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लॉकडाउन में बच्चों के लिए जरूरी है शारीरिक में गतिविधियां व्‍यायाम व योगा

लॉकडाउन में बच्चों के लिए जरूरी है शारीरिक में गतिविधियां व्‍यायाम व योगा

रायपुर: लॉकडाउन में बच्चों के लिए शारीरिक गतिविधियां जरूरी है। लॉकडाउन से बच्चे की सेहत पर भारी पड़ सकता है। उनके फिटनेस के स्तर को कुछ एक्सरसाइज के साथ बढ़ाने के लिए कई तरह के टिप्‍स आसानी से घर पर कर सकते हैं। बच्‍चों के स्‍कूल की छुट्टी 15 मार्च से 60 दिन हो गए हैं। नए सत्र में 15 जून को स्‍कूल खुलने में अभी 30 दिन बांकी हैं। ऐसे में बच्‍चों को घरों से बाहर निकलने में पाबंदी लगी हुई है। आयुर्वेदिक अस्‍पताल की योग टीचर डॉ. सुनीता जैन बताती हैं बढ़ते बच्चे के लिए शारीरिक गतिविधि बहुत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में लॉकडाउन के कारण बच्चें खेलने के लिए मैदान और पार्कों में नहीं जा पा रहे हैं। इस तरह उनकी सारी शारीरिक गतिविधियां थम गई हैं। डॉ. जैन ने बताया, बच्‍चों के मानसिक विकास के लिए 5 से 8 साल के बच्‍चों को 7 से 13 मई तक ऑनलाइन समर कैम्‍प के माध्‍यम से एक्‍टीविटी जैसे योगा, ड्राइंग, कलरिंग, आर्ट, क्रापट, गुड हैबिट़स, क्‍वीज और ड्रांस कराया गया।

क्यों है बच्चों को योग करना आवश्यक ...

डॉ. सुनीता जैन कहती हैं लॉकडाउन में घर के अंदर ही बच्‍चें टीवी व मोबाइल जैसे गैजेट तक ही सीमित रहते हैं और ये उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में अभिभावक को बच्‍चों के मनोविज्ञान के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है और सक्रिय तौर पर कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए। नियमित व्यायाम ही इस समय आपके बच्चे को शरीर गतिविधियों में लिप्त रहने और वजन संतुलन रखने में मदद कर सकता है। इससे उसकी मानसिक दृढ़ता में भी सुधार होगा और शारीरिक तौर पर भी मतबूत होंगे।

5 साल से ऊपर के बच्चों के लिए ख़ास ...

बच्चों के लिए जरूरी है एक्सरसाइज-

बच्चों के लिए एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है क्योंकि ये उन्हें एक सक्रिय जीवन शैली की ओर अग्रसर करता है। जिन बच्चों में शारीरिक सक्रियता कम होती है, उनमें मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी स्थितियों के विकास का जोखिम बढ़ने लगता है। यही कारण है कि शुरू से ही बच्चों में व्यायाम को प्रोत्साहित करना और कम उम्र से फिट रहने की आदत डालना महत्वपूर्ण हो गया है। बच्चों में एक्सरसाइज के फायदों के बारे में बात करते हुए ये भी बताते हैं कि यह नियमित शारीरिक गतिविधि आत्मसम्मान,  मनोदशा और नींद की गुणवत्ता को बढ़ावा दे सकती है, जिससे उनमें तनाव, अवसाद और मनोभ्रंश की संभावना कम हो जाती है। यह शरीर के लचीलापन में सुधार करेगा और मांसपेशियों के समन्वय को आसान बनाता है। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन कोभी बेहतर बनाने में मदद करता है। बच्चों के लिए ये एक्सरसाइज ज्यादा आसान होगी। बच्चे के लिए रोज इसे थोड़ा भी करना पूरे शरीर के कसरत हो सकती है। वहीं रोज इसे करने का फायदा ये होगा कि उनका वजन संतुलित रहेगा और वो दिन भर एक्टिव रहेंगे। हमें सुबह के समय प्रमुखरुप से योग आसन करना चाहिए जिसमें सूर्य नमस्कार, त्रिकोणासन, तदासना, सर्व अंगासना, चक्र आसन, सेतुबंध आसन, भुजंग आसन, पद्मासन, प्राणायाम, ओम का जाप, मंत्र जाप से काफी लाभ होता है।

बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए उनसे ...

लॉकडाउन में हो बड़ों के साथ बच्‍चों का अटेचमेंट-

राज्‍य शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद रायपुर में मास्टर ऑफ़ एजुकेशन  के प्रशिक्षर्थी शिक्षक कृष्ण कुमार साहू के अनुसार देशभर में लॉकडाउन के चलते बच्‍चों की पढाई को नियमित तौर पर चालू रखने के लिए छत्‍तीसगढ़ सरकार ने पढई तुहर दुवार वेब पोर्टल जारी कर घर बैठे ऑनलाइन पढा़ई के लिए विषय सामाग्री को मनोरंजन तरीके से उपलब्‍ध करा रही है।

बच्‍चों को शारीरिक ख़ुराक जैसे भोजन, व्यायाम और  नींद के साथ-साथ मानसिक विकास भी एक अहम हिस्सा है। 2 से 5 वर्ष की आयु में बच्‍चे भाषा सीखने के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। जिससे परिवार के वयस्क सदस्यों की ज़िम्मेदारी थोड़ी बड़ जाती है।

एक्सपर्टकीसलाह - बच्चों को दें योग ...

श्री साहू ने बताया, हम बच्चों को कहानी सुना और सुनाने के लिए प्रेरित कर भाषा सीखने की कमी को पुरा कर सकते है। वयस्क सदस्यों को जितने भी बोली और भाषा आती हो अपने बच्चों के साथ बातचीत करना चाहिए और बच्चों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। कहानी सुनना-सुनाना बच्चे की भाषा को समृद्ध करती है। कल्पना करना, तर्क करना और साथ ही संवेदनशील होना भी सिखाती है। कहानियों के चयन में वयस्क सदस्यों को ध्यान रखना होगा कि कहानियों में मार धार के दृश्यों का वर्णन शामिल न हो इससे बच्चों के मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है।  मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरणोंंं से बच्चों के पहुंच को दूर रखा जाना चाहिये।

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