दुर्ग

जोन स्तर पर होगी महापौर निधि के 10.00 लाख तक की भुगतान की कार्यवाही

जोन स्तर पर होगी महापौर निधि के 10.00 लाख तक की भुगतान की कार्यवाही

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महापौर निधि के 10.00 लाख तक की प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति से लेकर भुगतान की कार्यवाही होगी जोन स्तर पर, आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने जारी किया आदेश

दुर्ग : नगर पालिक निगम, भिलाई के आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी ने छ0ग0 नगर पालिक निगम, अधिनियम 1956 की धारा 69(4) में प्रदत्त शक्तियों के अधीन नगर पालिक निगम, भिलाई के जोन कार्यालयों को प्रशासनिक एवं वित्तीय रुप से सशक्त बनाने एवं कार्यो को सूचारु रुप से शीघ्रता से निराकरण की दृष्टि से शासन से नियुक्त जोन आयुक्तों को जनप्रतिनिधियों के विभिन्न निधि के तहत शक्तियां प्रत्यायोजित कर चुके हैं! गौरतलब है कि संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास नया रायपुर छत्तीसगढ़ दिनांक 12 सितम्बर 2019 के आदेश के तहत 20 लाख से कम लागत के कार्यों को ई-टेंडर से मुक्त रखा गया है। भिलाई निगम के आयुक्त श्री रघुवंशी ने एक और आदेश जारी किया है जिसके तहत अब महापौर निधि के तहत 10.00 लाख तक के प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति से लेकर देयक भुगतान किए जाने हेतु जोन आयुक्त को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा इस आदेश में जोन क्रमांक 5 में शासन से जोन आयुक्त नियुक्त नहीं होने के कारण इन कार्यों के निर्वहन के लिए उपायुक्त तरूण पाल लहरे को अधिकृत करते हुए जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि अधोसंरचना मद एवं राज्य परिवर्तित के 10 लाख अंतर्गत प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति, निविदा आमंत्रण, अनुबंध, कार्य आदेश जारी करने के लिए शासन से नियुक्त जोन आयुक्तों को निगम आयुक्त द्वारा विभिन्न निर्देशों के तहत अधिकृत किया जा चुका है!

शिकायतों का शीघ्रता से निराकरण कराने इन्हें मिला दायित्व विभिन्न प्रकार के शिकायतों आदि का निराकरण कराने के लिए तथा कार्यालयीन व्यवस्था के तहत पुरुषोत्तम साहू, स्टेनो टायपिस्ट को स्टेनो टू आयुक्त के कार्य के साथ-साथ नस्तियों का संचालन, प्रेषण, परीक्षण एवं आयुक्त/महापौर समीक्षा बैठक की कार्यवाही विवरण तैयार करने तथा चन्द्रपाल हरमुख, प्र. निज सहायक को अपने वर्तमान कार्यो के साथ-साथ आयुक्त कार्यालय में पी.एम.ओ. मुख्यमंत्री जनचैपाल, कलेक्टर जनचैपाल, कलेक्टर टी.एल., पी.जी.एन., आयुक्त टी.एल. आदि लंबित शिकायतों को समय सीमा के भीतर निराकरण करवाने का दायित्व निर्वहन करने हेतु आदेशित किया गया है।              

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