महासमुन्द

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पांच दिवसीय कार्यक्रम में जीवन के महत्व पर विशेष प्रवचन

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पांच दिवसीय कार्यक्रम में जीवन के महत्व पर विशेष प्रवचन

संवाददाता: प्रभात मोहंती

महासमुन्द : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय सेवाकेंद्र उपकार भवन नयापारा वार्ड में पांच दिवसीय  खुशियों के पांच दिन के उपर एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में सिवनी मध्यप्रदेश से पधारी ब्रम्हा कुमारी आस्था दीदी जी ने अपने अनमोल वचनों में बताया, मनुष्य जीवन परमात्मा का अमूल्य उपहार है, मनुष्य इस संसार में सबसे बुद्धिमान प्राणी माना जाता, लेकिन इस संसारिक आकर्षण और मोह माया में फंसकर वह अपनी मूल स्वरूप को , आपने आदि और अनादि संस्कार को भूल चूका है,

हमें अपने जीवन में पुनः खुशियों को वापस हासिल करने के लिए कुछ मूल्यनिष्ठ बातों को अपना संस्कार बनाना होगा, यह सृष्टि एक नाटक शाला है  और हर मनुष्य को अपना अपना किरदार  प्राप्त है ,जानें अनजाने हमसे कुछ गलतियां हो जाती है तो हमें स्वयं को परमात्मा की सन्तान समझकर निस्वार्थ भाव से एक दूसरे को दिल से क्षमादान देने की आवश्यकता है ,क्योंकि माफी मांग लेने से रिश्तों की गांठ में तनाव खींचातान रहता है वह खुल जाता है ,

हम सभी चाहते हैं कि हम सदैव स्वस्थ रहें , हमारे सम्बन्ध मधुर हो, धन सम्पन्नता रहे,हर क्षेत्र में सफलता कदम चूमे आदि आदि, इसके लिए हमें एक ध्यान अभ्यास करना होगा जैसे हम शरिर को स्वस्थ रखने की एक्सरसाइज सुबह करते हैं ठीक उसी तरह सुबह सुबह आंख खुलते ही मन और मुख से जो हम जीवन में चाहते हैं उसे सकारात्मक ऊर्जा के साथ दोहराएं जैसे .. मैं सम्पूर्ण स्वस्थ हूं,मेरे सभी से बहुत अच्छे सम्बन्ध है, स्वयं भगवान मेरा साथी है, मेरे जीवन में खुशियां ही खुशियां है, मैं बहुत धनवान हूं , सफलता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है , इस अभ्यास से हमारा अन्तर्मन जाग्रत हो जाता है और सुबह सुबह इन सकारात्मक चिंतन को साकार करने में सफलता प्राप्त कर लेता है और चमत्कार हो जाता है,ये भी एक प्रकार की मन की एक्सरसाइज बन जाती है और हमारा जीवन

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