सूरजपुर

एफ.एस.टी. एवं एस.एस.टी. (स्थैतिक निगरानी दल) की प्रशिक्षण संपन्न

एफ.एस.टी. एवं एस.एस.टी. (स्थैतिक निगरानी दल) की प्रशिक्षण संपन्न

TNIS

सूरजपुर : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दीपक सोनी के निर्देशन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अश्वनी देवागंन, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रवि सिंह एवं डिप्टी कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र शर्मा की उपस्थिति में जिला पंचायत के सभा कक्ष में  अतिरिक्त एफ.एस.टी. एवं एस.एस.टी. (स्थैतिक निगरानी दल) की प्रशिक्षण संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में सी0ई0ओ0 श्री अश्वनी देवांगन ने बताया कि प्रत्येक लोकसभा निर्वाचन-क्षेत्र/खण्ड में तीन या अधिक स्थैतिक निगरानी दल होंगे और प्रत्येक दल में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट तथा तीन या चार पुलिस कर्मी होंगे जो चेक पोस्ट पर कार्यरत होंगे।  निगरानी दलों में, क्षेत्र की संवेदनशीलता के आधार पर केन्द्रीय अर्द्ध-सैनिक बल शामिल होगें। क्षेत्र के संवेदनशीलता की आधार पर स्थैतिक निगरानी दलों में केन्द्रीय अर्द्ध-सैनिक बलों के कर्मियों को शामील किया गया है। जांच किए जाने और जप्ती के सम्पूर्ण घटनाक्रम को वीडियों/सीसीटीवी में रिकाॅर्ड किया जायेगा जो रिटर्निंग आॅफिसर को प्रतिदिन प्रस्तुत किया जाएगा।

    प्रशिक्षण में डिप्टी कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र शर्मा ने बताया की स्थैतिक निगरानी दल में संवेदनशील बस्तियों/झोपडियों पर चेक पोस्ट स्थापित करेगा और अपने क्षेत्र में अवैध शराब, रिश्वत की वस्तुएं या भारी मात्रा में नकदी, हथियार एवं गोला-बारुद के लाने एवं ले जाने तथा असमाजिक तत्वों की आवाजाही पर भी नजर रखेगा। जांच किए जाने की सम्पूर्ण प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। जांच की जाने की सम्पूर्ण प्रक्रिया का वीडियों बनाया जाएगा या सीसीटीवी में रिकार्ड किया जाएगा। इसी प्रकार एसएसटी का मजिस्ट्रेट उसी दिन अनुलग्नक-ग के अनुसार फार्मेट में जिला निर्वाचन अधिकारी को दैनिक कार्यकलाप रिपोर्ट भेजेगा और उसकी प्रति आर.ओ., एस.पी. और व्यय प्रेक्षक, सामान्य प्रेक्षक एवं पुलिस पे्रक्षक को भेजेगा। एस.पी. दैनिक कार्यकलाप रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय के नोडल को भेजेगा। जिले के सभी रिपोर्ट संलग्न कर उसी दिन फैक्स/ई-मेल के माध्यम से आयोग को उसी फार्मेट में एक समेकित रिपोर्ट भेजेंगे और उसकी प्रति राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजेगें।

स्थैतिक निगरानी दलों द्वारा जांच कार्यपालनक मजिस्टेªट की उपस्थिति में की जाएगी और उसकी वीडियोग्राफी की जाएगी। कार्यपालक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति के बगैर ऐसी कोई जांच नहीं होगी। दिनांक, स्थान एवं टीम संख्या की पहचान निशान के साथ वीडियो रिकार्ड/सीसीटीवी रिकार्ड अगले दिन रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा किया जाएगा, जो आयोग द्वारा बाद मे उसका सत्यापन किए जाने के लिए उसे संरक्षित रखेंगे।

व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए कि जनता का कोई भी सदस्य 300/-रु जमा करके वीडियो/सीसीटीवी रिकार्ड की प्रति प्राप्त कर सकते है। इसी प्रकार प्रशिक्षण में बताया गया कि जांच के दौरान यदि, अभ्यर्थी, उसके एजेंट या पार्टी कार्यकर्ता को ले जाने वाले किसी वाहन में 50 हजार रुपये से अधिक की नकदी पाई जाती है या वाहन में पोस्टर या निर्वाचन सामग्री या कोई ड्रग्स, शराब, हथियार अथवा 10 हजार रुपये के मूल्य से अधिक की ऐसी उपहार वस्तुएं ले जाई जा रही है, जिनका इस्तेमाल निर्वाचकों को प्रलोभन दिए जाने के लिए किए जाने की संभावना हो या वाहन में कोई अन्य गैर-कानूनी वस्तुएं पाई जाती है तो वे जब्त किए जाने की असीम होगी। 

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