सरगुजा

रामगढ़ महोत्सव 2019 : भावी पीढ़ी को संस्कृति से परिचित कराने ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण जरूरी- श्री सिंहदेव

रामगढ़ महोत्सव 2019 : भावी पीढ़ी को संस्कृति से परिचित कराने ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण जरूरी- श्री सिंहदेव

अंबिकापुर : आषाढ़ के प्रथम दिवस के अवसर पर रामगढ़ महोत्सव का दो दिवसीय आयोजन का गरिमामय शुभारंभ आज यहां राजमोहनी देवी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम भारतीय संस्कृति की परंपरा का निर्वहन करते हुये अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया। इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक डॉ. प्रीतम राम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती फुलेष्वरी सिंह, महापौर डॉ. अजय तिर्की, सभापति श्री शफी अहमद उपस्थित रहे।

मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने लोगों को रामगढ़ महोत्सव की बधाई देते हुये कहा कि यह महोत्सव प्रति वर्ष मनाया जाना वाला ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक उत्सव है। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कृति को अक्षुण रखते हुए उसकी महत्ता को भावी पीढ़ियों तक पहुॅचाने के लिए ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों को सहेजना होगा। उन्होंने कहा कि सरगुजा में अनेक पुरातात्विक धरोहर विद्यमान है, धरोहरों की रक्षा और शोध के माध्यम से इतिहास के पथ की जानकारी मिलती है। इतिहास से हमें मानव उपस्थिति के प्रामाणिक साक्ष्य मिलते हैं। इससे हमें मानव चिंतन तथा मानव इतिहास को किन-किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ा इसकी भी जानकरी प्राप्त होती है।

श्री सिंहदेव ने कहा कि रामगढ़ की पहाड़ी  ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के रूप में तथा विष्व के प्राचीनतम् नाट्यषाला के रूप में अपनी पहचान स्थापित किया है। रामगढ़ महोत्सव के द्वारा इस ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को और करीब से जानने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास ने अपने खण्ड काव्य मेघदूतम् की रचना रामगढ़ की पहाड़ी में की थी जो संस्कृत की श्रेष्ठ काव्यों में से एक है।  महानतम कवि के स्मृति एवं सम्मान में आयोजन के स्वरूप को और व्यापक बनाने की पहल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 का आयोजन से रामगढ़ महोत्सव को चार दशक पूरे हो गये है। इस आयोजन से स्थानीय तथा राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को मंच मिल सकेगा।

लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम ने कहा कि प्राचीन काल से रामगढ़ की पहाड़ी का संबंध मानव इतिहास से जुड़ा हुआ है। इस प्राचीनतम धरोहर को सहजने के लिए प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले रामगढ़ महोत्सव में शोध संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि शोध संगोष्ठी के माध्यम से सरगुजा के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता को उजागर किया जा सके। जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती फुलेश्वरी सिंह ने रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनायें देते हुए कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की संस्कृति का सुंदर संगम है। आषाढ़ के प्रथम दिवस पर आयोजित होने वाले महत्सवों में रामगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक होती है। महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा के सांस्कृतिक धरोहर के पहचान है। सरगुजा संभाग में अनेक पुरातात्विक स्थल हैं। इन स्थलों का शोध के माध्यम से जन समान्य तक इसकी महत्ता पहुॅचायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकता है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि रामगढ़ महोत्सव विगत चार दशकों से निरंतर अयोजित होता रहा है। रामगढ़ महोत्सव का प्रथम आयोजन सन् 1969 में हुआ था। तब से लेकर आज तक अनवरत् आयोजित होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा को सरगजा भी कहा जाता है जिसका तात्पर्य स्वर्ग की बेटी होती है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ की पहाड़ी में सीता बेंगरा, जोगीमारा, पुरातत्ववेत्ताओं के लिए उत्सुकता का विषय है। रामगढ़ की गुफा महाकवि कालिदास की मेघदूतम् की रचना स्थलीय है। डॉ मित्तर ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में रामगढ़ के विशेष संदर्भ को रखा गया है। इस विषय से रामगढ़ के अनछुये पहलुओं की सार्थक जानकारी मिलेगी। उन्होंने रामगढ़ में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी ख्यातिलब्ध कलाकारों के द्वारा प्रस्तुति देने की जानकारी दी।

    इस अवसर पर वेदाचार्य डॉ. निलिम्प त्रिपाठी, श्रीमती रूबी सिद्धिकी, श्री ललित शर्मा, श्री राज नारायण द्विवेदी, श्री संतोष कुमार दुबे, श्रीमती मीना वर्मा, श्री चारूचंद्र, श्री कमल पटेल, श्रीमती पूर्णिमा पटेल, श्री सीमांचल त्रिपाठी सहित 33 शोधार्थियों के द्वारा शोध पत्र का वाचन किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें श्री यादव विकास, श्री अंजनी सिन्हा, श्री देवेन्द्र दुबे, श्री राजेश पाण्डेय, श्री रंजीत सारथी, श्री सुश्री मीना वर्मा, डॉ. पुष्पा सिंह, श्री विनोद हर्ष, श्री संतोष दास, श्री अमरीश कश्यप, श्री प्रकाश कश्यप, श्री मुकुन्द लाल साहू, श्री आयज शुक्ला, सुश्री मधु गुप्ता, सुश्री गीता द्विवेदी, श्रीमती माधुरी जायसवाल, सुश्री पुनम दुबे, श्री अंचल सिन्हा, सुश्री अर्चना पाठक, सुश्री राजलक्ष्मी पाण्डेय, सुश्री पूर्णिमा पटेल , श्री दिग्विजय तोमर, श्रीमती आयशा अहमद खान, श्री सपन सिन्हा, सुश्री शिरीन खान, श्री अजय चतुर्वेदी एवं श्री विजय सिंह दमाली के द्वारा गीत, गजल एवं कविता प्रस्तुत किया गया।  

इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री के.सी अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अशुतोष सिंह, अपर कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ओम चंदेल, अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्री अजय त्रिपाठी, नगर निगम के उप सभापति श्री अजय अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि बालकृष्ण सहित अन्य जन प्रतिनिधि अधिकारी कर्मचारी, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

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