गरियाबंद/फिंगेश्वर : सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए शिक्षक परमानंद ध्रुव की विधवा द्वारा शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता ने संयुक्त संचालक (जेडी) शिक्षा रायपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि उनके पेंशन प्रकरण को तैयार करने एवं प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार साहू एवं लिपिक मोहेश्वर मार्कण्डेय द्वारा ₹50 हजार की मांग की गई। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पिछले एक वर्ष से लगातार कार्यालयों के चक्कर कटवाए जा रहे हैं।

पीड़िता के अनुसार, पति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद वह अपने वैधानिक पेंशन एवं शासकीय लाभ प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन उनका प्रकरण समय पर पूरा नहीं किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद कार्यालय में शिकायत पत्र प्रस्तुत किया, तब उन्हें कथित रूप से यह कहकर डराया-धमकाया गया कि — “तुमने उच्च कार्यालय में शिकायत की है, अब तुम्हारा काम उच्च कार्यालय से होकर आएगा, तब ही होगा।”
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बातों से उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। उन्होंने जेडी रायपुर से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
एक ओर जहां परिवार अपने सदस्य को खोने के दुख और आर्थिक संकट से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर यदि शासकीय लाभ पाने के लिए किसी पीड़ित को लंबे समय तक भटकना पड़े और कथित रूप से इस प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़े, तो यह प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।अब देखना होगा कि शिकायत के बाद शिक्षा विभाग इस मामले की जांच किस स्तर पर करता है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधितों पर क्या कार्रवाई होती है।





























