विशेष रिपोर्ट

जर्मन के वैज्ञानिकों ने तांबे के धात्विक कणों का उपयोग कर चूहों के कैंसर का किया इलाज

 जर्मन के वैज्ञानिकों ने तांबे के धात्विक कणों का उपयोग कर चूहों के कैंसर का  किया इलाज

एजेंसी 

नई दिल्ली: कैंसर जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी से विश्व भर में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। भारत में भी इस बीमारी का खतरा तेजी से बढ़ा है। दूसरी तरफ कैंसर की रोकथाम के लिए वैज्ञानिक लगातार प्रयोग कर रहे हैं। इसी प्रयास में एक नया प्रयोग भी सामने आया है। इसमें जर्मनी के वैज्ञानिकों ने तांबे के धात्विक कणों का उपयोग कर चूहों के कैंसर का इलाज किया। अभी मनुष्य पर इसका प्रयोग नहीं किया गया है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले चरण में इसका उपयोग मानव पर किया जाएगा। इस तरह का प्रयोग सफल होने पर दुनिया भर में कैंसर मरीजों को राहत भरी खबर मिली है। प्रोफैसर सोएनेन ने कहा कि अमरीका, एशिया में नैनो मैडीसिन का प्रयोग बढ़ रहा है, लेकिन यूरोप इसमें पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में आगे बढऩा एक चुनौती है।

कैसे शोध : कैंसर उत्पन्न कर पार्टिकल डाले
शोधकर्त्ताओं के अनुसार पहले उन्होंने लैब में चूहों के एक समूह में कैंसर उत्पन्न किया। इसके बाद तांबा और ऑक्सीजन से बने कॉपर ऑक्साइड के नैनो पार्टिकल को चूहों के शरीर में बने ट्यूमर में इंजैक्ट किया। यह कॉपर ऑक्साइड मनुष्य के बाल से भी सैंकड़ों गुना पतला था। इससे चूहों के शरीर से कैंसर गायब हो गया। इसके बाद जब शोधकर्त्ताओं ने फिर से चूहों के शरीर में कैंसर इंजैक्ट किया तो प्रतिरक्षा प्रणाली ने उसे नष्ट कर दिया।

अन्य धातुओं से इलाज खोजा जाएगा
जर्मनी के के.यू. लेवेन विश्वविद्यालय के प्रोफैसर स्टेफन सोनेन और डा. बेला मानशियान ने कहा कि अगले चरण में हम अन्य धातुओं के भी नैनो कणों को बनाएंगे। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कौन-सा धातु किस तरह के कैंसर से लड़ने में सक्षम होगा। अध्ययन में चूहों को फेफड़े और आंत्र में कैंसर दिए गए थे। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि तांबा ऑक्साइड स्तन और डिम्बग्रंथि के अन्य रूपों में काम कर सकता है।

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