ज्योतिष और हेल्थ

सर्दियों के मौसम में नियमित व्यायाम है जरूरी

सर्दियों के मौसम में नियमित व्यायाम है जरूरी

आजकल वातावरण में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। यही नहीं, जीवनशैली भी इस तरह की होती जा रही है कि हर कोई तनाव में रहने लगा है। इतना तनाव होने से शरीर और  मस्तिष्क दोनों पर ही बुरा असर पड़ रहा है। व्यायाम तनाव से राहत देता है और शरीर से जुड़ी बीमारियों से भी बचाता है। अगर आपकी दिनचर्या अधिक व्यस्त है, तब भी आप कुछ देर व्यायाम जरूर करें। कुछ व्यायाम तो ऐसे हैं, जिन्हें 10 मिनट का टारगेट लेकर भी अपनी रोजाना की जिंदगी में शामिल कर सकते हैं।

दस मिनट के लिए व्यायाम 

स्ट्रेचिंग 
व्यायाम की शुरुआत हमेशा स्ट्रेचिंग से करनी चाहिए।  इसके लिए  हाथों की मूवमेंट, गर्दन की मूवमेंट, कंधों को गोल घुमाना चाहिए। उसके बाद पैरों को चौड़ाई में खोल कर शरीर को दाएं-बाएं मूव करना चाहिए।  यह सब स्ट्रेचिंग में आता है। ऐसा करने से आपकी बॉडी वार्म-अप हो जाएगी। इसके बाद 10 मिनट का व्यायाम शुरू करें।

प्लैंक   
10 मिनट के व्यायाम में सबसे पहले आता है प्लैंक। इसको करते समय शरीर को हिलाना नहीं होता, उचित पोजिशन में होल्ड करना होता है। इसके लिए सबसे पहले पुशअप की मुद्रा में आ जाएं। फिर पैर और कमर को सीधा करें। ध्यान रखें कि आपकी कमर इस बीच झुके नहीं। जितनी देर हो सके, इसी मुद्रा में रहने की कोशिश करें और इसे करते वक्त सांस रोकने की भी कोशिश करें। अगर हो सके तो इसे और असरदार बनाने के लिए एक हाथ या एक पैर भी हवा में उठा लें। इस व्यायाम को एक मिनट तक करें। इस व्यायाम से आपके पेट की मांसपेशियां (इनर कोर मसल्स) मजबूत होती हैं और शरीर में लचीलापन भी बढ़ता है।  

पुशअप 
प्लैंक के बाद पुशअप शुरू करें। इसके लिए बेहतर है कि मैट या एकदम सीधी जगह हो। सबसे पहले पेट के सहारे मैट पर उल्टा लेट जाएं। ध्यान रखें कि इस समय शरीर झुका हुआ न हो, बल्कि बिल्कुल सीधा हो। शरीर का पूरा वजन हाथों और पैरों के पंजों पर होना चाहिए। घुटने भी एकदम सीधे हों, मुड़े हुए नहीं। फिर पूरे शरीर को हवा में उठाएं और नीचे ले आएं। शरीर को ऊपर ले जाते समय सांस अंदर लें और शरीर को नीचे लाते समय सांस बाहर छोड़ें। पुश-अप आपकी छाती, एब्स, हाथ की मांसपेशियों, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाते हैं। यह आपका स्टैमिना भी बढ़ाते हैं।

लंजिस
इस व्यायाम के लिए पहले आप स्टैंडअप पोजिशन में आएं और अपने पैरों को हिप्स की लाइन में ले आएं। उसके बाद एक पैर आगे की ओर बढ़ाएं। ऐसा करते वक्त याद रहे कि आपका पैर 90 डिग्री पर हो और आपकी कमर सीधी हो। हाथ को आराम की मुद्रा में रखें और जमीन पर जोर डालते हुए पीछे खड़ी पोजिशन में वापस लौट आएं। अब दूसरे पैर को आगे बढ़ाएं और वापस लौट आएं। ध्यान रखें कि शरीर सीधा हो, वरना कमर में दर्द हो सकता है। इसे भी एक मिनट तक करें। यह व्यायाम आपके शरीर के निचले भाग के लिए बहुत ही असरदार है। इससे आपके जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

स्क्वैट्स
यह व्यायाम आपके शरीर के संतुलन को बनाए रखता है। सबसे पहले आप अपने पैरों को कंधों की चौड़ाई तक खोलें और पैरों के तलवे पर खड़े हों। फिर धीरे-धीरे नीचे बैठने की मुद्रा में आएं । इस तरह सोचें जैसे आप कुर्सी पर बैठ रहे हैं। आपके पैर और घुटने नीचे जाते वक्त एक ही सीध में होने चाहिए और आपकी कमर सीधी, हाथ सामने की ओर हों।  फिर खुद को धीरे- धीरे ऊपर की ओर उठाएं। ऐसा एक मिनट तक करें।  स्क्वैट करने से कमर के नीचे के अंग जैसे घुटने, हिप्स, जांघ मजबूत होते हैं। यही नहीं, पेट के लिए भी यह व्यायाम बहुत जरूरी है। अब 10 सेकेंड का ब्रेक लें। 

एब्स
अल्प-विराम के बाद एब्स का व्यायाम करें। इस  व्यायाम  में सबसे पहले मैट पर अपनी कमर के सहारे लेट जाएं। फिर दोनों घुटनों को मोड़ें और अपने शरीर को आधा हवा में उठाएं, फिर वापस शुरुआती मुद्रा में आ जाएं। ध्यान रखें कि  शरीर को ऊपर उठाते वक्त सास छोड़ें और शरीर को नीचे ले जाते वक्त सांस को अंदर लें। ऐसा 10 बार  गिनती करने तक करें। फिर उसी मुद्रा में शरीर के ऊपरी भाग को पूरा घुटनों तक लाएं और फिर वापस ले जाएं। 10 तक गिनती कर करें। इस पूरी प्रक्रिया को एक मिनट तक करें। इससे आपके ऊपर के एब्स पर जोर पड़ता है। इसी व्यायाम का भाग है लोअर एब्स। इस व्यायाम में आप अपनी इसी मुद्रा में लेट कर अपने दोनों पैरों को हवा में उठाकर उन्हें ऊपर-नीचे करें। ऐसा  करने से आपके लोअर एब्स पर जोर पड़ता है।  इसे  भी 10 बार  गिनती गिनने तक करें।  इसके लिए हम शरीर के ऊपरी भाग को ट्िवस्ट करते हैं। इसमें बॉल का सहारा ले सकते हैं। अपने हाथों से बॉल  को पकड़कर साइड टू साइड मूव करें। यह व्यायाम आपके कुछ अंदरूनी अंगों पर काम करेगा। इस पूरी प्रक्रिया को कम से कम एक मिनट तक करें।  

बटक्स ब्रिजिंग 
इस व्यायाम में आप मैट पर सीधे लेट जाएं। घुटनों को मोड़ लें और हाथों को जमीन पर रखें। फिर अपने हिप्स हवा में ऊपर की ओर उठाते हुए पुल का आकार बनाएं, फिर वापस नीचे ले आएं।  इसमें भी ऊपर जाते वक्त सांस लें और नीचे आते समय सांस छोड़ें। ये व्यायाम आपके हिप्स और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है।  इस व्यायाम को भी एक मिनट तक करें।  

रिवर्स फ्लाई 
इस व्यायाम के लिए मैट पर पेट के बल लेट जाएं। फिर दोनों हाथों को सामने की ओर हवा में उठाएं , साथ ही अपने ऊपरी शरीर के भाग को भी हवा में उठाएं। शरीर सीधा रखें, फिर धीरे-धीरे नीचे की ओर पहले की मुद्रा में लाएं। इस तरह एक मिनट तक करने के बाद शरीर को दोनों हाथों से ऊपर की ओर धकेलें। इससे आपका शरीर स्ट्रेच हो जाएगा।  इसके बाद आराम करें। इन सभी व्यायाम को करने से आप एक महीने में ही फर्क देख सकते हैं। 

कहां करें व्यायाम
किसी भी मौसम में किया गया व्यायाम शरीर के लिए फायदेमंद होता है। सर्दियों में व्यायाम से जुड़ी खास बात यह होती है कि इस मौसम में हमें पसीना कम आता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि घर या जिम के अंदर व्यायाम ज्यादा  किया जाए, ताकि आपको पसीना आये और फैट भी कम हो सके। खुले आसमान के नीचे व्यायाम करने पर तापमान का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि व्यायाम के समय हमारा शरीर गर्म हो जाता है। ऐसे में बाहर का तापमान ज्यादा ठंडा होगा तो आपके शरीर को नुकसान पहुंच सकता है, फिर चाहे वह कुछ देर के व्यायाम ही क्यों न हों। अगर आप आउटडोर में व्यायाम कर रहे हैं तो यह ध्यान रखें कि जगह समतल या घास सूखी हो।

कौन कर सकता है यह व्यायाम 
10 मिनट का वर्कआउट कोई भी कर सकता है, पर आयु वर्ग का थोड़ा-सा फर्क होता है। जैसे बच्चों के लिए हल्के व्यायाम होते हैं। युवाओं को हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करने चाहिए और अधेड़ उम्र वालों को लो इंटेंसिटी वर्कआउट। यह अपने शरीर के स्टैमिना पर भी निर्भर करता है। कुछ अधेड़ उम्र के लोग भी हाई इंटेंसिटी वर्कआउट कर लेते हैं। पर 10 मिनट के व्यायाम सभी कर सकते हैं। ये व्यायाम कुछ ही देर में आपके शरीर और दिमाग को तो चुस्त बनाते ही हैं, सर्दियों में होने वाली दिल संबंधी बीमारियों से भी बचाते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें कि व्यायाम में नियमितता हो, ताकि आपको इसका भरपूर लाभ मिल सके। मौसम से बचाव के लिए जरूरत के अनुसार कपड़े जरूर पहनें।

बरतें सावधानियां

आप जो भी व्यायाम करें, उसका हर मूवमेंट ठीक हो, फिर चाहे वह पेट का व्यायाम हो या पैरों का। व्यायाम में पोस्चर का भी खास ख्याल रखें।

सांस लेने और छोड़ने के समय का ध्यान रखें।  

व्यायाम से आधा घंटा पहले सेब या केला या बादाम खाएं। इससे आपको व्यायाम करते समय कमजोरी महसूस नहीं होगी।   

व्यायाम के समय पानी की बोतल, तौलिया आदि रखें।

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