× Popup Image
Garja Chhattisgarh News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    रनवे पर टक्कर से मचा हड़कंप, अकासा और स्पाइसजेट विमानों में भिड़ंत

    रनवे पर टक्कर से मचा हड़कंप, अकासा और स्पाइसजेट विमानों में भिड़ंत

    तीर्थयात्रियों से भरी बोलेरो ट्रक से टकराई, 8 लोगों की दर्दनाक मौत

    तीर्थयात्रियों से भरी बोलेरो ट्रक से टकराई, 8 लोगों की दर्दनाक मौत

    स्वर्णरेखा नदी में मिला संदिग्ध मिसाइल बम, इलाके में दहशत का माहौल

    स्वर्णरेखा नदी में मिला संदिग्ध मिसाइल बम, इलाके में दहशत का माहौल

    आम जनता पर असर: चुनाव बाद ईंधन कीमतों में भारी वृद्धि की चर्चा तेज

    आम जनता पर असर: चुनाव बाद ईंधन कीमतों में भारी वृद्धि की चर्चा तेज

    अंडमान सागर में बड़ा हादसा: मलेशिया जा रही नाव पलटी, 250 यात्री लापता

    अंडमान सागर में बड़ा हादसा: मलेशिया जा रही नाव पलटी, 250 यात्री लापता

  • छत्तीसगढ़
    2 वर्ष गुजर गए न्यायालय एवं नेताओं का चौखट पर माथा टेकते हुए

    2 वर्ष गुजर गए न्यायालय एवं नेताओं का चौखट पर माथा टेकते हुए

    ऑपरेशन तलाश। सूरजपुर पुलिस ने गुम इंसान महिला को सूरत गुजरात से दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।

    ऑपरेशन तलाश। सूरजपुर पुलिस ने गुम इंसान महिला को सूरत गुजरात से दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।

    माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) सूरजपुर ने नशे के कारोबार में लिप्त तीन आरोपी को दी 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास व 1-1 लाख रूपये अर्थदण्ड की सजा।

    माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) सूरजपुर ने नशे के कारोबार में लिप्त तीन आरोपी को दी 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास व 1-1 लाख रूपये अर्थदण्ड की सजा।

    बालोद

    बलोदा बाजार

    बलरामपुर

    बस्तर

    बेमेतरा

    बीजापुर

    बिलासपुर

    दन्तेवाड़ा

    धमतरी

    दुर्ग

    गरियाबंद

    जशपुर

    जान्जगीर-चाम्पा

    कोण्डागांव

    कोरबा

    कोरिया

    कांकेर

    कवर्धा

    महासमुन्द

    मुंगेली

    नारायणपुर

    रायगढ़

    राजनांदगांव

    रायपुर

    सूरजपुर

    सुकमा

    सरगुजा

    गोरेला पेंड्रा मरवाही

    खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

    मोहला मानपुर चौकी

    सारंगढ़-बिलाईगढ़

    मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर

    सक्ति

  • संपादकीय
  • विश्व
    अंटार्कटिका में रहस्यमयी शहर का दावा, सबमरीन हुई अचानक गायब

    अंटार्कटिका में रहस्यमयी शहर का दावा, सबमरीन हुई अचानक गायब

    होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी, 15+ युद्धपोत तैनात

    होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी, 15+ युद्धपोत तैनात

    डेडलाइन से पहले अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव

    डेडलाइन से पहले अमेरिका-इजराइल का ईरान पर बड़ा हमला, बढ़ा वैश्विक तनाव

    फिर लौटा कोरोना का खतरा! नया वेरिएंट ‘Cicada’ तेजी से फैला, बढ़ी चिंता

    फिर लौटा कोरोना का खतरा! नया वेरिएंट ‘Cicada’ तेजी से फैला, बढ़ी चिंता

    मिडल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी तैयारी: 2000 ‘खतरनाक’ सैनिकों की तैनाती का प्लान

    मिडल ईस्ट में अमेरिका की बड़ी तैयारी: 2000 ‘खतरनाक’ सैनिकों की तैनाती का प्लान

  • मनोरंजन
    अहान–अनीत की केमिस्ट्री फिर करेगी कमाल

    अहान–अनीत की केमिस्ट्री फिर करेगी कमाल

    राम गोपाल वर्मा के लिए सजी सितारों भरी शाम

    राम गोपाल वर्मा के लिए सजी सितारों भरी शाम

    कॉमेडी अवतार में दर्शकों को सरप्राइज़ देगी प्रिंसी

    कॉमेडी अवतार में दर्शकों को सरप्राइज़ देगी प्रिंसी

    सिनेमा प्रेमियों का इंतजार खत्म: 10 अप्रैल को बड़े पर्दे पर बालोद की शान अंजलि सिंह चौहान!

    सिनेमा प्रेमियों का इंतजार खत्म: 10 अप्रैल को बड़े पर्दे पर बालोद की शान अंजलि सिंह चौहान!

    डिजिटल मंच से उभरा संगीत सितारा: धुनिव्हर्स का ग्रैंड फिनाले 31 मार्च को

    डिजिटल मंच से उभरा संगीत सितारा: धुनिव्हर्स का ग्रैंड फिनाले 31 मार्च को

  • रोजगार
    जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर को परीक्षा के लिए बनाये गये 756 केन्द्र

    जल संसाधन विभाग की अमीन भर्ती परीक्षा 07 दिसंबर को परीक्षा के लिए बनाये गये 756 केन्द्र

    छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग में भर्ती हेतु 06 नवम्बर को होगी अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा

    छत्तीसगढ़ अग्निशमन विभाग में भर्ती हेतु 06 नवम्बर को होगी अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा

    स्टेनोग्राफर एवं टाईपिंग परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक लिए जायेंगे आवेदन

    स्टेनोग्राफर एवं टाईपिंग परीक्षा के लिए 30 अक्टूबर तक लिए जायेंगे आवेदन

    नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की ऑनलाईन तिथि तीन दिन बढ़ी

    नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन की ऑनलाईन तिथि तीन दिन बढ़ी

    शासकीय जे. योगानन्दम महाविद्यालय, रायपुर में अतिथि व्याख्याताओं के लिए आवेदन आमंत्रित

    शासकीय जे. योगानन्दम महाविद्यालय, रायपुर में अतिथि व्याख्याताओं के लिए आवेदन आमंत्रित

  • राजनीति
    महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

    महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

  • खेल
    फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! 23 अप्रैल को MS Dhoni की वापसी के आसार, Chennai Super Kings को मिलेगा अनुभव का सहारा

    फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! 23 अप्रैल को MS Dhoni की वापसी के आसार, Chennai Super Kings को मिलेगा अनुभव का सहारा

    एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

    एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

    वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

    वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

    वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

    वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

    बॉयकॉट या बहाना? पाकिस्तान मीडिया की बातें सुनकर क्रिकेट फैंस हंसी रोक न पाए

    बॉयकॉट या बहाना? पाकिस्तान मीडिया की बातें सुनकर क्रिकेट फैंस हंसी रोक न पाए

  • राजधानी
    प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : श्री साव

    प्रदेश सरकार की सकारात्मक व विकासपरक सोच से जिले में हो रहे नवाचार : श्री साव

    जसम छत्तीसगढ़ का पहला राज्य सम्मेलन सम्पन्न

    जसम छत्तीसगढ़ का पहला राज्य सम्मेलन सम्पन्न

    भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश

    भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन, अब 20 अप्रैल से 15 जून तक रहेगा स्कूलों में अवकाश

    देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री श्री साय

    देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार 2026 के आयोजन को लेकर कलेक्टरों को लिखी चिट्ठी

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार 2026 के आयोजन को लेकर कलेक्टरों को लिखी चिट्ठी

  • ज्योतिष
    स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

    स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

    हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

    हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

    सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

    सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

    गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

    गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

    आयुर्वेद में भी लाभकारी माने गए धनिया पानी, शरीर को हो सकते हैं ये 4 संभावित फायदे

    आयुर्वेद में भी लाभकारी माने गए धनिया पानी, शरीर को हो सकते हैं ये 4 संभावित फायदे

  • गैजेट्स
    iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

    iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

    iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

    iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

    Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

    Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

    अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

    अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

    Apple Company ने अपने यूजर्स को जारी किया चेतावनी, देखे पूरी जानकारी

    Apple Company ने अपने यूजर्स को जारी किया चेतावनी, देखे पूरी जानकारी

  • संपर्क

विश्व

Previous12345678Next

फिलीपींस के ज्वालामुखी विस्फोट से हजारों लोगों को रेस्क्यू किया गया, कई उड़ानें रद्द

Posted on :10-Dec-2024
फिलीपींस के ज्वालामुखी विस्फोट से हजारों लोगों को रेस्क्यू किया गया, कई उड़ानें रद्द

मनीला:  फिलीपींस के कानलॉन ज्वालामुखी में सोमवार को भीषण विस्फोट हुआ। इस वजह से लगभग 87,000 लोगों को बाहर निकाला गया। इस विस्फोट से आसमान में हजारों मीटर तक राख का गुबार फैल गया। जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता है। फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने इसको लेकर चेतावनी जारी की है।

ज्वालामुखी में थोड़ी देर के लिए विस्फोट हुआ था, जिसमें विशाल राख का ढेर और गैस और मलबे की अत्यधिक गर्म धाराएं पश्चिमी ढलानों से नीचे गिर रही थीं। अधिक विस्फोट की संभावना मध्य नीग्रोस द्वीप पर माउंट कानलॉन के विस्फोट से कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन चेतावनी स्तर को एक स्तर बढ़ा दिया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि आगे और अधिक विस्फोटक विस्फोट हो सकते हैं।

फिलीपीन के मुख्य ज्वालामुखी विज्ञानी टेरेसिटो बाकोलकोल और अन्य अधिकारियों ने टेलीफोन पर बताया कि ज्वालामुखी की राख ज्वालामुखी के पश्चिम में समुद्री जल के पार 200 किलोमीटर (124 मील) से अधिक दूर, एंटीक प्रांत सहित एक विस्तृत क्षेत्र में गिरी, जिससे दृश्यता धुंधली हो गई और स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो गया।

सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट रद्द 

वहीं फिलीपींस के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, कानलॉन के विस्फोट के कारण सोमवार और मंगलवार को क्षेत्र में कम से कम छह घरेलू उड़ानें और सिंगापुर जाने वाली एक उड़ान रद कर दी गई और दो स्थानीय उड़ानों को डायवर्ट कर दिया गया। कानलॉन के पश्चिमी और दक्षिणी ढलानों के पास कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर निकासी तत्काल की जा रही थी, जो इसकी राख से ढक गए थे, जिसमें नेग्रोस ऑक्सिडेंटल में ला कैस्टेलाना शहर भी शामिल था, जहां लगभग 47,000 लोगों को 6 किलोमीटर की दूरी से निकाला जाना था। शहर के मेयर रूमायला मांगिलिमुतन ने एसोसिएटेड प्रेस को टेलीफोन पर बताया। मंगलवार की सुबह तक ला कैस्टेलाना में रिश्तेदारों के घरों में अस्थायी रूप से ट्रांसफर होने वाले लोगों के अलावा 6,000 से अधिक लोग निकासी केंद्रों में चले गए हैं।

अधिकारियों ने लगाया रात का कर्फ्यू

वहीं राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि अधिकारी बड़ी संख्या में विस्थापित ग्रामीणों को सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं और उनके सामाजिक कल्याण सचिव ने मंगलवार तड़के प्रभावित क्षेत्र के लिए उड़ान भरी। वहीं सरकारी वैज्ञानिक जहरीली ज्वालामुखीय गैसों से प्रदूषण के खतरे के कारण हवा की क्वालिटी की निगरानी कर रहे थे। अधिकारियों ने स्कूलों को भी बंद कर दिया और सबसे संवेदनशील इलाकों में रात का कर्फ्यू लगा दिया।(एजेंसी)

Read More

बांग्लादेश में फिर हिंदू मंदिर पर हमला, इस्कॉन सेंटर में आगजनी से बढ़ा तनाव

Posted on :07-Dec-2024
बांग्लादेश में फिर हिंदू मंदिर पर हमला, इस्कॉन सेंटर में आगजनी से बढ़ा तनाव

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में एक और हिंदू मंदिर पर हमला. शुक्रवार की देर रात अराजक तत्वों ने इस्कॉन सेंटर पर हमला कर आग लगा दिया. दंगाइयों ने ढाका के नमहट्टा में इस्कॉन मंदिर के पीछे टिन शेड में आग लगा दिया. मंदिर में रखा हुआ सारा समान जलकर खाक हो गए. ये घटना शनिवार के तड़के 2-3 बजे आग लगाई गई थी.

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक पर लगातार अटैक हो रहे हैं. हाल ही में एक इस्कॉन मंदिर के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को अरेस्ट किया गया था. अब खबर आ रही है कि शुक्रवार की देर रात बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नमहट्टा एक और इस्कॉन मंदिर में कुछ उपद्रवियों ने हमला कर जला डाला. हालात बेकाबू हो गई है. उपद्रवी लगातार हिंदू प्रतिष्ठानों को टारगेट कर हमला कर रहे हैं.

हालात ऐसे हो गए हैं कि उपद्रवियों ने न केवल अल्पसंख्यक हिंदुओं के घरों में बल्कि प्रतिष्ठानों में भी आग लगा दे रहे हैं. सरकार और पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है. सेना भी उपद्रवियों के साथ खड़ी दिख रही है. बांग्लादेश की सेना ने हाल ही पश्चिम बंगाल से सटे सीमा के पास रिनोवेट हो रहे हिंदू मंदिर में काम पर रोक लगा दी.

शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद से बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और हिदुओं को लगातार टारगेट किया जा रहा है. शुक्रवार को दिन में मेहरपुर के इस्कॉन मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद मंदिर को आग के हवाले कर दिया. उसके बाद उसी दिन रात में नमहट्टा के इस्कॉन सेंटर को टारगेट किया. मिली खबर के अनुसार, श्री श्री लक्ष्मी नारायण के विग्रह और मंदिर के अंदर की सभी वस्तुएं पूरी तरह जलकर खाक हो गईं. खबर ये है कि सुबह के 2-3 बजे के बीच बदमाशों ने श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर और श्री श्री महाभाग्य लक्ष्मी नारायण मंदिर में आग लगा दी.(एजेंसी) 

Read More

कैलिफोर्निया में 7 तीव्रता का भूकंप, लाखों की जिंदगी पर संकट

Posted on :06-Dec-2024
कैलिफोर्निया में 7 तीव्रता का भूकंप, लाखों की जिंदगी पर संकट

कैलिफोर्निया : अमेरिका के कैलिफोर्निया में सुबह सुबह बहुत जोरदार भूकंप आया। करीब 7 की तीव्रता से वाले इस भूकंप की वजह से 53 लाख लोगों पर संकट पर आ गया। भूकंप के जोरदार झटकों से अमेरिका सहम गया। अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया में गुरुवार को 7.0 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि ग्रोसरी स्टोर में रखा सामान गिर गया। आनन-फानन में स्कूलों में बच्चों को डेस्क के नीचे बैठाया गया। अमेरिकी पश्चिमी तट पर रह रहे 53 लाख लोगों के लिए सुनामी की चेतावनी भी जारी करनी पड़ी।

भूकंप के कुछ देर बाद ही उत्तरी कैलिफोर्निया में लोगों के फोन पर राष्ट्रीय मौसम सेवा की तरफ से सुनामी की चेतावनी जारी की गई। इस चेतावनी में कहा गया था कि आपके तट के पास तेज लहरें और समुद्री बहाव देखने को मिल सकता है। आप खतरे में हैं। तुरंत समुद्र किनारे से हट जाएं। किसी ऊंची जगह पर चले जाएं या फिर अंदरूनी इलाकों में चले जाएं। सैन फ्रांसिस्को के दक्षिण में सांता क्रूज़ में प्रशासन ने मुख्य समुद्र तट को खाली करवा दिया और पुलिस ने जगह-जगह पर टेप लगाकर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप सुबह (गुरुवार स्थानीय समयानुसार) 10:44 बजे फेरंडेल शहर के पश्चिम में आया। फेरंडेल, हम्बोल्ट काउंटी का एक छोटा सा शहर है। ये जगह ओरेगॉन सीमा से 209 किलोमीटर दूर है। भूकंप के झटके दक्षिण सैन फ्रांसिस्को तक महसूस किए गए। सैन फ्रांसिस्को यहां से 435 किलोमीटर दूर है। यहां लोगों ने कुछ सेकंड तक धरती हिलती हुई महसूस की। इसके बाद भूकंप के कई छोटे-छोटे झटके भी आए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

भूकंप के झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी करीब एक घंटे तक जारी रही। भूकंप के तुरंत बाद यह चेतावनी जारी की गई थी। यह चेतावनी कैलिफोर्निया के मोंटेरे बे के किनारे से लेकर ओरेगॉन तक करीब 500 मील (805 किलोमीटर) तक के तटीय इलाकों के लिए थी। सुनामी का खतरा करीब 50 लाख से अधिक लोगों के लिए था। गोल्डन गेट मर्केंटाइल फर्नडेल के मालिक के मुताबिक, भूकंप के झटके काफी तेज थे। हमारी इमारत हिल गई। हम तो ठीक हैं लेकिन अभी बहुत सारा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा है जिसे मुझे समेटना है। गोल्डन गेट मर्केंटाइल फर्नडेल का एक मशहूर स्टोर है। यहां खाने-पीने का सामान और सजावट का सामान मिलता है। 

यह इलाका अपने लाल लकड़ी के जंगलों, खूबसूरत पहाड़ों और तीन-काउंटी एमरल्ड ट्रायंगल की मशहूर मारिजुआना की फसल के लिए जाना जाता है। 2022 में भी इसी इलाके में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसकी वजह से हजारों लोग बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना रहने को मजबूर हो गए थे। भूकंप विज्ञानी लूसी जोन्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ब्लूस्काई पर बताया कि कैलिफ़ॉर्निया का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा भूकंप के लिहाज से सबसे अधिक संवेदनशील है क्योंकि यहीं पर टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं।(एजेंसी)

Read More

तीसरे विश्वयुद्ध की तैयारी? नाटो के बढ़ते प्रभाव पर उठे सवाल

Posted on :05-Dec-2024
तीसरे विश्वयुद्ध की तैयारी? नाटो के बढ़ते प्रभाव पर उठे सवाल

मॉस्को : रूस और यूक्रेन का युद्ध और फैल सकता है। नाटो और उसके सदस्य देश रूस से युद्ध करने की तैयारी कर रहे हैं। यह तीसरे विश्वयुद्ध की दस्तक दे सकता है। रूस उसकी सीमा के करीब के देशों पर हमले की चेतावनी दे रहा है। इस कारण यूरोप के देशों में रक्षा से जुड़े उपाय किए जा रहे हैं। जर्मनी की विदेशी खुफिया सेवा के प्रमुख ने कहा था कि रूस पश्चिमी देशों के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नाटो के कारण यह एक बड़ा हमला नहीं करेगा।

नाटो पूर्ण युद्ध और गठबंधन के सदस्यों को कमजोर करने के लिए उठाए गए कदम के लिए तैयारी में जुटा है। विशेषज्ञों के मुताबिक नाटो एकजुट है या नहीं, इसका टेस्ट करने के लिए रूस के पास कई तकनीकें हैं। इसमें रूस की सीमित भूमि पर कब्जा भी शामिल है। यूरोपीय संघ के रक्षा आयुक्त ने पहले कहा था कि रक्षा मंत्री और नाटो कमांडर इस बात पर सहमत है कि पुतिन छह से आठ सालों में नाटो और यूरोपीय संघ के साथ टकराव के लिए तैयार हो सकते हैं।

नाटो के पूर्वी सदस्य, जैसे पोलैंड और बाल्टिक देश अपनी सुरक्षा को बढ़ा रहे हैं। एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया ने रूस और उसके सहयोगी बेलारूस से संभावित घुसपैठ के खिलाफ सीमा सुरक्षा बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा जर्मनी दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान के अपने बंकरों को फिर से बेहतर बनाने में जुट गया है। वह ऐसे एप तैयार कर रहा है, जिससे लोगों को हमले के दौरान बंकर के बारे में पता लग सकें।

यूरोपीय देश सैन्य ही नहीं नागरिक सुरक्षा प्रयासों में भी तेजी ला रहे हैं। नाटो के सबसे नए सदस्य स्वीडन और फिनलैंड ने नागरिकों की संकट की तैयारियों और युद्ध के समय जिम्मेदारी बताने के लिए पर्चे छापे हैं। नाटो के लिए एयर डिफेंस एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। बाल्टिक देशों और हंगरी ने संभावित हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए नई फैसिलिटी की घोषणा की है। इन तैयारियों में भी फूट देखी जा रही है। पूर्वी यूरोप के देश जो रूस के करीब हैं वह जितनी तेजी से तैयारी कर रहे हैं, पश्चिमी यूरोप के देश उनसे काफी पीछे हैं।(एजेंसी)

Read More

फ्रांस में संसद में अविश्वास प्रस्ताव पारित, 60 साल के इतिहास में पहली बार मिशेल बार्नियर की सरकार गिरी

Posted on :05-Dec-2024
फ्रांस में संसद में अविश्वास प्रस्ताव पारित, 60 साल के इतिहास में पहली बार मिशेल बार्नियर की सरकार गिरी

फ्रांस  : फ्रांस में बुधवार को उस वक्त बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब विपक्षी दलों के सांसदों ने फ्रांस की मिशेल बार्नियर सरकार को गिरा दिया।  इस कदम के बाद यूरोपीय यूनियन की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति फ्रांस में अब राजनीतिक संकट गहरा गया है। अविश्वास मत हारने के बाद फ्रांस की सरकार गिर गई है। फ्रांस में पिछले 60 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी सरकार को इस तरह से हटाया गया है। बता दें कि वामपंथी एनएफपी गठबंधन की ओर से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में कुल 331 सांसदों ने मतदान किया। जबकि सरकार को गिराने के लिए 288 वोटों की ही जरूरत थी। 

French government may survive no-confidence vote, says PM Barnier | Euronews

तीन महीने में सरकार गिर गयी

बता दें कि बार्नियर की सरकार महज तीन महीने ही चल सकी. अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद अब बार्नियर को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा देना होगा। 

बार्नियर अल्पमत सरकार चला रहा था

बता दें कि फ्रांस में जुलाई में हुए आम चुनावों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सितंबर में मिशेल बार्नियर के नेतृत्व में अल्पमत की सरकार का ऐलान किया था। जिसके बाद 73 वर्षीय बार्नियर सरकार चला रहे थे। 

सांसद बार्नियर के ख़िलाफ़ क्यों हो गए?

हाल ही में उनकी तरफ से लाए गए सामाजिक सुरक्षा बजट को लेकर फ्रांस में तनाव बढ़ा।  उन्होंने इस बजट में टैक्स को बढ़ाने का निर्णय लिया था। उनके इस फैसले का देश की वामपंथी और दक्षिणपंथी पार्टियों ने विरोध किया और इन कटौतियों को कम करने की मांग की। लेकिन बार्नियर की सरकार ने बजट पर इन कदमों को बिना वोटिंग के ही पास कराने का फैसला किया। इसका भी विपक्षी दलों ने विरोध किया. इसके बाद विपक्षी दलों ने बार्नियर की सरकार के खिलाफ बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया। (एजेंसी)

Read More

इज़राइल में मस्जिदों से स्पीकर हटाए जाने की योजना, पुलिस करेगी ज़ब्ती

Posted on :04-Dec-2024
इज़राइल में मस्जिदों से स्पीकर हटाए जाने की योजना, पुलिस करेगी ज़ब्ती

Israel mosque loudspeakers ban: इज़राइल (Israel) में मस्जिदों में स्पीकर से अज़ान देने पर रोक लगा दी गई है। रक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने पुलिस को मस्जिदों ( mosque) में लगे स्पीकर (loudspeakers) जब्त करने और शोर करने पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। टाइम्स ऑफ इज़राइल के अनुसार, पूर्वी यरुशलम और कई दूसरे इलाकों में मस्जिदों से आने वाले तेज़ शोर के बारे में शिकायत की गई है।

सुबह की नींद खराब होती है

स्पीकर बैन की मांग करने वालों का कहना है कि इसकी तेज़ आवाज़ से सुबह की नींद खराब होती है। बेन ग्विर ने पुलिस कमांडरों (police crackdown)से कहा कि वे जल्द एक विधेयक पेश करेंगे जिससे शोर करने वाली मस्जिदों पर जुर्माना बढ़ाया जाएगा। इस फैसले के विरोध में इज़राइल में ही विरोध की आवाज़ उठने लगी है। कुछ शहरों के मेयर ने कहा कि हम बेन ग्विर (Ben Gvir) के इस कदम को मुस्लिमों के खिलाफ उकसाने की कार्रवाई के तौर पर देखते हैं, इससे दंगे हो सकते हैं।

बेन ग्विर पर पुलिस का राजनीतिकरण करने का आरोप

इज़राइल में यहूदियों और अरबों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए काम करने वाली संस्था अब्राहम इनिशिएटिव्स ऑर्गनाइजेशन ने भी इस के खिलाफ कहा कि ये पुलिस का राजनीतीकरण करने की कोशिश है। जबकि देश में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। उधर अरब इस्लामिस्ट पार्टी रा’अम के अध्यक्ष मंसूर अब्बास ने सरकार से अपील की कि वो बेन ग्विर को कंट्रोल करें। वो मुस्लिमों को भड़काने और सख्त जवाब देने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

लाउड स्पीकर हटाने के अपने फैसले पर गर्व

स्पीकर हटाने के फैसले पर बेन ग्विर ने कहा कि उन्हें मस्जिदों से लाउड स्पीकर हटाने के अपने फैसले पर गर्व है। ये स्पीकर इज़राइली नागरिकों के लिए खतरा बन गए हैं। उन्होंने कहा- ज्यादातर पश्चिमी देश और यहां तक ​​कि कुछ अरब देश भी शोर को कंट्रोल रखते हैं और इस मामले पर कई कानून बनाते हैं। इसे सिर्फ में ही नज़रअंदाज किया जाता है। प्रार्थना करना एक बुनियादी अधिकार है, लेकिन किसी के जान की कीमत पर नहीं। इस फैसले के खिलाफ इज़राइल में विरोध शुरू हो गया है। कुछ शहरों के मेयर का कहना है कि इस कदम को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दंगे फैल सकते हैं।अरब इस्लामिस्ट पार्टी रा’अम के अध्यक्ष मंसूर अब्बास ने सरकार से अपील की है कि वह बेन ग्विर को कंट्रोल करें, क्योंकि वह मुस्लिमों को भड़काने और जवाब देने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रार्थना करना एक बुनियादी अधिकार है, लेकिन यह किसी की जान की कीमत पर नहीं होना चाहिए।”

दुनिया के अन्य देशों में अलग-अलग नियम

दुनिया के विभिन्न देशों में धार्मिक आयोजनों के दौरान स्पीकर के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग नियम हैं। नीदरलैंड, जर्मनी, स्विट्ज़रलैंड और फ्रांस में अज़ान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं होता है। कुछ साल पहले, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सभी मस्जिदों को अज़ान या अन्य मौकों पर लाउडस्पीकर धीमा करने के आदेश दिए थे। वहीं, बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में भी 70 हजार मस्जिदों में लाउडस्पीकर की आवाज़ घटाई गई थी।(एजेंसी)

Read More

बांग्लादेश: हिंदू पुजारी चिन्मय दास की जमानत पर सुनवाई टली, एक महीने तक रहेंगे जेल में

Posted on :03-Dec-2024
बांग्लादेश: हिंदू पुजारी चिन्मय दास की जमानत पर सुनवाई टली, एक महीने तक रहेंगे जेल में

ढाका: बांग्लादेश में राजद्रोह के आरोप में हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को अब एक महीने तक जेल में रहना होगा। मंगलवार को चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत में कोई वकील ही उनके पक्ष में पेश नहीं हुआ। इसके बाद सुनवाई अगले महीने तक के लिए टाल दी गई है। इसके पहले इस्कॉन कोलकाता ने दावा किया था कि चिन्मय कृष्ण दास के मामले की पैरवी करने वाले बांग्लादेशी वकील पर रमन रॉय पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने जानलेवा हमला किया था। वह गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं।

आज मंगलवार 3 दिसम्बर को चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका पर चटगांव की कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन वकीलों ने उनके लिए पेश होने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने कार्यवाही स्थगित कर दी। जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 2 जनवरी 2025 को अगली तारीख तय की गई है।

चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका 2 जनवरी तक टली, कोर्ट नहीं दे पाया कोई वकील-  Navbharat Live (नवभारत) - Hindi News | next hearing in bangladesh iskcon  priest chinmoy krishna das

आईसीयू में चिन्मय दास के वकील

इसके पहले सोमवार को इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कांशियसनेस (ISKCON) कोलकाता के प्रवक्ता राधारामण दास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि 'कृपया वकील रमन रॉय के लिए प्रार्थना कीजिए। उनकी केवल इतनी गलती थी कि वे चिन्मय कृष्ण प्रभु का कोर्ट में बचाव कर रहे थे। इस्लामिस्टों ने उनके घर में तोड़फोड़ की और क्रूरतापूर्वक हमला किया, जिसके बाद वे आईसीयू में अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

Chinmoy Das Bail Plea: बांग्लादेश में चिन्मय दास के वकील पर जानलेवा हमला,  सुनवाई के दौरान नहीं पेश हुए कोई वकील - chinmoy das bail plea no lawyer  appeared in bangladesh court

हिंदुओं पर हिंसा के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं चिन्मय दास

बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाली प्रमुख आवाज रहे हैं। इसके पहले पिछले सप्ताह सोमवार 25 दिसम्बर को चिन्मय दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया था। वे एक रैली में भाग लेने के लिए चटगांव जा रहे थे। उनके खिलाफ राजद्रोह का आरोप लगाया है।( एजेंसी)

 

Read More

2. "52 करोड़ में खरीदा गया केला, फिर सबके सामने खा लिया - चर्चा का विषय"

Posted on :30-Nov-2024
2.

न्यूयॉर्क : चीन मूल के क्रिप्टोकरेंसी संस्‍थापक जस्टिन सन ने एक कमाल का कारनामा करके दिखाया। उन्‍होंने पहले 6.2 मिलियन डॉलर यानी 52.4 करोड़ रुपये खर्च कर दीवार पर टेप से चिपके केले की कलाकृति को खरीदा। फिर उसे मीडिया और अन्‍य लोगों की मौजूदगी में खा भी लिया। यह पहला मौका नहीं है जब कलाकृति वाला केला खाया गया हो। इससे पहले भी दो बार इस तरह के केले को खाया जा चुका है।

ऐसा केला पहली बार 2019 में एक प्रदर्शन कलाकार द्वारा और फिर 2023 में एक दक्षिण कोरियाई छात्र द्वारा खाया गया था। हालांकि पिछले मामलों में किसी ने भी कोई पैसा नहीं खर्च किया था। उद्योगपति सन ने पिछले सप्ताह नीलामी जीतने के तुरंत बाद कलाकृति के इतिहास का हिस्सा बनाने के लिए फल खाने की अपनी योजना का ऐलान किया था।

हांगकांग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सन ने पहले मीडिया से बात की और फिर उनके सामने ही इटली के कलाकार मौरिज़ियो कैटेलन द्वारा बनाए गए आर्टवर्क को फेमस करने बाद उस महंगे केले को खा लिया। सन ने फल के स्वाद के बारे में बताते हुए कला और क्रिप्टो के बीच समानताएं भी बताईं। केला खाने के बाद उन्‍होंने कहा कि यह अन्य केलों की तुलना में बहुत बेहतर। रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्यक्रम में शामिल हर व्‍यक्ति को एक केला और डक्ट टेप का एक रोल निशानी के रूप में दिया गया। केले का पहले ऑक्‍शन हुआ था।

सन ने छह अन्य लोगों के साथ पहले कंपटीशन में हिस्‍सा लिया था। नीलामी न्यूयॉर्क में हुई थी। यह पहला मौका नहीं है जब कलाकृति वाला केला खाया गया हो। इससे पहले भी दो बार इस तरह के केले को खाया जा चुका है। उन्होंने उस समय कहा था, आने वाले दिनों में मैं व्यक्तिगत रूप से इस आर्टवर्क वाले केला खाऊंगा ताकि कला इतिहास और लोकप्रिय संस्कृति दोनों में इसके स्थान का सम्मान हो सके। यह एक सांस्कृतिक घटना का प्रतिनिधित्व करता है जो कला, मीम्स और क्रिप्टोकरेंसी समुदाय की दुनिया को जोड़ता।(एजेंसी)

Read More

सूडान में फिर आरएसएफ का हमला, 12 लोगों की मौत

Posted on :30-Nov-2024
सूडान में फिर आरएसएफ का हमला, 12 लोगों की मौत

सूडान : सूडान में आर्मी और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ – आरएसएफ (RSF) के बीच पिछले साल 15 अप्रैल को शुरू हुई जंग अभी भी खत्म नहीं हुई है। इस वजह से रह-रहकर सूडान में आरएसएफ के हमलों के मामले सामने आते रहते हैं। इस जंग की वजह से हज़ारों लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं, लाखों लोग बेघर हो गए और बड़ी संख्या में लोग अभी भी मुश्किल हालात में जी रहे हैं। सूडान में चल रही हिंसा की वजह से देश में खाने का संकट भी काफी गंभीर हो गया है और करोड़ों लोग खाने के गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद आरएसएफ अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही। एक बार फिर आरएसएफ ने सूडान में लोगों पर हमला किया। आरएसएफ ने शुक्रवार को गीजिरा राज्य के अल-महेरिबा  के कुछ गांवों में लोगों पर हमला किया।

सूडान में लड़ाई की ताज़ा ख़बरें: सेना ने खार्तूम में आरएसएफ के खिलाफ़  आक्रामक अभियान शुरू किया | समाचार | अल जज़ीरा

12 लोगों की मौत

जानकारी के अनुसार गीजिरा राज्य के अल-महेरिबा में गांवों पर किए आरएसएफ के हमलों में 12 लोगों की मौत हो गई। आरएसएफ के लड़ाकों ने गोलीबारी करते हुए इन लोगों को मौत के घाट उतार दिया।

दर्जनों लोग घायल

आरएसएफ के हमले में दर्जनों लोग घायल भी हो गए। घायलों में से कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती करना पड़ा है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।(एजेंसी) 

Read More

"तनाव और डिप्रेशन से छुटकारा: नई शोध से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद"

Posted on :28-Nov-2024

न्यूयॉर्क : अमेरिका के वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क के नए हिस्सों का पता लगाया है। मस्तिष्क का यह नया हिस्सा सामाजिक संपर्कों (सोशल इंटरैक्शन) में मदद करता हैं। वैज्ञानिकों की यह ताजा खोज मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। इस महत्वपूर्ण खोज से चिंता (एंग्जायटी) और अवसाद (डिप्रेशन) जैसी मानसिक बीमारियों के इलाज के नए रास्ते खुल सकते हैं। यह अध्ययन अमेरिका के शिकागो स्थित नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि मस्तिष्क का सोशल कॉग्निटिव नेटवर्क, जो हमें दूसरों के विचार और भावनाएं समझने में मदद करता है, मस्तिष्क के पुराने हिस्से एमिग्डाला से जुड़ा हुआ है। एमिग्डाला को लिजर्ड ब्रेन भी कहा जाता है और यह डर और खतरों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अध्ययन के वरिष्ठ लेखक रोड्रिगो ब्रागा ने कहा, यह नेटवर्क हमें यह सोचने में सक्षम बनाता है कि दूसरा व्यक्ति क्या सोच रहा है या महसूस कर रहा है।ब्रागा के अनुसार, यह प्रक्रिया मानव मस्तिष्क में हाल ही में विकसित हुई है। एमिग्डाला और सोशल कॉग्निटिव नेटवर्क के बीच निरंतर संचार सामाजिक व्यवहारों, जैसे पालन-पोषण, आक्रामकता और सामाजिक पदानुक्रम को समझने में मदद करता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि एमिग्डाला का मेडियल न्यूक्लियस नामक हिस्सा विशेष रूप से सामाजिक व्यवहारों के लिए जिम्मेदार होता है। चिंता और अवसाद जैसी मानसिक बीमारियों में एमिग्डाला की अत्यधिक सक्रियता देखी जाती है, जो अत्यधिक भावनाओं और उनके नियंत्रण में कठिनाई पैदा करती है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ट्रांस-क्रानियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (टीएमएस) जैसी तकनीक का उपयोग करके इन मस्तिष्क संबंधों को प्रभावित किया जा सकता है। टीएमएस एक गैर-हानिकारक प्रक्रिया है, जो मस्तिष्क की गतिविधियों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। यह अध्ययन यह भी बताता है कि इंसान की सामाजिक समझ, जैसे दूसरों की भावनाओं और विचारों को समझना, मस्तिष्क के हाल ही में विकसित हिस्सों की वजह से संभव हुआ है। यह खोज न केवल मानसिक बीमारियों के इलाज को बेहतर बनाएगी, बल्कि हमें यह समझने में भी मदद करेगी कि इंसान सामाजिक रूप से इतना कुशल कैसे बना।(एजेंसी)

Read More

इमरान खान की पार्टी के विरोध प्रदर्शन में तेज़ी, सरकार ने सुरक्षा बलों को दिए गोली मारने के आदेश

Posted on :26-Nov-2024
इमरान खान की पार्टी के विरोध प्रदर्शन में तेज़ी, सरकार ने सुरक्षा बलों को दिए गोली मारने के आदेश

-इस्लामाबाद को किया रेड जोन घोषित, सड़कों पर तैनात की पाकिस्तानी सेना

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हालात बेकाबू हो गए हैं जिसके चलते इस्लामाबाद को रेड जोन घोषित कर दिया गया है। रेड जोन में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना तैनात कर दी गई है। रेड जोन में पीएम आवास, संसद भवन, सरकारी कार्यालय और कई देशों के दूतावास शामिल हैं। शाहबाज सरकार ने आदेश दिए हैं कि रेड जोन में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए देखते ही गोली मारने की नीति अपनाई जाएगी। इमरान के निर्देश पर पार्टी कार्यकर्ता रविवार से सरकार के खिलाफ ‘करो या मरो’ आंदोलन के तहत इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे हैं।

पाकिस्तान के कई शहरों से करीब 30 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। इस्लामाबाद में पीटीआई कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की कई घटनाएं सामने आई हैं। पंजाब और अन्य इलाकों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हो रहा है। स्थिति तनावपूर्ण है। देशभर में हिंसा और बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए शहबाज शरीफ सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

सरकार का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है, लेकिन हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेड जोन में सेना की तैनाती के पीछे मकसद सरकारी संपत्तियों और दूतावासों को किसी भी तरह के खतरे से बचाना है। इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ते विरोध के कारण पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और बढ़ गई है।(एजेंसी)

Read More

ट्रंप का बड़ा ऐलान, जल्द ही अमेरिका में लागू होगी नेशनल इमरजेंसी, लाखों लोग निकाले जाएंगे देश से बाहर!

Posted on :19-Nov-2024
ट्रंप का बड़ा ऐलान, जल्द ही अमेरिका में लागू होगी नेशनल इमरजेंसी, लाखों लोग निकाले जाएंगे देश से बाहर!

 Illegal Immigration: अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (18 नवंबर 2024) को कहा कि उनका प्रशासन राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करेगा और देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ सैन्य बलों का इस्तेमाल कर उन्हें निर्वासित करेगा। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स पर एक शख्स की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसकी पुष्टि की है। एक्स पर एक शख्स ने पोस्ट करते हुए लिखा था कि खबरें हैं, ट्रंप प्रशासन अमेरिका में नेशनल इमरजेंसी लागू कर सेना के जरिए घुसपैठियों को बड़ी संख्या में निकालने की तैयारी कर रहा है। इस घोषणा के बाद, ट्रंप के सीमा सुरक्षा प्रमुख टॉम होमन ने चेतावनी दी कि जिन डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने इस निर्वासन मुहिम में सहयोग करने से इनकार किया है, उन्हें "हमारी राह से हट जाना चाहिए।"

लाखों की संख्या में अप्रवासी होंगे अमेरिका से बाहर

टॉम होमन ने कहा कि उनका प्रशासन पहले उन 4 लाख 25 हजार अवैध प्रवासियों को निर्वासित करेगा, ये वे आंकड़े हैं जिनके खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाखों योग्य शरणार्थी और आप्रवासी हैं जिन्हें अवैध प्रवासियों के आने से पीछे धकेल दिया गया है। इसके अलावा, उन्होंने यह साफ किया कि सभी प्रवासियों को कानून में निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन करने का मौका मिलेगा। अगर वे कानूनी लड़ाई हार जाते हैं तो उन्हें अपने देशों में वापस भेज दिया जाएगा। एक अलग इंटरव्यू में होमन ने यह भी कहा कि "कानूनी प्रवासी पूरी तरह सुरक्षित हैं।"

मूल अमेरिकी श्रमिकों पर प्रभाव

होमन ने अपनी व्यक्तिगत सीमा सुरक्षा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा एजेंटों को अब अवैध प्रवासियों को रोकने के बजाय उन्हें बस "ट्रैवल एजेंट" की तरह काम करते हुए देखा जा रहा है, वे अवैध प्रवासियों को बिना किसी रोक-टोक के अमेरिका में भेजते हैं। उन्हें मुफ्त हवाई टिकट, होटल, और स्वास्थ्य सेवा की सुविधाएं मुहैया करते हैं, जबकि लाखों अमेरिकी नागरिक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।  इस पर ट्रंप प्रशासन का ध्यान केंद्रित है और वे इसे अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल कर रहे हैं। 

आर्थिक प्रभाव और श्रमिक संकट

अवैध प्रवासियों का सामूहिक निर्वासन अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकी इमिग्रेशन काउंसिल (AIC) का कहना है कि इस कदम से प्रमुख उद्योगों, खासकर निर्माण, कृषि और आतिथ्य क्षेत्र में गंभीर श्रमिक संकट पैदा हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, कंस्ट्रक्शन उद्योग में लगभग 14 प्रतिशत कामगार अवैध प्रवासी हैं। इन श्रमिकों को हटाने से पूरे देश में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे कई अमेरिकी नागरिकों की नौकरी भी प्रभावित हो सकती है। 

मानव संसाधन पर प्रभाव

AIC के एक अक्टूबर 2024 के अध्ययन में यह भी बताया गया कि सामूहिक निर्वासन से अमेरिका का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 4.2 से 6.8 प्रतिशत तक घट सकता है। इसके साथ ही, अमेरिकी सरकार को कर राजस्व में भी भारी कमी का सामना करना पड़ेगा. 2022 में अवैध प्रवासियों ने संघीय करों में 46.8 बिलियन डॉलर, राज्य और स्थानीय करों में 29.3 बिलियन डॉलर का योगदान किया था। (एजेंसी) 

Read More

इजराइल ने ईरान पर किया बड़ा साइबर हमला, परमाणु साइट समेत सभी सरकारी विभागों से चुराई जानकारी

Posted on :15-Oct-2024
इजराइल ने ईरान पर किया बड़ा साइबर हमला, परमाणु साइट समेत सभी सरकारी विभागों से चुराई जानकारी

ईरान पर हुआ हाल का सबसे बड़ा साइबर हमला

परमाणु सुविधाओं समेत सरकार की तीनों शाखाएं बनीं निशाना

इजरायल की धमकी के बीच ईरान हुआ साइबर हमले का शिकार

तेहरान: इजरायल से तनाव के बीच ईरान के ऊपर शनिवार को बड़ा साइबर हमला हुआ है, जिसमें इसके परमाणु संयंत्रों को भी निशाना बनाया गया है। साइबर हमले से ईरानी सरकार की तीनों शाखाओं पर असर पड़ा है। ये हमला ऐसे समय में हुआ है, जब इजरायल ने 1 अक्टूबर को ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले का करारा जवाब देने की कसम खाई है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सुप्रीम काउंसिल ऑफ साइपरस्पेस के पूर्व सचिव फिरोजाबादी ने इन हमलों की पुष्टि की है।

सरकार की तीनों शाखाओं पर हमला

रिपोर्ट में फिरोजाबादी के हवाले से कहा गया है कि 'ईरान की सरकार की लगभग तीनों शाखाओं- न्यायपालिका, विधायिका और कार्यकारी शाखा- पर भारी साइबर हमला हुआ है। उनकी जानकारी चुरा ली गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे परमाणु संयंत्रों को भी साइबर हमलों को निशाना बनाया गया है। साथ ही ईंधन वितरण, सिटी नेटवर्क, परिवहन नेटवर्क, बंदरगाह नेटवर्क और इसी तरह के अन्य नेटवर्क को निशाना बनाया गया है।'

देश के विभिन्न क्षेत्रों को बनाया निशाना

रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में विभिन्न क्षेत्रों को साइबर हमले में निशाना बनाया गया है। ये हमला ऐसे समम में हुआ है जब अमेरिका ने इजरायल के खिलाफ 1 अक्टूबर को ईरान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के मद्देनजर उसके तेल और पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। विदेश विभाग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, विभाग 'ईरानी पेट्रोलियम व्यापार में लगी छह संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा रहा है और छह जहाजों को 'ब्लॉक्ड प्रॉपर्टी' के रूप में चिन्हित कर रहा है'। विभाग के मुताबिक ये जानबूझकर ईरान से पेट्रोलियम या पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, ट्रांसपोर्ट या मार्केटिंग के लिए अहम लेन देन का हिस्सा रहे हैं। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार बयान में कहा गया है ट्रेजरी विभाग ने 'एक फैसला किया है कि ईरानी अर्थव्यवस्था के पेट्रोलियम या पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में काम करने के लिए निर्धारित व्यक्ति के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाए जाएंगे।'

10 संस्थाओं पर प्रतिबंध

बयान में कहा गया है, 'इसके अतिरिक्त, ट्रेजरी 10 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा रहा है और 17 जहाजों को अवरुद्ध संपत्ति के रूप में पहचान रहा है, क्योंकि वे ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के शिपमेंट में शामिल हैं।' ट्रेजरी विभाग का मत है कि आज के प्रतिबंधों का लक्ष्य ईरान को अपने ऊर्जा उद्योग से प्राप्त राजस्व को खतरनाक और विध्वंसकारी गतिविधियों के वित्तपोषण में लगाने देने से रोकना है।अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने एक बयान में कहा कि ये निर्णय 'ईरान को अपने मिसाइल कार्यक्रमों पर रोक लगाने और आतंकवादियों को किसी भी तरह की मदद करने से रोकेगा। वो आतंकी समूह जो अमेरिका के मित्र देशों को धमकी देते हैं या उनके खिलाफ काम करते हैं।(एजेंसी)

Read More

ईरान के विदेश मंत्री ने दी आर-पार की धमकी, इजरायल ने हमला किया तो हम किसी रेड लाइन को नहीं मानेंगे...

Posted on :14-Oct-2024
ईरान के विदेश मंत्री ने दी आर-पार की धमकी, इजरायल ने हमला किया तो हम किसी रेड लाइन को नहीं मानेंगे...

इजरायल और ईरान में नहीं रुक रही तनातनी

ईरान विदेश मंत्री ने इजरायल को कड़ी चेतावनी

इजरायल दे रहा है ईरानी हमले के बदले की धमकी

तेहरान: इजरायल की ओर से हमले की धमकियों के बीच ईरान ने कहा है कि उनकी जमीन को निशाना बनाया गया तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने कहा है कि इस बार हम कोई 'रेड लाइन' नहीं मानेंगे और आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। इजरायली नेताओं ने हालिया दिनों में कई बार कहा है कि ईरान की ओर से इस महीने की शुरुआत में किए गए मिसाइल अटैक का वह जवाब देगा। इजरायल की ओर से आ रही इन टिप्पणियों के जवाब में ईरान ने ये धमकी दी है

ईरानी विदेश मंत्री ने रविवार को कहा कि खुद का बचाव करने के लिए हमारे पास 'कोई रेड लाइन' नहीं है। अराक्ची ने साफ किया कि ईरान आगे की प्रतिक्रिया के बिना इजरायली हमले को नहीं झेलेगा, जैसा कि इस साल की शुरुआत में हुआ था जब इजरायल ने ईरानी मिसाइलों की बौछार के बाद तेहरान पर हमला किया था। ईरान ने उस समय जवाब देने में संयम बरता था।

अपने लोगों की हिफाजत के लिए कुछ भी करेंगे- ईरान

ईरानी विदेश मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में अराक्ची ने लिखा, 'हमने अपने क्षेत्र में एक व्यापक युद्ध को रोकने के लिए हाल के दिनों में सभी मुमकिन कोशिशें की हैं। इसके बावजूद मैं यह स्पष्ट कर दूं कि हमारे लोगों और हितों की रक्षा करने में हमारे पास कोई रेड लाइन नहीं है। हम अपनी ओर से सभी कदम उठाएंगे।' लेबनान में इजरायली सेना के हमले में हिजबुल्लाह नेता नसरल्ला और अपने एक कमांडर की मौत के बाद ईरान ने 1 अक्टूबर को इजरायल इजरायल पर 180 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इजरायल के डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर मिसाइल को रोक दिया था लेकिन कुछ मिसाइल इजरायली जमीन पर भी गिरी थीं।

पश्चिम एशिया में बढ़ रहा युद्धा का संकट

ईरान के हमले के बाद से इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और सेना के सीनियर अधिकारी खुलेतौर पर कह चुके हैं कि हम ईरान पर जवाबी हमला करेंगे, जो पहले से घातक होगा और ईरानी सरकार को आश्चर्य में डाल देगा। इससे पूरे पश्चिम एशिया में एक बड़ी लड़ाई छिड़ने का अंदेशा है, क्योंकि इजरायल पहले ही लेबनान और गाजा में युद्ध में उलझा है।फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इजरायल ने ईरानी मिसाइल बैराज के लिए अपने संभावित जवाबी हमले में लक्ष्यों को सीमित कर दिया है। इजरायल के निशाने पर ईरान का सैन्य और ऊर्जा बुनियादी ढांचा है। इस बात का कोई संकेत नहीं है कि इजरायल ईरान में परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाएगा या लक्षित हत्याएं करेगा।(एजेंसी)

 

Read More

रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में खुलकर उतरे एलन मस्क, कमला हैरिस पर भी साधा निशाना

Posted on :08-Oct-2024
रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में खुलकर उतरे एलन मस्क, कमला हैरिस पर भी साधा निशाना

अमेरिकी चुनाव में एलन मस्क का ट्रंप को समर्थन

मस्क ने कहा- डोनाल्ड हारे तो फिर नहीं होगा चुनाव

एलन मस्क ने कमला हैरिस पर भी साधा जोरदार निशाना

वॉशिंगटन: दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार, टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलोन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत को जरूरी कहा है। ट्रंप के लिए अपना समर्थन जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप हार जाते हैं, तो फिर यह आखिरी चुनाव है। पूर्व फॉक्स न्यूज होस्ट टकर कार्लसन के साथ एक इंटरव्यू में मस्क ने कहा कि वह 2024 के अमेरिकी चुनावों के लिए रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप के साथ मजबूती से खड़े हैं। मस्क ने कहा, 'अगर ट्रंप हार जाते हैं, तो मेरे लिए ये एक बड़ा झटका होगा। अगर ट्रंप हार जाते हैं, तो तुम्हें क्या लगता है मेरी जेल की सजा कितनी लंबी होगी? मैं समझता हूं कि ट्रंप यह चुनाव नहीं जीतते हैं, तो यह हमारा आखिरी इलेक्शन होगा। ट्रंप की हालिया पेंसिल्वेनिया रैली में मस्क ने पूर्व राष्ट्रपति के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया था।

बाहरी लोगों का इस्तेमाल चुनाव में हो रहा है: मस्क

कार्लसन के साथ बातचीत के दौरान मस्क ने कहा, 'अवैध प्रवासियों को जानबूझकर कुछ प्रमुख राज्यों में ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें नागरिकता दी जाएगी और वे डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में मतदान करेंगे। ये एक बड़ा खेल चल रहा है क्योंकि स्विंग-स्टेट मार्जिन कभी-कभी दस-बीस हजार वोटों का होता है। मस्क ने आगे कहा, मेरी भविष्यवाणी है कि अगर डेमोक्रेटिक अगले चार साल सत्ता में रहे, तो वे इतनी सारी अवैध चीजों को वैध कर देंगे कि अगले चुनाव में कोई स्विंग स्टेट नहीं होगा और यह एक-दलीय देश बन जाएगा। ऐसे में जरूरी है कि कमला हैरिस हारें और डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति का चुनाव जीतें।

ट्रंप का समर्थन करने के अलावा एलन मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी को एक बहुत बड़ी रकम फंडिंग के तौर पर भी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने चुनाव प्रचार के दौरान संकेत दिया है कि अगर वह दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं तो एलन मस्क को अपनी सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं। ऐसे में मस्क खुलकर उनका समर्थन कर रहे हैं।(एजेंसी)

Read More

इजराइल के कहर से जूझ रहे लेबनान के राजदूत ने भारत से शांति के लिए मदद की अपील की

Posted on :08-Oct-2024
इजराइल के कहर से जूझ रहे लेबनान के राजदूत ने भारत से शांति के लिए मदद की अपील की

इजरायल का कहर झेल रहे लेबनान ने भारत से लगाई गुहार

लेबनान के राजदूत ने भारत से की नेतन्याहू को रोकने की अपील

इजरायली हमले में लेबनान में 2100 से ज्यादा की हो चुकी मौत

बेरूत: इजरायल पर हमास पर हमले के एक साल बाद गाजा से लेकर लेबनान तक गाजा में जंग छिड़ी हुई है। इसमें पिछले दिनों ईरान भी शामिल हुआ, जब उसने इजरायल के ऊपर मिसाइलों की बौछार कर दी। यमन और इराक में ईरान समर्थित चरमपंथी भी इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही इजरायल ने लेबनान के अंदर जमीनी अभियान शुरू किया है, जिसके बाद वहां भीषण जंग चल रही है। भारत में लेबनानी राजदूत रबी नरश ने इजरायली हमले को विनाशकारी बताया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत से अपील भी की है।

शांति में भारत से भूमिका की उम्मीद

रबी नरश ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि इजरायल के हमले में अब तक 2100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 11,000 से ज्यादा घायल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 12 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। उन्होंने संघर्ष को कम करने के लिए भारत से उम्मीद जताई और कहा कि यह महत्वपूर्ण निभाने के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने भारत को एक शांतिप्रिय राष्ट्र बताया जिसकी मजबूत वैश्विक उपस्थिति है। उन्होंने आगे कहा, 'यह लेबनान और इजरायल दोनों के साथ अच्छे संबंध रखता है, जो इसे एक विश्वसनीय मध्यस्थ बनाता है। भारत अपने प्रभाव का उपयोग नेतन्याहू को उनकी आक्रामक गैरकानूनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए प्रोत्साहित करने और इस विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने में मदद करने के लिए कर सकता है, जिससे शांति और स्थिरता का रास्ता बन सके।'


हिजबुल्लाह को बताया राजनीतिक पार्टी

हिजबुल्लाह को आतंकवादी संगठन कहे जाने को लेकर लेबनानी राजदूत ने इजरायल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, इजरायल खुद स्टेट टेररिज्म में शामिल है। इसकी सेना दुनिया में सबसे बड़े आतंकवादी संगठन के रूप में काम करती है। इसलिए इसे किसी भी समूह को आतंकवादी के रूप में लेबर करने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने हिजबुल्लाह को सरकार, संसद और प्रशासन में प्रतिनिधित्व वाली वैध लेबनानी राजनीतिक पार्टी बताया और कहा कि हिजबुल्लाह लेबनान की राजनीतिक व्यवस्था के स्थापित नियमों के अनुसार काम करता है। रबी नरश ने कहा, 7 अक्टूबर को जो कुछ हुआ, उसकी शुरुआत उस खास दिन से नहीं हुई। बल्कि इसकी जड़ें 75 साल पहले अरब जमीन पर इजरायली कब्जे से जुड़ी हुई हैं। यह कब्जा पश्चिम एशिया में अस्थिरता और हिंसा का मूल कारण बना हुआ है। उन्होंने कहा, फिलिस्तीनी लड़ाकों (हमास) ने अवैध रूप से उनके घरों और जमीनों पर कब्जा करने वाले सशस्त्र बाशिंदों को निशाना बनाया।(एजेंसी)

Read More

पाकिस्तान में कराची एयरपोर्ट के पास बड़ा धमाका, 2 चीनी नागरिकों की मौत और 17 घायल

Posted on :07-Oct-2024
पाकिस्तान में कराची एयरपोर्ट के पास बड़ा धमाका, 2 चीनी नागरिकों की मौत और 17 घायल

पाकिस्तान : पाकिस्तान के कराची इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास रविवार की देर रात बड़ा धमाका हुआ है। दो चीनी नागरिक समेत तीन की मौत की खबर है। वहीं 17 लोग घायल हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमले की जिम्मेदारी ली है। धमाका इतना भीषण था कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आवाज सुनाई पड़ी। पुलिस बम धमाके की जांच में जुटी है। वीडियो में एयरपोर्ट के पास धुएं का गुबार उठता दिख रहा है।

बीएलए ने ली हमले की जिम्मेदारी

पाकिस्तान में चीनी दूतावास ने कहा कि रविवार रात को कराची के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक विस्फोट में दो चीनी नागरिक मारे गए हैं। चीनी दूतावास ने कहा कि पोर्ट कासिम इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के एक काफिले पर हवाई अड्डे के पास हमला किया गया। पाकिस्तान में चीनी दूतावास और महावाणिज्य दूतावास इस आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। दोनों देशों के निर्दोष पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इस बीच बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमले की जिम्मेदारी ली। उसने कहा कि यह धमाका चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर किया है।

क्या है बीएलए?

बीएलए बलूचिस्तान का अलगाववादी संगठन है। यह संगठन खासकर चीनी नागरिकों और प्रोजेक्ट को निशाना बनाता है। बलूचिस्तान के रूप में एक अलग देश इस संगठन की सबसे अहम मांग है। सिर्फ अगस्त महीने में बीएलए अपने हमलों में 70 से अधिक लोगों की जान ले जुका है। यह संगठन इससे पहले भी चीनी नागरिकों को मौत के घाट उतार चुका है। वहीं कराची में स्थित चीन के वाणिज्य दूतावास पर हमला भी कर चुका है।

धमाके के बाद कई कारों में लगी आग

डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक धमाके की आवाज कराची के उत्तरी नाजिमाबाद, द्वितीय चुंदरीगर रोड और करीमाबाद समेत अन्य इलाकों तक सुनी गई। धमाके की वजह से कई कारों में आग भी लग गई। सभी घायलों को जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कॉलेज (जेपीएमसी) में भर्ती कराया गया है।

चीन ने लगाई फटकार

वहीं पाकिस्तान में स्थित चीनी दूतावास ने इस हमले को लेकर कड़ी निंदा की है। दूतावास ने कहा कि कराची में जिन्ना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास पोर्ट कासिम इलेक्ट्रिक पावर कंपनी के एक काफिले पर आतंकवादियों ने हमला किया। प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी  यानी BLA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बयान देकर हमले की जिम्मेदारी ली है लेकिन पाकिस्तान के अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। चीनी दूतावास ने कहा कि चीनी पक्ष घटना के बाद की स्थिति से निपटने के लिए पाकिस्तानी पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहा है। पाकिस्तान में चीनी मिशनों ने तुरंत आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना शुरू की है, जिसमें पाकिस्तानी पक्ष से हमले की गहन जांच करने, अपराधियों को कड़ी सजा देने और पाकिस्तान में चीनी नागरिकों, संस्थानों और परियोजनाओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय करने को कहा है। (एजेंसी)

Read More

निशाने पर हिंदू और हिंदू मंदिर? यहां दुर्गा पूजा के लिए मांगे जा रहे लाखों रुपये तो वहां मंदिरों में लिखा हिंदुओ वापस जाओ

Posted on :27-Sep-2024
निशाने पर हिंदू और हिंदू मंदिर? यहां दुर्गा पूजा के लिए मांगे जा रहे लाखों रुपये तो वहां मंदिरों में लिखा हिंदुओ वापस जाओ

नई दिल्ली: बांग्लादेश और अमेरिका में हिंदू और हिंदू मंदिर एक बार फिर से निशाने पर हैं। बांग्लादेश में दुर्गा पूजा करीब आते ही कट्टरपंथी धमकी देने लगे हैं। ये दुर्गा पूजा पर सामूहिक उत्सव और राष्ट्रीय छुट्टियों का भी विरोध कर रहे हैं। हाल ही उग्रवादी समूहों ने ढाका में एक मार्च भी निकाला जिसमें वे खेल मैदानों को दुर्गा पूजा के लिए इस्तेमाल करने का विरोध कर रहे थे। इससे पहले कट्टरपंथी समूहों ने मंदिरों और आयोजन समितियों को धमकी भरे पत्र भेजे। इन्होंने लिखा, यदि पूजा करना ही है तो पहले पांच लाख टका जमा करवाएं, अन्यथा पूजा नहीं करने दी जाएगी। बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए यह सबसे बड़ा पर्व माना जाता है जो इस बार 9 से 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा। दुर्गा पूजा से पहले बांग्लादेश में इस्लामिक समूहों के जरिए कुछ मंदिरों को धमकियां मिली है।मंदिर समितियों को धमकी दी गई कि अगर उन्हें दुर्गा पूजा मनाना है तो उन्हें 5 लाख बांग्लादेशी टका देने होंगे। अगर पैसे नहीं दिए गए तो पूजा नहीं करने दी जाएगी।

अमेरिका में मंदिरों पर हिंदुओं के लिए लिखी धमकी

अमेरिका में 10 दिन के भीतर दूसरा मौका है जब हिंदू मंदिरों पर हमला किया गया है। ताजा मामला कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो काउंटी का है। सैक्रामेंटो माथेर एयरपोर्ट के साउथ में स्थित स्वामीनारायण मंदिर  में बुधवार को हिंदू विरोधी नारे भी लिखे गए। उपद्रवियों ने ‘हिंदुओं वापस जाओ’ लिख दिया। यहीं नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी आपत्तिजनक शब्द लिखा पाया गया। मंदिर से जुड़ी पाइप लाइन को भी काट दी गई है। इससे पहले न्यूयॉर्क में भी स्वामी नारायण मंदिर में ऐसी घटना हुई थी। इससे पहले न्यूयॉर्क में भी स्वामी नारायण मंदिर में ऐसी घटना हुई थी। अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।(एजेंसी)

Read More

लेबनान में पेजर ब्लास्ट से इजराइल और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, इजराइल से भिड़ने से क्यों बच रहा ईरान, कहीं युद्ध की तैयारी तो नहीं कर रहा?

Posted on :19-Sep-2024
लेबनान में पेजर ब्लास्ट से इजराइल और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, इजराइल से भिड़ने से क्यों बच रहा ईरान, कहीं युद्ध की तैयारी तो नहीं कर रहा?

लेबनान में मंगलवार हुए हैं सिलसिलेवार पेजर ब्लास्ट

ईरानी राजदूत भी धमाकों में घायल होने वालों में शामिल

ईरान ने कहा है कि वह इस हमले का जवाब जरूर देगा

बेरूत: लेबनान में हुए पेजर ब्लास्ट ने इजरायल और ईरान के तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है। दरअसल लेबनान में ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी भी मंगलवार को हुए विस्फोट में घायल हुए हैं। उनकी आंख में चोट लगने की बात सामने आई है। वह फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। इस घटना का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र में ईरानी दूत ने एक पत्र में कहा है कि ईरान लेबनान में अपने राजदूत को निशाना बनाकर किए गए हमले पर कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान जवाब देने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने अधिकारों को सुरक्षित रखता है। लेबनान और ईरान ने इजरायल को इन हमलों के लिए दोषी ठहराया है।

जुलाई में तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या कर दी गई थी। ईरान ने तब कहा था कि वह अपनी राजधानी में हुई उस हत्या का जवाब इजरायल को देगा। हालांकि ईरान ने कोई हमला इजरायल पर नहीं किया। माना गया कि एक पूर्ण युद्ध और बड़े नुकसान से बचने के लिए ईरान ने ऐसा किया। लेबनान धमाकों में अपने राजदूत को नुकसान के बाद फिर से सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान चुप रह जाएगा या फिर इस बार क्षेत्र में कोई बड़ा संघर्ष होने जा रहा है। या फिर ईरान पूर्ण युद्ध में जाने की बजाय प्रॉक्सी के जरिए इजरायल को जवाब देने का रास्ता चुनेगा।

ईरान क्यों सीधे युद्ध से बच रहा है?
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इराक के साथ कई साल चले युद्ध में भारी नुकसान उठाया। इस जंग ने ईरान को आर्थिक और सामाजिक रूप से तबाह कर दिया। उस युद्ध के बाद से ईरान का सत्तारूढ़ वर्ग किसी भी कीमत पर एक और पूर्ण युद्ध नहीं चाहता है। इराक पर अमेरिका के आक्रमण के बाद ईरान ने अपने प्रॉक्सी पर भरोसा किया है लेकिन अब उसे अपने अगले कदम के लिए जबरदस्त संसाधनों की आवश्यकता है। यही वजह है कि उसने अब तक इजरायल के उकसावे के बावजूद सीधे संघर्ष से परहेज किया है।

ईरान के सामने एक मुश्किल ये भी है कि इजरायल के साथ युद्ध अमेरिका के साथ सीधे संघर्ष में बदल सकता है, जिसकी निश्चित ही उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ईरान ने बीते कुछ वर्षों में हमास, हिजबुल्लाह जैसे गुटों के सहारे अपने हित साधने पर ज्यादा ध्यान दिया है। खासतौर से 2020 में सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान ने अपने प्रॉक्सी को अधिक स्वायत्तता दी ताकि वे किसी भी दायित्व से खुद को दूर कर सके। ये कई साल चलता रहा लेकिन बीते साल अक्टूबर में इजरायल पर हमास के हमले के बाद हाइब्रिड युद्ध का युग खत्म हो गया और गाजा में छिड़ी लड़ाई ने एक अलग तरह की स्थिति पैदा कर दी।
ईरान के लिए रेड लाइन क्या है?

गाजा में लड़ाई, तेहरान में हमला और अब लेबनान के धमाकों के बाद सवाल ये है कि आखिर ईरान के लिए रेड लाइन क्या है। ईरान के सामने इस समय क्षेत्रीय युद्ध से बचते हुए खुद को बचाए रखने की चुनौती है। ईरान तब तक अपने रणनीतिक धैर्य को बनाए रखेगा, जब तक वह अपनी रेड लाइन की रक्षा कर सके। ईरान के लिए रेड लाइन तेल और गैस फैसिलिटी, बंदरगाह और बांध, क्षेत्रीय अखंडता और अपने राष्ट्राध्यक्ष की सुरक्षा है।

ईरान का 'रणनीतिक धैर्य' सीधे तौर पर उसके परमाणु, सैन्य, खुफिया, आर्थिक और तकनीकी से जुड़ा हुआ है, जिसे उसने बिना किसी बड़ी रुकावट के बनाए रखा है। एक पूर्ण युद्ध उसके लिए जोखिम बढ़ाएगा। हालांकि एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि ईरान नहीं बल्कि इजरायल की प्रतिक्रिया काफी कुछ तय करेगी। साथ ही अमेरिका के मजबूत समर्थन होने का आश्वासन भी इजरायल के लिए अहम है। अमेरिका के समर्थन की वजह से ही ईरान कार्रवाई करने से झिझकता रहा है। (एजेंसी)

Read More

जेएसएस एकेडमी के नए छात्र-छात्राओं का सत्र शुरू।

Posted on :10-Sep-2024
जेएसएस एकेडमी के नए छात्र-छात्राओं का सत्र शुरू।

एम.के.मधुबाला 
पत्रकार।

नोएडा : नोएडा के प्रतिष्ठित जेएसएस एकेडमी आफ़ टेक्नीकल एजुकेशन के सत्र 2024-25  के नए छात्र- छात्राओं का पाठयक्रम आज से शुरू हो गया। इस मौके पर आयोजित एक भव्य समारोह में कालेज के प्राचार्य प्रो (डॉ.)अमरजीत सिंह ने नए छात्र- छात्राओं को कालेज की गरिमामयी गाथाओं से अवगत कराया एवं नए छात्र- छात्राओं के उज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर कालेज के लेखा प्रबंधक मनोज कुमार एवं रजिस्ट्रार डॉ.एस.एस. थरूर के अलावा विभिन्न संकायों के प्रमुख एवं शिक्षक मौजूद थे। 

Open photo

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इग्नू के कलानिधि डिविजन के प्रमुख एवं निदेशक प्रो.(डॉ.)आर.सी.गौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आप देश के भविष्य हैं, इसलिए आपलोगों को लगन से पढ़ाई करनी है।एल.एस.

Read More

Previous12345678Next

Advertisement

Read More

Live TV

Join Us

WhatsApp Group Invite Chhattisgarh Daily News

विशेष रिपोर्ट

कभी बंदूक अब रोज़गार

कभी बंदूक अब रोज़गार

विशेष लेख : दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण से विकास की रफ्तार हुई दुगनी

विशेष लेख : दूरस्थ क्षेत्रों में पुल निर्माण से विकास की रफ्तार हुई दुगनी

विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध - छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल

विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध - छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल

विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज - छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी

विशेष लेख : नई उड़ान, नया क्षितिज - छत्तीसगढ़ में महतारियों के सशक्तिकरण की कहानी

ज्योतिष और हेल्थ

स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

स्वाद के साथ सेहत भी: कटहल में छुपे हैं कई जरूरी पोषक तत्व

हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

हार्ट की सेहत के लिए वरदान है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेद में खास महत्व

सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

सुबह उठते ही ये गलतियाँ पड़ सकती हैं भारी! हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाली आदतों से रहें बचकर

गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

गैस, अपच और सूजन पर असरदार—जानें क्यों रोज़ाना भिगोई अजवाइन है फायदेमंद

खेल

फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! 23 अप्रैल को MS Dhoni की वापसी के आसार, Chennai Super Kings को मिलेगा अनुभव का सहारा

फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! 23 अप्रैल को MS Dhoni की वापसी के आसार, Chennai Super Kings को मिलेगा अनुभव का सहारा

एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

एशियाई खेलों के लिए वैभव का दावा मजबूत, भारतीय टीम में मिल सकती है जगह

वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक, भारत ने इंग्लैंड को रौंदकर छठी बार जीता U-19 विश्व कप

वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

वैभव सूर्यवंशी का तूफान: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक, दो बड़े रिकॉर्ड ध्वस्त

व्यापार

सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट

सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट

सोना हुआ सस्ता, चांदी ने पकड़ी रफ्तार

सोना हुआ सस्ता, चांदी ने पकड़ी रफ्तार

देश के EV टू-व्हीलर बाजार में TVS Motor Company का दबदबा

देश के EV टू-व्हीलर बाजार में TVS Motor Company का दबदबा

टैरिफ घटते ही सेंसेक्स–निफ्टी में उछाल

टैरिफ घटते ही सेंसेक्स–निफ्टी में उछाल

गैजेट्स

iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

iPhone 16 Plus हुआ लॉन्च, जानिए इस खूबसूरत आईफोन की कीमत और फीचर्स

iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

iPhone 16 जल्द लॉन्च होने वाला है, लॉन्च डेट और प्राइस का खुलासा...

Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

Oppo A1 5G स्मार्टफोन 19 अप्रैल से होगा प्री-ऑर्डर, मिलेगी 12GB रैम...

अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

अगले हफ्ते मार्केट में धांसू स्मार्टफोन्स की एंट्री होने वाली है, मिलेंगे ताबड़तोड़ फीचर

राजनीति

महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

महाराष्ट्र में गाय 'राज्य माता' घोषित, विधानसभा चुनाव से पहले महायुति सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला

Entertainment

आदित्य नारायण हुए गुस्सा तो मुन्नवर ने कर दिया रेपोस्त

आदित्य नारायण हुए गुस्सा तो मुन्नवर ने कर दिया रेपोस्त

Quick Links

  • होम
  • राष्ट्रीय
  • संपादकीय
  • विश्व
  • मनोरंजन


  • रोजगार
  • राजनीति
  • खेल
  • राजधानी
  • ज्योतिष


  • गैजेट्स
  • फोटो गैलरी
  • वीडियो गैलरी
  • Entertainment
  • संपर्क

Location Map

Contact Us

Address :

Baran Bazar, Favara Chowk, Gowli Para Road, Behind SBI ATM, Raipur (Chhattisgarh) - 492001

Phone No. : 0771-4032133

Email Id : [email protected]

RNI No. :
CHHHIN16912 GARJA CHHATTISGARH NEWS

Copyright © 2013-2026 Garja Chhattisgarh News All Rights Reserved | Privacy Policy | Disclaimer | Powered by : Softbit Solution