बस्तर

जगदलपुर : आधुनिक नहीं देशी तकनीक से साफ हो रही दलपत सागर, प्रतिदिन जुड़ रहे लोग

जगदलपुर : आधुनिक नहीं देशी तकनीक से साफ हो रही दलपत सागर, प्रतिदिन जुड़ रहे लोग

प्रतिदिन जुड़ रहे लोग- 2 से 3 टन जलकुंभियों को निकाला जा रहा बाहर  

सदस्यों में दलपत अभियान को लेकर जबरदस्त उत्साह 

जगदलपुर :  इंद्रावती बचाओ जनजागरण अभियान के द्वारा शुरू की गई दलपत बचाओ अभियान के तहत देशी तकनीकों के माध्यम से सागर में उग आये जलकुंभियों को बाहर निकालाने का काम जारी है।अभियान से जुड़े सदस्य प्रतिदिन 2 से 3 टन कचरा सागर से बाहर निकाल रहें है.तालाब में फेंके गए प्लास्टिक की बोतलें,झील्लियां,पूजा अर्चना की सामग्री,बीयर की बोतल,प्लास्टिक कंटेनर सहित अन्य कचरों की सफाई की जा रही गई है.तालाब सफाई अभियान के सदस्यों द्वारा आधुनिक संसाधनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है.आदि काल से चली आ रही तकनीकों को लेकर कचरों को आसानी से बाहर निकाला जा रहा है और यह तकनीक कारगर भी सिद्ध हो रहा है.लोहारों द्वारा निर्मित चतुर्थ और पंचकोणीय पंजा नुमा कांटेदार औजारों से जलकुंभीयों को सागर से बाहर निकालने का काम जोरों पर है.

सागर के तल से कई किलो वजनी घास के ढेरों और अन्य खरपतवारो को इस तकनीकी से आसानी से खींचे जाने से सागर में फेंकें गये अन्य कचरें भी बाहर निकल रही हैं.अभियान के सदस्य मानव सृखला तैयार कर निकाले जा रहे कचरों को सागर के बाहर फेंक रहे हैं ताकि नगर पालिक निगम इन्हें शहर से दूर ले जाकर फेंक दें.प्रतिदिन 2 घंटे सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक अभियान के सदस्य निस्वार्थ भाव से दलपत सागर के किनारे पहुंचकर सफाई महाअभियान में अपना योगदान दे रहे हैं.प्रतिदिन नए नए सदस्य अभियान से जुड़कर श्रमदान में जुटे हैं.सदस्यों का कहना है कि भले ही समय लंबा लगे मगर दलपत सागर को बचाने शुरू की गई इस महाअभियान का अंत तभी होगा जब सरकार इस ओर ध्यान देगी अन्यथा इसी तरह थोड़े थोड़े कचरे सागर से निकालते रहेंगे,अभियान से जुड़े लोगों की माने तो छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े तालाब को संरक्षित करने से ही जगदलपुर शहर का वाटर हार्वेस्टिंग बेहतर हो पाएगा और गर्मियों के वक्त इसी तालाब से बनने वाले हार्वेस्ट से आसपास के इलाके में पानी लोगों को प्राप्त हो सकेगा तथा लोग आइलैंड के नाम से प्रसिद्ध दलपत सागर में घूमने आ सकेंगें।अगर यह तालाब ही नहीं रहा तो पानी की किल्लत बरकरार रहेगी।

दलपत सागर से लोगों की आस्था भी जुड़ी है जिसे बचाना बेहद जरूरी है.इंद्रावती बचाओ जन जागरण अभियान के सदस्य 14 दिन की पदयात्रा के बाद 5 नवंबर से दलपत सागर को बचाने का अभियान शुरू किया है और सभी सदस्यों के हौसले बुलंद हैं.उत्साह के साथ सदस्य दलपत सागर सफाई महाअभियान के साथ आगे बढ़ रहे हैं.प्रतिदिन सुबह सागर किनारे पहुंचने वाले सदस्यों का हौसला देखते ही बनता है 8 दिन के इस महा सफाई अभियान में दलपत सागर की खूबसूरती दिखने लगी है.आसपास फेंका गया कचरा भी साफ कर दिया गया हैं. सतत चलने वाले इस अभियान को तय लक्ष्य में पूरा करने की बात अभियान के सदस्यों ने कहीं है.

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