दुर्ग

भुपेश है तो भरोसा है- छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया माननीय भुपेश बघेल जी ने जो कहा सो किया

भुपेश है तो भरोसा है- छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया माननीय भुपेश बघेल जी ने जो कहा सो किया

'द न्यूज़ इंडिया समाचार सेवा' से साभार 

दुर्ग/भिलाई नगर : भुपेश है तो भरोसा है छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया माननीय भुपेश बघेल जी ने जो कहा सो किया, राजीव गांधी किसान के खाते में न्याय योजना की चौथी किश्त के भुगतान किये जाने पर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों के साथ न्याय हो रहा है। केंद्र सरकार की किसानों के प्रति अपने सख्त रवैय्ये के बावजूद तमाम अड़चनों, बाधाओं को खड़ा किया गया उन सभी समस्याओं का बखूबी सामना करते हुए छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना की राशि सफलतापूर्वक दे दी है। मो शरीफ खान ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के भुगतान के साथ यह स्पष्ट हो गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार और कांग्रेस पार्टी जो कहती है वह करती है।

 मो शरीफ़ खान ने कहा है कि एक तरफ जब देशभर के किसान समर्थन मूल्य के लिए महीनों से आंदोलनरत हैं उस समय किसान नेता माननीय भुपेश बघेल जी की छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने अपने राज्य के 21.5 लाख किसानों से लगभग 91.5 लाख मैट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर खरीद कर एक रिकॉर्ड बनाया है। धान खरीदी के बाद राज्य में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कांग्रेस सरकार ने किसानों को न्याय योजना के माध्यम से 10000 प्रति एकड़ की सहायता दे रही है। मो शरीफ खान ने आगे कहा कि, राजीव गांधी किसान न्याय योजना में धान, गन्ना, मक्का उत्पादक किसानों को पहले वर्ष की चौथी किश्त के रूप में 1104.27 करोड रुपए ट्रांसफर किए गए। 

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दूसरे चरण में धान, गन्ना, मक्का के अलावा दलहन, तिलहन, रागी, कोदो कुटकी किसानों को भी शामिल किया जाएगा। इस योजना में भूमिहीन व सीमांत किसानों को शामिल कर मुख्यमंत्री ने राज्य की एक बड़ी आबादी के आर्थिक उन्नति के द्वार खोल दिए हैं। मो शरीफ खान ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया लेकिन आज तक किसान हित में कोई ठोस पहल नहीं की गई। मोशरीफ खान ने कहा, छत्तीसगढ़ में तत्कालीन रमन सरकार के 15 साल में किसानों से जो वादा खिलाफी और धोखाधड़ी हुई उसे पूरा प्रदेश देख चुका है। छत्तीसगढ़ में मांग करने और केंद्र से रोक लगाने की भाजपा की दोहरी भूमिका किसान समझ चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार की वक्र दृष्टि किसानों के हित में किसान न्याय योजना पर ही पड़ चुकी है। पूर्व में केंद्र सरकार ने इस योजना को धान पर बोनस मानते हुए राज्य सरकार से सवाल किया था। 

भाजपा के नेताओं ने बार-बार ने योजना को धान का बोनस बताने का प्रयास कर राज्य के ख़िलाफ़ केंद्र सरकार को दिग्भ्रमित किया है। इसी का परिणाम है कि मोदी सरकार ने राज्य के शेष सेंट्रल पूल में सात लाख मैट्रिक टन चावल लेने की सहमति के बाद उस में कटौती कर 24 लाख मैट्रिक टन कर दिया। भाजपा के नेताओं की राज्य विरोधी अभियान का दुष्परिणाम है कि राज्य सरकार 1865 के समर्थन मूल्य में किसानों से धान की खरीदी कर बाजार में लगभग 1400 रुपए में नीलामी करने को मजबूर है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राजीव गांधी किसान न्याय योजना पर रोक लगाने की बात करते हैं तो, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं भाजपा विधायक दल के नेता धर्म लाल कौशिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय क्यों खामोश हैं। केंद्र की भाजपा सरकार का किसान विरोधी चरित्र बेनकाब हो चुका है। भाजपा और केंद्र के मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल ना तो खुद ले रहे हैं और ना ही उससे एथेनॉल बनाने की अनुमति देना चाहते हैं। भाजपा की केंद्र सरकार व भाजपा नेता किसानों के विरोध में है जबकि राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों के आर्थिक विकास का आधार बन चुकी है। छत्तीसगढ़ के मुखिया ने जो कहा सो किया है और आगे भी जो कहा वो करेंगे और छत्तीसगढ़ की जनता भली भांति समझ चुकी है भुपेश है तो भरोसा है..। 

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