदर और नियोजित प्रदेश है। नागालैण्ड बहुत खूबसुरत राज्य है। यहां की जनजातीय संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। इस राज्य के लोगों की बहादुरी की कहानियां दुसरों को प्रेरित करती हैं। 

श्री डेका ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम हमारे बीच संवाद, सहयोग और सद्भाव को और मजबूत करता है। 

समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की  संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संस्कृति कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी, वनवासी आश्रम की छात्राएं, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

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