बस्तर

जहां बेटियों का सम्मान, तरक्की भी उसी राज्य की : डॉ. रमन सिंह

जहां बेटियों का सम्मान, तरक्की भी उसी राज्य की : डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जिस राज्य में बेटियों का सम्मान होता है, तरक्की भी सिर्फ उसी राज्य की होती है। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती को हम सब महतारी कहते हैं और यहां दन्तेश्वरी माता सहित अनेक देवियों की पूजा होती है, जो समाज में बेटियों के सम्मान का प्रतीक हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ राज्य तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब तो राज्य के कॉलेजों में बेटों की दर्ज संख्या की तुलना में बेटियां की दर्ज संख्या अधिक हो गयी है। अब हमारे कॉलेजों में एक सौ छात्रों की तुलना में छात्राओं की संख्या 125 तक पहुंच गयी है।
मुख्यमंत्री आज दोपहर प्रदेश व्यापी विकास यात्रा के दौरान राज्य के आदिवासी बहुल बस्तर (जगदलपुर) जिले के विकासखण्ड मुख्यालय बस्तर में आयोजित स्वागत सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद, सहयोग और समर्थन से ही हमें प्रदेश के विकास के लिए काम करने की ताकत मिली है। इसलिए इस विकास यात्रा को मैं धन्यवाद यात्रा और तीर्थ यात्रा कहूंगा। सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को देश का सबसे विकसित राज्य बनाएंगे। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ में बेटियों की शिक्षा के लिए राज्य सरकार ने कई सार्थक कदम उठाए हैं। सरस्वती सायकिल योजना में हाई स्कूल स्तर पर अनुसूचित जाति, जनजाति, गरीब और पिछड़े वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क सायकिल दी जा रही है। इसके फलस्वरूप राज्य में अब 97 प्रतिशत बालिकाएं हाई स्कूल जा रही हैं। नोनी सुरक्षा योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री कहा कि राज्य सरकार ने गरीब परिवारों में बेटी के जन्म पर उसके नाम से बैंक में खाता खुलवाकर 05 साल तक पांच-पांच हजार रूपए जमा करती है। बेटी जब 18 साल की हो जाएगी तब उसे एक लाख रूपए मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वागत सभा में कहा- बस्तर जिला और बस्तर विकासखण्ड अपने-आप में काफी महत्वपूर्ण है। पूरे संभाग का नाम आपके बस्तर के नाम पर है। उन्होंने जनसभा में सरकारी की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बस्तर क्षेत्र में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्वावलंबन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी तारीफ की। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इस इलाके में 324 महिला स्वसहायता समूहों की लगभग चार हजार महिलाएं काजू प्रसंस्करण का काम रही हैं। उन्हें इस कार्य में हाल ही में पांच करोड़ रूपए का लाभांश मिला है। लगभग दो हजार टन काजू का प्रसंस्करण उन्होंने किया है। बस्तर अंचल में सड़कों का बेहतर नेटवर्क विकसित किया गया है। रायपुर से बस्तर तक 440 के.व्ही. क्षमता की बिजली की लाईन पहंुचायी गयी है। इससे पूरे इलाके में बिजली की सप्लाई निरन्तर होती रहेगी। बस्तर में अब कभी अंधेरा नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अब छत्तीसगढ़ की 90 प्रतिशत आबादी को सस्ता चावल, निःशुल्क नमक और सस्ते चने का वितरण हो रहा है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के नाम से यह योजना गरीबों के लिए शुरू की गयी है, जिसे कोई बन्द नहीं कर सकता। डॉ. सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सभी परिवारों को 50 हजार रूपए तक वार्षिक इलाज की सुविधा मिल रही है। यह योजना इसलिए शुरू की गयी है, ताकि कोई भी गरीब या कोई भी व्यक्ति बीमार पड़ने पर इलाज की सुविधा से वंचित न रहे। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गयी आयुष्मान भारत योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए इसकी शुरूआत की है। इस योजना में किडनी, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीज को पांच लाख रूपए तक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने संचार क्रांति योजना की भी जानकारी दी और कहा कि इस योजना में 50 लाख मोबाइल स्मार्ट फोन निःशुल्क वितरण किए जाएंग। स्मार्ट फोन के जरिए लोग शासन की विभिन्न योजनाओं से भी जुड़ जाएंगे। इसमें सभी प्रमुख योजनाओं का मोबाइल एप्प भी रहेगा। जनसभा को राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने भी सम्बोधित किया। लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, आदिम जाति विकास और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप, लोक सभा सांसद श्री दिनेश कश्यप, विधायक श्री संतोष बाफना और अन्य अनेक जनप्रतिनिधि भी मुख्यमंत्री के साथ स्वागत सभा में उपस्थित थे।

 

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