जशपुर

पत्थलगांव का बहुचर्चित मंडी जमीन घोटाला कांड फिर सुर्खियों में

पत्थलगांव का बहुचर्चित मंडी जमीन घोटाला कांड फिर सुर्खियों में

श्याम नारायण गुप्ता 

पत्थलगांव :- पत्थलगांव के बहुचर्चित मंडी जमीन घोटाला कांड रुकने का नाम ही नही ले रहा है आये दिनों सुर्खियों में रहने वाला कांड का नया खुलासा हुआ है वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद अजय बंसल ने बताया की मंडी कांड में सन 1953-54 में धिसू राम बनवारी लाल को 10 डिसमिल जमीन का पट्टा मिला था जिसे बाद में धिसू राम का नाम मिटा कर बनवारी लाल के नाम कर 10 डिसमिल को 12 एकड़ 27 डिसमिल कर दिया गया ।

 पार्षद अजय बंसल ने बताया कि सन 1972 में बनवारी लाल द्वारा तत्कालीन सरकार को नोटिस देकर  कहा गया कि मुझसे समझौता किया जाये अन्यथा सरकार के ऊपर केस कर दूंगा । तब सरकार ने तुरन्त एक्शन में आते ही इसकी जांच करने का आदेश कलेक्टर को दिया कलेक्टर ने तत्कालीन एस,ड़ी,एम, धरमजयगढ़ को  प्रतिवेदन देने हेतु आदेश दिया एसड़ीएम धरमजयगढ़, ने अपने प्रतिवेदन  में बताया कि उपरोक्त पट्टा फर्जी है । इसमें किसी से समझौता नही किया जाय। यदि शासन के ऊपर केस करता है तो केस लड़ा जाएगा । क्योकि ऐसा पट्टा बनवारी लाल के नाम पर दिया ही नही गया है ।

कलेक्टर ने सभी प्रतिवेदन को खारिज करते हुए सन 1978 में बनवारी लाल से समझौता कर लिया और 7 एकड़ 65 डिसमिल का पट्टा जारी कर दिया । उसके पश्चात सन 1984 में एक ही दिन एक ही परिवार को  8 रजिस्ट्ररी कर दी गई । सन 2000 में पत्थलगांव निवासी दुलार साय ने उपरोक्त फर्जी पट्टे के संबंध में एक शिकायत तत्कालीन सरकार को की, सरकार ने उक्त शिकायत की जांच एसड़ीओ पुलिस, धनीराम धुर्व  को मिला । श्री धुर्व ने जांचकर उपरोक्त पट्टे को  कुटचित पाया और अपना प्रतिवेदन एसपी जशपुर को भेज दिया ।

जिसके आधार में सन 2016 में थाना पत्थलगांव में अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश दिया गया ।इसके आधार पर बनवारी लाल एवम सम्बंधित कर्मचारियों के ऊपर धारा 420,467,468,471  एवं 120 b के तहत अपराध पंजीबद्ध  किया गया । अपराध पंजीबद्ध होने के उपरांत  केस खात्मा हेतु आवेदन किया गया मगर न्यायालय द्वारा प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए यह कहकर वापस (केंसल) कर दिया । क्योकि दुलार साय की शिकायत सन 1953-54 कूटरचित पट्टे के संबंध में किया गया है । जिसकी जांच आज पर्यन्त तक नही किया गया जिसके कारण आपराधिक प्रकरण का खात्मा नही किया जा सकता । इसी प्रकरण में उपरोक्त पट्टे की शिकायत वार्ड नम्बर 10 के पार्षद बंसल द्वारा आईजी पुलिस, सरगुजा में भी किया गया है । जिसके खिलाफ आईजी पुलिस सरगुजा ने विवेचना अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने के साथ ही सूक्ष्म विवेचना करते हुई अपराधियो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का निर्देश दिए है ।

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