बस्तर

चित्रकोट के 4 ब्लाकों के सर्वे के मुताबिक भाजपा व कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला

चित्रकोट के 4 ब्लाकों के सर्वे के मुताबिक भाजपा व कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला

TNIS
चित्रकोट इलाके से लौटकर बी महेश राव
जगदलपुर : अब तक चित्रकोट के 4 ब्लाकों के सर्वे के मुताबिक भाजपा व कांग्रेस के बीच ही सीधा मुकाबला नजर आ रहा है। कांग्रेस में उम्मीदवारी को ले कर बागी तेवर दिखाने वाले तोकापाल ब्लाक के बलराम मौर्य को 2 अक्टूबर को अचानक जिला कांग्रेस(ग्रामीण) का कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने के बाद सभी समीकरण बदल गए हैं, वन्ही भाजपा में उम्मीदवारी को ले कर पुख्ता दावा करने वाले विनायक गोयल से भाजपा अभी पूर्ण रूप से उभर नही पाया है।

अब भाजपा अपने ही घर मे पूर्ण रूप से उलझ चुकी है जिसका भरपूर फायदा कांग्रेस को मिलने की उम्मीद नजर आ रही है।

भले ही गाँव गाँव मे अभी बस्तर के विश्व प्रसिद्ध दशहरा को ले कर भारी उत्सुकता ग्रामीणों में नजर आ रहा लेकिन वहीं कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार राजमन बेंजाम व उनकी जमम्बू जेट टीम चुनाव को ले कर रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।


सुकमा जिले के सरहद चित्रकोट विधानसभा के तोंगपाल इलाके में   बस्तर के एक मात्र मंत्री कवासी लखमा के सुपुत्र हरीश कवासी इलाके में लगातार बैठकें कर जमीनी कार्यकर्ताओं को तलाश कर सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुचाने का बागडोर सँभाले है, जिसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।

प्रदेश कांग्रेस के मुखिया मोहन मरकाम 11 अक्टूबर से पुनः (दन्तेवाड़ा उप चुनाव के तर्ज पर)
 चित्रकोट इलाके में डेरा डालने का ऐलान कर  चुके हैं। 

कांग्रेस भवन के सूत्रों के मुताबिक        
दशहरा पर्व संम्पन होते ही चित्रकोट विधानसभा चुनाव को ले कर रणनीति तैयार कर कुछ महत्वपूर्ण युवा चेहराओ को प्रमुख जवाब दारी दिए जाने की संकेत मिल रही है।

टाटा फेक्टर

चित्रकोट विधानसभा में टाटा से प्रभावित किसानों को जमीन वापस दिलाने का जो साहस सांसद दीपक बैज ने किया इसका भी बहुत बड़ा फायदा कांग्रेस को मिलने से नकारा नही जा सकता।

अधिकांश  जागरूक ग्रामीणों का मत है कि सांसद भी हमारा है अब इलाके के विधायक भी वर्तमान सत्ता पक्ष का ही होना चाहिए।

अब रही बात भाजपा की

विधानसभा के उम्मीदवार स्वयं अपने बल बुते पर अकेला ही सघन जन सम्पर्क में जुटे हैं।
भाजपा ने अभी तक किसी प्रकार का पत्ता नही खोला है। लेकिन उम्मीद की जा रही कि चुनाव की बागडोर पूर्व मंत्री केदार कश्यप के हाथों में होगी ये  चुनाव बस्तर जिला भाजपा इकाई के लिए  कई मायनों में महत्वपूर्ण है क्योंकि  वन्ही हम सरल शब्दों में बात करे तो पूर्व मंत्रियों व पूर्व सांसद के राजनीति के कैरियर के सवाल है। चर्चा गाँव से ले कर शहर तक ये भी है कि अगर भाजपा ये संम्पन होने जा रहे चित्रकोट उप चुनाव में सफल नही हो पाता है तो कई महत्वपूर्ण भाजपा के कद्दावर वर नेताओ के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग जायेगा।
यही प्रमुख वजह है कि भाजपाई आपसी गुटबाजी छोड़ (एक दूसरे को निपटाने की मंशा छोड़) एक नजर आ रहे हैं।

शेष अगले एपिसोड में लगातार नए अपडेट के साथ आप बने रहे हमारे साथ

 

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