रायगढ़

लाक डाउन की जमीनी सच्चाई की एक रिपोर्ट ......

लाक  डाउन  की  जमीनी सच्चाई की एक रिपोर्ट ......

          क्या हो रहे हम कोरोना के संक्रमण को रोकने मे सफल......

 कहीं जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन , नगर निगम , सामाजिक संस्थायें , मीडियाकर्मी, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के मेहनत पर पानी न फिर जाये....   

          पूरे दुनिया मे कोरोना का संक्रमण अपनी पैर पसार चुका है ,भारत भी इससे अछूता नही रहा। लगातार भारत में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दिन  प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है l यह भी कहना गलत होगा कि केन्द्र सरकार,राज्य सरकार इस विषय पर गंभीर नही है। 
             रायगढ जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन , नगर पालिक निगम , स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे लोग, मीडिया कर्मी , सामाजिक संस्थायें , मन्दिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा समिति, ट्रस्ट आदि दिन रात हर प्रकार की सेवा में तन, मन व धन से लगे हैं और लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो और यथासंभव जरूरतमन्द लोगों का सहयोग हो सके इसके लिये प्रयास कर रहे हैं ।
             जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन , स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों आदि की जितनी भी प्रशंसा की जाये, निःसन्देह वह कम ही होगा और हमें इनके प्रति आभार भी व्यक्त करना चाहिये। लेकिन सवाल यह उठता है कि इतने  तमाम प्रयासों के बावजूद भी क्या हम कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के लिये आवश्यक कदम व उद्देश्य घर पर ही रहने की प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री , जिला प्रशासन की अपील पर खरा उतर पा रहे हैं क्या सामाजिक दूरी का पालन हो पा रहा है ' शायद नहीं ' l 
              वास्तविकता यह है कि खाद्य सामाग्री, सब्जी , फल आदि की होड़ मे दुकानदार व खरीददार कहीं न कही अपनी जिम्मेदारी 'सामाजिक दूरी' व ' घर पर ही रहना' जो कि कोरोना के संक्रमण को रोकने का एकमात्र उपाय है इस पर शायद हम सफल नही हो पा रहे हैं। 
            जिला प्रशासन के तमाम प्रयासों दिन रात ड्यूटी के बावजूद कुछ अपवाद स्वरूप लोगों की गलती का खामियाजा सभी लोगों को न भुगतना पड जाये तथा तमाम संक्रमण के रोकथाम के लिये किये जा कयासों पर पानी न फिर जाये। गल्ला व राशन दुकानों , सब्जी , फल आदि बेचने वालों की संख्या लगातार दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है कुछ लोग समय का फायदा उठाकर कमाने मे लग गये हैं । कुछ व्यापारी कालाबाजारी व जमाखोरी को भी अंजाम दे रहे हैं वहीं गरीब व रोजी रोटी कर जीवन यापन करने वाले लोगों की मजबूरी है कि सब्जी , फल आदि न बेचें तो क्या करे आखिर घर कैसे चलेगा l जिसके कारण हम कोरोना के संक्रमण को रोकने व चैन को रोकने में सफल नही हो पा रहे है जिसका खामियाजा हम सबको भुगतना पड़ सकता है और आने वाला समय भारी पड़ सकता है। 
         जिले में खाद्य सामाग्री की अधिकृत मूल्य सूची भी जारी नही हुई है जिसके कारण खाद्य सामाग्री के मूल्यों में भी लगातार वृद्धि हो रही है तथा जमाखोरी व कालाबाजारी को अंजाम दिया जा रहा है। जिला प्रशासन करे भी तो क्या करे दिन रात व्यवस्था बनाने व निर्देशों का पालन करवाने में लगा है लेकिन बावजूद इसके एक और प्रयास करने की आवश्यकता है कि लोगों को घर पहुंच सेवा हर आवश्यक सेवा उपलब्ध कराई जाये व खाद्य सामाग्री की अधिकृत मूल्य सूची जारी करें तथा लोगों के बाहर निकलने पर हर हद तक नियंत्रण रखा जाये व कुछ टीम बनाकर उनके द्वारा ही सामाजिक व सेवा भाव से सेवायें घर पहुंच उपलब्ध कराई जाये l नहीं तो कहीं हम कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के उद्देश्य में चूक न कर जाये और घर , परिवार ,समाज व देश के लिये यह चूक घातक न बन जाये।
     
                   लक्ष्मी कान्त दुबे की कलम से....

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