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अब गंभीर बाल यौन शोषण में होगी फांसी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

अब गंभीर बाल यौन शोषण में होगी फांसी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

एजेंसी 

नई दिल्ली : बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में मौत की सजा के प्रावधान को शामिल करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के कुछ वर्गों (POCSO) अधिनियम, 2012 में संशोधन किया है। बाल यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए, केन्द्रीय कैबिनेट ने बुधवार को पॉक्सो कानून को कड़ा करने के लिए इसमें संशोधनों को मंजूरी दे दी। प्रस्तावित संशोधनों में बच्चों का गंभीर यौन उत्पीड़न करने वालों को मृत्युदंड तथा नाबालिगों के खिलाफ अन्य अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है

मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “एक तरफ देश में बाल यौन शोषण के बढ़ते चलन को रोकने के लिए आवश्यक कठोर कदमों की जरूरत और दूसरी तरफ अपेक्षाकृत नए तरह के अपराधों के खतरे को दूर करने के लिए संशोधन किया गया है।” अधिकारियों ने बताया कि बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून में प्रस्तावित संशोधनों में बाल पोर्नोग्राफी पर लगाम लगाने के लिए सजा और जुर्माने का भी प्रावधान शामिल है। सरकार ने कहा कि कानून में बदलाव से देश में बढते बाल यौन शोषण के मामलों के खिलाफ कठोर उपाय और नई तरह के अपराधों से भी निपटने की जरूरत पूरी होगी।

प्राकृतिक आपदाओं के समय बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए और अन्य स्थितियों में जहां बच्चों को किसी भी तरह से, किसी भी हार्मोन या किसी भी रासायनिक पदार्थ से, यौन उत्पीड़न के उद्देश्य से जल्दी यौन परिपक्वता प्राप्त करने के लिए धारा 9 में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार ने कहा कि कानून में शामिल किए गए मजबूत दंडात्मक प्रावधान निवारक का काम करेंगे। सरकार ने कहा, ‘‘इसकी मंशा परेशानी में फंसे असुरक्षित बच्चों के हितों का संरक्षण करना तथा उनकी सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना है। संशोधन का उद्देश्य बाल उत्पीड़न के पहलुओं तथा इसकी सजा के संबंध में स्पष्टता प्रावधान लेकर आने का है।’

सरकार ने एक बयान में कहा कि बाल यौन शोषण के पहलुओं पर उचित ढंग से निपटने के लिए पॉक्सो कानून, 2012 की धाराओं 2, 4, 5, 6, 9, 14, 15, 34, 42 और 45 में संशोधन किये जा रहे हैं।

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