केतन केस में नया मोड़! सिया के भाई साहिल ने खोले कई अहम राज
Ketan Agrawal Murder Case latest updates : पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है इसमें रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस पूछताछ में अब आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल और केतन के परिवार के नए बयानों ने इस पूरे मामले को एक अलग ही दिशा दे दी है। दोनों परिवारों के बयानों से साफ है कि यदि सिया जरा सा भी विरोध करती तो इस शादी को रोका जा सकता था, लेकिन उसने बताने के बजाय मर्डर का खौफनाक रास्ता चुना।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने जब सिया गोयल के बड़े भाई साहिल गोयल से लंबी पूछताछ की तो कई अहम बातें सामने आईं। जांचकर्ताओं ने साहिल से पूछा कि क्या परिवार को इस बात की भनक थी कि सिया इस शादी से खुश नहीं है? इस पर साहिल ने पुलिस को बताया, "सिया ने कभी भी केतन से शादी को लेकर कोई आपत्ति या नाराजगी नहीं जताई थी। अगर उसने अपनी मर्जी के बारे में हमें बताया होता तो परिवार उसकी शादी चेतन चौधरी से कराने के लिए भी तैयार हो जाता।"
साहिल ने पुलिस से कहा, "हमें चेतन से क्या दिक्कत होती? वह भी हमारे ही समाज से आता है, एक प्रतिष्ठित बिजनेस फैमिली से ताल्लुक रखता है और आर्थिक रूप से हमारे जितना ही संपन्न है।"
दूसरी तरफ केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने भी पुलिस के सामने इसी तरह की बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को दूर-दूर तक इस बात का अंदाजा नहीं था कि सिया उनके बेटे से शादी नहीं करना चाहती थी। केतन के पिता ने बेहद भावुक होकर पुलिस से कहा, "हम एक बेहद संपन्न और संभ्रांत परिवार से हैं। अगर हमें जरा सा भी मालूम होता कि लड़की की मर्जी नहीं है तो हम यह रिश्ता वहीं रोक देते। हमारे बेटे के लिए लड़कियों की कोई कमी नहीं थी, हम कोई दूसरा अच्छा रिश्ता ढूंढ लेते।"
सिया की अजीब दलील
इससे पहले की पूछताछ में मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पुलिस के सामने जो कबूलनामा किया था, उसने पेशेवर अपराधियों को भी चौंका दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिया ने जांचकर्ताओं से कहा कि अपने परिवार को शादी के लिए मना करने और उनका दिल दुखाने से कहीं ज्यादा आसान उसे अपने मंगेतर केतन की हत्या करना लगा। कस्टडी में पूछताछ के दौरान सिया ने रोते हुए कहा कि वह परिवार में अपनी छवि खराब नहीं करना चाहती थी और न ही उन्हें कोई ठेस पहुंचाना चाहती थी, इसलिए उसने सच बताने के बजाय केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक रास्ता चुना।
17 जून की कैफे मीटिंग
पुलिस अब इस मामले में तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों को मजबूत करने में जुटी है, क्योंकि आरोपियों ने शातिर तरीके से सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी। पुलिस की रडार पर अब 17 जून यानी कि मर्डर से ठीक एक दिन पहले की वो मुलाकात है, जब सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पुणे के लुलानगर इलाके के एक कैफे में मिले थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे के बीच करीब एक घंटे तक वहां मौजूद थे। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसी मीटिंग में केतन को खाई में धकेलने की आखिरी स्क्रिप्ट लिखी गई थी।
फॉरेंसिक लैब भेजे गए मोबाइल
आरोपियों ने लोहगढ़ किले की घटना के पहले और बाद की अपनी सारी डिजिटल एक्टिविटी डिलीट कर दी थी। उन्होंने न सिर्फ व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के चैट्स हटाए, बल्कि मोबाइल का रीसायकल बिन भी पूरी तरह साफ कर दिया था। अब फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स इन डिवाइस को खंगाल रहे हैं ताकि डिलीट किए जा चुके डेटा और मैसेज ट्रेल को दोबारा रिकवर कर कोर्ट के सामने पुख्ता सबूत पेश किया जा सके।(एजेंसी)



















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