राष्ट्रीय

शौचालय के गंदे पानी में श्रद्धालु कैसे विसर्जित करेंगे जवारे...

शौचालय के गंदे पानी में श्रद्धालु कैसे विसर्जित करेंगे जवारे...

 राकेश यादव

नगर पालिका की विफलताओं का परिणाम माँ दुर्गा का स्वच्छ विसर्जन स्थल का ना होना

छिंदवाड़ा/जुन्नारदेव- इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ नवरात्री मनाई जा रही है। संकल्प शक्ति का प्रतीक और मनोकामना पूर्ण की कामना का परम पावन व्रत नवरात्रि शनै शनै अपने अंतिम दिन की ओर बढ़ रहा है ओर दिन प्रतिदिन माँ की भक्ति में लीन श्रद्धालुओ के मन मे माँ दुर्गा से बिछड़ने की पीड़ा बढ़ते जा रही है साथ ही श्रद्धालुओं को यह भी पीड़ा है कि माँ का विसर्जन एक बार फिर गंदगी से भरे गंदे पानी मे करना होगा नपा द्वारा हर बार की तरह इस बार भी घाट पर पानी रोकने के लिए यहां बने स्टापडेम के माध्यम से पानी का संग्रहण किया जाता है। वर्तमान में नपा द्वारा स्टापडेम के गेट  मिट्टी से भर कर अस्थाई कुंड बनाकर विसर्जन कराया जाता है।प्रतिवर्ष यह समस्या रहती है। इसका स्थाई समाधान किया जा सकता है, लेकिन नपा प्रशासन हमेशा  सिर्फ अस्थाई व्यवस्था कर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लेता है 

शौचालय के गंदे पानी में श्रद्धालु कैसे विसर्जित करेंगे जवारे 

भाजपा की नई परिषद इस ज्वलंत मुद्दे का ठोस हल निकाल पाती है या फिर वंही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ करती है यह तो भविष्य के गर्त में है 

नगरपालिका द्वारा किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। यहां नपा द्वारा बनाए गए अस्थाई कुंड में नालियों का दूषित पानी मिल रहा है वही नगर की धार्मिक आस्था को चोट पहुचने के लिए इस बार नगर पालिका द्वारा विसर्जन स्थल पर मिलने वाली नाली पर ही नगर पालिका द्वारा सार्वजनिक शौचालय लगा दिया गया है और जिससे निकलने वाला गंदा पानी नाली से होकर विसर्जन स्थल में मिल रहा है और आमजन की धार्मिक आस्था से खिलवाड़ करने में लगी है

अब अधिकतर प्रतिमाओ का विसर्जन नगर के आस पास अन्य स्वच्छ जल से भरे स्थानों पर किये जा रहे है और शास्त्रों के अनुसार मूर्ती विसर्जन सूर्योदय के पहले ओर साफ व स्वच्छ स्थान पर ही किया जाना चाहिये लेकिन नगर पालिका ओर प्रशासन द्वारा हर बार व्यवस्था के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है 

दिली भावनाओ को लगती है हर बार ठेस लोगो की दिली भावनाएं जुड़ी होती है कई दिनों तक सेवा के पश्चात गणेश उत्सव ओर दुर्गा उत्सव में कई बार विसर्जन स्थल पर आमजन के आंखों में आंसू भी देखे जा सकते है अपने इष्ट से बिछड़ने का वो पल गमगीन कर जाता है लेकिन विसर्जन के समय और हर बार नगर पालिका इस जंन भावनाओं से खिलवाड़ करती आ रही है अब भाजपा के हाथों में है नगर पालिका की बागडोर ओर देखना होगा कि भाजपा की परिषद इस ज्वलंत मुद्दे का क्या हल निकालती है या फिर वंही ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ करती है

More Photo

    Record Not Found!


More Video

    Record Not Found!


Related Post

Leave a Comments

Name

Contact No.

Email