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अलवर मॉब लिंचिंग चार्जशीट: राजस्थान सरकार ने कहा- जांच में गड़बड़ी पाई जाने पर होगी दोबारा जांच

अलवर मॉब लिंचिंग चार्जशीट: राजस्थान सरकार ने कहा- जांच में गड़बड़ी पाई जाने पर होगी दोबारा जांच

मीडिया रिपोर्ट 

जयपुर : राजस्थान के अलवर में गोरक्षा के नाम पर हुई पहलू खान की हत्या के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है. चार्जशीट में पुलिस ने पहलू खान और उनके दोनों बेटों (इरशाद, आरिफ) को राजस्थान गोजातीय पशु (वध पर प्रतिबंध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात का विनियमन) कानून एवं नियमों की धारा 5, 8 और 9 के तहत नामजद किया है. 24 मई को राजस्थान पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी.

पहलू खान को अप्रैल 2017 में भीड़ ने पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था, बाद में उसकी मौत हो गई थी. तब राजस्थान में बीजेपी की सरकार थी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी पर एक खास समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के आरोप लगाए थे. अब कांग्रेस राजस्थान में सत्ता में है और पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है.


चार्जशीट दाखिल किए जाने को लेकर हो रहे विवादों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जरूरत हुई तो दोबारा जांच की जाएगी. उन्होंने कहा, ''इस मामले की जांच पूर्व में बीजेपी सरकार के दौरान की गई थी और चार्जशीट पेश की गई थी.  अगर जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाएगी, तो मामले की फिर से जांच की जाएगी.''


पहलू खान के खिलाफ पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ''राजस्थान के मुस्लिमों को यह निश्चित तौर पर समझना होगा कि कांग्रेस का सत्ता में होना बीजेपी का ही एक रूप है. ऐसे व्यक्तियों/संगठनों को अस्वीकार करना होगा जो कांग्रेस पार्टी की दलाली करते हैं और उन्हें अपना स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाना चाहिए, बदलाव के लिए 70 साल काफी होते हैं. कृप्या बदलें.''

वहीं 2017 में पहलू खान की भीड़ द्वारा किए जाने के बाद चर्चा में आए बीजेपी नेता ज्ञान देव आहूजा ने कहा कि मेरा दावा बिल्कुल ठीक हुआ. उन्होंने कहा, ''पहलू खान, उसके भाई और बेटे आदतन अपराधी थे और लगातार गो तस्करी में शामिल थे. गो रक्षक और हिंदू परिषद पर लगाए गए सभी आरोप गलत थे.''

अलवर से विधायक रहे आहूजा ने कहा, ''स्थानीय लोगों ने पहलू खान की गाड़ी को पकड़ा जिसमें वे गायों की तस्करी कर रहे थे और उन्होंने सिर्फ उन्हें रोका था. उनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने उनकी पिटाई नहीं की थी. अब जब उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है, तो कांग्रेस श्रेय ले रही है. लेकिन कांग्रेस ने तब उनके परिवार को वित्तीय मदद दी थी.''

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