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रायपुर : हजरत फातेहशाह मजार और मस्जिद ट्रस्ट विवाद निराकरण के लिए कार्रवाई प्रारंभ

रायपुर : हजरत फातेहशाह मजार और मस्जिद ट्रस्ट विवाद निराकरण के लिए कार्रवाई प्रारंभ

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा हजरत फातेहशाह मजार और मस्जिद ट्रस्ट कमेटी पुलिस लाइन टीकरापारा रायपुर की समस्त वक्फ संपत्ति की सुरक्षा, व्यवस्था, उचित रखरखाव एवं किरायेदारों-कब्जेदारों तथा मुतवल्ली के बीच विवाद के निराकरण के लिए सात सदस्यीय ऑब्जर्वर दल का गठन किया गया है। गठित दल द्वारा विवाद के निराकरण के लिए कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। ऑब्जर्वर दल द्वारा यहां वक्फ संपत्ति का स्थल निरीक्षण किया गया, जिसमें अनेक खामियां और अव्यवस्था उजागर हुई।

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑब्जर्वर दल के सदस्यों ने स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया कि दुकानदारों द्वारा जो किराया दिया जा रहा है वह इस मार्केट की कीमत और उपयोगिता को देखते हुए बहुत कम है। दल को प्रारंभिक पूछताछ में यह भी पता चला कि इस मार्केट के सामने साईड़ रोड़ के दूसरी तरफ ठीक इसी तरह बनी हुई दुकानों का किराया लगभग 5 से 8 हजार प्रतिमाह है।

ऑब्जर्वर दल के सदस्यों ने यह पाया कि इस ट्रस्ट द्वारा निर्मित मार्केट रायपुर-धमतरी मुख्य मार्ग पर बहुत अच्छी जगह पर स्थित है। अवलोकन और सर्वे में यह भी पाया गया कि मार्केट बिल्डिंग की जरूरी देख-रेख नहीं की गई है। लापरवाही एवं सम्भवतः कमेटी के मुतवल्लीयों के विवाद के कारण कॉम्पलेक्स बहुत खराब और जर्जर हो गया है। अधिकांशः जगह प्लास्टर नहीं हुआ है, ऊपर छत पर पानी जमा होता है और रिसता हुआ नीचे ग्राउड फ्लोर तक आता है। जिसके कारण बिल्डिंग की हालात बहुत खराब हो गई है। यदि फौरन मरम्मत नहीं की गई तो बिल्डिंग को बहुत नुकसान हो सकता है। बिल्डिंग की मरम्मत किया जाना बहुत ही आवश्यक है, जिस पर लगभग 30 लाख रूपए का खर्च आ सकता है। इस वक्फ संपत्ति से संबंधित समस्त विवाद के निराकरण के बाद मार्केट के पीछे की तरफ भी पक्की दुकानों के निर्माण पर विचार किया जाएगा।

ऑब्जर्वर दल द्वारा इन परिस्थियों के देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि समस्त दुकानदारों को सूचना देकर अलग-अलग समूह बनाकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड कार्यालय में बुलवाया जाए और उनके आधिपत्य की दुकानों की किरायेदारी और कब्जे के संबंध में  समस्त दस्तावेज और अभिलेख मंगवाएं जाए। जिन दुकानदारों के प्रकरण न्यायालयों में लंबित है उनसे बात कर प्रकरण में  राजीनामा कर नवीन किराया अनुबंध और किराया राशि निर्धारित की जाए, जिससें वक्फ संपत्ति की आय में वृद्धि हो और संपत्ति की जर्जर स्थिति मंे सुधार और इस वक्फ संपत्ति का जीर्णोधार जल्द से जल्द किया जा सके।

कुछ दुकानदार सूचना प्राप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड कार्यालय में ऑब्जर्वर दल के समक्ष उपस्थित हुए और अपना पक्ष रखा। यह दुकानदार ऑब्जर्वर दल द्वारा चाही गई जानकारी देने के लिए सहमत है। इससे यह उम्मीद है कि इस वक्फ संपत्ति से संबंधित विवाद का निराकरण जल्द ही किया जा सकेगा। जो दुकानदार सूचना के बाद भी उपस्थित नहीं हो रहे हैं और कोई जानकारी भी नहीं दे रहे हैं, विवाद की स्थिति बनाए रखना चाहते हैं। ऐसे दुकानदारों पर वक्फ बोर्ड नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।

निरीक्षण करने वाले ऑब्जर्वर दल के सदस्यों में रिटार्यड जिला न्यायाधीश सैयद इनाम उल्लाह शाह, अब्दुल हमीद हयात, अधिवक्ता एस. के. फरहान, अधिवक्ता सैयद जाकीर अली, हाजी नईम अखतर, अधिवक्ता सैयद सादिक अली, चार्टर्ड एकांउटेंट अकरम सिद्धिकी और दल के कोऑडिनेटर मोहम्मद तारिक अशरफी शामिल थे।   

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