बेमेतरा

कलेक्टर ने ली बैंकर्स की बैठक, कहा- एक लाख रूपए से अधिक की ट्रांजेक्षन की जानकारी देंवे

कलेक्टर ने ली बैंकर्स की बैठक, कहा- एक लाख रूपए से अधिक की ट्रांजेक्षन की जानकारी देंवे

TNIS

बेमेतरा :  कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री महादेव कावरे ने बैंकर्स को निर्देश जारी कर एक लाख रूपए से अधिक का ट्रांजेक्शन की आॅनलाईन सूचना प्रतिदिन जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। ट्रांजेक्शन की जानकारी लीड बैंक आॅफिसर के जरिए उपलब्ध कराने  को कहा। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जिला पंचायत सभाकक्ष में आज बैंकर्स की बैठक आयोजित की गई।

इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर डीआर डाहिरे, उप जिला निर्वाचन अधिकारी आर पी. आचला, लीड बैंक आॅफिसर पी. ओड़िया भी उपस्थित थे। सभी प्रकार के निर्वाचन व्यय का हिसाब-किताब अभ्यर्थी को एक पृथक नये खोले गए बैंक अकाउंट से होगा। कोई भी आम नागरिक 50 हजार रूपए से अधिक की नकद राशि लेकर जाता है तो जांच के दौरान उसे इसका हिसाब देना होगा, इसके लिए उन्हें वैध दस्तावेज दिखाने होंगे। कलेक्टर ने बैंकर्स से कहा कि यदि किसी बैंक की जिले में एक से अधिक शाखाएं है तो एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर ट्रांजेक्शन की जानकारी देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अभ्यर्थियों को बीस हजार रूपए से अधिक का लेन-देन चेक के माध्यम से करना होगा। जिलाधीश ने कहा कि ए.टी.एम. में रिफिलिंग के लिए राशि जाती है तो इसकी सूचना संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एस.डी.एम.) को अवश्य रूप से देंवे। 

लोकसभा निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान जिले/निर्वाचन क्षेत्र में ऐसे अंतरण का कोई पूर्व उदाहरण हुए बिना आर.टी.जी.एस. के माध्यम से एक के माध्यम से एक बैंक खाते में विभिन्न व्यक्तियों के खाते में राशि का असामान्य रूप से अंतरण। अभ्यर्थियों या उनकी पत्नी या उनके आश्रितों, जैसा कि अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्र में उल्लिखित है और जो मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाईट में उपलब्ध है, के बैंक खाते में एक लाख रूपए से अधिक की नकद राशि जमा करना या निकालना।

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दल के खाते से एक लाख रूपए से अधिक की नकद राशि की निकासी या जमा करना। अन्य कोई भी संदेहजनक नकद लेन-देन जिसे निर्वाचकों को रिश्वत देने के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्रक्रियाबद्ध की जाएगी तथा जहां भी यह संदेह हो कि नकद राशि का प्रयोग निर्वाचकों के रिश्वत देने के लिए किया जा सकता है तो फ्लाईन्ग स्कवायड को पूरी जांच के पश्चात आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा जा सकता है। तथापि यदि जमा की जाने वाली निकासी की नकद धन राशि की रकम 10 लाख रूपए से अधिक हो तो इसकी सूचना आयकर विभाग के नोडल अधिकारी को आयकर विधियों के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही करने के लिए भेजी जायेगी। 

 

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