बालोद

बालोद जिले में दो किसानों की आत्महत्या किए जाने की खबर भ्रामक और झूठी पायी गई : जिला प्रशासन की रिपोर्ट

बालोद जिले में दो किसानों की आत्महत्या किए जाने की खबर भ्रामक और झूठी पायी गई : जिला प्रशासन की रिपोर्ट

रायपुर : राज्य के बालोद जिले में कल एक दिसम्बर को दो किसानों की आत्महत्या किए जाने की खबर भ्रामक और झूठी पायी गई। जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में दोनों किसानों की मौत आत्म हत्या के कारण नहीं बल्कि बीमारी से हुई है। इन दोनांे किसानों की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, उनमें से एक मौत अस्पताल में और दूसरे की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई। उल्लेखनीय है कि एक दिसम्बर को डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कसही के चतुरदास मानिकपुरी और बालोद विकासखण्ड के ग्राम भोयनापार के ब्यास नारायण टण्डन की मृत्यु हो गई थी।
बालोद के कलेक्टर ने ग्राम कसही के चतुरदास मानिकपुरी की मौत की जांच डौण्डीलोहारा के एस.डी.एम. से करायी। जॉच में पाया गया कि ग्राम कसही विकासखण्ड डौण्डीलोहारा निवासी चतुरदास मानिकपुरी की मृत्यु किसी भी तरह से कीटनाशक अथवा जहर सेवन से नहीं हुआ था, अपितु उसकी मृत्यु बीमारी के कारण हुई है। जॉच के दौरान मृतक की पत्नी श्रीमती हेमलता उम्र 30 वर्ष तथा मृतक का साथी कुमार सिंह विश्वकर्मा उम्र 32 वर्ष ने बताया कि मृतक चतुरदास मानिकपुरी की कुछ दिनों से तबियत खराब थी, उसे बुखार था। आराम मिलने पर मजदूरी करने चला जाता था। वह मंगलवार एक दिसम्बर को भी मजदूरी करने राजनॉदगॉव गया था। वहॉ मृतक की तबियत खराब होने पर वह बस से अपने ग्राम कसही लौट रहा था, उसे ग्राम टटेंगा मोड़ पर उतरना था किन्तु तबियत खराब होने से वह समझ नही पाया और ग्राम नाहंदा पहुॅच गया। नाहंदा से मृतक ने अपने साथी कुमार सिंह विश्वकर्मा को मोबाइल पर बताया कि उसकी तबियत ज्यादा खराब है, वह ग्राम नाहंदा में है। उसे आकर लेे जाए। तब उसका साथी कुमार सिंह विश्वकर्मा उसे लेने दोपहर 12.45 बजे से एक बजे के बीच नाहंदा पहुॅचा तथा उसे मोटरसायकल से लेकर आते समय रास्ते में ग्राम जेवरतला में डॉक्टर को दिखाया तब डॉक्टर ने चतुरदास को बड़े अस्पताल ले जाने कहा। मृतक का साथी कुमार उसे लेकर ग्राम कसही ले आया फिर 108 संजीवनी एक्सप्रेस बुलाकर लगभग तीन बजे ग्राम कसही से जिला चिकित्सालय राजनॉदगॉव भेजा गया। जिला चिकित्सालय राजनॉदगॉव पहुॅचने पर चतुरदास का परीक्षण कर डॉक्टर ने बताया कि चतुरदास की मृत्यु हो चुकी है। मृतक चतुरदास ने किसी भी तरह से कीटनाशक अथवा जहर का सेवन नही किया था अपितु उसकी मृत्यु बीमारी के कारण हुई है।
जॉच में यह भी पाया गया कि ग्राम कसही में मृतक के नाम पर शामिल खाते में उसके भाईयों एवं चाचा के नाम पर 0.12 हेक्टेयर (30 डिसमिल) भूमि है। जिस पर वह खेती करता है। मृतक की मॉ मध्यान्ह भोजन तैयार करने में रसोईये का काम करती है। चतुरदास की मृत्यु का कारण बीमारी है। उस पर कोई कर्ज नही था। उसने आत्महत्या नही की।
इसी प्रकार बालोद विकासखण्ड के ग्राम भोयनापार निवासी 54 वर्षीय व्यास नारायण टण्डन की मृत्यु की जानकारी पर कलेक्टर द्वारा तहसीलदार और नायब तहसीलदार को भेजकर तत्काल जॉच करायी गई । जॉच के दौरान मृतक के पुत्र कौशल द्वारा बताया गया कि उसके पिता व्यास नारायण की तबियत विगत् 24 नवम्बर को खराब हो जाने के कारण जिला अस्पताल बालोद में भर्ती कराया गया था। वहॉ उसकी स्थिति खराब होने के कारण इलाज हेतु बठेना अस्पताल धमतरी ले जाया गया, वहां कल एक दिसम्बर को व्यास नारायण की मृत्यु हो गई। मृतक के पुत्र कौशल द्वारा बताया गया कि उसके पिता व्यास नारायण के नाम पर चार एकड़ सिंचित कृषि भूमि है। उसने यह भी बताया कि सेवा सहकारी समिति लाटाबोड़ एवं देना बैंक बालोद में नियमित कर्ज है। पुराना कोई भी कर्ज नही है। उसके पुत्र ने यह भी बताया कि उसके पिता ने उसे कभी भी कोई गंभीर विषय या कर्ज के बारे में नही बताया। उसके पिता द्वारा हारवेस्टर से फसल कटाई कराया था, जिसका धान घर में रखा हुआ है। मृतक के परिवार को शासकीय उचित मूल्य की दुकान से नियमित रूप से चॉवल एवं मिट्टी तेल प्राप्त होना बताया गया।

 

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