बस्तर

नगर सैनिकों ने पहले ही दिन कर दिया कमाल तालाब से निकाल डाला ट्रक जलकुंभी और कचरा

नगर सैनिकों ने पहले ही दिन कर दिया कमाल तालाब से निकाल डाला ट्रक जलकुंभी और कचरा

कमांडेंट मार्बल के नेतृत्व में 55 सदस्यों के दल ने किया दलपत सागर में श्रमदान

4 घंटे तक दलपत सागर की सफाई में जुटे रहे नगर सेना के जवान 

जगदलपुर : इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान के द्वारा 5 नवंबर से शुरू की गई दलपत सागर सफाई महाअभियान के सोलहवें दिन नगर सैनिकों ने कमाल ही कर दिया,55 सदस्यों की टीम ने 4 घंटे में ही लगभग 5 ट्रक जलकुंभीओं और अन्य कचरों  को तालाब से बाहर निकाल लिया,इतना ही बिना थके लगातर वें कचरों को निकालने का काम करते रहे.सुबह 7:00 बजे हाटकचोरा स्थित नगर सेना मुख्यालय से कमांडेंट संतोष कुमार मार्बल के नेतृत्व में 55 सदस्यी नगर सैनिकों का दल दलपत सागर पहुंचा,इन जवानों ने बिना देर किए दलपत सागर के रानीघाट की सफाई शुरू कर दी.सफाई के दौरान लगभग एक ट्रक शराब की बोतलें एवं अन्य कचरे बाहर निकला,जो असामाजिक तत्वों द्वारा तलपत सागर में सेवन उपरान्त  फेंक दिया गया था.

जवानों ने रानीघाट में लगातार 4 घंटों तक श्रमदान किया,अपनी देशी तकनीकों के लिए दक्ष माने जाने वाले इन जवानों ने रबर की नाव से जलकुंभीयों को सागर के बीच से निकालकर किनारे लाते गये और बहार खड़े अन्य जवान उन कचरों को बाहर निकाल फेकते रहे.लंबी रसिया और लोहे से बने उपकरणों के माध्यम से घास और जलकुंभीयों को नगर सैनिक बड़ी आसानी से बाहर निकाल रहे थे.नगर सेना के ये जवान 2 दिनों तक दलपत सागर सफाई अभियान का हिस्सा होंगे,उत्साह से लबरेज इन जवानों ने बड़ी तादाद में कचोरा निकाल यह संदेश दिया की दलपत सागर को बचाने के लिये नगरवासियों को समाने आना ही होगा,दूसरी ओर इंद्रावती बचाओ जनजागरण के सदस्य प्रतिदिन की तरह आइलैंड की नजदीक अपने सफाई अभियान को जारी रखा.तलाब किनारे जमा 1 ट्रक से अधिक कचरों को बाहर निकाल निच्छित जगह पर रखा. 

नगर सेना  के कमांडेंट संतोष कुमार मार्बल ने बताया की रायपुर के कटोरा तालाब की स्थिति भी काफी खराब थी 90 दिन का टारगेट लेकर जलकुंभीयों को निकाला गया.सफाई का काम आसान नहीं था लेकिन जवानों के हौसलों से तलाब को इस कदर साफ कर दिया कि आज रायपुर के मध्य वह तालाब सबसे खूबसूरत पर्यटक स्थल रूप में गिना जाने लगा है.दलपत सागर में भी उसी तर्ज पर सफाई की आवश्यकता है.नगर सेना के जवान भले ही 2 दिनों तक यहां काम करेंगें,लेकिन आने वाले दिनों में और बड़ी संख्या में जवानों द्वारा दलपत सागर सफाई में योगदान देंगे, श्री मार्बल ने कहा की रबर की नाव के माध्यम से सागर के मध्य स्थित जलकुंभी को किनारे तक लाकर नगर सैनिक छोड़ेंगे ताकि स्थानीय लोगों को श्रमदान करने में परेशानी ना हो. अभियान से जुड़े अन्य सदस्यों का कहना है कि लगातार लोगों का सहयोग सफाई अभियान में मिल रहा है इस महाअभियान को पूरा करके रहेंगे,लोगों के जज्बे और उत्साह को देखते हुए अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि अभियान सफलता की ओर अग्रसर हो रही है.

प्रतिदिन नए नए सदस्य सफाई अभियान में जुड़ रहे हैं.लोगों में बस्तर के इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित रखने का सपना है जो एक दिन जरूर पूरा होगा,प्रतिदिन निस्वार्थ रूप से लोग अभियान से जुड़कर श्रमदान कर रहे हैं 5 नवंबर से शुरू हुई सफाई अभियान में बुजुर्ग,युवा महिलाएं और आसपास के लोग श्रमदान कर रहे हैं.इससे पूर्व कोबरा बटालियन के जवानों ने दो दिन श्रमदान किया,संस्कार द गुरुकुल के एनसीसी कैडर की छात्राएं भी इस महाअभियान में अपनी सहभागिता दे चुकीं है.नगर सेना के जवान 2 दिनों तक दलपत सागर सफाई अभियान में अपना योगदान देंगे,अभियान से जुड़े अनिल लुंकड,धर्मेन्द्र महापात्र और उर्मिला आचार्य ने बताया कि कई स्वयंसेवी संस्थाएं,प्रशिक्षु पुलिसकर्मी तथा एनसीसी कैडर सहित अन्य गैर सरकारी संगठनों ने अभियान में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है.

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