जान्जगीर-चाम्पा

​​​​​​​दिल्ली से रायपुर और अटल नगर तक सामान्यजनों के जीवन में बदलाव लाना हम सबका एक ही मकसद : श्री नरेन्द्र मोदी

​​​​​​​दिल्ली से रायपुर और अटल नगर तक सामान्यजनों के जीवन में बदलाव लाना हम सबका एक ही मकसद : श्री नरेन्द्र मोदी

छत्तीसगढ़ : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कल कहा कि दिल्ली हो या रायपुर या अटल नगर, सामान्य जनों के जीवन में बदलाव लाना, उनकी जिन्दगी को बेहतर बनाना एक ही मकसद है। हमारी नीति और नीयत बिल्कुल साफ है। श्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी ने जिन सपनों के साथ विकास को केन्द्र में रखकर एक सुचिंतित रणनीति और दूरगामी सोंच के तहत छत्तीसगढ़, झारखण्ड और उत्तराखंड का निर्माण किया था, उनके उन सपनों को पूरा करते हुए इन तीनों राज्यों को विकास की ऊंचाईयों तक पहुंचाना भी हमारा लक्ष्य है।

      प्रधानमंत्री कल छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय जांजगीर में राज्य सरकार की प्रदेश व्यापी अटल विकास यात्रा के तहत आयोजित किसानों के एक विशाल सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को तीन हजार 840 करोड़ रूपए की सड़क और रेल परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने इनमें से 1607 करोड़ रूपए की बिलासपुर-पथरापाली फोरलेन सड़क, 535 करोड़ रूपए की सरगांव-बिलासपुर फोरलेन सड़क और लगभग 1698 करोड़ रूपए की बिलासपुर-अनूपपुर तीसरी रेल लाईन का डिजिटल शिलान्यास किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के तेजी से हो रहे विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष रूप से तारीफ की। उल्लेखनीय है कि देश की आजादी के बाद जांजगीर पहुंचने वाले श्री नरेन्द्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं।

श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ी भाषा में की भाषण की शुरूआत

     प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरूआत छत्तीसगढ़ी भाषा में की और विशाल जन-समूह का ‘जय जोहार’ कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा - सबसे पहले तो मैं छत्तीसगढ़ के नागरिकों का सिर झुकाकर नमन करता हूं, जिनके आशीर्वाद से हमें दिन-रात जनता के लिए कुछ न कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती रहती है। श्री मोदी ने कहा - अटल जी द्वारा बनाये गए तीनों राज्यों- छत्तीसगढ़, झारखण्ड और उत्तराखंड की निर्माण प्रक्रिया में दूर-दूर तक कहीं भी राजनीति का ’र’ भी नहीं था। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण भी शुद्ध और नेक इरादे से किया गया। यह विकास के मामले में अटल जी की दूरगामी सोच थी।  सिर्फ और सिर्फ विकास को केन्द्र में रखकर उन्होंने इन तीनों राज्यों का निर्माण किया था। उत्तराखण्ड के पहाड़ों में और झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के जंगलों में बसे हमारे आदिवासी भाई-बहनों को इसका लाभ मिले, छोटे गांवों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित शहर के रूप में विकसित किया जा सके, कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार कर भारत के विकास में ये राज्य में भी अहम भूमिका निभाएं, यह अटल जी का इरादा था। राज्य निर्माण के पीछे उनकी यह सोच थी। श्री मोदी ने कहा - अटल जी की दूरगामी सोच कितनी परिणाम मूलक साबित हो रही है, यह इन नये राज्यों के गठन से पता चलता है।

छत्तीसगढ़ की जनता ने किया लोकतंत्र और निर्वाचित सरकार की स्थिरता में विश्वास

     श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा - छत्तीसगढ़ प्रदेश बनने के बाद यहां के हर निवासी में अपने राज्य के विकास के लिए कुछ कर दिखाने का भाव जागा। उसका ही नतीजा है कि आज छत्तीसगढ़ देश में सर्वाधिक प्रगति करने वाले राज्यों की श्रेणी में पहचाना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसका श्रेय छत्तीसगढ़ सरकार की स्थिरता को भी दिया। उन्होंने कहा - छत्तीसगढ़ के लोगों ने निर्णय लेने में कोई चूक नहीं की है। इस राज्य के नागरिकों ने पूरी समझदारी के साथ प्रदेश के विकास के लिए अपनी जागरूकता और लोकतंत्र के प्रति और निर्वाचित सरकार की स्थिरता के प्रति अपने विश्वास को प्रकट किया है।  श्री मोदी ने कहा - ये छत्तीसगढ़ की जनता की जागरूकता का ही परिणाम है कि तमाम अवरोधों और आशंकाओं के बीच, अनर्गल आरोपो के बीच  न तो छत्तीसगढ़ का मन हिला और न ही प्रदेश की जनता का। उसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ के लोग आज अपने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में प्रदेश को विकास की ऊंचाईयों पर ले जा रहे हैं।

चावल वाले बाबा सिर्फ चावल, नमक तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के बेहतर भविष्य के लिए भी सजग

     श्री मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन  सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि चावल वाले बाबा के नाम से लोकप्रिय डॉ. सिंह ने गरीबों के लिए चावल, नमक और उनके पांवों के लिए जूतों की व्यवस्था तो की, लेकिन वे यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के भविष्य निर्माण के लिए भी सजग हैं। उन्होंने नई पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए राज्य के युवाओं को नई योजनाओं के साथ ताकतवर बनाने का भी काम किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. रमन सिंह बड़ी सोच वाले नेता हैं। उनके नेतृत्व में राज्य के हर क्षेत्र में विकास हो रहा है। श्री मोदी ने नक्सलवाद के संदर्भ में कहा कि पहले छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलवाद और आतंकवाद से होती थी। बम, बंदूक और पिस्तौल से रक्तपात की खबरे आती थी। ऐसे संकटों का सामना भी दृढ़ इच्छा-शक्ति से करते हुए छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने का जो संकल्प उन्होंने लिया है, वह सराहनीय है।

प्रधानमंत्री ने की डॉ. रमन सिंह की तारीफ कहा - छत्तीसगढ़ ने कई संकटों से उबरकर बनाई अपनी पहचान

      श्री मोदी ने कहा - केन्द्र और राज्य दोनों मिलकर जनता जनार्दन के सहयोग से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए काम कर रहे हैं। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य के लिए जो भी प्रस्ताव आते हैं और जो भी काम होते हैं, भारत सरकार उनमें बढ़-चढ़कर मदद करती है, क्योंकि डॉ. सिंह पाई-पाई गरीबों के हित में खर्च करते हैं। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने कई संकटों से उबर कर अपनी पहचान बनाई है। अभी तो सपने और भी बड़े हैं और मंजिल तक पहुंचना है।

बीज से बाजार तक किसानों को हर संभव मदद

     श्री मोदी ने केन्द्र सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए किसानों के सम्मेलन में कहा कि बीज से बाजार तक किसानों को जहां कहीं भी सरकार की मदद की जरूरत होती है, सरकार उन्हें हर संभव मदद कर रही है। उन्हें अच्छी क्वालिटी के बीज मिले, बेहतर बाजार की व्यवस्था हो, इसके लिए भी सरकार ने अपने प्रशासन तंत्र को चैकस और मजबूत बनाया है। जैसे हम बीमार होने पर अपने शरीर की डॉक्टरी जांच करवाते हैं, ठीक उसी तरह खेतों की जमीन को उपजाऊ बनाने के लिए वहां की मिट्टी का परीक्षण करवाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में अब तक 13 लाख मृदा स्वास्थ कार्ड दिए जा चुके हैं। खेतों की मिट्टी के इस परीक्षण की योजना से कृषि उत्पादन में वृद्धि हो रही है। आजादी के बाद पहली बार देश में सबसे ज्यादा फसलों की पैदावार का रिकॉर्ड बना है। उन्होंने कहा - जांजगीर-चांपा का यह इलाका सिंचाई के मामले में भाग्यशाली है, लेकिन देश में कई ऐसे इलाके है जो सिर्फ बारिश पर निर्भर रहते हैं। केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरूआत की है। अकेले छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत किसानों को 13 करोड़ रूपए का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा - वर्ष 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं वर्षगाठ मनाएगा। महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करेंगे, जिन्होंने मातृृ-भूमि को आजाद करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उस समय तक किसानों की आमदनी को दोगुनी करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्हें खेती के साथ-साथ मछलीपालन, पशुपालन, शहद उत्पादन, दूध उत्पादन के कारोबार से भी जोड़ना होगा। उन्होंने कृषि उपजों के मूल्य संवर्धन पर बल देते हुए कहा कि आम अगर कच्चा हो तो उसकी कीमत कम मिलती है, पके हुए आम की कीमत कुछ अधिक मिलती है और आम से बने आचार की कीमत उससे ज्यादा मिलती है। उसी तरह टमाटर और मिर्च का भी प्रसंस्करण किया जा सकता है, पैकेजिंग की जा सकती है, जिससे बाजार में किसानों को अच्छी कीमत मिल सकती है।

विकास के मामले में अपना-पराया जैसा कोई भेद-भाव नहीं

     श्री मोदी ने कहा - विकास की कोई सीमा नहीं होती। हमें हर पल नई ऊंचाईयों को पार करने का इरादा रखना चाहिए। एक जमाना था जब गांव के लोग शासन-प्रशासन को सिर्फ मजदूरी के लिए काम खोलने का ज्ञापन आते थे, लेकिन आज वक्त बदल चुका है। अब गांव के लोग सिंगल रोड को डबल रोड करने की मांग करते हैं। बिजली पहुंची तो कहते हैं कि अब एलईडी बल्ब चाहिए। श्री मोदी ने कहा - गांवों के जीवन में भी परिवर्तन आ रहा है। हर नागरिक के जीवन में परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा - हमने तय किया है कि विकास के मामले में अपना-पराया जैसा कोई भेद-भाव नहीं होगा। योजनाएं सबके लिए बनेंगी और सबको उनका फायदा मिलेगा। श्री मोदी ने कहा - देश के सभी लोगों को और सभी परिवारों को अब 18वीं सदी में नहीं, बल्कि 21वीं सदी में जीने का अधिकार है। हर नागरिक को 21वीं सदी में अंधेरे से मुक्ति मिले, प्रत्येक परिवार के घर में बिजली हो, इसके लिए हमने सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) की शुरूआत की है। उज्ज्वला योजना में रसोई गैस कनेक्शन और उजाला योजना के तहत गांव-गांव बिजली पहुंचाने और सौभाग्य योजना में हर घर को बिजली से रौशन करने की दिशा में काम हो रहा है।

श्री मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा छत्तीसगढ़ की आर्थिक आजादी का सपना: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

     मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत करते हुए सम्मेलन में कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, जब कांसा, कोसा और कंचन की नगरी तथा महाराज जाज्वल्य देव की नगरी में हम सब  ऐसे कर्मयोगी प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहे हैं। जिन्होंने चार साल और छह महीने के अपने अब तक के कार्यकाल में एक भी दिन विश्राम नहीं किया। श्री मोदी ने जब देश का नेतृत्व संभाला तब छत्तीसगढ़ की आर्थिक आजादी का सपना तेजी से साकार हो रहा है। उन्होंने राज्य के लिए 32 प्रतिशत के केन्द्रीय अनुदान को बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया। श्री मोदी द्वारा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ में हमारी लगभग 35 लाख बहनों को रसोई गैस कनेक्शन, गैस चूल्हा और सिलेण्डर मिलने पर धुएं से मुक्ति मिलने लगी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक छत्तीसगढ़ में एक भी कच्चा मकान नहीं रहेगा, बल्कि 11 लाख गरीबों के लिए पक्के मकान बन जाएंगे। हर पारे-टोले में और हर घर में रौशनी होगी। प्रधानमंत्री जी ने हम सबको यह एक बड़ा लक्ष्य दिया है।

     डॉ. रमन सिंह ने कहा - प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छ भारत बनाने का आव्हान किया था। उनका स्वच्छ भारत मिशन छत्तीसगढ़ में जन-आंदोलन बन गया और अब छत्तीसगढ़ शत-प्रतिशत घरों में शौचालय बन चुके हैं और राज्य बहुत जल्द खुले में शौच मुक्त घोषित होने जा रहा है। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री को गरीबों का मसीहा बताया और कहा कि श्री मोदी ने किसानों की आमदनी वर्ष 2022 तक दोगुनी करने का संकल्प लिया है। इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने इस संकल्प का क्रियान्वयन शुरू करते हुए किसानों को डेढ़ गुना ज्यादा समर्थन मूल्य देने की भी घोषणा की है। अपनी इस घोषणा के अनुरूप श्री मोदी ने धान के समर्थन मूल्य में 200 रूपए की वृद्धि की है। इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने कई अन्य फसलों का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है।

      डॉ. सिंह ने कहा - धान के समर्थन मूल्य में 200 रूपए की एक बार में वृद्धि हिन्दुस्तान में अब तक कभी नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा -   श्री मोदी के इस फैसले से किसानों में नई उम्मीदों और नई आसांओं का संचार हुआ है। राज्य के किसानों ने प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले पर उनके अभिनंदन के लिए जांजगीर में सम्मेलन का आयोजन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा - प्रधानमंत्री की नीतियों और योजनाओं का भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। विगत चार वर्ष में छत्तीसगढ़ को श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिए 35 हजार 267 करोड़ रूपए की मंजूरी मिली है। इससे प्रदेश में सड़कों के नेटवर्क के विकास और विस्तार में काफी तेजी आई है। सड़कों के साथ-साथ रेल और टेलीकॉम कनेक्टिविटी का भी विस्तार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा - भारत नेट परियोजना के तहत प्रदेश की आठ हजार ग्राम पंचायतों को छह करोड़ रूपए की लागत से इंटरनेट कनेक्टिविटी दी गई है।

     स्वागत भाषण जांजगीर की लोकसभा सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले ने दिया। उन्होंने कहा  कि देश की आजादी के बाद जांजगीर आने वाले श्री नरेन्द्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। श्री मोदी ने जांजगीर को केन्द्रीय विद्यालय की भी सौगात दी है। श्रीमती पाटले ने कहा कि यह जिला उन्नत कृषि की वजह से पूरे देश में धान उत्पादन के मामले में अग्रणी है और जिले का 85 से 90 प्रतिशत सिंचित है। छत्तीसगढ़ के पावर हब के रूप में भी जांजगीर की पहचान बनी है।

     सम्मेलन में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग विकास मंत्री श्री नितिन गड़करी, केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री श्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित छत्तीसगढ़ सरकार के सभी मंत्रीगण गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चंद्राकर, वाणिज्य एवं उद्योग तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अमर अग्रवाल, कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और राजस्व मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, खाद्य और ग्रामोद्योग मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, लोक निर्माण, आवास और पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, पर्यटन, संस्कृति और सहकारिता मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन और विधि मंत्री श्री महेश गागड़ा, श्रम तथा खेल मंत्री श्री भईयालाल राजवाड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक और राज्य के सभी सांसद और विधायकगण तथा अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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