बेमेतरा

किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शासन नरवाए गरूवाए घुरवा एवं बाड़ी को दे रहे मूर्तरूप

किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शासन नरवाए गरूवाए घुरवा एवं बाड़ी को दे रहे मूर्तरूप

TNIS

नालों के माध्यम से जल को संग्रहित करना रू गांव के परम्परागत घुरवा को किया जा रहा उन्नयन
बेमतरा :
 कलेक्टर महादेव कावरे ने कल जिला कार्यलय के सभाकक्ष में एनजी.जीबी. के अंतर्गत कार्याे की समीक्षा की।  छत्तीसगढ़ शासन प्रदेश के किसान और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणजनों के जीवन स्तर में नये बदलाव लाने के लिए सार्थक प्रयास कर रही है। शासन की मंशा है कि किसान आर्थिक रूप सक्षम बनें। इसी उद्देश्य को लेकर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत शासन की फ्लैगशिप योजना (एनजीजीबी) नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी को मूर्तरूप दिया जा रहा है। आज की बैठक में जनपद पंचायत साजा से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं रहने के कारण कलेक्टर ने अप्रसन्नता जाहिर की। बेमेतरा जिले में कुल 04 विकासखण्डों में 66 गौठान निर्माण का कार्य स्वीकृत किये गये है। इनमें बेमेतरा ब्लाक में-19 साजा-19 नवागढ़-15 एवं बेरला-13 शामिल है। बेमेतरा ब्लाक के ग्राम बटार, बेरला के ग्राम साॅंकरा, नवागढ़ के नारायणपुर एवं साजा विकासखण्ड के ग्राम मौहाभाठा में माॅडल गौठान के रूप मे विकसित किया जा रहा है। 

कलेक्टर ने स्थल विवाद के कारण उस स्थान के बदले अन्य ग्राम पंचायतों में गौठान निर्माण कार्य स्वीकृत करने जनपद पंचायत के सीईओ को दिये। आने वाले मानसून सीजन के दौरान गौठान परिसर में छायादार एवं फलदार पौधे बरगद, पीपल, अर्जुन(कौहा) आम, जामुन, नीम, करंज, एवं गुलमोहर शामिल है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश कुमार सर्वे, अपर कलेक्टर एव.आर.महिलांग, परियोजना अधिकारी जि.पं. बी.आर.मोरे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डी.एन.कश्यप, बेरला-दुर्गेश वर्मा, उप संचालक कृषि जे.एस.राजपूत, जनपद पंचायतों के सीईओ एवं मनरेगा परियोजना अधिकारी उपस्थित थे।

बेमेतरा जिले के कलेक्टर श्री कावरे के मार्गदर्शन के दिशा-निर्देश में जिले के चार विकासखण्ड- साजा, बेमेतरा, नवागढ़ एवं बेरला के 387 ग्राम पंचायतों में तीव्र गति से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ग्रामवासियों के लिए नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी का उन्नयन कर सार्थक उपयोग कर सके। गांव में जल संरक्षण, संवर्धन और खेती-किसानी के लिए मिट्टी को उपजाऊ बनाना, खेती-बाड़ी के लिए मिट्टी की उर्वरक क्षमता को बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। साथ ही बकरी पालन, गाय पालन, मछली पालन, बदख पालन को नया रूप देकर किसानों के लिए रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहे है, ताकि किसान आर्थिक रूप मजबूत बन सके। गांव में अधिकतर देखा जाता था कि बोर खनन करने के बाद भी जल स्तर नीचे चले जाने के कारण अधिकांश बोर पम्प बंद हो जाते थे, जिससे ग्रामीणजनों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना को मूर्तरूप दिया जा रहा है। नरवा के माध्यम से किसानों के पास पर्याप्त पानी की सुविधा  उपलब्ध रहे और उन्हें वर्षा के पानी पर निर्भर न रहना पड़े और किसान भाई-बन्धु खेती-बाड़ी आसानी से कर सके।

बेमेतरा जिले के 04 विकासखण्डों में नरवा कार्यक्रम अंतर्गत जिले में जीआईएस मेपिंग के आधार पर 13 नालों का चिन्हांकन किया गया है जिनमें से विभिन्न ग्राम पंचायत लाभान्वित होगी। इस कार्य में कृषि, जल संसाधन विभाग द्वारा सामूहिक क्षेत्रीय कार्य किया जा रहा है। नालों में नाला शामिल है। बेमेतरा ब्लाक के 17 नाला जिसमें जिया नाला, घोघरा नाला, खेवा नाला, बेरला नाला, करवा/घोरेघाट नाला, साजा ब्लाक के अंतर्कत खेवा नाला, अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत बेलतरा, चेक डेम क्रमांक 01 एवं 02 सोमई खुर्द भनोरा, मुसवा डीह शामिल है।

नवागढ़ विकासखण्ड के अंतर्गत घोघरा नाला विकास कार्य सम्मिलित ग्राम पंचायत ईटाई एवं खेड़ा, बेरला नाला विकास के अंतर्गत सम्मिलित ग्राम पंचायत कुम्ही, खर्रा, एवं टकसीवा ग्राम पंचायत शामिल है। स्वीकृत 47 कार्याे के लिए 2 करोड़ 05 लाख 21 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। नाला के अंतर्गत एमआईटी, बोल्डर चेकडेम, ब्रशवुड चेकडेम, सिल्ट ट्रेप, स्थायी स्टाप डेम, डाईक, डाईक कम बोल्डर चेक, नाला पाथ र्ट्रीटमेंट सरचनाएं शामिल है। इसी प्रकार घुरवा के तहत 04 विकासखण्डों के कुल कार्य 2014 का चयन किया गया है। जिनमें स्वप्रेरित से घुरूवा उन्नयन 7950 का कार्य किया गया है। 

 

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