विशेष रिपोर्ट

OBC(पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जनगणना कराने डा. आंबेडकर के कदमो पर सिर पटक - पटककर समर्पण

OBC(पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जनगणना कराने डा. आंबेडकर के कदमो पर सिर पटक - पटककर समर्पण

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एच. पी. जोशी

सन् 2021 जनगणना वर्ष ; OBC(पिछड़ा वर्ग)- SC (अनुसूचित जाति) - ST(अनुसूचित जनजाति) के बुद्धिजीवीयों - युवाओं के हाथों मे आखरी अवसर हैं कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डा. बाबा साहेब आंबेडकर जी का मिशन अधूरा - OBC(पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जनगणना करवाने की आवाज बुलंद करने का सुअवसर है|

आजाद भारत में 1951 से प्रत्येक दस (10)  वर्षों मे भारत सरकार देश मे जनगणना कराती हैं|परंतु 70 सालों से OBC(पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जातीय जनगणना नहीं करके सामान्य वर्ग मे जनगणना की जाती रही है| OBC(पिछड़ा वर्ग) के बुद्धिजीवीयों - युवाओं को गंभीरता से सोचना हैं कि OBC(पिछड़ा वर्ग) देश मे कोई गिनती मे ही नही हैं| कितना बड़ा अन्याय है सोचो|

      स्मरण रहे कि संविधान निर्माता डा. बाबा साहेब आंबेडकर जी ने OBC(पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जातीय जनगणना नहीं करने से एवं संविधान के आर्टिकल 340 के तहत OBC(पिछड़ा वर्ग)  को जनसंख्या के अनुपात मे प्रतिनिधित्व नही दे पाने से दुखी होकर 27 सितंबर 1951 को नेहरू सरकार के कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था| 

    भारत देश को आत्मनिर्भर नही बनने देने वाला समूह हमेशा से OBC(पिछड़ा वर्ग) को संविधान निर्माता डा. बाबा साहेब आंबेडकर जी  के प्रति जातिवादी मानसिकता के समूह ने डा. बाबा साहेब आंबेडकर जी के द्वारा OBC(पिछड़ा वर्ग) के लिए किये त्याग - संघर्ष से अवगत नही होने दिया और जाति घृणा का पाठ पढ़ाकर OBC(पिछड़ा वर्ग) को गुमराह कर 70 सालों से मूर्ख बना रहे हैं इसकी सच्चाई जाने एवं समझने की OBC(पिछड़ा वर्ग) को जरूरत है| 

    संविधान निर्माता डा. बाबा साहेब आंबेडकर जी ने लोकतंत्र को सफल करने के लिए   OBC(पिछड़ा वर्ग) को जनसंख्या के अनुपात मे लोकतंत्र मे हिस्सेदारी - प्रतिनिधित्व देने के लिए SC-ST से पहले OBC के लिए 340 आर्टिकल उसके बाद SC  के लिए 341 आर्टिकल एवं ST के लिए 342 आर्टिकल का संविधान मे लिखित प्रावधान किया है|

  देश मे OBC(पिछड़ा वर्ग) की आबादी (वोटो की संख्या)  आधे से ज्यादा है और OBC को अपने वोटो (votes) के संख्या के ताकत को समझना है| 70 सालों से OBC(पिछड़ा वर्ग) के बहुसंख्यक वोटों (votes) से ही केंद्र की प्रदेशों के सरकारे चुनती है/ बनती है परंतु OBC(पिछड़ा वर्ग) को समझना है कि कोनसा समूह OBC(पिछड़ा वर्ग) की 70 सालो से जातीय जनगणना पृथक से नही होने  दे रहे है और खुलम- खुला विरोध भी करते है| 
     OBC के वोटों (votes) का उपयोग केंद्र एवं प्रदेशों की सरकारे बनने के बाद जैसा की केला खाकर छिलका फेंक दिया जाता हैं| OBC को गंभीरता से अपनी वोटों के दुरपयोग को समझना है और वोटों की ताकत को समझना है| OBC(पिछड़ा वर्ग) के बुद्धिजीवीयों की जिम्मेदारी है कि समझने कि लोकतंत्र मे वोटों  से  बड़ी कोई ताकत नही है| 
     
      मैं समाज सेवक चंद्रशेखर पंडोले  देश हित मे लोकतंत्र की सफलता के लिए OBC (पिछड़ा वर्ग) से अनुरोध करता हुं कि प्रत्येक गाव - नगर के अपने घरों के बाहर दिवालो पर लिखे या पोस्टर - फ्लेक्स में लिखे - 2021 जनगणना वर्ष मे OBC (पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जनगणना कराई जाए| सामान्य वर्ग मे OBC की जनगणना नहीं करे| 

   OBC (पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जनगणना कराने की मांग के संघर्ष में SC-ST साथ है| 
    27 सितंबर 2021 को 3 बजे मैं समाज सेवक चंद्रशेखर पंडोले   OBC (पिछड़ा वर्ग) की पृथक से जनगणना कराने  दिल्ली संसद भवन के सामने डा. बाबा साहेब आंबेडकर  के कदमो मे  सिर पटक - पटककर  डा. बाबा साहेब आंबेडकर जी का मिशन अधूरा पुरा करने कदमो मे कुर्बान कर दूंगा||
   
निवेदक - समाज सेवक चंद्रशेखर पंडोले  

मोबाइल नंबर - 9752719293

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