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महासमुंद में खुशियों के पांच दिन: चतुर्थ दिवस पर योग शक्ति आस्था दीदी ने बताया आकर्षण और गुरुत्वाकर्षण का जीवन सूत्र

महासमुंद में खुशियों के पांच दिन: चतुर्थ दिवस पर योग शक्ति आस्था दीदी ने बताया आकर्षण और गुरुत्वाकर्षण का जीवन सूत्र

रिपोर्टर मयंक गुप्ता 

महासमुंद : शहर में आयोजित खुशियों के पांच दिन कार्यक्रम के चौथे दिन वातावरण ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक विचारों से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित योग शक्ति आस्था दीदी ने आकर्षण के सिद्धांत, गुरुत्वाकर्षण के नियम और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के महत्व पर प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उनके विचारों ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

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आस्था दीदी ने कहा कि मनुष्य के भीतर मौजूद ऊर्जा ही उसके जीवन की दिशा तय करती है। जो शक्ति हमारे अंदर जागृत होती है, वह बाहर से नहीं आती, बल्कि हमारे विचार, कर्म और मानसिक स्थिति से उत्पन्न होती है। इंसान चाहे तो अपने जीवन को बेहतर बना सकता है और चाहे तो उसे नकारात्मकता की ओर भी मोड़ सकता है। यह पूरी तरह व्यक्ति की सोच और जीवनशैली पर निर्भर करता है।

उन्होंने कहा कि "समान चीजें समान चीजों को आकर्षित करती हैं" यह केवल एक कथन नहीं, बल्कि जीवन का गहरा सिद्धांत है। हमारे विचार, भावनाएं और विश्वास एक चुंबकीय ऊर्जा की तरह कार्य करते हैं, जो वैसी ही परिस्थितियों और लोगों को हमारी ओर आकर्षित करते हैं। यदि व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है तो उसके जीवन में सकारात्मक अवसर, अच्छे संबंध और सफलता के रास्ते खुलते हैं। वहीं नकारात्मक सोच रखने वाला व्यक्ति अक्सर तनाव, असफलता और निराशा को अपनी ओर खींचता है।

उन्होंने समझाया कि व्यक्ति को वही प्राप्त होता है, जैसा वह भीतर से होता है। केवल इच्छाएं रखने से कुछ नहीं होता, बल्कि अपनी मानसिकता, व्यवहार और ऊर्जा को भी वैसा बनाना पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति सफलता चाहता है तो उसे सफल व्यक्ति जैसी सोच, अनुशासन और मेहनत भी अपनानी होगी।

आस्था दीदी ने बताए आकर्षण सिद्धांत के प्रमुख सूत्र

  • विचार ही भविष्य बनाते हैं – जैसा सोचेंगे, वैसा जीवन बनेगा।
  • भीतरी ऊर्जा सबसे महत्वपूर्ण है – आप जैसा महसूस करते हैं, वैसी परिस्थितियां बनती हैं।
  • समान सोच वाले लोग जुड़ते हैं – अच्छे विचार अच्छे लोगों को जोड़ते हैं।
  • एकाग्रता सफलता की कुंजी है – लक्ष्य पर केंद्रित रहना जरूरी है।
  • कृतज्ञता और सकारात्मकता जरूरी है – धन्यवाद भाव जीवन में नई खुशियां लाता है।

उन्होंने कहा कि आज समाज में तनाव, चिंता और असंतोष का बड़ा कारण नकारात्मक सोच है। यदि इंसान प्रतिदिन कुछ समय अपने मन, शरीर और विचारों को सकारात्मक दिशा दे, तो जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन शामिल हुए। सभी ने आस्था दीदी के विचारों को सराहा और इसे जीवन बदलने वाला संदेश बताया। चौथे दिन का यह आयोजन लोगों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का स्रोत बना।

खुशियों के पांच दिन कार्यक्रम के आगामी दिवसों को लेकर भी लोगों में उत्साह बना हुआ है। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी प्रेरक सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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