बस्तर

बस्तर में सूपड़ा साफ हुआ भाजपा का, 17853 मतों से जीते कांग्रेस के राजमन

बस्तर में सूपड़ा साफ हुआ भाजपा का, 17853 मतों से जीते कांग्रेस के राजमन

TNIS

सुधीर जैन

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ की चित्रकोट सीट के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी राजमन बेंजाम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के लच्छूराम कश्यप को 17853 मतों से पराजित कर दिया है। कांग्रेस के प्रत्याशी राजमन बेंजाम को 62050 वोट मिले, वहीं बीजेपी के लच्छूराम कश्यप को 44197 वोट प्राप्त हुए हैं। यहां कुछ छह प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे थे, जिनमें जनता कांग्रेस सहित बाकी चारों प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी है।

 कांग्रेस की जीत के साथ ही बस्तर में भाजपा का अंतिम किला भी ढह गया है। दिसंबर 2018 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग की 12 सीटों में से सिर्फ दंतेवाड़ा ही भाजपा जीत पाई थी, किंतु इस दफे यह सीट भी भाजपा के गढ़ में सेंध लगाते हुए कांग्रेस ने छीन ली। कांग्रेस ने अपनी चित्रकोट सीट पर आखिर झंडा गाड़ ही लिया। 2018 में कांग्रेस के दीपक बैज ने लच्छूराम कश्यप को ही हराया था,  अब एक साल के भीतर हुए उपचुनाव में भाजपा के पक्ष में कोई सहानुभूति नहीं दिखी और कांग्रेस फिर जीत गई। गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक दीपक बैज के सांसद बनने के कारण चित्रकोट सीट खाली हुई है।

चुनाव में गायब रहा नक्सलवाद का मुद्दा
नक्सलगढ़ के चुनाव में नक्सलवाद मुद्दा नहीं था। दंतेवाड़ा के बाद दूसरी बार यह भी हुआ कि चुनाव में नक्सली हिंसा नहीं दिखी। यह भी चर्चा थी कि कांग्रेस अंदरूनी इलाकों तक जा पाई, जबकि भाजपा का प्रचार शहरी और कस्बाई इलाकों तक ही सीमित रहा।

हर राऊंड में कांग्रेस को मिली बढ़त
शहर हो या गांव सभी जगह कांग्रेस को बढ़त मिली। पहले चक्र से ही कांग्रेस बढ़त बनायी हुयी थी। 17 चक्रों में सिर्फ तेरहवें राऊंड में भाजपा प्रत्याशी 433 वोटों से आगे रहे।

डाक मतों की गिनती से बढ़त बनाए रही कांग्रेस
प्रात: साढ़े सात बजे स्ट्रांग रूम खोला गया। आठ बजे डाक मतपत्रों की गिनती से मतगणना शुरू हुयी। डाक मत पत्रों में कांग्रेस, भाजपा से 1039 वोटों से आगे रही। डाक मतपत्रों की गिनती के आधा घंटा बाद साढ़े आठ बजे से इव्हीएम के वोटों की गिनती शुरू हुयी। नौ बजे के करीब पहले चरण की मतगणना पूरी हो चुकी थी और कांग्रेस ने पहले चरण से ही बढ़त हासिल कर ली थी। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच लगभग रुझान आ चुके थे, जिसमें कांग्रेस ने अप्रत्याशित बढ़त हासिल कर ली थी।

यह सीट खोना नहीं चाहती थी कांग्रेस
उपचुनाव की तैयारी कांग्रेस पहले से ही कर रही थी। राज्य में सरकार बनाने के बाद दूसरी बार हो रहा उपचुनाव सरकार के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव था। टाटा के लिए दी गई जमीन की वापसी हो, कर्ज माफी हो या जेल में बन्द आदिवासियों की रिहाई का मसला, उन्हें लुभाने के तमाम उपाय किये गए। दरअसल यह सीट कांग्रेस किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती थी।  

पहली बार ऐसा हुआ कि संभाग की 12 में 12 सीटें कांग्रेस के पास
संभाग में किसानों की टाटा द्वारा अधिग्रहित जमीन वापस दिलवाने, कर्ज माफी और बिजली बिल हाफ करने की कांग्रेस की घोषणा ने मैदानी इलाकों में काफी असर डाला। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई से त्रस्त जनता के बीच सत्ता विरोधी लहर के अंडर करंट ने बाजी कांग्रेस के पक्ष में पलट दी। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, संभाग की सभी 12 की 12 सीटों में भाजपा को करारी हार झेलनी पड़ी है।

जीत के लिए चार नेताओं की रहा अथक परिश्रम
विधानसभा उपचुनाव में मिले इस जीत का श्रेय भले ही पार्टी किसी को दे लेकिन इस जीत के असल नायक तो पीसीसी चीफ मोहन मरकाम, सांसद दीपक बैज, विधायक रेखचंद जैन और अध्यक्ष राजीव शर्मा हैं। इन नेताओं के अथक प्रयास की वजह से ही बस्तर भाजपा मुक्त हो सकी और कांग्रेस को इतनी बड़ी अंतर से जीत हासिल करने में सफलता मिली है। इन दोनों नेताओं ने बीस दिन से ज्यादा दिनों तक कैंप किया था और विशेष रणनीति के तहत कार्यकर्ताओं को कार्य करने के लिए प्रेरित करते रहे।

इन नेताओं ने चित्रकोट पहुंचते ही एक रणनीति तैयार करवायी थी, जिसमें यह दर्शाया गया था कि बीते विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और सीपीआई ने किस किस बूथ में लीड किया था। इस मैप में दीगर पार्टियों को बढ़त मिलने वाले बूथों का लगातार दौरा करते रहे और वहां के मतदाताओं को अपने पक्ष में रिझाने की भरपूर कोशिश भी की, जिसमें वे सफल हुए।
इधर रेखचंद जैन को प्रभारी नियुक्त करते पीसीसी चीफ ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। व्यवहार कुशल होने के साथ ही आम आदमी को आसानी से प्रभावित करने की क्षमता रखने वाले रेखचंद जैन पीसीसी चीफ की उम्मीदों पर खरा उतरे और एक अप्रत्याशित बढ़त उन्होंने दिलाई। रेखचंद जैन के कमरतोड़ मेहनत की वजह से ही कांग्रेस इतनी बड़ी अंतर से जीत दर्ज करने में सफल हुई। रेखचंद लगातार अंदरूनी इलाकों को दौरा करते रहे और चित्रकेाट इलाके में विक्रम की अच्छी पकड़ होने का नतीजा है कि कांगे्रस को यहां बड़ी लीड मिली।
सुधीर जैन

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email