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कश्मीर के हालात पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, UN चीफ ने कही ये बात

कश्मीर के हालात पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, UN चीफ ने कही ये बात

एजेंसी 

जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने और जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख को दो केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को की थी.

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कश्मीर के हालात पर चिंता जताई, साथ ही कहा कि भारत में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के कुछ कर्मी कश्मीर में काम कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने मंगलवार को संवाददाताओं से नियमित बातचीत में कहा, ‘हम कश्मीर के हालात पर यकीनन चिंतित हैं और यह चिंता लगातार बनी हुई है. मेरा मानना है कि हमारे कुछ मानवीय सहायताकर्मी...भारत में संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के हमारे कुछ कर्मी वहां काम कर पा रहे हैं.'

उन्होंने कहा कि उन्हें इस पर अभी और जानकारी मिलनी बाकी है. प्रवक्ता से ‘न्यूयॉर्क टाइम्स'की एक रिपोर्ट के बारे में पूछा गया था कि कश्मीर में संचार पूरी तरह से बंद होने के कारण वहां के लोगों को चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल पा रही है. ऐसे हालात में संयुक्त राष्ट्र जरूरतमंदों की मदद के लिए क्या करने जा रहा है.

वहीं, अमेरिका में ‘सीनेट इंडिया कॉकस' के सह-अध्यक्ष एवं डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने मंगलवार को कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में लोगों की आवाजाही और संचार पर लगे ‘प्रतिबंधों के कारण व्यथित' हैं. वार्नर ने भारत सरकार से अपील की कि वह प्रेस, सूचना एवं राजनीतिक भागीदारी की आजादी देकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करे.

सीनेटर वार्नर ने ट्वीट किया, ‘मैं इस बात को समझता हूं कि भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताएं जायज हैं, लेकिन मैं जम्मू-कश्मीर में संचार एवं लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंधों से व्यथित हूं.' उन्होंने कहा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि भारत प्रेस, सूचना एवं राजनीतिक भागीदारी की स्वतंत्रता देकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करेगा.'

बता दें, जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने और जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख को दो केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा केन्द्र सरकार ने पांच अगस्त को की थी. इसके बाद से कश्मीर भर में कड़ी पाबंदियां लगा दी गई थी.

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