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झुंड से बिछड़ा हाथी ने 9 लोगों को रौंदा, वन विभाग की विशेषज्ञ टीम तलाश में जुटी

झुंड से बिछड़ा हाथी ने 9 लोगों को रौंदा, वन विभाग की विशेषज्ञ टीम तलाश में जुटी

झारखंड : अपने झुंड से बिछड़े एक जवान जंगली हाथी ने राज्य के तीन जिलों में भगदड़ मचा दी है। वन विभाग की प्राथिमक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एक ही हाथी ने पिछले 20 दिनों में जामताड़ा, गोड्डा और दुमका में एक महिला सहित नौ ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया है। वन विभाग की एक विशेषज्ञ टीम प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) पीके वर्मा के नेतृत्व में गोड्डा और दुमका में बुधवार को पूरे दिन हाथी की तलाश में जुटी रही, लेकिन देर शाम तक हाथी कहीं नजर नहीं आया। टीम में जानवरों के चिकित्सक भी मौजूद थे। 

जंगली हाथी ने गोड्डा जिले के पोरेयाहाट ब्लॉक के खरकचिया गांव में मंगलवार सुबह खेत गई 50 वर्षीय महिला को रौंद दिया और एक अन्य ग्रामीण को जख्मी कर जंगल के रास्ते दुमका निकल गया। यहां भी इस उग्र हाथी ने भीड़ पर हमला कर एक व्यक्ति की जान ले ली। वन विभाग की रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि 21 जून को गोड्डा में तीन लोगों को मौत के घाट उतारने वाला हाथी भी यही था। 

वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक इस हाथी ने सबसे पहले सात जून को जामताड़ा से उत्पात मचाना शुरू किया है। चेगईडीह में 35 वर्षीय जोगन बाउरी और 50 वर्षीय अमरूल अंसारी उग्र हाथी के आक्रमण में अपनी जान गंवा बैठे। इसके बाद 15 जून को दुमका पहुंच कर इसी हाथी ने दो लोगों की जिंदगी छीन ली। हाथी को बेहोश करके इसके झुंड तक पहुंचाने के लिए गोड्डा डीएफओ ने वन विभाग को पत्र लिखा है। 

बिहार के उत्पाती हाथी को झारखंड में हैदराबाद के शूटर ने मारा था
अगस्त 2017 के दौरान एक जंगली हाथी ने बिहार में चार और झारखंड में 11 लोगों की जान ले ली थी। जब किसी तरीके से हाथी काबू में नहीं किया जा सका तब वन विभाग ने शूटर नवाब सफथ अली खान को हैदराबाद से बुलाया। इस शूटर ने 11 अगस्त को हाथी को मार गिराया था। इस बार अब तक इस तरह का कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।  

हाथियों के उत्पात को रोकने का अध्ययन करने कर्नाटक जाएगी टीम
पीसीसीएफ (वन्यजीव) के अनुसार कर्नाटक की आधुनिक चेतावनी प्रणाली का अध्ययन करने एक टीम भेजने का निर्णय लिया गया है। जल्द ही हाथियों के झुंड की गतिविधियों के संबंध में उस क्षेत्र के हजारों लोगों को उनके मोबाइल पर एक साथ एसएमएस भेजने की व्यवस्था शुरू की जाएगी। 

दारू और अनाज के लिए आक्रामक हो जाते हैं हाथी :
पीसीसीएफ वन्यजीव पीके वर्मा के अनुसार हाथियों की प्रवासन विधि होती है। भोजन, पानी और प्रजनन के लिए हाथी खास तरह के मार्ग से आवागमन करते हैं। अपने क्षेत्र और मार्ग को लेकर बेहद संवेदनशील हाथी इसमें इंसान कि किसी तरह की गतिविधि देख कर बेकाबू हो जाते हैं। अनाज और खास कर दारू की गंध मीलों दूर हाथी तक पहुंच जाती है। इससे भी वह आक्रामक हो जाता है। 

हाल में हाथी-मानव संघर्ष 
वर्ष लोगों की मौत

2019 अब तक 21
2018 80
2017-18 78                                           
2016-17 59
2015-16 66
2014-15 53
2013-14 56
2012-13 60 
2011-12 62
2010-11 69 
2009-10 54
कुल 658

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