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गेहूं निर्यात पर लगा बैन... दो दिन पहले केंद्र सरकार ने निर्यात को बढ़ाने का रखा था लक्ष्य

गेहूं निर्यात पर लगा बैन... दो दिन पहले केंद्र सरकार ने निर्यात को बढ़ाने का रखा था लक्ष्य

एजेंसी 

नई दिल्ली: भारत ने गेहूं के निर्यात पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लागू कर दिया है. यह फैसला तब आया है, जब अभी भारत ने गेंहू के निर्यात को बढ़ाने का लक्ष्य रखा था. गेंहू के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक प्रतिनिधिमंडल भी गठित किया था. इस प्रतिनिधिमंडल को गेहूं के निर्यात को बढ़ावा देने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए मोरक्को, ट्यूनीशिया और इंडोनेशिया सहित नौ देशों में भेजने की बात सामने आई थी. लेकिन इस घोषणा के ठीक दो दिन बाद ही सरकार ने तत्काल प्रभाव से गेंहू के निर्यात पर रोक लगा दी.

हालांकि योजना में अचानक बदलाव के बारे में पूछे जाने पर, सरकारी सूत्रों ने कहा कि चीन भारत से खाद्यान्न ले रहा है क्योंकि फसल के नुकसान के कारण वहां खाद्य सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं. लगातार पांच वर्षों की रिकॉर्ड फसल के बाद, भारत ने अपने गेहूं के उत्पादन के अनुमान को फरवरी के 111.3 टन के अनुमान से घटाकर 105 मिलियन टन कर दिया, जब गर्मी की वजह से फसल की पैदावार प्रभावित हुई थी.

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, भारत ने बढ़ती घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने लिए ये फैसला लिया है. डीजीएफटी ने कहा, 'गेहूं की निर्यात नीति तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित है...'यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार द्वारा अन्य देशों को उनकी खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए और उनकी सरकारों के अनुरोध के आधार पर दी गई अनुमति के आधार पर गेहूं के निर्यात की अनुमति दी जाएगी.

एक अलग अधिसूचना में, डीजीएफटी ने प्याज के बीज के लिए निर्यात शर्तों को आसान बनाने की घोषणा की. देशभर में पिछले काफी समय से खाद्य सामग्री के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. जिस वजह से लोगों की परेशानी भी बढ़ रही है. अनुमान है कि देश में पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ खाद्य पदार्थ भी महंगे होते जा रहे हैं. खाद्य तेल के दाम जहां आसमान छू रहे हैं. जबकि गेहूं के आटे के दाम भी बढ़ गए हैं.

एक जानकारी के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले आटे की कीमत करीब 13 फीसदी बढ़ गई है. खुदरा बाजार में अब आटे की अधिकतम कीमत 59 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है. खुदरा बाजारों में गेहूं के आटे की औसत कीमत सोमवार को 32.91 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत अधिक है. सरकारी आंकड़ों में यह बताया गया है. 

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