महासमुन्द

नगर पालिका के बोर से पानी की खुलेआम चोरी, उपाध्यक्ष ने पकड़ा अवैध परिवहन

नगर पालिका के बोर से पानी की खुलेआम चोरी, उपाध्यक्ष ने पकड़ा अवैध परिवहन

संवाददाता: प्रभात मोहंती

बीटीआई रोड निर्माण के ठेकेदार पर बिना रसीद लाखों लीटर पानी ले जाने का आरोप

उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने की उच्च स्तरीय जांच और वसूली की मांग

महासमुंद : महासमुंद नगरपालिका क्षेत्र में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी ने आरोप लगाया है कि बीटीआई रोड पर नाली व सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार द्वारा नगरपालिका के बोर से अवैध रूप से पानी की चोरी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि नगरपालिका प्रशासन इस पूरे मामले से बेखबर बना हुआ है, कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है।

उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने बताया कि उन्हें लंबे समय से राजामठ गेट (भलेसर रोड) स्थित बोर से पानी चोरी की शिकायत मिल रही थी। सूचना पर आज पार्षद पीयूष साहू के साथ जब वे स्वयं मौके पर पहुंचे, तो वहां लगभग 15000 लीटर क्षमता का एक बड़ा टैंकर (जिस पर बेमेतरा लिखा था) बिना किसी अनुमति या रसीद के पानी भरते पाया गया। पूछताछ करने पर टैंकर ड्राइवर ने कोई भी वैध दस्तावेज या रसीद होने से साफ इनकार कर दिया।


श्री राठी ने इस मामले में नगरपालिका के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं जल प्रभारी दुर्गेश कुंजेकर ने फोन पर चर्चा के दौरान किसी भी प्रकार की रसीद कटने की जानकारी होने से मना कर दिया। वहीं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) सलामे ने भी इस विषय पर संतोषजनक जवाब देने के बजाय पल्ला झाड़ लिया।

उपाध्यक्ष ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर जल प्रभारी वार्डों में गरीब जनता के नल काटने की कार्रवाई कर रहे हैं और शादी-दशगात्र जैसे कार्यक्रमों के लिए 500 रुपये की रसीद मांगते हैं, वहीं दूसरी ओर ठेकेदार द्वारा की जा रही इतनी बड़ी चोरी पर मौन साधे हुए हैं।

आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री राठी ने बताया कि यह खेल पिछले 4-5 महीनों से चल रहा है। प्रतिदिन 4 से 5 बड़े टैंकर पानी निकाला जा रहा है। एक बड़े टैंकर की कीमत लगभग 1500 रुपये होनी चाहिए। इस हिसाब से प्रतिदिन 6000 रुपये और 4 महीनों में नगरपालिका को लगभग 7 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। यही कारण है कि नगरपालिका घाटे में चल रही है और कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है।

निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि टैंकर भरते समय हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा था। श्री राठी ने कहा कि एक तरफ हम 'जल ही जीवन है' का नारा देते हैं, वहीं दूसरी ओर राजामठ में चौकीदार होने के बावजूद यह अवैध काम महीनों से जारी है, जो किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने मांग की है कि सीएमओ तत्काल संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करें। नगरपालिका अधिनियम के तहत ठेकेदार पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।अब तक हुए आर्थिक नुकसान की शत-प्रतिशत वसूली ठेकेदार से की जाए। पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो ताकि संलिप्त अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

देवीचंद राठी 
उपाध्यक्ष, नगर पालिका
महासमुंद (छ.ग.)

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