कोरबा

निजामुद्दीन के मरकज में शामिल हुए बीस लोग कोरबा में आइसोलेशन में

निजामुद्दीन के मरकज में शामिल हुए बीस लोग कोरबा में आइसोलेशन में

TNIS

गेवरा के सीईआई हास्टल में किया गया क्वारेंटाईन, जांच के लिए भेजे गये सभी के सेम्पल कलेक्टर श्रीमती कौशल ने एसपी के साथ किया गेवरा हास्टल का निरीक्षण, व्यवस्थाएं देखीं

कोरबा : दिल्ली की निजामुद्दीन में हुए मुस्लिम धर्मावलंबियों के मरकज में शामिल हुए 20 लोगों को जिला प्रशासन ने कोरबा में टेªस कर लिया है। इनमें से पंद्रह लोग राताखार की अंजुमन इस्लाहुल मुस्लमीन मस्जिद में रूके हुए थे जबकि पांच लोगों को कोरबा शहर में अलग-अलग जगहों से चिन्हांकित किया गया है। सभी 20 लोगों को आज गेवरा के सीईआई हास्टल में आइसोलेशन में रखा गया है। आज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन सभी 20 लोगों के स्वाब सेम्पल कोरोना जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर भेज दिये हैं। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने एसपी श्री अभिषेक मीणा के साथ गेवरा हास्टल का आज दोपहर निरीक्षण किया। कलेक्टर ने यहां रूके सभी लोगों को कमरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी। इन लोगों को कमरों में ही सभी व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा मुहैया करा दी गई हैं। सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम किये गये हैं। पुलिस कर्मियों का पहरा गेवरा हास्टल में लगाया गया है, साथ ही मेडिकल टीम भी तैनात की गई है। आइसोलेट किये गये लोगों को भोजन, पानी के लिए भी पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर दी गई है। 

     निजामुद्दीन के मरकज में शामिल होकर आये राताखार मस्जिद में रूके हुए सभी 15 लोग दिल्ली या उसके आसपास के क्षेत्रों के हैं जबकि अन्य पांच लोग मरकज में शामिल होने कोरबा से निजामुद्दीन गये थे। कोरोना वायरस के संक्रमण और उसके फैलाव की आशंका को लेकर इन सभी लोगों को आइसोलेट कर लिया गया है। मरकज में शामिल हुए तबलीगी जमात के इन सभी 20 लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखी जा रही है। इन्हें सावधानी स्वरूप सेनेटाईजर और मास्क आदि भी जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करा दिये गये हैं। साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने, लाक डाउन के दौरान निर्धारित जगहों से बाहर नहीं निकलने और शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये दिशा निर्देशों की पूरी जानकारी भी इन्हें दी गई है। इन सभी लोगों को यह भी हिदायत दी गई है कि वे आईसोलेशन की अवधि में पूरी तरह से अलग रहें। रहने की निर्धारित जगहों से बाहर न निकलें, भीड-भाड़ वाले इलाकों में न जायें। इसके साथ ही सर्दी, खांसी, बुखार या श्वास लेने में तकलीफ जेैसी कोई भी परेशानी होने पर तत्काल शासन प्रशासन के प्रतिनिधियों को सूचित करें।

      जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अभी सभी लोग स्वस्थ्य हैं। किसी को भी कोरोना के प्रारंभिक लक्षणों संबंधी कोई तकलीफ नहीं है। सावधानी बरतते हुए गहन अवलोकन में इन लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। मेडिकल टीम द्वारा जांच लगातार की जा रही है।

      कोरबा में आईसोलेट हुए मरकज में शामिल होने वाले इन लोगों में मुस्तफा बाग दिल्ली के छः, नेहरू बिहार दिल्ली के दो, गाजियाबाद के तीन और सुंदरनगरी दिल्ली, नागलोई दिल्ली, पुरानी दिल्ली तथा बेगुसराय बिहार का एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। आईसोलेट हुए इन लोगों में से एक ने बताया कि वे 12 मार्च को रात 10 बजे से 13 मार्च को दोपहर दो बजे तक निजामुद्दीन में हुई तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि मुस्लिम धर्म की मानव कल्याण से जुड़ी बातों और सीखों के प्रचार-प्रसार के लिए वे लोग कोरबा आये हैं। यह सभी लोग दिल्ली से नागपुर, बिलासपुर होते हुए 15 मार्च को कोरबा पहुंचें हैं और तभी से राताखार की मस्जिद में रूके थे।

कटघोरा की दो मस्जिदों में 25 फरवरी और दो मार्च को आए 30 अन्य जमाती भी प्रशासन की निगरानी में
कटघोरा के पूछापारा की मक्का मस्जिद और पुरानी बस्ती की जामा मस्जिद में भी 30 मुस्लिम धर्मावलंबियों की पहचान प्रशासन ने की है। इनमें से मक्का मस्जिद पूछापारा में 14 लोग रूके हैं जोकि पिछली 25 फरवरी को कटघोरा पहुंचें हैं। इसी तरह ं कामठी महाराष्ट्र से 16 लोग दो मार्च को पुरानी बस्ती की जामा मस्जिद कटघोरा पहुंचें हैं। मक्का मस्जिद में रूके 14 लोगों में से 13 मुस्तफाबाद दिल्ली के रहवासी हैं जबकि एक झारखंड के गढ़वा जिले के मखातू का निवासी है। लगभग एक माह से अधिक समय पहले आये इन लोगों को भी प्रशासन ने एतिहातन मस्जिदों में ही आइसोलेशन में रखा है। जिला प्रशासन की मेडिकल टीम ने 29 मार्च को इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया है और यह सभी लोग पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं। इसी तरह कटघोरा की जामा मस्जिद में कामठी महाराष्ट्र के 16 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण दो बार 24 एवं 26 मार्च को मेडिकल टीम द्वारा किया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा इन सभी लोगों पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। सभी को मस्जिद से बाहर नहीं निकलने, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर नहीं जाने और मस्जिद में रहने के दौरान आपस में एक-एक मीटर की दूरी बनाये रखने की हिदायत भी दी गई है। सभी लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार जैसी परेशानी होने पर तत्काल कटघोरा के स्वास्थ्य केंद्र और जिला प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं।

 

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