ज्योतिष और हेल्थ

स्वस्थ: जाने हार्ट अटैक के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

स्वस्थ: जाने हार्ट अटैक के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

एजेंसी 

नई दिल्ली : काम का बढ़ता दबाव, बदलता लाइफ स्टाइल, खान-पान में गड़बड़ी और जंक फूड के कारण दिल की बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। वहीं सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक की संभावना अधिक होने से अधिक सतर्कता की जरूरत है। ऐसे में हमें सर्दी की शुरूआत के साथ हेल्दी डाइट, एक्सरसाइज और विशेष सावधानी रखकर इस खतरे को कम किया जा सकता है। 

बुजुर्गों और बच्चों के सीनियर हार्ट सर्जन डॉ. राजू व्यास के अनुसार, थोड़ी सावधानी रखी जाए तो हार्ट अटैक के खतरे को 80 फीसदी तक कम कर सकते हैं। डॉ. व्यास के अनुसार अधिकांश लोगों को हार्ट अटैक के लक्षण, कारण और बचाव की जानकारी नहीं होने के कारण मरीज यह समझ ही नहीं पाता कि उसे हार्ट अटैक आया है या उसकी चपेट में है। 

सर्दी के साथ बढ़ जाता है खतरा 
फोर्टिस शालीमार बाग नई दिल्ली के कार्डियक साइंसेज के निदेशक डॉ. राजू व्यास के अनुसार सर्दी में सुबह के समय सभी को विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता है। जैसे कम कपड़ों में न रहे, मॉर्निग वॉक के लिए धूप निकलने पर ही जाएं, बाथरूम में नहाएं और पानी को हल्का गर्म रखें। ठंडे पानी से नहाना मुसीबत का कारण हो सकता है। सर्दी में घर से बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़ों को पहनने के साथ कान और सिर को ढक कर रखें। 

हार्ट अटैक के लक्षण 
1. कंधे, गर्दन और पीठ दर्द के साथ घबराहट
2. सीने में तेज दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ
3. शुरूआत में मिचली के साथ उल्टी आना
4. सांस फूलना
5. चक्कर आना
6. अशांत मन और बेचैनी
डायबिटीज (शुगर ) के मरीजों में कई बार यह लक्षण दिखाई नहीं देता है। इस तरह के मरीजों में बिना किसी लक्षण के ही हार्ट अटैक आता है जिसे साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) कहा जाता है।

हार्ट अटैक के कारण ( Reasons For Heart Attack )
1. बढ़ता मोटापा
2. अनियंत्रित डायबिटीज
3. हाई कोलेस्ट्रॉल
4. हाई प्रेशर का होना
5. जेनेटिक प्रॉब्लम 

हार्ट अटैक से बचाव के उपाय  Heart Attack Prevention 

डॉ. राजू व्यास के अनुसार 
1. तनाव न लें 
कम उम्र में आने वाले अधिकांश हार्ट अटैक के मामलों की वजह तनाव होती है। तनाव दिल की धडकनों को प्रभावित करने के साथ हार्मोनल चेंजेज लाता है। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन के साथ योग और  एक्सरसाइज से तनाव को दूर किया जा सकता है। 
2. बिगड़ती लाइफस्टाइल 
भागदौड़ के जीवन में लाइफस्टाइल का ध्यान किसे रहता है। अनियंत्रित और अव्यवस्थित लाइफस्टाइल का खामियाजा हमें हार्ट अटैक और अन्य बीमारी को दावत देते हैं। नियंत्रित खानपान और जीवनशैली को अपनाकर आप हार्ट अटैक समेत दूसरी बीमारियों से बच सकते हैं।
3. बढ़ता वजन और मोटापा 
अनियंत्रित मोटापा और लगातार बढ़ता वजन किसी भी महिला-पुरुष या बच्चे के दिल के लिए ठीक नहीं है। इसलिए वजन को नियंत्रण में रखें। या मोटापा से हाई कोलेस्ट्रॉल, बढ़ाने के साथ डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी को बढ़ावा देता है। बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) पर नजर रखें।
4. कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है सीवीडी का खतरा
कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से हार्ट अटैक की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक होना दिल के अच्छा नहीं है। इससे कार्डियोवैस्क्यूलर बीमारियां (सीवीडी) होने का खतरा बढ़ता है। इससे बचने के लिए डाइट का ध्यान रखें। 
5. हाई ब्लड प्रेशर 
हाई ब्लड प्रेशर यानि हाई बीपी नसों को प्रभावित करने के साथ इसका सीधा असर दिल पर पड़ता है. उच्च रक्तचाप यानी हाई बीपी आर्टरीज पर भी असर डालती है, जो हार्ट अटैक के खतरे को कई गुना बढ़ा सकता है।

हेल्दी हार्ट के लिए खान-पान

1. शरीर की आवश्यकता के अनुसार ही खाएं न कि मन के अनुसार। हरी सब्जी और फल की मात्रा को अपने आहार में शामिल करें। 
2. जंक फूड विशेषकर मैदा से बने खाने की चीजों जैसे पिज्जा, पास्ता, बर्गर आदि से बचें।
3. घर के खाने में छिपा है आपके हेल्दी होने का राज। कोशिश करें की घर का बना ही खाना खाएं। जिसमें भरपूर पोषण के साथ हरी सब्जी के साथ कम चिकनाई और मसाले में बना हो। चीनी को अपने आहार में घटाएं। 
4. नमक की मात्रा को नियंत्रित करें। ज्यादा नमक खाने से रक्तचाप बढ़ जाता है. जिसके चलते हृदय में कई बीमारियां होने की संभावना भी बढ़ जाती है। 
5. सब्जियों को ज्यादा न पकाएं। उबालकर या कम तेल में खाना पकाने की कोशिश करें। हमेशा ताजा खाना खाएं। 
6. साबूत दालें-अनाज, सब्जियां जैसे गाजर, टमाटर आदि में ना घुलने वाला फाइबर होता है. दलिया, सेम, लोबिया, सूखे मेवे और फल जैसे सेब, नींबू, नाशपाती, अनानास आदि में घुलनशील फाइबर होते हैं। इसलिए इनको कम पकाएं या साबूत ही खाएं।

डॉ .राजू व्यास 
निदेशक  कॉर्डीऐक सर्जरी 
फ़ोर्टिस इस्कोर्ट्स होसिपटल  
दिल्ली

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