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कैबिनेट सचिव की कार्यकाल बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने बदला 60 साल पुराना नियम

कैबिनेट सचिव की कार्यकाल बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने बदला 60 साल पुराना नियम

एजेंसी 

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने शुक्रवार (7 जून, 2019) को कैबिनेट सचिव प्रदीप कुमार सिन्हा को सेवा में तीन महीने का विस्तार दिया है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने एक प्रेस स्टेटमेंट में इसकी जानकारी दी। मौजूदा नियमों के मुताबिक एक कैबिनेट सचिव का विस्तार सहित कुल कार्यकाल चार साल से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। शुक्रवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक प्रदीप कुमार सिन्हा को विस्तार देने के लिए केंद्र ने ऑल इंडिया सर्विसेज (मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 में संशोधन किया है।

संधोधन में कहा गया, ‘यदि ऐसा करने के लिए केंद्र सरकार सार्वजनिक हित में आवश्यक समझती है, तो एक और अवधि के लिए सेवा में विस्तार दे सकती है। यह तीन महीने से अधिक ना हो।’ पुराने ऑल इंडिया सर्विसेज (DCRB) नियम, 1958 के मुताबिक सरकार कैबिनेट सचिव को सेवा विस्तार दे सकती है, लेकिन उनका कुल कार्यकाल चार साल से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। खास बात है कि कुमार को सेवा में विस्तार देने के लिए केंद्र ने 60 साल पुराने नियम में बदलाव किया है। कैबिनेट सचिव की नियुक्ति दो साल के तय कार्यकाल के लिए होती है।

अब संशोधित नियमों के अनुसार, केन्द्र सरकार चार साल के कार्यकाल के बाद भी कैबिनेट सचिव को अधिकतम तीन महीने का कार्य विस्तार दे सकती है। नियम में बदलाव के तुरंत बाद सरकार ने सिन्हा को तीन महीने का कार्य विस्तार देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सिन्हा कैबिनेट सचिव के तौर पर सबसे लंबे वक्त तक काम करने वाले देश के पहले नौकरशाह बन जाएंगे। सिन्हा को तीसरी बार कार्य विस्तार दिया गया है, इससे पहले उनका कार्यकाल 2017 और 2018 में एक-एक साल के लिए बढ़ाया गया था।

इस मामले में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति मामलों की समिति ने 12 जून, 2019 के बाद सिन्हा को तीन महीने का कार्य विस्तार दिया है। सिन्हा को मई 2015 में दो साल के लिए कैबिनेट सचिव नियुक्त किया गया था।

 

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