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यूपी-उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 108 हुई

यूपी-उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 108 हुई

मीडिया रिपोर्टो से 

सहारनपुर\रुड़की: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब से होने वाली मौतों का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। मौत का आंकड़ा बढ़कर 108 पहुंच गया है। सहारनपुर में 3 थाना क्षेत्रों के 17 गांवों में मौतों की संख्या बढ़कर 73 तक पहुंच गई है। इतनी संख्या में मौत की घटना इससे पूर्व उत्तर प्रदेश में कभी नहीं हुई थी। शराब से प्रभावित 50 से ज्यादा मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। जिला प्रशासन ने अब तक 60 का पोस्टमार्टम कराया है। हालांकि प्रशासन जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 36 बता रहा है।

जानकारी मुताबिक उत्तराखंड के हरिद्वार के थाना झबरेड़ा के गांव बालूपुर में ज्ञान सिंह के बड़े भाई की तेरहवीं में 7 फरवरी की रात शराब परोसी गई थी। इसी के पीने से अब तक 108 लोगों की मौत और 90 से ज्यादा के उपचाराधीन होने की बात कही जा रही है। सहारनपुर के ही एक ग्रामीण पिंटू द्वारा शराब लाना बताया जा रहा है। उसकी भी शराब पीने से मौत हो गई। शनिवार शाम तक जहां जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 28 थी,देर रात 4 और लोगों ने दम तोड़ा दिया जबकि 3 लोगों की मौत आज होने से अब मृतकों की संख्या 35 हो गई है। इसमें से 21 शव सिविल अस्पताल रुड़की में पोस्टमार्टम के लिए लाए जा चुके हैं।

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौतों के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं पहले भी बाराबंकी, हरदोई, आजमगढ़, कानपुर में हो चुकी हैं जिसकी जांच में साजिश सामने आई थी। साजिश में समाजवादी पार्टी की भूमिका संदिग्ध है। हालांकि प्रशासन इतनी संख्या अभी नहीं मान रहा है, बिसरा की रिपोर्ट आने के बाद ही कन्फर्म करेगा। जहरीली शराब ने सहारनपुर के थाना देवबंद, नागल व गागलहेड़ी क्षेत्र में कोहराम मचा दिया।

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री से जिलाधिकारी, एसएसपी व सीओ के खिलाफ रासुका की कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है। चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी तो सोमवार से वे कलैक्ट्रेट में धरने पर बैठेंगे।

 

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