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बजट 2019 में चौके की उम्मीद थी लेकिन वित्त मंत्री ने सिंगल पर जोर दिया :आनंद महिंद्रा

बजट 2019 में चौके की उम्मीद थी लेकिन वित्त मंत्री ने सिंगल पर जोर दिया :आनंद महिंद्रा

नई दिल्ली : मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट पर उद्योगजगत की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही. ज्यादातर उद्योगपतियों ने बजट को लंबी अवधि की सोच पर आधारित और भविष्योन्मुख बताया है. महिंद्रा ग्रुप के आनंद महिंद्रा ने कहा कि वित्त मंत्री ने अपनी निगाहें दीर्घावधि पर रखी हैं, जबकि वेदांता रिसोर्सेज के अनिल अग्रवाल ने बजट को प्रगतिशील और नतीजे देने वाला बताया.

वित्त मंत्री ने अपनी निगाहें दीर्घावधि पर रखीं
महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ट्वीट किया, 'पहले मैंने ट्वीट किया था कि मुझे उम्मीद है निर्मला सीतारमण कुछ चौके लगाएंगी. इसके बजाय उन्होंने सिंगल के जरिये रन रेट को बढ़ाने का प्रयास किया. हालांकि, बड़े कदमों की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने अपने निगाहें दीर्घावधि पर रखीं.'

एक ग्रिड-एक राष्ट्र केंद्रित बजट : हर्ष गोयनका
आरपीजी एंटरप्राइजेज के हर्ष गोयनका ने ट्वीट किया, 'यह एक भविष्योन्मुखी एक ग्रिड-एक राष्ट्र केंद्रित बजट है. ईवी, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप और ई-आकलन. वित्त मंत्री ने धोनी की तरह की परंपरागत पारी से हट कर हार्दिक पटेल की तरह स्ट्रोक लगाए हैं.'

बजट प्रगतिशील और नतीजे देने वाला
वेदांता रिसोर्सेज के कार्यकारी चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, 'प्रगतिशील बजट 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के लिए है. बजट प्रगतिशील और नतीजे देने वाला है.' बायोकॉन की चेयरमैन किरण मजूमदार शॉ ने ट्वीट किया, 'यदि 100 प्रतिशत कंपनियों को 25 प्रतिशत कॉरपोरेट कर के दायरे में लाया जाता तो इससे निवेशक, कारोबार और बाजार की धारणा को प्रोत्साहन मिलता.'

हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज (इंडिया) के चेयरमैन अशोक आहूजा ने कहा कि राजग 2.0 ने ऐसा बजट पेश किया है जो देश को दीर्घावधि की वृद्धि की ओर ले जाएगा. जिससे 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. सरकार के वित्तीय क्षेत्र के तरलता के मुद्दे को हल करने के उपायों से ऋण बढ़ेगा और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा.

डियाजियो इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद कृपालु ने कहा कि यह एक संतुलित बजट है, जो देश के लिए दीर्घावधि की सोच पर केंद्रित है. निवेश बढ़ाने के नीतिगत उपायों..मेक इन इंडिया और कारोबार सुगमता के साथ देश की जल समस्या और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों से यह बजट सरकार की न्यू इंडिया की सोच के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य समावेशी वृद्धि है.


 

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