महासमुन्द

महासमुंद रेलवे प्लेटफॉर्म बना पद यात्रियों का हेल्थ कैंप, नहीं मिले कोविड आने के संकेत

महासमुंद रेलवे प्लेटफॉर्म बना पद यात्रियों का हेल्थ कैंप, नहीं मिले कोविड आने के संकेत

thenewsindia

प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के आपातकाल अमले ने रेलवे स्टेशन में ठहरे 47 पद यात्रियों में वायरस संक्रमण जांच की। मीलों पटरी पर चल कर पहुंचने के बाद भी सभी स्वस्थ मिला

महासमुंद 31 मार्च 2020/ कोरोना वायरस संक्रमण फैलाव का बड़ा जरिया है वाहन। यातायात व्यवस्था पर सरकार द्वारा लगाई गई रोक का तोड़ निकालने वाले कुछ लोगों को पैदल चल कर ही गंतव्य की ओर कूच करते देखा जा रहा है। यात्री ही कहीं संक्रमण का वाहक न बन जाएं इसके लिए जिले में कोरोना कंट्रोल का अमला लगातार पैनी निगाह बनाए हुए है। इसी कड़ी में रेलवे पटरी से लग कर घर वापसी की ओर निकले 47 पद यात्रियों में अधिकांश ने 06 से 08 तो कुछेक ने 10 घंटे का सफर भी तय कर लिया और मंगलवार 31 मार्च 2020 को रेलवे स्टेशन के प्लेफॉर्म में डेरा डाला। जहां, पहले से मुस्तैद पुलिस विभाग के अफसरों ने आवश्यक जानकारी देकर उन्हें एक-एक मीटर की दूरी पर बैठाया। सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसपी वारे के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार ने कोरोना वायरस संक्रमण दल केअनुभवी चिकित्सकीय दल को मौके की ओर रवाना किया। जहां, कोरोना कंट्रोल दल के अफसर डॉ छत्रपाल चंद्राकर और आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ देवेंद्र साहू की अगुआई में सभी प्रकरणों को संदेहास्पद संज्ञान में रखते हुए बारी-बारी जांच की गई। जिसमें सर्दी, खांसी और बुखार जैसे कोरोना वायरस संक्रमण संबंधित लक्षण आंकलन के साथ-साथ शरीरिक तापमान मापन में नॉन-कनेक्टेड इन्फ्रारेड थर्मामीटर का भी उपयोग किया गया। इस दौरान डॉ साहू ने बताया कि यात्रियों से परिवहन दौरे में जैसे कहां से आए हैं और कहां जा रहे हैं इत्यादि की सूचनाएं एकत्र कर लक्षण पहचान एवं सरकारी उपचार के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी जा रही है। परीक्षण उपरांत डॉ चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि कुछ पद यात्री राजधानी रायपुर की ओर से आए हैं और अधिकांश उड़ीसा राज्य की ओर रवानगी पर हैं। लेकिन, इनमें कोविड 19 से पीड़ित होने जैसे लक्षण नहीं मिले हैं। तत्पश्चात जीएनएम ट्यूटर श्रीमति लोकेश्वरी साहू और सुश्री कुंती लाउत्रे द्वारा परीक्षण आंकड़े एकत्र कर प्रकरणों के ऋणात्मक होने की जानकारी कोरोना कंट्रोल रूम की ओर प्रेषित की गई। दूसरी राहत भरी खबर कांग्रेस भवन से रही। जहां, आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ परमेश्वरी धीवर एवं उनकी सहयोगी एएनएम श्रीमति लता साहू ने 20 संदिग्ध मरीजों का स्वास्थ्य जांचा। यहां भी सुखद संदेश रहा कि कोरोना वायरस संक्रमण या कोविड 19 पीड़ित संबंधी धनात्मक प्रकरण होने के समाचार नहीं मिले।

कोरोना वायरस संक्रमण दल के नोडल अधिकारी डॉ अनिरुद्ध कसार से मिली जानकारी के मुताबिक इस दिनों प्रदेश में संक्रमण का दूसरा चरण चल रहा है। जिसमें बाहर से आए लोगों में विदेशी या अन्य प्रांतों के कोविड 19 संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने के कारण बीमारी के फैलाव का खतरा निरंतर बना हुआ है। तत्संबंध में स्पष्टीकरण देते हुए कोरोना कंट्रोल रूम के जिला नोडल अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव के हवाले से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मीडिया प्रभारी असीम श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग द्वारा अपील की गई है कि यदि आप हाल ही में विदेश अथवा अन्य राज्यों की यात्रा कर वापस यहां पहुंचे हैं या आपको वायरस से संक्रमण की आशंका है तो आप जहां भी हैं, जिस भी स्थिति में हैं, कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 6267770531 पर तत्काल संपर्क करें। अगर, आप मार्ग में कहीं फंस गए हैं तब भी घबराएं नहीं, कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे आपकी सेवा में तत्पर है। यहां, फोन करने पर आपको आपकी मौजूदा स्थिति के अनुरूप निकटस्थ सहायता प्राप्त करने में सहयोग आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। डीपीएम श्री ताम्रकार के मुताबिक जिले में आपातकाल में सेवाएं प्रदान कर रहे कई ऐसे विभागीय दस्ते सक्रिय हैं जो दिन-रात इसी प्रयास में जुटे हुए हैं कि सभी संदिग्ध प्रकरणों में स्वास्थ्य परीक्षण की प्रकिया पूर्ण हो और कोई भी जांच से वंचित न रह जाए। मंगलवार को रेलवे स्टेशन में हुआ परीक्षण इसी लक्ष्य पर आधारित रहा, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व स्वास्थ्य जांच आगामी आदेश पर्यंत निरंतर जारी रहेगी।

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email