गरियाबंद

वनाधिकार पत्र बनाने के एवज में पटवारी ग्रामीणों से मांगता है 2000 की घुस, विरोध करने पर कहता है

 वनाधिकार पत्र बनाने के एवज में पटवारी ग्रामीणों से मांगता है 2000 की घुस, विरोध करने पर कहता है

गरियाबंद/फिंगेश्वर  :- जिले भर में पट्टा बनाने का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है  कही पर हितग्राही वैध दस्तावेज के साथ पट्टा बनवा रहे हैं तो कही पर हितग्राही पटवारी के  शर्त के अनुसार रकम दिया जा रहा है  जिसके कारण कई गरीब परिवार पटवारी के द्वारा मांगी गयीं रकम को नही दे पा रहे हैं तो हितग्राहियों को धमकी दिया जा रहा है कि तुम्हारा पट्टा नही बनेगा ठीक इसी तरह का वाक्या फिंगेश्वर विकासखंड के ग्राम पंचायत सेन्दर का मामला है जहाँ पर ग्रामीणों का आरोप है कि वन विकास समिति गोवर्धन साहू और पटवारी धनेश कुमार के द्वारा पट्टा बनाने के एवज में राशि की  मांग की जा रही  है और ग्रामीणों ने ये भी बताया कि वनविकास समिति के अध्यक्ष गोवर्धन साहू 1 काटा जमीन के बदले 100 रुपये तो 20 काटा मतलब एक एकड़ पीछे पट्टा बनाने के लिए 2000 से 3000 रुपए की मांग करता है तब अपने अधिकार का हस्ताक्षर करता है और पटवारी का काम भी खुद कर लेता है  । 

खुद पट्टा वितरण करता है जो राशि नही देता है उसका पट्टा वह नही देता है ठीक इसी मामले का दूसरा पहलू यह हैकि इसी ग्राम सेंदर के विजय कुमार सिन्हा सेन्द्रर के नाम से वनाधिकार पट्टा जारी हुआ है जिसको पटवारी ने उक्त पट्टे में अंकित जमीन का कुछ हिस्से को वनाधिकार समिति के अध्यक्ष गोवर्धन साहू के नाम से  चढ़ा दिया है करके विजय सिन्हा ने आरोप लगाया है जब इसका विरोध विजय सिन्हा के द्वारा पटवारी धनेश कुमार के पास किया तो पटवारी ने उस जमीन को वापस विजय के नाम मे लाने के लिए 20 हजार की मांग किया जिसके लिए पीड़ित व्यक्ति ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर के जनदर्शन में भी किया गया लेकिन माह  भर बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है 

जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति काफी परेशान हैं पीड़ित व्यक्ति विजय कुमार सिन्हा ने ये भी कहा कि जमीन के जिस हिस्से को उसने पटवारी से साट गाठ कर हथियाया है उक्त जमीन में मैंने 30 हजार रुपये खर्च कर दिए उसकी भूमि सुधार के लिए मैन उसमे जेसीबी से 30 हजार तक लोन लेकर खर्च किया हूँ। मैं पटवारी धनेश कुमार को 20 हजार और कहा से दे पाऊंगा भले मुझे मेरे जमीन मत मिले लेकिन मैंने जो अभी हाल मे खर्च किया है 30 हजार वो तो कम से कम  मुझे वापस मिल जाये ।  इसी बात पर गांव की ही  एक महिला ने रोते हुए कहा कि मैंने अपने पट्टे के लिए 5000 रुपये वनविकास समिति के अध्यक्ष को दी हूँ ।

उक्त पटवारी के ऊपर कोमल साहू ने आरोप लगाया है कि मेरे द्वारा कब्जा किये जमीन को पटवारी ने पट्टा बनाने से साफ मना कर दिया ठीक उसी जमीन को वन समिति के अध्यक्ष के नाम पट्टा बना दिया गया तो जब कोमल साहू के द्वारा इसका विरोध किया गया तो पटवारी ने उसको धमकी दिया और कहा जाओ तुमको जो करना है करो । इस बात पर गोवर्धन साहू से बात करने पर उन्होनें राशि नही लेने की बात कही और बात का गोलमोल जवाब देने लगे ।

धनेश कुमार धूर्व्र पटवारी से संर्पक किया गया लेकिन नही हो पाया ।

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