बलोदा बाजार

करंट लगने से हो गयी थी श्रमिक पिता की मौत, अनाथ बच्चों को मिला सहारा 23 लाख की आर्थिक मदद, परिवार को हर माह पेंशन

करंट लगने से हो गयी थी श्रमिक पिता की मौत, अनाथ बच्चों को मिला सहारा 23 लाख की आर्थिक मदद, परिवार को हर माह पेंशन

बलौदाबाजार : श्रमिक पिता की आकस्मिक मृत्यु के बाद अनाथ हुई बच्चियों का भविष्य अब सुरक्षित हो गया है। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बीते 13 अप्रैल को करंट लगने से मृत श्रमिक ग्राम ढनढनी निवासी गुमान रजक की दो बेटियां ऐश्वर्या रजक (04 वर्ष) और खुशबू रजक (07 माह) के नाम से श्री सीमेंट द्वारा दस-दस लाख रूपए की एफ.डी. कराई गई है। साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम की योजना के तहत मृतक की पत्नी को आजीवन लगभग 12 हजार रूपए की पेंशन और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ई.डी.एल.आई. योजना के तहत ढाई लाख रूपए की राशि एकमुश्त मिलेगी। इससे पहले भी श्रमिक की मौत के बाद श्री सीमेंट प्रबंधन द्वारा मृतक के परिवार को पचास हजार रूपए की तात्कालिक सहायता भी दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि निजी क्षेत्र में संचालित श्री सीमेंट के निर्माणाधीन आवासीय परिसर में काम करने के दौरान जी.डी.सी.एल.कंपनी के संविदा श्रमिक गुमान रजक की मौत ड्रिल मशीन से करंट लगने से हो गई थी। बलौदाबाजार तहसील कार्यालय में आज तहसीलदार श्री गौतम सिंह की उपस्थिति में मृतक की पत्नी गायत्री बाई रजक को दोनों बेटियों के लिए 10-10 लाख रूपए के एफ.डी. का प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। श्री सीमेंट संयंत्र के प्रमुख श्री रवि तिवारी और राजेश शर्मा ने बताया कि मृतक की दो बेटियों के नाम से की गई एफ.डी. के परिपक्व होने के बाद उन्हें लगभग 75 लाख रूपए की राशि मिलेगी। मृतक की पत्नी के निवेदन पर बेटियों के 18 वर्ष होने तक की अवधि के लिए एफ.डी.कराई गई है। उन्होंने बताया कि श्री सीमेन्ट द्वारा निर्मित स्कूल में मृतक की पत्नी को योग्यता अनुसार रोजगार देने के लिए प्राथमिकता भी दी जाएगी। इस दौरान संयंत्र के डीजीएम अनिल कुमार पाठक और मृतक के परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email