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धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषणों के मामले की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट...

धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषणों के मामले की जांच करेगा सुप्रीम कोर्ट...

एजेंसी 

नई दिल्ली : उत्तराखंड के हरिद्वार में धर्म संसद के नाम से हुए आयोजन में मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ भाषणों के मामले की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 'धर्म संसद' के भाषणों की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका को स्वीकार करते हुए इस पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ता की ओर से चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने ये मामला उठाया।

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मामले की जांच की मांग करते हुए इस तरह के आयोजनों पर चिंता जताई। अदालत के सामने सिब्बल ने कहा कि देश में हमेशा से सत्यमेव जयते का नारा लगा है लेकिन ऐसा लगता है कि इसकी जगह अब शस्त्रमेव जयते ले रहा है। ये गंभीर विषय है और इसकी जांच जरूरी है। इस पर चीफ जस्टिस रमन्ना ने मामले पर सुनवाई की बात कही।

क्या है मामला? 

उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में 17 से 19 दिसंबर के बीच धर्म संसद नाम का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में हिन्दू धर्म को लेकर बातें होने का दावा किया गया। इस कार्यक्रम में हुए भाषणों के वीडियो सोशल मीडिया पर आए तो इसको लेकर हंगामा हो गया। इन वीडियो में कार्यक्रम में शामिल लोग धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने, मुस्लिमों की आबादी कम करने और हिंसा का आह्वान करते नजर आए। 

इस मामले में टीएमसी नेता साकेत गोखले ने हरिद्वार के ज्वालापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, इस धर्म संसद का आयोजन यति नरसिंहानंद ने किया था। कार्यक्रम में हिंदू रक्षा सेना के प्रबोधानंद गिरी, सुरेश चव्हाण, भाजपा महिला विंग से जुड़ी उदिता त्यागी और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय मौजूद थे।

सुप्रीम कोर्ट के वकील भी जता चुके चिंता 

धर्म संसद के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषणों पर सुप्रीम कोर्ट के 76 वकीलों की ओर से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमणा को चिट्ठी लिखी जा चुकी है। इस चिट्ठी में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले में संज्ञान लेने को कहा है। चिट्ठी में कहा गया है कि भाषणों में खुलेआम एक पूरे समुदाय की हत्या के लिए आह्वान किया गया है, जो बहुत चिंता की बात है। चिट्ठी लिखने वाले वकीलों में सलमान खुर्शीद, दुष्यंत दवे, प्रशांत भूषण, वृंदा ग्रोवर के नाम शामिल हैं।

 

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