बिलासपुर

बिलासपुर में उच्च न्यायालय के आदेश से केंद्रीय अभिकरणों की स्थापना की मांग को लेकर हाई कोर्ट प्रैक्टिसिंग बार ने सांसद अरुण साव को पत्र लिखकर पहल करने की मांग की

बिलासपुर में उच्च न्यायालय के आदेश से केंद्रीय अभिकरणों की स्थापना की मांग को लेकर हाई कोर्ट प्रैक्टिसिंग बार ने सांसद अरुण साव को पत्र लिखकर पहल करने की मांग की

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट प्रैक्टिसिंग बार ने 2017 में एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में लगाई थी ,और याचिका में मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट के बहुत से निर्णय के आधार पर प्रत्येक अभिकरण राज्य के हो या केंद्र की सभी की स्थापना जहाँ उच्च न्यायालय होता है वह हो ,इसका मतलब है कि सभी राज्य के 11 अभिकरण और केंद्र के 5 अभिकरण की स्थापना बिलासपुर में होनी चाईए, तब माननीय उच्च न्यायालय ने विस्तृत आदेश पारित कर इस बात की सहमति जताई कि बिलासपुर में सारे अभिकरण होने चाईए, उन्होंने अपने आदेश में मुख्यसचिव और विधि सचिव को निर्देशित किया कि हाई कोर्ट प्रैक्टिसिंग बार के पदाधिकारियों की बैठक लेकर इनका पक्ष सुनकर राज्य सरकार निर्णय ले ,तब चीफ सेक्रेटरी ने आदेश के परिपालन में अप्रैल 2018 में बार के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जिसमे तत्कालीन विधि सचिव आर पी शर्मा उपस्थित थे ,उन्होंने भरसक प्रयाश किया कि बिलासपुर में सुविधा का अभाव है इसलिए वहां राज्य के अभिकरण को रायपुर से बिलासपुर बेजा जाना उचित नही है ,तब तत्कालीन मुख्यसचिव ने सभी से सहमति बनाकर यह निर्णय लिए की राज्य के अभिकरण के 2 दिन अभी कैम्प बिलासपुर में लगाएंगे और सुविधा उपलब्ध होने पर आगे का निर्णय लेंगे, और निर्णय हुआ कि केंद्र के अभिकरण के लिए राज्य सरकार पत्र लिखेगी ,पर उस पर कोई कार्यवाही नही हुई ,न ही बिलासपुर में कैम्प कोर्ट शुरू हो पाया, बार ने लगातार पत्र लिखकर राज्य और केंद्र सरकार को अवगत कराते रहे ,फिर भी अभी तक इस दिशा में कार्यवाही नही हुई, आज इसी कड़ी में सांसद अरुण साव से बार के अध्यक्ष संदीप दुबे ने बात की है कि केंद्र के अभिकरण के लिए पहल करे ,उन्हें पत्र भी लिखकर कहा गया है कि ग्रीन ट्रिब्यूनल, रेल क्लेम ट्रिब्यूनल जो भोपाल में है ,केंद्रीय श्रम ट्रिब्यूनल, डेब्ट ट्रिब्यूनल, सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल जो जबलपुर में आज 21 साल से छत्तीसगढ़ में नही होने से यह के पक्षकारों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है,रेल क्लेम ट्रिब्यूनल बिलासपुर में 2003 तक था ,पर उसे चुपचाप भोपाल भेज दिया गया और यह के नेतागण ने किसी भी प्रकार का विरोध नही किया। सांसद अरुण साव ने बार को आश्वश्त  किया है कि मैं वकील हु और इस पर पुरजोर कोशिश कर केंद्रीय अभिकरण को बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में लाने का प्रयास करूंगा। बार की तरफ से सारे अभिकरण की स्थापना बिलासपुर में होने की मांग संदीप दुबे ,राजेश केशरवानी, बादशाह सिंग, गुरुदेव शरण, अवध त्रिपाठी, शैलेश आहूजा ,आदि ने की है

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