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कांग्रेस का दावा, विधायकों को लुभाने ले लिए 25 से 50 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है बीजेपी

कांग्रेस का दावा, विधायकों को लुभाने ले लिए 25 से 50 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है बीजेपी

एजेंसी 

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीज जारी सियासी खींचतान के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता नितिन राउत ने दावा किया है कि महाराष्ट्र में बीजेपी नेताओं ने पैसे के साथ कुछ कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने की कोसिश की है। बता दें कि इससे पहले शिवसेना ने आरोप लगाया था कि बीजेपी शिवसेना के विधायकों को भी पैसे के दम पर खरीदने की कोशिश कर रही है। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र में कांग्रेस नेता नितिन राउत ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि भाजपा के कुछ नेताओं ने पैसे के साथ कांग्रेस के कुछ विधायकों से संपर्क साधा है। कल हमारे एक या दो विधायकों को करीब 25 करोड़ का ऑफर किया गया। कर्नाटक में जिस तरह की हॉर्स ट्रेडिंग देखने को मिली, वैसा यहां न हो, इसके लिए हम पूरी कोशिश करेंगे। 

वहीं, समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में पार्टी बदलने के लिए विधायकों को ''25 करोड़ रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक देने की पेशकश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों को भी इस तरह के प्रस्तावों के साथ फोन पर संपर्क किया गया है। निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि शिवसेना ने दावा किया है कि उनके एक विधायक को पार्टी बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमारे विधायकों से भी संपर्क किया जा रहा है। विधायकों को 25 से 50 करोड़ रुपये की पेशकश कर लुभाने की कोशिश की जा रही है।”

बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने नव निर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है। यह बैठक ऐसे समय बुलाई गयी है जब इन विधायकों को जयपुर ले जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि सभी 44 कांग्रेस विधायक बैठक में भाग लेंगे जिसमें महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होगी। राज्य में चुनाव परिणाम घोषित होने के दो सप्ताह बाद भी नई सरकार बनने का कोई संकेत नहीं है।

सूत्रों ने कहा कि पार्टी अपने विधायकों के दलबदल की आशंका के कारण सावधानी बरत रही है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस विधायकों को जयपुर ले जाया जा सकता है। सूत्रों ने इस तरह के किसी भी कदम की पुष्टि नहीं की। शिवसेना के विधायकों को गुरुवार को सरकार गठन को लेकर जारी उठापटक के बीच बांद्रा के रंगशारदा होटल में स्थानांतरित कर दिया गया। 

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है। लेकिन भाजपा और शिवसेना के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें होने के बावजूद सत्ता-बंटवारे को लेकर आपस ठनी हुई है। भाजपा के पास सबसे अधिक 105 सीटें हैं। भाजपा नेताओं ने गुरुवार को राज्यपाल बी एस कोश्यारी से मुलाकात की लेकिन सरकार बनाने का कोई दावा नहीं किया। शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में गुरुवार को पार्टी के नए विधायकों की एक घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई। इस बैठक में विधायकों ने कथित तौर पर पदों और जिम्मेदारियों के समान बंटवारे की मांग दोहराई।

गौरतलब है कि भाजपा और शिवसेना, दोनों के पास गठबंधन कर अगली सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें हैं लेकिन सत्ता में बराबर की साझेदारी खासकर मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों के बीच खींचतान जारी है। शिवसेना का दावा है कि दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में तय किया था कि राज्य में पदों की बराबर साझेदारी होगी। पार्टी के अनुसार, भाजपा ने मुख्यमंत्री पद सहयोगी दल के साथ साझा करने की व्यवस्था का पालन नहीं किया है।

महाराष्ट्र में 288 सीटों के लिये 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को 161 सीटें मिली थीं जो सरकार बनाने के लिये जरूरी 145 के आंकड़े से ज्यादा है, लेकिन मुख्यमंत्री किस पार्टी का होगा इसे लेकर जारी गतिरोध के चलते अब तक नयी सरकार का गठन नहीं हुआ है। चुनावों में भाजपा के खाते में 105 सीटें आई हैं। शिवसेना को 56, राकांपा को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं।

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