विशेष रिपोर्ट

गर्भपात पर महिला को मिली 30 साल की कैद की सजा...

गर्भपात पर महिला को मिली 30 साल की कैद की सजा...

मीडिया रिपोर्ट 

नई दिल्ली : गर्भपात होने पर एक महिला को अल सल्वाडोर की अदालत ने 30 साल कैद की सजा सुनाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दो साल तक महिला को प्री-ट्रायल के दौरान हिरासत में रखा गया था और अब उसे दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई गई है। एस्मे नाम की महिला को अदालत ने मानव हत्या के आरोप में सजा सुनाई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में गर्भपात के नियम में बदलाव की आशंका पर बवाल छिड़ा हुआ है। दरअसल इसे लेकर अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया गया और अदालत के रुख से यह संकेत मिल रहे हैं कि अबॉर्शन को वैधानिक बताने वाले नियम को पलटा जा सकता है। 

अल सल्वाडोर की महिला को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह अब़ॉर्शन के बाद मेडिकल हेल्प के लिए अस्पताल पहुंची थीं। अल सल्वाडोर में दी गई इस सजा पर दुनिया भर में चर्चा चल रही है और मानवाधिकार कार्यकर्ता इसे दुनिया को पीछे ले जाना वाला बता रहे हैं। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स लॉयर पॉला अविला-गुएलेन ने कहा कि एस्मे को इस तरह की सजा दिया जाना दुखद है और पीछे ले जाने वाला है। इससे उस लंबे संघर्ष को चोट पहुंचेगी, जिसके तहत महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रयास किए गए थे। 

गौरतलब है कि इस फैसले का असर अमेरिका में भी देखने को मिल सकता है। देश में लगातार प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि महिलाओं को गर्भपात की अनुमति मिलनी चाहिए और इसे कानूनी अपराध नहीं माना जाना चाहिए। महिलाओं की मांग है कि   गर्भपात देशभर में महिलाओं के लिए एक कानूनी विकल्प बना रहे। यह सुनिश्चत करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने इसके समर्थन में लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया है। बता दें अमेरिका में 50 साल बाद गर्भपात पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में गर्भपात के नए कानून के ड्राफ्ट का एक हिस्सा लीक हो गया था, जिसके बाद अमेरिका के कई शहरों में लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे फैसले को अमेरिकी महिलाओं की आजादी को छीनने वाला बताया जा रहा है।

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