टॉप स्टोरी

पीएम मोदी ने की श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात, कहा- सम्मान की बात है की राजपक्षे ने पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना

पीएम मोदी ने की श्रीलंका के राष्ट्रपति से मुलाकात, कहा- सम्मान की बात है की राजपक्षे ने पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना

नई दिल्ली : श्रीलंका में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद भारत दौरे पर आए नवनियुक्त राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का शुक्रवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने उनकी अगवानी की। उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की।
मोदी ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों के बीच वार्ता फलदायक रही। साथ ही उन्होंने आतंकवाद से निपटने के लिए उनके साथ पांच करोड़ डॉलर का समझौता करने का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति राजपक्षे ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना।

उन्होंने कहा कि स्थिर श्रीलंका न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र के हित में है। प्रधानमंत्री ने कहा हमारी बातचीत काफी फलदायक रही। मैंने श्रीलंकाई राष्ट्रपति को आश्वासन दिया है कि भारत की शुभेच्छा और सहयोग हमेशा श्रीलंका के साथ है। मोदी ने कहा कि भारत की 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ऋण सुविधा श्रीलंका के विकास को आगे बढ़ाएगी। साथ ही सुरक्षा संबंधी मसलों से निपटने के लिए श्रीलंका को पांच करोड़ डॉलर देने का एलान भी किया।

मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि नई सरकार श्रीलंका में तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। वहीं गोटबाया ने मुलाकात के बाद कहा हमारी बातचीत फलदायक रही। बातचीत का केन्द्र सुरक्षा सहयोग रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी बातचीत में आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा हुई।

पीएम मोदी ने कहा कि श्रीलंकाई अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारत 400 मिलियन डॉलर का लाइन क्रेडिट भी देगा। भारतीय आवास परियोजना के तहत श्रीलंका में 46,000 घर पहले ही बन चुके हैं जबकि 14,000 घर भविष्य में तमिल मूल के लोगों के लिए बनाए जाएंगे। इसके अलावा श्रीलंका को सौर परियोजनाओं के लिए भारत ने 100 मिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमने श्रीलंका में सुलह पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया। राष्ट्रपति राजपक्षे ने मुझे जातीय सद्भाव पर अपने समावेशी राजनीतिक दृष्टिकोण के बारे में बताया। मेरा मानना है कि श्रीलंका सरकार तमिलों की समानता, न्याय, शांति और सम्मान की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सुलह की आगे की प्रक्रिया अपनाएगी।

वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा कि हम हिरासत में ली गईं भारतीय नौकाओं को छोड़ने के लिए कदम उठाएंगे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के सम्मान में औपचारिक भोज का आयोजन करेंगे। बता दें कि गोटबाया राजपक्षे गुरुवार को अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा पर तीन दिन के लिए भारत पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति राजपक्षे का केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने एयरपोर्ट पर स्वागत किया। 

राजपक्षे के सचिव पीबी जयसुंदर और प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के सलाहकार ललित वीरतुंगा भी उनके साथ यहां आए हैं। भारत ने भी नई श्रीलंकाई सरकार के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। गोटबाया के राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर उन्हें शुभकामना दी थी।

राष्ट्रपति गोटबाया की यात्रा के विरोध में मारूमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के नेता वाइको ने गुरुवार को दिल्ली में समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन ले गई।

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email